Wednesday, June 24, 2026
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पुतिन के आवास पर ड्रोन हमले का दावा, रूस ने दी कड़ी चेतावनी

रूस-यूक्रेन तनाव चरम पर: पुतिन के आवास पर ड्रोन हमले के आरोप, वार्ता पर मंडराया संकट

मास्को (राष्ट्र की परम्परा डेस्क )रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सोमवार को गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यूक्रेन ने रूस के नोवगोरोड क्षेत्र में स्थित राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के राजकीय आवास को निशाना बनाने का प्रयास किया। लावरोव के अनुसार, 28–29 दिसंबर की रात इस कथित हमले में 91 लंबी दूरी के ड्रोन दागे गए, जिन्हें रूसी सुरक्षा प्रणालियों ने निष्क्रिय कर दिया।
लावरोव ने इस कार्रवाई को “राज्य प्रायोजित आतंकवाद” की संज्ञा देते हुए चेतावनी दी कि इसका जवाब अवश्य दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि रूसी सशस्त्र बलों ने संभावित जवाबी हमलों के लिए लक्ष्य पहले ही तय कर लिए हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कथित हमले के समय राष्ट्रपति पुतिन उस आवास में मौजूद थे या नहीं।

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इस घटनाक्रम का असर कूटनीतिक स्तर पर भी दिख रहा है। लावरोव ने संकेत दिया कि यह कथित हमला ऐसे समय में हुआ, जब दोनों पक्षों के बीच संभावित शांति वार्ता को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। उन्होंने साफ किया कि रूस बातचीत से पीछे नहीं हटेगा, लेकिन मॉस्को अपने रुख का पुनर्मूल्यांकन करेगा, जिससे वार्ता की शर्तें और सख्त हो सकती हैं।
दूसरी ओर, यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रूस के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए झूठा बताया। ज़ेलेंस्की का दावा है कि रूस ऐसे बयान देकर कीव में सरकारी इमारतों पर संभावित हमलों का बहाना बना रहा है। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तब और तेज हो गई, जब खबर सामने आई कि ज़ेलेंस्की से बातचीत के एक दिन बाद, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार पुतिन से फोन पर बात की।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम रूस-यूक्रेन युद्ध को और जटिल बना सकता है। आने वाले दिनों में सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक बयानों के बीच संतुलन बनाना वैश्विक समुदाय के लिए बड़ी चुनौती रहेगा।

किष्किन्धा में धर्म की स्थापना: सुग्रीव का राज्याभिषेक और हनुमान जी की अद्वितीय भक्ति

🔱 श्रीराम कृपा से सुग्रीव का राज्याभिषेक: किष्किन्धा में धर्म की पुनः स्थापना और हनुमान जी की अद्भुत महिमा
🕉️ शास्त्रोक्त कथा सुग्रीव का राज्याभिषेक और हनुमान जी की अमर भक्ति कथा

वाल्मीकि रामायण के किष्किन्धा काण्ड का यह प्रसंग केवल एक राज्याभिषेक की कथा नहीं, बल्कि धर्म, मित्रता, त्याग और भक्ति की दिव्य घोषणा है। बालि वध के पश्चात जब अत्याचारी शासन का अंत हुआ, तब किष्किन्धा नगरी में धर्म की पुनर्स्थापना का शुभ क्षण आया। यह क्षण था सुग्रीव के राज्याभिषेक का—जो श्रीराम की कृपा, लक्ष्मण के पराक्रम और हनुमान जी की निष्कलंक भक्ति से संभव हुआ।

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🌺 किष्किन्धा में शुभ प्रभात
बालि के वध के बाद संपूर्ण वानर लोक में शांति की लहर दौड़ गई। जिन पर्वतों और गुफाओं में भय का साया था, वहां अब आशा का प्रकाश फैल गया। वानर मंत्रियों ने एक स्वर में सुग्रीव को राजा घोषित करने का प्रस्ताव रखा। सुग्रीव स्वयं इस योग्य न होते हुए भी श्रीराम की आज्ञा को सर्वोपरि मानते थे। यही उनकी विनम्रता उन्हें महान बनाती है।

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👑 राज्याभिषेक की दिव्य विधि
हनुमान जी के निर्देशन में शास्त्रोक्त विधि से राज्याभिषेक की तैयारियां प्रारंभ हुईं। गंध, पुष्प, जल और वैदिक मंत्रों से किष्किन्धा का राजसिंहासन पवित्र किया गया। जैसे ही सुग्रीव के मस्तक पर राजतिलक हुआ, आकाश से देवताओं ने पुष्पवर्षा की। यह केवल एक राजा का अभिषेक नहीं था, बल्कि धर्म की विजय का उत्सव था।

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🔥 हनुमान जी की भूमिका – मौन त्याग की महिमा
इस संपूर्ण आयोजन में सबसे अद्भुत था हनुमान जी का मौन भाव। वे न किसी यश की आकांक्षा रखते थे, न किसी पद की। वे श्रीराम के चरणों में नतमस्तक होकर केवल सेवा में लीन रहे। हनुमान जी की यही विशेषता उन्हें अन्य सभी पात्रों से अलग करती है।
शास्त्र कहते हैं—
“न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते।”
हनुमान जी का ज्ञान, बल और विवेक—तीनों ही सेवा के अधीन थे।

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🤝 श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता
राज्याभिषेक के पश्चात सुग्रीव ने श्रीराम से किया गया अपना वचन स्मरण किया—सीता माता की खोज। उन्होंने समस्त वानर सेना को चारों दिशाओं में भेजने का संकल्प लिया। यह क्षण बताता है कि सच्ची मित्रता वही है, जो संकट के बाद भी कर्तव्य को न भूले।
🌍 वानर राज्य में धर्म का शासन
सुग्रीव के राज्याभिषेक के बाद किष्किन्धा में शासन का स्वरूप बदल गया। जहां पहले भय और अन्याय था, वहां अब न्याय, करुणा और मर्यादा का पालन होने लगा। सुग्रीव ने अपने अनुभवों से सीखा कि सत्ता सेवा का माध्यम है, अहंकार का नहीं।

