Sunday, June 21, 2026
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बंद मकान को बनाया निशाना: बांसडीहरोड में लाखों की चोरी, तीन कमरे खंगाले, जेवर-नगदी गायब


बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के बभनौली गांव में रविवार रात चोरों ने एक बंद मकान को निशाना बनाते हुए बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना से पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। जानकारी के अनुसार गांव निवासी अशोक पांडे अपनी पत्नी के साथ घर पर अकेले रहते हैं, जबकि उनके पुत्र दिल्ली में निवास करते हैं।
बताया जा रहा है कि बीते 5 अप्रैल को अशोक पांडे की पत्नी की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। प्रारंभिक इलाज के बाद बेहतर चिकित्सा के लिए दंपति दिल्ली रवाना हो गए थे। इसी दौरान उनका मकान कई दिनों तक बंद रहा, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने सुनियोजित तरीके से घर में सेंध लगा दी।
सोमवार सुबह पड़ोसियों ने जब घर के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा देखा तो उन्हें शक हुआ। सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे और थोड़ी ही देर में गांव में यह खबर आग की तरह फैल गई। घर के अंदर जाकर देखने पर परिजनों की महिलाओं के होश उड़ गए। तीन कमरों के ताले टूटे पड़े थे और आलमारियां व बक्से पूरी तरह से खंगाले जा चुके थे।
चोरों ने घर में रखे कीमती सामान पर हाथ साफ करते हुए लाखों रुपये के जेवरात और नगदी चोरी कर ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 25 से 30 लाख रुपये की चोरी की आशंका जताई जा रही है। इसमें लगभग तीन किलो चांदी के बर्तन, पुश्तैनी सोने के आभूषण और कुछ नकदी शामिल हैं।

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पीड़ित अशोक पांडे ने फोन पर बताया कि अचानक घर छोड़कर जाने के कारण वे सामान को सुरक्षित ढंग से व्यवस्थित नहीं कर पाए थे। उन्होंने आशंका जताई कि चोरी का वास्तविक आंकड़ा उनके वापस लौटने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
घटना की सूचना मिलते ही बांसडीहरोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
थानाध्यक्ष वंश बहादुर सिंह ने बताया कि परिवार कई दिनों से घर से बाहर था, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चोरी किस दिन हुई। उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
गांव में इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में रात के समय गश्त बढ़ाई जानी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। फिलहाल पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।

तेरही के विवाद ने ली जान: सुरेंद्र राम की इलाज के दौरान मौत, गांव में पसरा मातम


सिकंदरपुर / बलिया (राष्ट्र की परम्परा)तेरही जैसे शांतिपूर्ण सामाजिक कार्यक्रम में हुई एक छोटी सी कहासुनी ने अंततः एक परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया। 15 अप्रैल को हुए खूनी विवाद में गंभीर रूप से घायल 50 वर्षीय सुरेंद्र राम ने रविवार की रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दुखद खबर के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र राम तेरही कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनके चचेरे भाई राजकुमार दास से मामूली कहासुनी हो गई। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि राजकुमार दास ने गुस्से में आकर कुल्हाड़ी से सुरेंद्र राम पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने घायल सुरेंद्र राम को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि परिजन उन्हें जिला अस्पताल न ले जाकर मऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए। वहां एक दिन तक इलाज चला, लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
डॉक्टरों ने हालत बिगड़ती देख उन्हें वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। वाराणसी में इलाज के दौरान रविवार की रात उनकी मृत्यु हो गई। इस खबर ने परिवार और गांव के लोगों को झकझोर कर रख दिया।

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सोमवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। देर शाम तक परिजन शव को गांव लेकर पहुंचे, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। जानकारी के अनुसार, हल्दी रामपुर मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मृतक सुरेंद्र राम अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हैं।
घटना के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसी दिन जेल भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। इस घटना ने समाज में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कैसे एक सामान्य पारिवारिक कार्यक्रम में हिंसा इतनी भयावह रूप ले सकती है।
यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि छोटी-छोटी बातों को समय रहते सुलझाना कितना जरूरी है। गुस्से और आवेश में उठाया गया एक कदम कई जिंदगियों को प्रभावित कर सकता है।

विकास की नई नींव: तकनीक से सजेगी 16वीं जनगणना

डिजिटल जनगणना की ओर बड़ा कदम: सिकंदरपुर तहसील में 16वीं जनगणना का हुआ भव्य शुभारंभ


सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। देश के विकास की मजबूत नींव मानी जाने वाली जनगणना प्रक्रिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तहसील सिकंदरपुर में भारत की 16वीं जनगणना का विधिवत शुभारंभ किया गया। बंशी बाजार स्थित एक निजी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति ने इसे विशेष बना दिया। कार्यक्रम का उद्घाटन अपर जिला अधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अनिल कुमार ने किया।
इस अवसर पर एसडीएम सिकंदरपुर सुनील कुमार, डिप्टी कलेक्टर एवं चार्ज अधिकारी, तहसीलदार देवेन्द्र पांडेय, खंड विकास अधिकारी विनोद कुमार तथा खंड शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार सिंह सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में जनगणना कार्य से जुड़े प्रगणकों और सुपरवाइजरों की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जो इस राष्ट्रीय दायित्व को लेकर उत्साहित नजर आए।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर जिला अधिकारी अनिल कुमार ने जनगणना के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनगणना किसी भी देश के लिए नीतियों और योजनाओं के निर्माण की आधारशिला होती है। इसके आंकड़े सरकार को यह समझने में मदद करते हैं कि किस क्षेत्र में किस प्रकार की योजनाओं की आवश्यकता है और किस तरह संसाधनों का सही उपयोग किया जाए। उन्होंने उपस्थित कर्मियों को निर्देशित किया कि वे इस कार्य को पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करें।
उन्होंने यह भी बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जो इसे पहले की तुलना में अधिक सटीक और पारदर्शी बनाएगी। डिजिटल तकनीक के उपयोग से डेटा संग्रहण में तेजी आएगी और त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। इससे न केवल प्रशासन को लाभ मिलेगा बल्कि आम जनता के लिए भी यह प्रक्रिया अधिक सरल और भरोसेमंद होगी।
जनगणना की प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा, जो 22 मई से 20 जून तक चलेगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर मकानों से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। इस प्रक्रिया में कुल 34 प्रश्नों के माध्यम से मकानों की स्थिति, संरचना, सुविधाएं और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज किए जाएंगे।
दूसरे चरण में जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 7 फरवरी से होगी। इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जानकारी जैसे आयु, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक स्थिति आदि का संकलन किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, 1 मार्च की रात 12 बजे तक सभी आंकड़ों को एकत्र कर लिया जाएगा और इसके बाद उन्हें आधिकारिक रूप से जारी किया जाएगा।

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कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने प्रगणकों और सुपरवाइजरों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ करें। साथ ही आम जनता से भी सहयोग की अपेक्षा की गई, ताकि यह राष्ट्रीय महत्व का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
इस अवसर पर उपस्थित सभी कर्मियों में उत्साह और जिम्मेदारी का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उन्होंने संकल्प लिया कि वे इस जनगणना को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि तकनीक और पारदर्शिता के साथ जनगणना प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है, जिससे देश के विकास को नई दिशा मिलेगी।

श्रीराम-जानकी मंदिर जीर्णोद्धार का शुभारंभ, भूमि पूजन में उमड़ा जनसैलाब


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सदर तहसील के ग्राम पंचायत दरौली अंतर्गत टोला अजमतपुर में स्थित ऐतिहासिक श्रीराम-जानकी मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य का विधिवत शुभारंभ सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को श्रद्धा, आस्था और उत्साह के माहौल में किया गया। वर्षों से जर्जर हो चुके मंदिर के गर्भगृह के पुनर्निर्माण हेतु वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भूमि पूजन किया गया। इस पावन अवसर पर गांव में उत्सव जैसा वातावरण देखने को मिला, जहां हर ओर भक्ति और उल्लास की लहर थी।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी और मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाकर पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और “जय श्रीराम” के उद्घोष से पूरा क्षेत्र गूंजायमान हो उठा। भूमि पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से मंदिर निर्माण की सफलता के लिए प्रार्थना की। उपस्थित लोगों के चेहरों पर आस्था, खुशी और संतोष स्पष्ट रूप से झलक रहा था।
इस धार्मिक आयोजन में रघुवंश सिंह, रामचंद्र यादव, जयराम, राम दुलारे, गोविंद यादव, शंभू जायसवाल, इंदल यादव, राम सजन, रंजित यादव, घनश्याम, रविंदर यादव, मोहन, जोखू प्रजापति, दीनानाथ यादव और हरिलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस पुण्य कार्य में अपनी सहभागिता दर्ज कराई और मंदिर के पुनर्निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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मंदिर का इतिहास अत्यंत गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक रहा है। वर्ष 1959 में स्वर्गीय महंत रामजी दास ने भिक्षाटन के माध्यम से इस मंदिर का निर्माण कराया था। उस समय से यह मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। हालांकि समय के साथ मंदिर की संरचना कमजोर होती चली गई और भवन जर्जर स्थिति में पहुंच गया, जिससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसी स्थिति को देखते हुए मंदिर के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया गया।
वर्तमान में मंदिर की देखरेख महंत उदित दास द्वारा की जा रही है, जो नियमित रूप से पूजा-पाठ, साफ-सफाई और रखरखाव का कार्य संभाल रहे हैं। वहीं, मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प महंत रामजी दास के शिष्य अशोक जायसवाल ने लिया है। उनके प्रयासों और प्रेरणा से गर्भगृह के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सकी है, जिससे ग्रामीणों में नया उत्साह देखने को मिल रहा है।
मंदिर निर्माण कार्य में गांव के लोगों का सहयोग उल्लेखनीय है। कोई श्रमदान कर रहा है तो कोई आर्थिक सहयोग देकर इस कार्य को आगे बढ़ा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि मंदिर का पुनर्निर्माण न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को भी मजबूती प्रदान करेगा। यह पहल गांव की सामूहिक भावना और आस्था का प्रतीक बनकर उभर रही है।