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🛕 हनुमान जी की महिमा – समानता और प्रेरणा
हनुमान जी इस कथा में सेवक, मंत्री, मित्र और मार्गदर्शक—चारों रूपों में दिखाई देते हैं।
श्रीराम के प्रति – अनन्य भक्ति
सुग्रीव के प्रति – निष्ठावान सहयोग
वानर समाज के लिए – आदर्श नेतृत्व
हनुमान जी की समानता किसी से नहीं, क्योंकि वे स्वयं सेवा की पराकाष्ठा हैं।
भावनात्मक संदेश
यह कथा हमें सिखाती है कि
अधर्म कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसका अंत निश्चित है।
सच्चा मित्र वही है जो संकट में साथ निभाए।
और सच्चा भक्त वही है जो यश नहीं, केवल सेवा चाहता है—जैसे हनुमान जी।

मेष से मीन तक: कौन-सी राशि रहे सावधान, किसे मिलेगा लाभ

🔯 30 दिसंबर 2025 का संपूर्ण राशिफल | मेष से मीन तक कैसा रहेगा आज का दिन

(पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत)


वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ग्रह-नक्षत्रों की चाल हमारे दैनिक जीवन, कार्यक्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य और भावनाओं पर गहरा प्रभाव डालती है। मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 का दिन हनुमान जी को समर्पित है। इस दिन बजरंगबली की आराधना करने से भय, रोग, बाधा और मानसिक तनाव में कमी आती है।
आज का दिन कुछ राशियों के लिए उन्नति और लाभ का संकेत दे रहा है, जबकि कुछ को सतर्कता और संयम बरतने की आवश्यकता है। आइए सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली शब्दों में जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत भविष्यफल।
मेष राशि (Aries) | चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ
राशि चिन्ह: ♈
आज निर्णय लेने में थोड़ी दुविधा रह सकती है, विशेषकर निवेश या नई योजना को लेकर। कार्यक्षेत्र में धैर्य रखें, जल्दबाज़ी नुकसान दे सकती है।
व्यवसाय/नौकरी: नई डील फिलहाल रोकें, पुराने कार्यों को मजबूत करें।
शिक्षा: पढ़ाई में सुधार होगा, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी सही दिशा में जाएगी।
कला/संगीत: रचनात्मकता उभरेगी, अभ्यास बढ़ाएं।
राजनीति/प्रशासन: विरोधियों से सतर्क रहें, बयान सोच-समझकर दें।
आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ सकता है, बजट बनाकर चलें।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9
पूज्य देव: हनुमान जी

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वृषभ राशि (Taurus) | ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो
राशि चिन्ह: ♉
आज संपत्ति या जमीन से जुड़ा कोई मामला ध्यान खींच सकता है। विदेश यात्रा या विदेशी संपर्क से लाभ के संकेत हैं।
व्यवसाय/नौकरी: साझेदारी में काम आगे बढ़ेगा।
शिक्षा: उच्च शिक्षा के लिए अच्छा दिन।
कला/संगीत: मंच या प्रस्तुति से प्रशंसा मिलेगी।
राजनीति/प्रशासन: वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा।
आर्थिक स्थिति: स्थिरता रहेगी।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6
पूज्य देव: मां लक्ष्मी

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मिथुन राशि (Gemini) | का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह
राशि चिन्ह: ♊
शेयर बाजार या जोखिम भरे निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह ज़रूरी है। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा।
व्यवसाय/नौकरी: नेटवर्किंग से लाभ।
शिक्षा: एकाग्रता बढ़ेगी।
कला/संगीत: लेखन व मीडिया से जुड़े लोगों के लिए अच्छा दिन।
राजनीति/प्रशासन: संवाद कौशल से सफलता।
आर्थिक स्थिति: सामान्य।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
पूज्य देव: भगवान गणेश
कर्क राशि (Cancer) | ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो
राशि चिन्ह: ♋
घरेलू जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। यात्रा से आनंद मिलेगा।
व्यवसाय/नौकरी: सहकर्मियों का सहयोग।
शिक्षा: परिणाम अनुकूल।
कला/संगीत: भावनात्मक गहराई बढ़ेगी।
राजनीति/प्रशासन: जनसमर्थन मिलेगा।
आर्थिक स्थिति: संतोषजनक।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 2
पूज्य देव: भगवान शिव
सिंह राशि (Leo) | मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे
राशि चिन्ह: ♌
आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, पर फिजूलखर्ची से बचें। नियमों का पालन जरूरी है।
व्यवसाय/नौकरी: नेतृत्व क्षमता निखरेगी।
शिक्षा: अनुशासन से सफलता।
कला/संगीत: मंच पर चमकने का अवसर।
राजनीति/प्रशासन: पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: संतुलित।
शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1
पूज्य देव: सूर्य देव

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कन्या राशि (Virgo) | टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो
राशि चिन्ह: ♍
समय की कमी के बावजूद लक्ष्य पूरे होंगे। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।
व्यवसाय/नौकरी: मेहनत रंग लाएगी।
शिक्षा: परीक्षा में सफलता।
कला/संगीत: बारीकियों पर ध्यान दें।
राजनीति/प्रशासन: योजनाबद्ध कार्य से लाभ।
आर्थिक स्थिति: बचत जरूरी।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
पूज्य देव: भगवान विष्णु
तुला राशि (Libra) | रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते
राशि चिन्ह: ♎
छोटी यात्रा मन को तरोताजा करेगी। सकारात्मक सोच से तनाव दूर होगा।
व्यवसाय/नौकरी: साझेदारी में लाभ।
शिक्षा: निरंतर अभ्यास जरूरी।
कला/संगीत: सौंदर्य व डिजाइन से जुड़े लोगों के लिए अच्छा समय।
राजनीति/प्रशासन: संतुलित निर्णय लाभ देंगे।
आर्थिक स्थिति: मध्यम।
शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6
पूज्य देव: मां दुर्गा
वृश्चिक राशि (Scorpio) | तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू
राशि चिन्ह: ♏
स्वास्थ्य और खान-पान पर विशेष ध्यान दें। संपत्ति से जुड़ा सौदा टालें।
व्यवसाय/नौकरी: गोपनीय योजनाएं सफल होंगी।
शिक्षा: रिसर्च में सफलता।
कला/संगीत: गहराईपूर्ण रचना संभव।
राजनीति/प्रशासन: रणनीति कारगर होगी।
आर्थिक स्थिति: सावधानी जरूरी।
शुभ रंग: मैरून
शुभ अंक: 9
पूज्य देव: भगवान भैरव
धनु राशि (Sagittarius) | ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे
राशि चिन्ह: ♐
बचत पर ध्यान दें। परिवार के छोटे सदस्यों से सुख मिलेगा।
व्यवसाय/नौकरी: अवसर मिलेंगे।
शिक्षा: उच्च अध्ययन में प्रगति।
कला/संगीत: प्रेरणा बढ़ेगी।
राजनीति/प्रशासन: विचारों को समर्थन।
आर्थिक स्थिति: ठीक।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3
पूज्य देव: भगवान विष्णु
मकर राशि (Capricorn) | भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी
राशि चिन्ह: ♑
प्रोफेशनल यात्रा लाभकारी रहेगी। शिक्षा में शुभ समाचार मिल सकता है।
व्यवसाय/नौकरी: स्थिर उन्नति।
शिक्षा: करियर को नई दिशा।
कला/संगीत: अभ्यास से निखार।
राजनीति/प्रशासन: जिम्मेदारियां बढ़ेंगी।
आर्थिक स्थिति: मजबूत।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 8
पूज्य देव: शनिदेव
कुंभ राशि (Aquarius) | गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा
राशि चिन्ह: ♒
पुराने मित्र से मुलाकात आनंद देगी। काम में धीरे-धीरे प्रगति होगी।
व्यवसाय/नौकरी: नए आइडिया लाभ देंगे।
शिक्षा: तकनीकी विषयों में सफलता।
कला/संगीत: नवाचार से पहचान।
राजनीति/प्रशासन: जनहित कार्यों से लाभ।
आर्थिक स्थिति: सामान्य।
शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 4
पूज्य देव: भगवान शिव
मीन राशि (Pisces) | दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची
राशि चिन्ह: ♓
बचत और वेतन वृद्धि के योग हैं। घरेलू मामले सुलझेंगे।
व्यवसाय/नौकरी: रचनात्मक कार्य सफल।
शिक्षा: मनचाहा परिणाम।
कला/संगीत: उत्कृष्ट प्रदर्शन।
राजनीति/प्रशासन: सहानुभूति से समर्थन।
आर्थिक स्थिति: अच्छी।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 7
पूज्य देव: भगवान विष्णु
⚠️ डिस्क्लेमर – यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। “राष्ट्र की परम्परा” इस ज्योतिषीय आलेख की पूर्ण प्रमाणिकता का दावा नहीं करता। अपने जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए अपनी जन्मकुंडली किसी योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ को अवश्य दिखाएं।

ट्रेलर की टक्कर से महिला की मौत, पति गंभीर

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)बलिया जनपद के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नवानगर चट्टी के पास सोमवार देर शाम एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आने से बाइक सवार महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। यह नवानगर सड़क हादसा क्षेत्र में चर्चा और शोक का विषय बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सिकंदरपुर कस्बा निवासी प्रमोद बरनवाल (52) अपनी पत्नी पूनम देवी (48) के साथ बाइक से लार रोड स्थित ससुराल जा रहे थे। बताया जाता है कि प्रमोद बरनवाल ससुराल क्षेत्र में कबाड़ी की दुकान चलाते हैं और नियमित रूप से इसी मार्ग से आवागमन करते थे। सोमवार की शाम जैसे ही दंपती नवानगर चट्टी के समीप पहुंचे, पीछे से तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

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टक्कर इतनी भयावह थी कि बाइक सड़क पर गिर गई। पूनम देवी सड़क पर जा गिरीं और ट्रेलर की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं प्रमोद बरनवाल गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा।
स्थानीय लोगों की मदद से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बलिया भेज दिया। हादसे के बाद ट्रेलर चालक वाहन सहित फरार हो गया। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तलाश शुरू कर दी है।

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महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और फरार चालक की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।

निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद जच्चा की मौत, परिजनों का हंगामा, चौक रोड जाम


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।महराजगंज शहर के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव के कुछ घंटों बाद जच्चा की संदिग्ध हालात में मौत हो जाने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार घुघली थाना क्षेत्र के नंदन शिवपुर गांव निवासी अमरेंद्र की पत्नी मनीषा को रविवार को प्रसव पीड़ा होने पर शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने सामान्य प्रसव संभव न बताते हुए ऑपरेशन से डिलीवरी की सलाह दी। परिजनों की सहमति के बाद ऑपरेशन किया गया, जिसमें मनीषा ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। प्रसव के बाद परिजन पूरी तरह संतुष्ट थे और किसी तरह की जटिलता सामने नहीं आई थी।
लेकिन सोमवार की शाम करीब तीन बजे अचानक मनीषा की तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख अस्पताल का स्टाफ मौके से हट गया।

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सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने हालात संभाले और डॉक्टर को पूछताछ के लिए थाने ले गई। कार्रवाई के आश्वासन के बाद भी आक्रोशित लोग शांत नहीं हुए और चौक रोड पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने समझा-बुझाकर कुछ देर बाद जाम खुलवाया।

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एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. वीरेंद्र आर्या ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। जच्चा की बीएचटी और इलाज से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच होगी। लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और क्षेत्र में पुलिस सतर्कता बनाए हुए है।

कुल्हाड़ा पहाड़ पर ड्रोन सर्वे से अवैध खनन पर नियंत्रण

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)जनपद में अवैध खनन के विरुद्ध जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी के कुशल निर्देशन में लगातार प्रभावी अभियान संचालिजीत किया जा रहा है। इसी क्रम में 29 दिसंबर 2025 को प्रभारी अधिकारी खनिज के नेतृत्व में तहसील खेरागढ़ स्थित कुल्हाड़ा पहाड़ का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल में उपजिलाधिकारी खेरागढ़, राजस्व कर्मी, सहायक पुलिस आयुक्त, संबंधित थानाध्यक्ष के साथ खनन विभाग के खान निरीक्षक एवं ज्येष्ठ खान अधिकारी शामिल रहे।

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समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों को संज्ञान में लेते हुए निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों एवं पत्रकारों की उपस्थिति में क्षेत्र की गहन जांच की गई। राजस्थान के तहसील रूपवास के ग्राम मैरथा और उत्तर प्रदेश के तहसील खेरागढ़ के ग्राम कुल्हाड़ा की सीमा से सटे इस पहाड़ी क्षेत्र में सीमा चिन्हांकन की जांच की गई, जहां सभी मुड्डियां सुरक्षित और यथास्थिति में पाई गईं।