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ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मंदिर के नए स्वरूप में विकसित होने से आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति, परंपरा और धार्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। साथ ही यह मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल हो सकता है, जिससे आसपास के गांवों के लोगों को भी लाभ होगा और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
मंदिर परिसर में आयोजित इस भूमि पूजन कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक भावनाओं को प्रबल किया, बल्कि सामाजिक एकजुटता का भी संदेश दिया। यह आयोजन गांव की पहचान को नई दिशा देने वाला साबित हो रहा है।

युवा प्रेरणा स्रोत स्वर्गीय मनुमुक्त ‘मानव’ (आई पी एस) की स्मृति को समर्पित

हरियाणवी लघुकथा का पहला संकलन ‘म्हारी माट्टी, म्हारे आखर’

हरियाणा(राष्ट्र की परम्परा)
हरियाणवी साहित्य को एक नई दिशा देते हुए म्हारी माट्टी, म्हारे आखर का प्रकाशन हुआ है। यह संकलन पहली बार देश-विदेश के 33 हरियाणवी लघुकथाकारों को एक मंच पर लाता है, जिसमें कुल 99 लघुकथाएं शामिल हैं। यह कृति हरियाणा की माटी, लोकसंस्कृति और मानवीय संवेदनाओं की सजीव अभिव्यक्ति प्रस्तुत करती है।
यह पुस्तक युवा प्रेरणा स्रोत स्वर्गीय मनुमुक्त ‘मानव’ (IPS) की स्मृति को समर्पित है, जो इसे विशेष भावनात्मक महत्व प्रदान करती है। डॉ. रामनिवास ‘मानव’ के मार्गदर्शन में तैयार इस संकलन का संयोजन डॉ. प्रियंका सौरभ ने किया है, जबकि संपादन का दायित्व डॉ. सत्यवान सौरभ ने निभाया है। पुस्तक का आकर्षक आवरण सुरेंद्र बांसल द्वारा तैयार किया गया है।
121 पृष्ठों की इस पुस्तक का मूल्य ₹275 निर्धारित किया गया है। इसका प्रकाशन प्रज्ञानशाला, आर.के. फीचर्स (पंजी.), भिवानी (हरियाणा) द्वारा वर्ष 2026 में किया गया है। यह पुस्तक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध है। इच्छुक पाठक इसे प्रकाशक या संपादक से सीधे संपर्क कर प्राप्त कर सकते हैं या गूगल पर “म्हारी माट्टी म्हारे आखर बुक” सर्च कर खरीद सकते हैं।
संकलन की विशेषता यह है कि इसमें वरिष्ठ और नवोदित रचनाकारों का संतुलित समावेश देखने को मिलता है। डॉ. रामनिवास ‘मानव’, डॉ. सत्यवान ‘सौरभ’, डॉ. प्रियंका ‘सौरभ’, कृष्ण कुमार ‘निर्माण’, डॉ. चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’, सरोज दहिया ‘सरोज’, विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’, मास्टर राम अवतार, अधिवक्ता जयदेव राठी, भूपसिंह ‘भारती’, राजपाल सिंह गुलिया, डॉ. सुरेश वशिष्ठ, प्रो. ज्योति राज, ख़ान मनजीत भावड़िया “मजीद”, नीलम नारंग, सुरेंद्र बांसल, बनवारी ढोढसर, डॉ. श्वेता शर्मा, अशोक वशिष्ठ, मनोज प्रभाकर, कृष्णा जैमिनी, रोहित कुमार ‘हैप्पी’, समता ‘अरुणा’, आशा खत्री ‘लता’, डॉ. शमीम शर्मा, दीनदयाल शर्मा, राज ख्यालिया, रामफल गौड़, भूपेंद्र गोदारा, सुमन कुमारी, पुष्कर दत्त शर्मा, अमरचंद बैनीवाल और रेणू शर्मा के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं।
यह संकलन न केवल हरियाणवी भाषा के साहित्य को समृद्ध करता है, बल्कि लघुकथा जैसी सशक्त विधा को भी एक नया मंच प्रदान करता है। साहित्य प्रेमियों और शोधार्थियों के लिए यह पुस्तक एक महत्वपूर्ण संदर्भ के रूप में देखी जा रही है।

बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की नई मिसाल टीचर्स ऑफ बिहार समूह की सराहनीय पहल

सरकारी विद्यालयों में गुणवत्ता, नवाचार और प्रेरणा का सशक्त मंच

पटना(राष्ट्र की परम्परा)
बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों के बीच टीचर्स ऑफ बिहार समूह एक प्रभावशाली और प्रेरणादायक भूमिका निभाते हुए उभरकर सामने आया है। यह मंच पिछले कई वर्षों से सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षण नवाचार और शिक्षक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
समूह के संस्थापक शिव कुमार एवं टेक्निकल टीम लीडर ई. शिवेंद्र प्रकाश सुमन ने बताया कि इस मंच की स्थापना का उद्देश्य राज्य के शिक्षकों को एक साझा प्लेटफॉर्म देना है, जहाँ वे अपने अनुभव, नवाचार और सफल प्रयासों को साझा कर सकें। उन्होंने कहा, “जब शिक्षक एक-दूसरे से सीखते हैं और नए प्रयोग करते हैं, तब शिक्षा में वास्तविक बदलाव संभव होता है। हमारा प्रयास है कि हर शिक्षक बदलाव का वाहक बने।”
प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार एवं प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि यह मंच शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्यों को पहचान दिलाने के साथ-साथ उन्हें समाज के सामने लाने का माध्यम भी बन रहा है। “आज बिहार के कई सरकारी विद्यालयों में शिक्षक अपने प्रयासों से नई मिसाल कायम कर रहे हैं, और टीचर्स ऑफ बिहार उनके कार्यों को पूरे राज्य तक पहुंचाने का काम कर रहा है।”
इवेंट लीडर केशव कुमार ने बताया कि समूह द्वारा समय-समय पर ऑनलाइन क्विज, शैक्षणिक गतिविधियां एवं विभिन्न जागरूकता अभियान आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ाने और उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है।
टीचर्स ऑफ बिहार आज सिर्फ एक समूह नहीं, बल्कि एक आंदोलन बन चुका है, जो शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन की नई दिशा तय कर रहा है। यह मंच न केवल शिक्षकों को प्रेरित कर रहा है, बल्कि सरकारी विद्यालयों की छवि को भी सशक्त और उज्ज्वल बना रहा है।

कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष को मातृ शोक कांग्रेस व अन्य दलों के लोगों ने दी विनम्र श्रद्धांज

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
नगर क्षेत्र के आजाद नगर उत्तरी निवासी ब्लाक कांग्रेस कमेटी बरहज के अध्यक्ष मुजफ्फर हुसैन मंसूरी की माता हबीबुन निशा (90) पत्नी स्वर्गीय अब्दुल मोनाफ का रविवार की सुबह निधन हो गया। हबीबुन निशा काफी समय से बीमार चल रहीं थीं। निधन का समाचार सुनकर कांग्रेसजनों एवं शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गयी। उनके आवास पर शोकाकुल लोगों का तांता लग गया। जहां कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय शेखर मल्ल रोशन, किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हरिहर तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता जायसवाल,कांग्रेस पिछड़ा वर्ग जिलाध्यक्ष राजकुमार यादव, चेयरमैन प्रतिनिधि श्याम सुन्दर जायसवाल, वार्ड सभासद रतन सोनकर, विजय नेता,भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के जिलाध्यक्ष धनन्जय यादव, अब्दुल जब्बार आलम, आलोक त्रिपाठी, दीनदयाल प्रसाद, ग्राम प्रधान गणेश गिरि,विवेक गुप्ता, पूर्व चेयरमैन अजीत जायसवाल,डा एस एच लारी,चांद आलम, एडवोकेट राजेश कुमार गोयल, श्री निवास उपाध्याय,बबलू राईन,डा रोहित सिंह,विनोद सोनकर,मनोज गुप्ता, पुरूषोत्तम मद्धेशिया,शिव शंकर जायसवाल, आरिफ भोलू,शब्बीर अहमद शाह,नसीम अहमद,सेराज अंसारी,अनीस मंसूरी,राकेश यादव, संतोष वर्मा,अरविन्द वर्मा,आशुतोष शाह, मोहित राय आदि ने पहुंचकर शोक जताया। रविवार देर शाम स्थानीय पैना रोड स्थित कब्रिस्तान में जनाजे की नमाज के बाद सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।