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निरीक्षण के दौरान राजस्थान सीमा की ओर खनन गतिविधि और जलभराव वाले गड्ढे देखे गए, जबकि उत्तर प्रदेश की सीमा में किसी भी प्रकार के खनन या ब्लास्टिंग के कोई प्रमाण नहीं मिले। जिलाधिकारी के निर्देश पर क्षेत्र में पुलिस निगरानी बढ़ाने और लेखपाल के माध्यम से सतत निगरानी सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा पहाड़ी क्षेत्रों का मासिक ड्रोन सर्वे कराया जा रहा है, जिससे जनपद सीमा में किसी भी अवैध खनन गतिविधि को रोका जा सके।

राजस्व और पुलिस मामलों की समीक्षा, फरियादी को मिली त्वरित राहत

थाना समाधान दिवस में पांच मामलों की सुनवाई, एक का मौके पर निस्तारण


बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।
जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करने के उद्देश्य से सोमवार को बरहज थाना परिसर में थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी ने की। इस अवसर पर फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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थाना समाधान दिवस के दौरान कुल पांच प्रकरणों की सुनवाई की गई, जिनमें से चार मामले राजस्व विभाग से संबंधित थे, जबकि एक मामला पुलिस विभाग के अंतर्गत दर्ज था। पुलिस से जुड़े मामले का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जिससे फरियादी को त्वरित राहत मिली। शेष राजस्व मामलों में संबंधित अधिकारियों को जांच कर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।
उपजिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी ने कहा कि थाना समाधान दिवस शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य जनता को न्याय दिलाना और अनावश्यक रूप से लंबित मामलों को कम करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि विवाद, पैमाइश, कब्जा और अन्य राजस्व संबंधी मामलों में संवेदनशीलता और निष्पक्षता बरती जाए।

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इस अवसर पर उपनिरीक्षक गोपाल राजभर, करुणेश राय, सर्वेश सिंह, राजस्व निरीक्षक रामजी, सुनील कुमार सहित अन्य राजस्व एवं पुलिस कर्मी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने आपसी समन्वय के साथ समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि थाना समाधान दिवस से उन्हें अपनी बात सीधे अधिकारियों तक रखने का अवसर मिलता है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है। प्रशासन ने आमजन से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के समाधान हेतु इस मंच का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

मानवता शर्मसार: सौतेले पिता ने 13 वर्षीय बेटी से किया दुष्कर्म

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। सौतेले बाप ने 13 साल की बेटी से रेप किया। किशोरी ने स्कूल में पहुंचकर टीचर को आपबीती सुनाई। टीचर ने पुलिस को घटना की जानकारी। इसके बाद पुलिस कांस्टेबल मां ने कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया है

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कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में किराए के मकान में रहने वाली एक महिला पुलिस में कांस्टेबल कुछ साल पहले दूसरी शादी की थी। वह 13 साल की बेटी और पति के साथ रहती है। बेटी एक निजी स्कूल में कक्षा 5 में पढ़ती है।
क्षेत्राधिकारी अमित कुमार ने बताया कि 25 दिसंबर को किशोरी घर में अकेली थी। इस दौरान मौका पाकर सौतेले बाप ने उसके साथ रेप किया घटना के बाद किशोरी डरी-सहमी रही। लोकलाज के कारण उसने मां को भी इसकी जानकारी नहीं दी। छुट्टी के बाद किशोरी स्कूल पहुंची। वहां भी वह गुमसुम थी। शिक्षिका के काफी पूछने पर उसने आपबीती बताई। शिक्षिका ने जिलाधिकारी और पुलिस के बड़े अफसरों को घटना की जानकारी दी। अधिकारियों के निर्देश पर पीड़िता की मां को भी मामले से अवगत कराया गया।

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इसके बाद मां की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। सीओ ने बताया कि पीड़िता का नियमानुसार मेडिकल परीक्षण कराया गया है। उसकी काउंसलिंग भी कराई जा रही है।

तिथियों में सिमटा स्मृतियों का संसार

30 दिसंबर : वे अमर हस्तियाँ जिनकी विदाई ने इतिहास को मौन कर दिया

भारत और विश्व इतिहास में 30 दिसंबर एक ऐसा दिन है, जब कला, साहित्य, विज्ञान और सामाजिक चेतना के कई उज्ज्वल दीप बुझ गए। इन महान व्यक्तित्वों ने अपने-अपने क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी और समाज को नई दिशा दी। आइए, 30 दिसंबर को हुए महत्वपूर्ण निधन पर क्रमवार विस्तार से दृष्टि डालते हैं।

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मृणाल सेन (निधन: 30 दिसंबर 2018)
मृणाल सेन भारतीय समानांतर सिनेमा के स्तंभ माने जाते हैं। उनका जन्म 14 मई 1923 को फरीदपुर (अब बांग्लादेश) में हुआ। वे मूलतः पश्चिम बंगाल, भारत से जुड़े रहे। मृणाल सेन ने फिल्मों को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का सशक्त माध्यम बनाया। भुवन शोम, आकाश कुसुम, कोलकाता ट्राइलॉजी जैसी फिल्मों में उन्होंने मध्यवर्ग, राजनीति और सामाजिक विसंगतियों को निर्भीकता से प्रस्तुत किया। उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार और पद्म भूषण जैसे सम्मान मिले। उनका योगदान भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाने में मील का पत्थर साबित हुआ।

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जे. बी. मोरायश (निधन: 30 दिसंबर 2014)
जे. बी. मोरायश कोंकणी भाषा के प्रमुख कवि और लेखक थे। उनका जन्म गोवा राज्य, भारत में हुआ। उन्होंने कोंकणी साहित्य को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी रचनाओं में गोवा की संस्कृति, लोकजीवन और मानवीय संवेदनाएँ गहराई से उभरती हैं। भाषा संरक्षण के क्षेत्र में उनका योगदान अतुलनीय रहा। वे कोंकणी को केवल एक बोली नहीं, बल्कि समृद्ध साहित्यिक भाषा के रूप में स्थापित करने के लिए जीवनभर सक्रिय रहे। उनके निधन से भारतीय भाषायी साहित्य को गहरी क्षति पहुँची।
राजेन्द्र अवस्थी (निधन: 30 दिसंबर 2009)
राजेन्द्र अवस्थी हिन्दी साहित्य और पत्रकारिता का जाना-माना नाम थे। उनका जन्म उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ। वे प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका कादम्बिनी के संपादक रहे। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, साहित्यिक विवेक और पत्रकारिता की नैतिकता स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने नई पीढ़ी के लेखकों को मंच दिया और हिन्दी पत्रकारिता को रचनात्मक ऊँचाई प्रदान की। साहित्य और मीडिया के सेतु के रूप में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