सभापति ध्रुव कुमार त्रिपाठी के आगमन से पहले प्रशासन अलर्ट

डीएम ने की व्यापक तैयारियों की समीक्षा

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की “प्रश्न एवं संदर्भ समिति” के सभापति ध्रुव कुमार त्रिपाठी के मंगलवार को प्रस्तावित गोरखपुर दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में सोमवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अपने कार्यालय में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) शाश्वत त्रिपुरारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों, व्यवस्थाओं और विभागवार प्रगति को लेकर गहन चर्चा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समिति की बैठक जनपद के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि एनेक्सी सभागार में आयोजित होने वाली बैठक के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्व पूर्ण कर ली जाएं। बैठक स्थल की साफ-सफाई, बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, ध्वनि प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए।
डीएम दीपक मीणा ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं की अद्यतन रिपोर्ट तैयार रखें। उन्होंने कहा कि समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले सभी आंकड़े तथ्यात्मक, पारदर्शी और सुसंगत होने चाहिए। किसी भी प्रकार की त्रुटि या अधूरी जानकारी जनपद की छवि को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी तैयारी के साथ बैठक में उपस्थित हों।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी ने विभिन्न विभागों की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि अधिकांश व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं और शेष कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल निपटाया जाए और अंतिम समय में किसी प्रकार की समस्या न आने पाए।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन सहित अन्य प्रमुख योजनाओं की प्रगति स्पष्ट रूप से प्रस्तुत की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं का भी उल्लेख करें और उनके समाधान की कार्ययोजना तैयार रखें।
बैठक के दौरान जिला विकास अधिकारी सतीश चंद सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही योजनाओं की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर कई विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। वहीं एडीएम वित्त विनीत कुमार सिंह ने वित्तीय प्रबंधन एवं बजट उपयोग से संबंधित जानकारी साझा की और कहा कि सभी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखते हुए धनराशि का उपयोग किया जा रहा है।
परियोजना निदेशक संदीप सिंह ने विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि योजनाओं का लाभ आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्वयं फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और जमीनी हकीकत से अवगत रहें। उन्होंने कहा कि समन्वय की कमी से कार्य प्रभावित होते हैं, इसलिए सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें और किसी भी समस्या का समाधान समय रहते करें।
इसके साथ ही डीएम ने समिति के आगमन के दौरान प्रोटोकॉल के पालन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अतिथियों के स्वागत, आवागमन और बैठक से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित एवं गरिमामयी होनी चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
अंत में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि यह बैठक जनपद के विकास कार्यों को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि समिति के समक्ष गोरखपुर की सकारात्मक छवि प्रस्तुत की जा सके।
बैठक में सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी, जिला विकास अधिकारी सतीश चंद सिंह, एडीएम वित्त विनीत कुमार सिंह, परियोजना निदेशक संदीप सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बरहज रेलवे स्टेशन पर रेलवे प्रशासन द्वारा किये गए अधूरे कार्य को देख कांग्रेस प्रवक्ता भड़क

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
सोमवार को कांग्रेस प्रवक्ता रविप्रताप सिंह के नेतृत्व मे क्षेत्र के लोगो ने रेलवे स्टेशन बरहज पर पेय जल एवं शौचालय की सुविधा का अस्वासन 21 फ़रवरी 2026, को सरकार द्वारा दिए जाने के बाद , खुदाई का काम किया गया लेकिन पिछले एक माह पहले उस काम को बंद कर दिया गया। जिससे की आज भी क्षेत्र की जनता इस मुलभुत सुविधा से वँचित रहने कारण काफ़ी आक्रोषित दिखी एवं रेलवे की उदासीता पर नाराजगी जाहिर की। इस संदर्भ मे रविप्रताप सिंह ने एलआयु तथा आई डब्लू से वार्ता किया जिसपर आई डब्लू ने बताया कि, कुछ बातो को लेकर ठेकदार ने काम बंद कर दिया लेकिन उन्होंने यह आश्वासन दिया की 15 दिनों के अंदर कार्य प्रारम्भ कर दिया जायेगा। आई डब्लू ने कहा कि पहले शौचालय का निर्माण होगा साथ साथ पेय जल भी उपलब्ध करा दिया जायेगा।
कांग्रेस प्रवक्ता रविप्रताप सिंह ने स्थानीय लोगो के आक्रोश से आई डब्लू को अवगत कराते हुए कहा कि रेल प्रशासन अगर और उदासीन होती है तो मजबूरी बस क्षेत्र की जनता के साथ इन मुलभुत सुविधाओ के लिए व्यापक आंदोलन पुनः किया जायेगा तथा वह आंदोलन तब तक चलेगा ज़ब तक कि रेल प्रशासन इसे पूर्ण कर नहीं कर देती है। रविप्रताप सिंह ने कहा कि 18 से 21 फ़रवरी तक चले अनशन, एवं रेल रोको प्रस्ताव पर रेलवे प्रशासन ने आधिकारिक रूप से इन सुविधाओ को पूरा करने का वादा किया था, किन्तु दो माह बीत जाने बाद भी केवल शौचालय का गढ्ढा खोद कर छोड़ दिया गया। आज ज़ब केंद्र सरकार कहती है कि हर घर मे शौचालय उपलब्ध हो चूका है तथा बहुत जल्दी ही जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर को नल से जल सुविधा उपलब्ध करा दिया जायेगा। उसके बाद भी सबसे पुराने स्टेशन बरहज रेलवे स्टेशन, एक बूंद पानी एवं एक अदद शौचालय कि सुविधा के लिए तरस रहा है। कभी यह बरहज रेलवे स्टेशन व्यावसायिक गतिविधिओ का केंद्र था एवं सभी सुविधाओ से युक्त था, परन्तु आज सरकार की उदासीनता के कारण बरहज रेलवे स्टेशन अपनी दशा पर आंसू बहा रहा है। इस दौरान कांग्रेस प्रवक्ता रविप्रताप सिंह के साथ क्षेत्रीय जनता एवं कांग्रेस जनो ने इसके लिए हर स्तर पर अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया एवं क्षेत्रीय जनता को भरोशा दिलाया कि कांग्रेस वही पुरानी सुविधा एवं खुशहाली उपलब्ध कराएगी।
इस दौरान रवि तिवारी, भोला तिवारी, डॉ शैलेन्द्र जायसवाल, बृजेश सिंह उग्रसेन सिंह, अमित सिंह नीलेश पाण्डेय, रितेश यादव,अफजल अंसारी, फातिमा, शिला, रजनी, फूलमती सरोज यादव सहित आदि लोग मौजूद रहे।

जनगणना 2027 के लिए औरैया में प्रशिक्षण का दूसरा चरण शुरू, सैकड़ों प्रगणक हुए शाम

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)
भारत की जनगणना 2027 को सफल और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से जनपद औरैया में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का द्वितीय चरण शुरू कर दिया गया है। यह प्रशिक्षण 20 अप्रैल से प्रारंभ होकर 22 अप्रैल तक संचालित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न तहसीलों और नगर निकायों के प्रशिक्षार्थी भाग ले रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान जिला जनगणना अधिकारी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी प्रगणक और सुपरवाइजर इस प्रशिक्षण को गंभीरता से लें, ताकि फील्ड में कार्य करते समय किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े और जनगणना का कार्य सुचारू रूप से पूरा हो सके। प्रशासन द्वारा जनगणना कार्य के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं और आम जनता से भी सहयोग की अपील की गई है।
पहले दिन सुदिती ग्लोबल एकेडमी में तहसील औरैया के 238 में से 9, नगर पंचायत फफूंद के 44 में से 2 तथा नगर पालिका परिषद औरैया के 84 में से 4 प्रशिक्षार्थी अनुपस्थित रहे। वहीं रैपिड ग्लोबल एकेडमी बिधूना में तहसील बिधूना के 441 में से 4 प्रशिक्षार्थी अनुपस्थित रहे, जबकि आरजीएस कॉलेज बिधूना में नगर पंचायत बिधूना के सभी 45 प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान अजीतमल में तहसील अजीतमल के 189 में से 2 प्रशिक्षार्थी अनुपस्थित रहे, जबकि नगर पंचायत अजीतमल बाबरपुर के सभी 35 प्रतिभागी उपस्थित रहे। कुल मिलाकर प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे और प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। प्रशासन का उद्देश्य है कि जनगणना 2027 का कार्य पूरी पारदर्शिता और सटीकता के साथ संपन्न हो।

माटीकला कारीगरों को मिलेगा रोजगार, 10 लाख तक ऋण के लिए आवेदन 15 मई तक

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)
परंपरागत कुम्हारी और माटीकला से जुड़े कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक उत्पादों के विकल्प के रूप में मिट्टी से बने बर्तनों के उपयोग को बढ़ावा देना और कारीगरों को रोजगार उपलब्ध कराना है।
जिला ग्रामोद्योग विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद को लक्ष्य आवंटित किया गया है। इसके तहत 18 से 55 वर्ष आयु वर्ग के पारंपरिक कारीगर, वर्तमान में कार्यरत शिल्पकार, समूह और समितियां आवेदन कर सकती हैं। पात्र अभ्यर्थियों को बैंक के माध्यम से अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना के अंतर्गत ऋण का 95 प्रतिशत हिस्सा बैंक द्वारा दिया जाएगा, जबकि 5 प्रतिशत लाभार्थी को स्वयं वहन करना होगा। इसके साथ ही पूंजीगत ऋण पर 25 प्रतिशत तक मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाएगा। पांच लाख रुपये से अधिक ऋण लेने के लिए अभ्यर्थी का कम से कम आठवीं पास होना अनिवार्य रखा गया है।
आवेदन की अंतिम तिथि 15 मई 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, निजामुद्दीनपुरा स्थित कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या दिए गए मोबाइल नंबरों पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
प्रशासन का मानना है कि इस योजना से न केवल पारंपरिक कारीगरों को रोजगार मिलेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा और प्लास्टिक के उपयोग में कमी आएगी।