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रघुवीर सहाय (निधन: 30 दिसंबर 1990)
रघुवीर सहाय हिन्दी के प्रमुख कवि, आलोचक और पत्रकार थे। उनका जन्म लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ। उनकी कविता आम आदमी की पीड़ा, लोकतंत्र की विडंबनाओं और सत्ता की सच्चाइयों को मुखर करती है। लोग भूल गए हैं, सीढ़ियों पर धूप जैसी कृतियाँ आज भी प्रासंगिक हैं। वे दिनमान जैसे प्रतिष्ठित साप्ताहिक से भी जुड़े रहे। रघुवीर सहाय ने साहित्य को जनचेतना का औजार बनाया।
दुष्यंत कुमार (निधन: 30 दिसंबर 1975)
दुष्यंत कुमार हिन्दी ग़ज़ल को जन-जन तक पहुँचाने वाले कवि थे। उनका जन्म बिजनौर ज़िला, उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ। उन्होंने ग़ज़ल को दरबार से निकालकर सड़क तक पहुँचाया। उनकी पंक्तियाँ—“हो गई है पीर पर्वत-सी…”—आज भी जन आंदोलनों की आवाज़ हैं। सामाजिक अन्याय, भ्रष्टाचार और आम आदमी की बेबसी उनके लेखन का केंद्र रही। अल्पायु में निधन के बावजूद उनका साहित्य कालजयी बन गया।

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विक्रम साराभाई (निधन: 30 दिसंबर 1971)
डॉ. विक्रम साराभाई को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा जाता है। उनका जन्म अहमदाबाद, गुजरात, भारत में हुआ। उन्होंने ISRO की नींव रखी और भारत को अंतरिक्ष विज्ञान में आत्मनिर्भर बनाने का सपना देखा। शिक्षा, विज्ञान और उद्योग के क्षेत्र में उनका योगदान बहुआयामी रहा। उनके नेतृत्व में भारत ने अंतरिक्ष अनुसंधान की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाए। वे राष्ट्र निर्माण के सच्चे वैज्ञानिक प्रतीक थे।

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ट्रीगवी ली (निधन: 30 दिसंबर 1968)
ट्रीगवी ली नॉर्वे के प्रसिद्ध मजदूर नेता, लेखक और राजनीतिज्ञ थे। उनका जन्म ओस्लो, नॉर्वे में हुआ। वे संयुक्त राष्ट्र महासभा के पहले महासचिव भी रहे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शांति, श्रमिक अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए कार्य किया। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व व्यवस्था को आकार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनका योगदान वैश्विक राजनीति में सदैव स्मरणीय रहेगा।

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मार्टिन (निधन: 30 दिसंबर 1706)
मार्टिन फ्रांसीसी औपनिवेशिक प्रशासक थे और पुडुचेरी (भारत) के संस्थापक तथा गवर्नर जनरल माने जाते हैं। उन्होंने पुडुचेरी को एक सुदृढ़ प्रशासनिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित किया। फ्रांसीसी स्थापत्य और सांस्कृतिक प्रभाव आज भी पुडुचेरी में दिखाई देता है। उनका योगदान भारत के औपनिवेशिक इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है।

आज लिया गया निर्णय भविष्य को नई दिशा दे सकता

🪔 पंचांग 30 दिसंबर 2025 | मंगलवार का संपूर्ण वैदिक पंचांग (Vaikuntha Ekadashi Special)

आज का पंचांग – 30/12/2025 (Tuesday Panchang in Hindi)
तिथि
पौष शुक्ल पक्ष दशमी – प्रातः 07:51 AM तक
इसके बाद शुक्ल एकादशी (क्षय तिथि) – 07:51 AM से 05:00 AM (31 दिसंबर)
उपरांत द्वादशी
व्रत / पर्व
🌿 वैकुंठ एकादशी
🌿 पौष पुत्रदा एकादशी

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🌙 नक्षत्र
भरणी – 03:58 AM तक
इसके बाद कृत्तिका
🧘 योग
सिद्ध योग – 01:01 AM तक
इसके बाद साध्य योग
🔱 करण
गर – 07:51 AM तक
वणिज – 06:29 PM तक
विष्टि (भद्रा) – 05:01 AM तक
इसके बाद बव
🕉️ संवत विवरण
विक्रम संवत – 2082 (कालयुक्त)
शक संवत – 1947 (विश्वावसु)
चन्द्र मास – पौष (अमांत एवं पूर्णिमांत)
अयन – दक्षिणायन
वैदिक ऋतु – हेमंत
द्रिक ऋतु – शिशिर
☀️🌙 सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय – 07:11 AM
सूर्यास्त – 05:47 PM
चन्द्रोदय – 01:49 PM
चन्द्रास्त – 03:36 AM (31 दिसंबर)

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राशि स्थिति
सूर्य राशि – धनु
चंद्र राशि – मेष (पूरा दिन-रात)
अशुभ काल (Ashubh Muhurat Today)
राहु काल – 03:08 PM से 04:27 PM
यमगण्ड – 09:50 AM से 11:09 AM
कुलिक काल – 12:29 PM से 01:48 PM
दुर्मुहूर्त –
09:18 AM – 10:01 AM
11:09 PM – 12:02 AM
वर्ज्यम् – 02:49 PM – 04:17 PM
शुभ काल (Shubh Muhurat)
अभिजीत मुहूर्त – 12:08 PM – 12:50 PM
ब्रह्म मुहूर्त – 05:35 AM – 06:23 AM
अमृत काल – 11:34 PM – 01:02 AM