विकास कार्य ठप होने का डर, प्रधानों ने सरकार तक पहुंचाई आवाज

पंचायत चुनाव टलने पर कुशीनगर में ग्राम प्रधानों का प्रदर्शन, कार्यकाल बढ़ाने की मांग पर डीएम ने दिया आश्वासन


संवाददाता: भगवन्त यादव


कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा) पंचायत चुनाव टलने के मुद्दे पर ग्राम प्रधानों का असंतोष सोमवार को खुलकर सामने आया, जब ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में प्रधान कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने अपने कार्यकाल को बढ़ाए जाने की मांग उठाई और प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि चुनाव में देरी के चलते विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

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प्रदर्शन के दौरान ग्राम प्रधानों ने बताया कि पंचायत चुनाव टलने से गांवों में चल रही योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों में अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में यदि कार्यकाल समाप्त हो जाता है, तो विकास योजनाएं अधूरी रह जाएंगी और पंचायत स्तर पर कामकाज ठप हो सकता है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि मौजूदा ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाए, ताकि गांवों में विकास की रफ्तार बनी रहे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर ने मौके पर ही ग्राम प्रधानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित अधिकारियों के साथ तत्काल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की। इस दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO), जिला विकास अधिकारी (DDO), परियोजना निदेशक (PD) और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) को जोड़कर एक-एक बिंदु पर जानकारी ली गई।
डीएम तंवर का कार्य करने का तरीका इस दौरान काफी सक्रिय और प्रभावी नजर आया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पंचायत स्तर पर लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए और किसी भी तरह की प्रशासनिक बाधा न आने दी जाए। साथ ही उन्होंने ग्राम प्रधानों को भरोसा दिलाया कि उनकी प्रमुख मांग — कार्यकाल बढ़ाने का मुद्दा — शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
ग्राम प्रधान संगठन के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के इस रुख की सराहना की और उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान निकलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत स्तर पर वित्तीय प्रक्रियाओं में आ रही दिक्कतों और अधिकारों के सीमित दायरे को लेकर भी सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।

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प्रदर्शन के दौरान प्रधानों ने कई अन्य मुद्दे भी उठाए, जिनमें लंबित भुगतान, विकास योजनाओं की स्वीकृति में देरी, और अधिकारियों के स्तर पर समन्वय की कमी प्रमुख रही। इन समस्याओं के समाधान के लिए भी प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
जिला प्रशासन की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद ग्राम प्रधानों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया कि पंचायत चुनाव में देरी का असर जमीनी स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों पर पड़ रहा है, जिसे लेकर जनप्रतिनिधियों में चिंता बढ़ रही है।

दिल्ली जा रही बस से महिलाओं की हिरासत, कई एंगल पर जांच

नेपाल से दिल्ली जा रही बस में 7 महिलाएं हिरासत में, बॉर्डर क्षेत्र में बढ़ी चौकसी से मचा हड़कंप


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में रविवार रात उस समय हलचल तेज हो गई, जब सघन वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने नेपाल से दिल्ली जा रही एक टूरिस्ट बस से सात नेपाली महिलाओं को संदिग्ध परिस्थितियों में हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया है और सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू से मामले की जांच में जुट गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बृजमनगंज थाना क्षेत्र के कोल्हुई चौराहे पर रविवार रात करीब 8 बजे पुलिस द्वारा नियमित चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। सीमावर्ती इलाका होने के कारण पुलिस पहले से ही सतर्क थी और हर आने-जाने वाले वाहन की गहन जांच की जा रही थी। इसी दौरान काठमांडू से नई दिल्ली जा रही एक टूरिस्ट बस को रोककर उसकी तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान बस में सवार सात महिलाओं की गतिविधियां पुलिस को असामान्य लगीं। पूछताछ के दौरान महिलाएं अपने यात्रा के उद्देश्य, गंतव्य और आपसी संबंधों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकीं। उनके बयानों में बार-बार असंगति सामने आने पर पुलिस का संदेह गहराता गया। इसी आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी महिलाओं को बस से उतारकर थाने ले जाया।

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थाने में महिलाओं से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है, ताकि उनके बयान की सत्यता और आपसी संबंधों की पुष्टि की जा सके। उनके पास मौजूद पहचान पत्र, यात्रा दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य सामान की भी बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि महिलाएं वास्तव में किस उद्देश्य से दिल्ली जा रही थीं और उनके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई सतर्कता और संदेह के आधार पर की गई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी भी आपराधिक गतिविधि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच पूरी होने तक सभी पहलुओं को गंभीरता से खंगाला जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं के साथ विधिसम्मत व्यवहार किया जा रहा है और उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो पुलिस इस मामले को कई संभावित एंगल से देख रही है। इनमें मानव तस्करी, अवैध आवागमन, फर्जी दस्तावेजों का उपयोग और संगठित नेटवर्क की आशंका भी शामिल है। हालांकि, अधिकारी इस स्तर पर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं और जांच पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।