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🌟 विशेष योग
सर्वार्थसिद्धि योग –
31 दिसंबर 03:58 AM से 01 जनवरी 01:30 AM तक
त्रिपुष्कर योग –
31 दिसंबर 05:01 AM – 07:12 AM
🚶 दिशा शूल (यात्रा विचार)
मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा वर्जित
यदि यात्रा आवश्यक हो तो गुड़ या धनिया खाकर यात्रा करें
पूर्व और दक्षिण दिशा की यात्रा से लाभ प्राप्त होगा
🌙 चंद्रबल (31/12/25 सुबह 07:12 AM तक)
मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुंभ
ताराबल (31/12/25 03:58 AM तक)
अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, आद्रा, पुष्य, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरभाद्रपदा

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नोट:इस पंचांग में किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए राष्ट्र की परम्परा जिम्मेदार नहीं है। कृपया किसी भी शुभ अथवा अशुभ कार्य से पूर्व योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।
🙏 राष्ट्र की परम्परा – धर्म, संस्कृति और सत्य के साथ

इतिहास की वह तारीख जिसने युद्ध , राजनीति, स्वतंत्रता और वैश्विक बदलावों की अमिट छाप छोड़ी

30 दिसंबर विश्व इतिहास में एक ऐसी तिथि है, जिसने राजनीति, युद्ध, स्वतंत्रता संग्राम, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध और मानव सभ्यता की दिशा को कई बार मोड़ा

30 दिसंबर विश्व इतिहास में एक ऐसी तिथि है, जिसने राजनीति, युद्ध, स्वतंत्रता संग्राम, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध और मानव सभ्यता की दिशा को कई बार मोड़ा है। इस दिन घटित घटनाएं केवल तिथियों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के विचार, नीतियों और भविष्य को गहराई से प्रभावित किया। आइए जानते हैं 30 दिसंबर को घटित प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में विस्तृत रूप से।

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2012 – पाकिस्तान के बलूचिस्तान में आत्मघाती हमला
30 दिसंबर 2012 को पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में एक भीषण आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें 19 निर्दोष लोगों की जान चली गई। यह हमला उस क्षेत्र में लंबे समय से जारी उग्रवाद और राजनीतिक अस्थिरता का प्रतीक बना। इस घटना ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आतंकवाद की चुनौती की ओर आकर्षित किया।
2008 – सूर्यशेख गांगुली बने राष्ट्रीय शतरंज चैंपियन
30 दिसंबर 2008 भारतीय खेल इतिहास के लिए गौरवपूर्ण रहा, जब सूर्यशेख गांगुली ने 46वीं राष्ट्रीय शतरंज चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। यह जीत भारतीय शतरंज की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक बनी। उनकी रणनीति, धैर्य और मानसिक दृढ़ता ने युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया और भारत को शतरंज महाशक्ति के रूप में मजबूत किया।

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2007 – बिलावल भुट्टो बने पीपीपी के चेयरमैन
30 दिसंबर 2007 को पाकिस्तान की राजनीति में एक भावनात्मक मोड़ आया, जब शहीद बेनजीर भुट्टो के पुत्र बिलावल भुट्टो जरदारी को पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी का चेयरमैन चुना गया। यह निर्णय न केवल विरासत की राजनीति को दर्शाता है, बल्कि भुट्टो परिवार के संघर्ष और बलिदान की निरंतरता का प्रतीक भी बना।
2006 – सद्दाम हुसैन को फांसी
इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को 30 दिसंबर 2006 को फांसी दी गई। यह घटना मध्य-पूर्व के इतिहास में एक निर्णायक अध्याय मानी जाती है। सद्दाम की फांसी ने इराक में सत्ता संतुलन को बदला, लेकिन साथ ही अस्थिरता और हिंसा को भी जन्म दिया, जिसकी गूंज वर्षों तक सुनाई देती रही।

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2003 – ऑस्ट्रेलिया ने भारत को मेलबर्न टेस्ट में हराया
30 दिसंबर 2003 को ऑस्ट्रेलिया ने भारत को मेलबर्न टेस्ट में 9 विकेट से हराया। यह मुकाबला क्रिकेट इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के दबदबे का उदाहरण बना। हालांकि हार के बावजूद भारतीय टीम ने संघर्ष दिखाया, जिसने भविष्य में टीम इंडिया को मजबूत बनने की प्रेरणा दी।
2002 – ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड से एशेज टेस्ट जीता
एशेज श्रृंखला का चौथा टेस्ट 30 दिसंबर 2002 को ऑस्ट्रेलिया ने जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। यह जीत ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के स्वर्णिम दौर का हिस्सा थी, जब उनकी टीम रणनीति, फिटनेस और आक्रामक खेल के लिए जानी जाती थी।

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2001 – आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई
30 दिसंबर 2001 को पाकिस्तान में लश्कर-ए-तोइबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद की गिरफ्तारी हुई और जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को जेल भेजा गया। यह घटना अंतरराष्ट्रीय दबाव और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक प्रयासों का परिणाम मानी गई।
2000 – सूडान और कोलंबिया से जुड़ी अहम घटनाएं
इस दिन जनरल उमर-इल-बशीर दोबारा सूडान के राष्ट्रपति चुने गए। वहीं, कोलंबिया को विश्व का सबसे हिंसक और खतरनाक देश घोषित किया गया। दोनों घटनाएं वैश्विक राजनीति और सुरक्षा परिदृश्य की जटिलताओं को उजागर करती हैं।

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1996 – ग्वाटेमाला का गृहयुद्ध समाप्त
30 दिसंबर 1996 को ग्वाटेमाला में 36 वर्षों से चला आ रहा गृहयुद्ध समाप्त हुआ। यह समझौता शांति, पुनर्निर्माण और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था, जिसने लाखों लोगों को हिंसा से राहत दी।
1949 – भारत ने चीन को मान्यता दी
30 दिसंबर 1949 को भारत ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना को मान्यता दी। यह निर्णय एशियाई राजनीति में भारत की दूरदर्शी विदेश नीति का प्रतीक था, हालांकि बाद के वर्षों में भारत-चीन संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिले।

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1943 – सुभाष चंद्र बोस ने पोर्ट ब्लेयर में तिरंगा फहराया
30 दिसंबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने पोर्ट ब्लेयर में स्वतंत्र भारत का झंडा फहराया। यह क्षण भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में भावनात्मक और प्रेरणादायक अध्याय के रूप में दर्ज है, जिसने आज़ादी की लौ को और प्रखर किया।
1922 – सोवियत संघ की घोषणा
30 दिसंबर 1922 को मास्को के बोलशोई थिएटर से सोवियत संघ के गठन की औपचारिक घोषणा हुई। यह घटना 20वीं सदी की वैश्विक राजनीति को दशकों तक प्रभावित करने वाली साबित हुई।

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1906 – मुस्लिम लीग की स्थापना
30 दिसंबर 1906 को ढाका में अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना हुई। यह संगठन आगे चलकर भारतीय उपमहाद्वीप की राजनीति और विभाजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बना।
1803 – ईस्ट इंडिया कंपनी का विस्तार
30 दिसंबर 1803 को ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने दिल्ली, आगरा और भरूच पर नियंत्रण स्थापित किया। यह घटना भारत में औपनिवेशिक शासन के मजबूत होने की दिशा में निर्णायक कदम थी।

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1703 – टोक्यो में विनाशकारी भूकंप
30 दिसंबर 1703 को जापान की राजधानी टोक्यो में आए भूकंप ने लगभग 37 हजार लोगों की जान ले ली। यह प्राकृतिक आपदा इतिहास की सबसे भीषण घटनाओं में गिनी जाती है।
निष्कर्ष– 30 दिसंबर केवल एक तारीख नहीं, बल्कि मानव इतिहास के संघर्ष, उपलब्धि, बलिदान और परिवर्तन की जीवंत गाथा है। इस दिन घटित घटनाएं हमें अतीत से सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाने की प्रेरणा देती हैं।

अंक राशिफल करियर, धन, शिक्षा, राजनीति और जीवन पर प्रभाव

आज का अंक राशिफल (मूलांक 1 से 9) – करियर, धन, शिक्षा, राजनीति और जीवन पर प्रभाव

✍️ पंडित सुधीर तिवारी (अंतिम बाबा)

अंक ज्योतिष के अनुसार जन्मतिथि के अंक (मूलांक) से व्यक्ति के स्वभाव, सोच, कार्यशैली और भविष्य की झलक मिलती है। 30 दिसंबर 2025 का दिन सभी मूलांकों के लिए अलग-अलग प्रभाव लेकर आया है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत अंक राशिफल, जिसमें करियर, व्यवसाय, शिक्षा, कला-संगीत, राजनीति, प्रशासन, आर्थिक स्थिति, शुभ रंग, शुभ अंक और पूज्य देवता की जानकारी दी जा रही है।

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🔢 मूलांक 1 (सूर्य)
आज का प्रभाव:
आज आत्मविश्वास मजबूत रहेगा। नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आएगी।
कार्य / व्यवसाय:
ऑफिस में आपकी बातों को महत्व मिलेगा। सरकारी या प्रशासनिक कार्यों में सफलता के संकेत हैं।
शिक्षा:
प्रतियोगी परीक्षा या इंटरव्यू की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए दिन अनुकूल।
कला / राजनीति:
राजनीति से जुड़े लोगों की छवि निखरेगी, जनता का सहयोग मिलेगा।
आर्थिक स्थिति:
रुका धन मिलने के योग हैं।
स्वास्थ्य:
सिरदर्द या थकान हो सकती है।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 1
पूज्य देवता: सूर्यदेव
🔢 मूलांक 2 (चंद्र)
आज का प्रभाव:
भावनात्मक संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
कार्य / व्यवसाय:
काम धीमी गति से होगा, लेकिन नुकसान नहीं।
शिक्षा:
रचनात्मक विषयों में छात्रों का मन लगेगा।
कला / राजनीति:
कला, अभिनय, लेखन से जुड़े लोगों को सराहना मिलेगी।
आर्थिक स्थिति:
खर्च पर नियंत्रण रखें।
स्वास्थ्य:
नींद की कमी से चिड़चिड़ापन संभव।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 2
पूज्य देवता: चंद्रदेव

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🔢 मूलांक 3 (गुरु)
आज का प्रभाव:
बुद्धि और विवेक से लिए फैसले लाभ देंगे।
कार्य / व्यवसाय:
शिक्षा, काउंसलिंग, प्रशासनिक कार्यों में प्रगति।
शिक्षा:
विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई में सफलता।
कला / राजनीति:
राजनीतिक लोगों के लिए सलाहकार की भूमिका मजबूत होगी।
आर्थिक स्थिति:
आय में स्थिरता।
स्वास्थ्य:
पेट से जुड़ी हल्की समस्या।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3
पूज्य देवता: बृहस्पति देव

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🔢 मूलांक 4 (राहु)
आज का प्रभाव:
दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है।
कार्य / व्यवसाय:
तकनीकी या मशीन से जुड़े कार्यों में सावधानी जरूरी।
शिक्षा:
मन भटक सकता है, एकाग्रता बनाए रखें।
कला / राजनीति:
राजनीतिक मामलों में बयान सोच-समझकर दें।
आर्थिक स्थिति:
अचानक खर्च संभव।
स्वास्थ्य:
मानसिक तनाव से बचें।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 4
पूज्य देवता: दुर्गा माता
🔢 मूलांक 5 (बुध)
आज का प्रभाव:
भागदौड़ और संपर्क से लाभ का दिन।
कार्य / व्यवसाय:
मार्केटिंग, मीडिया, व्यापार में नए अवसर।
शिक्षा:
कॉमर्स और मैनेजमेंट के छात्रों के लिए अच्छा दिन।
कला / राजनीति:
वाणी से लोगों को प्रभावित करेंगे।
आर्थिक स्थिति:
आमदनी बढ़ेगी, पर खर्च भी।
स्वास्थ्य:
थकान संभव।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
पूज्य देवता: गणेश जी

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🔢 मूलांक 6 (शुक्र)
आज का प्रभाव:
रिश्तों और सुख-सुविधाओं में वृद्धि।
कार्य / व्यवसाय:
फैशन, कला, संगीत, होटल इंडस्ट्री में सफलता।
शिक्षा:
क्रिएटिव छात्रों के लिए दिन श्रेष्ठ।
राजनीति:
जनसंपर्क मजबूत होगा।
आर्थिक स्थिति:
लाभ के योग।
स्वास्थ्य:
मीठे से परहेज करें।
शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6
पूज्य देवता: लक्ष्मी माता
🔢 मूलांक 7 (केतु)
आज का प्रभाव:
आत्ममंथन और अध्यात्म की ओर झुकाव।
कार्य / व्यवसाय:
रिसर्च, अध्यापन और आध्यात्मिक क्षेत्र में लाभ।
शिक्षा:
उच्च शिक्षा में रुचि बढ़ेगी।
राजनीति:
पर्दे के पीछे काम करने से सफलता।
आर्थिक स्थिति:
सामान्य।
स्वास्थ्य:
मानसिक शांति जरूरी।
शुभ रंग: बैंगनी
शुभ अंक: 7
पूज्य देवता: भगवान शिव