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घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर से जुड़ा गंभीर मामला मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे सामान्य जांच प्रक्रिया का हिस्सा बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर कई तरह की अपुष्ट सूचनाएं और अफवाहें फैलने लगी हैं, जिन पर पुलिस ने लोगों से विश्वास न करने की अपील की है।
इधर, इस घटना के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और अधिक कड़ी कर दी गई है। कोल्हुई, फरेंदा और आसपास के इलाकों में आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच जारी है। संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में इस तरह की सतर्कता बेहद जरूरी है, क्योंकि यहां से अवैध गतिविधियों के संचालन की आशंका बनी रहती है। ऐसे में हर छोटी से छोटी सूचना और संदिग्ध गतिविधि पर गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई भी ढिलाई नहीं बरती जा सकती। पुलिस की तत्परता और सतर्कता से जहां एक ओर संभावित खतरे को टाला जा सकता है, वहीं दूसरी ओर निर्दोष लोगों को भी जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। फिलहाल सभी की नजर इस मामले की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकेगी।

तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर से मचा हड़कंप, ई-रिक्शा सवार पांच लोग गंभीर घायल


बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद के सुखपुरा थाना क्षेत्र में रविवार को एक भीषण सड़क हादसे ने लोगों को दहला दिया। बेरूआरबारी ब्लॉक मुख्यालय के पास रोशनी कार बाजार के सामने तेज रफ्तार स्कॉर्पियो और ई-रिक्शा की आमने-सामने टक्कर में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुखपुरा की ओर से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सामने से आ रहे ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और उसमें रखा सामान सड़क पर बिखर गया। ई-रिक्शा चालक को गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही लहूलुहान हो गया।
हादसे के दौरान पीछे से आ रहा दूसरा ई-रिक्शा भी अनियंत्रित होकर दुर्घटना की चपेट में आ गया। इस कारण उसमें सवार यात्रियों को भी चोटें आईं। देखते ही देखते मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्काल मानवता का परिचय देते हुए पुलिस को सूचना दी और घायलों को बाहर निकालने में मदद की।

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स्थानीय लोगों और पुलिस की तत्परता से सभी घायलों को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेरूआरबारी पहुंचाया गया। वहां मौजूद फार्मासिस्ट धर्मेंद्र सिंह ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकीय जांच के दौरान शेरवा निवासी 50 वर्षीय रामसागर यादव की हालत गंभीर पाई गई, जिसके बाद उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।
वहीं दूसरे ई-रिक्शा में सवार सुखपुरा निवासी लक्ष्मी देवी (35), माया देवी (36), अनुराग प्रजापति (13) और विशाल प्रजापति (17) को भी इलाज के लिए भर्ती किया गया। इनमें से दो लोगों के हाथ में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई, जिसके चलते उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
घटना के बाद कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात बाधित रहा, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और वाहनों को हटवाकर आवागमन सुचारू कराया।

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पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही की गंभीरता को उजागर करता है। तेज गति, यातायात नियमों की अनदेखी और सतर्कता की कमी न केवल वाहन चालकों बल्कि आम नागरिकों के लिए भी जानलेवा साबित हो रही है।

शहर के बीच हिंसा, युवक ने युवती को किया लहूलुहान

देवरिया में सनसनी: युवक ने युवती पर ईंट से किया हमला, सिर फोड़कर किया गंभीर घायल

गोविंद प्रताप मौर्य

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। शहर के व्यस्त इलाके में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक ने एक युवती पर अचानक हमला कर दिया। घटना हनुमान मंदिर के पीछे, राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम के आवास के पास की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक ने युवती के सिर पर ईंट से वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल युवती को संभाला और घटना की सूचना देवरिया कोतवाल के सी यू जी नम्बर पर देने के लिए कई बार कॉल किया परंतु देवरिया कोतवाली की सीयूजी नम्बर किसी ने रिसीव नहीं किया,जिसपर पुलिस कप्तान को काल कर सूचना दी गई,जिसपर मौके पर पहुंची,तब तक सभी लोग मौके से नदारद हो चुके थे ।युवती के माता पिता युवती को लेकर मेडिकल कॉलेज देवरिया गए,स्थानीय लोगों के मुताबिक हमला अचानक और बेहद आक्रामक तरीके से ईंट से किया गया, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। घटना स्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। कई लोगों ने आरोपी युवक को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह मौके से फरार हो गया। युवक और युवती आपस में भाई बहन बताए जा रहे हैं,और भगवान चौराहा के पास के रहने वाले हैं,पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुट गई है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

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अभी तक हमले के पीछे की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। घायल युवती के बयान के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।स्थानीय निवासियों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि शहर के बीचों-बीच इस तरह की वारदात सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू से जांच कर रही है।