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🔢 मूलांक 8 (शनि)
आज का प्रभाव:
जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, पर मेहनत रंग लाएगी।
कार्य / व्यवसाय:
प्रशासन, पुलिस, सरकारी सेवा में कार्यरत लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण लेकिन फलदायी दिन।
शिक्षा:
अनुशासन से लाभ।
राजनीति:
धैर्य से काम लें।
आर्थिक स्थिति:
दीर्घकालिक लाभ के संकेत।
स्वास्थ्य:
कमर या जोड़ों में दर्द।
शुभ रंग: काला
शुभ अंक: 8
पूज्य देवता: शनि देव
🔢 मूलांक 9 (मंगल)
आज का प्रभाव:
जोश और साहस से भरा दिन।
कार्य / व्यवसाय:
पुलिस, सेना, खेल, राजनीति में सक्रियता बढ़ेगी।
शिक्षा:
प्रतिस्पर्धा में जीत के योग।
आर्थिक स्थिति:
आमदनी में वृद्धि।
स्वास्थ्य:
ऊर्जा भरपूर, पर जल्दबाजी से बचें।
शुभ रंग: नारंगी
शुभ अंक: 9
पूज्य देवता: हनुमान जी

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⚠️ महत्वपूर्ण सूचना
यह अंक ज्योतिषीय भविष्यवाणी सामान्य गणना पर आधारित है। “राष्ट्र की परम्परा” इस अंक ज्योतिष को प्रमाणित नहीं करता। अपने जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिष विशेषज्ञ से अपनी जन्मकुंडली अवश्य दिखाएं।

इतिहास के पन्नों में 30 दिसंबर: वे महान व्यक्ति जिनके जन्म ने दुनिया को दिशा दी

30 दिसंबर केवल एक तारीख नहीं, बल्कि यह दिन उन विभूतियों की जन्मभूमि है, जिन्होंने अपने विचार, कर्म और योगदान से समाज, संस्कृति, राजनीति, अध्यात्म और साहित्य को नई दिशा दी। आइए इतिहास के महत्वपूर्ण जन्मदिन के अवसर पर ऐसे ही महान व्यक्तित्वों के जीवन, जन्मस्थान और राष्ट्रहित में उनके अमूल्य योगदान को विस्तार से जानते हैं।

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हनुमप्पा सुदर्शन (जन्म: 30 दिसंबर 1950)
जन्मस्थान: कर्नाटक, भारत
हनुमप्पा सुदर्शन भारत के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता रहे, जिन्होंने ग्रामीण विकास, शिक्षा और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए जीवन समर्पित किया। कर्नाटक के दूरदराज़ इलाकों में उन्होंने शिक्षा जागरूकता अभियान चलाए और युवाओं को समाज सेवा से जोड़ा। उनके प्रयासों से कई गाँवों में स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएँ और स्वावलंबन के अवसर विकसित हुए। वे मानते थे कि सशक्त समाज की नींव शिक्षित नागरिकों से ही पड़ती है। राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान आज भी सामाजिक संगठनों के लिए प्रेरणास्रोत है।
वेद प्रताप वैदिक (जन्म: 30 दिसंबर 1944)
जन्मस्थान: मध्य प्रदेश, भारत
वेद प्रताप वैदिक भारत के प्रख्यात वरिष्ठ पत्रकार, राजनीतिक विश्लेषक और हिन्दी भाषा के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर गहन लेखन किया और हिन्दी पत्रकारिता को नई ऊँचाइयाँ दीं। अनेक प्रतिष्ठित समाचार पत्रों और मंचों पर उनकी विश्लेषणात्मक लेखनी ने पाठकों को सोचने पर मजबूर किया। हिन्दी को वैश्विक पहचान दिलाने के उनके प्रयास उल्लेखनीय हैं। राष्ट्रहित, विदेश नीति और लोकतंत्र पर उनके विचार आज भी बौद्धिक विमर्श का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

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मैनुअल आरों (जन्म: 30 दिसंबर 1935)
जन्मस्थान: महाराष्ट्र, भारत
मैनुअल आरों भारत के पहले शतरंज मास्टर माने जाते हैं। उन्होंने ऐसे समय में शतरंज को लोकप्रिय बनाया, जब यह खेल सीमित दायरे तक ही जाना जाता था। उनकी रणनीतिक समझ और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन ने भारतीय शतरंज को नई पहचान दी। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर एक मजबूत नींव रखी, जिसका परिणाम आज विश्व पटल पर भारत की शतरंज शक्ति के रूप में दिखाई देता है। खेल जगत में उनका योगदान ऐतिहासिक है।
प्रकाशवीर शास्त्री (जन्म: 30 दिसंबर 1923)
जन्मस्थान: उत्तर प्रदेश, भारत
प्रकाशवीर शास्त्री संस्कृत के महान विद्वान, लोकसभा सांसद और आर्य समाज के प्रमुख नेता रहे। उन्होंने संसद में भारतीय संस्कृति, शिक्षा और नैतिक मूल्यों की मजबूती के लिए प्रभावशाली भूमिका निभाई। संस्कृत भाषा के संरक्षण और प्रचार में उनका योगदान अद्वितीय रहा। उन्होंने वैदिक विचारधारा को आधुनिक समाज से जोड़ने का कार्य किया। शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में उनका जीवन एक आदर्श उदाहरण माना जाता है।

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भाई मोहन सिंह (जन्म: 30 दिसंबर 1917)
जन्मस्थान: पंजाब, भारत
भाई मोहन सिंह भारत के अग्रणी उद्योगपतियों में से एक थे और विश्वविख्यात दवा कंपनी रैनबैक्सी के संस्थापक रहे। उन्होंने भारतीय फार्मास्यूटिकल उद्योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। किफायती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं के माध्यम से उन्होंने लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाया। उद्योग के साथ-साथ वे परोपकार और सामाजिक सेवा में भी सक्रिय रहे। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उनका योगदान ऐतिहासिक माना जाता है।
आचार्य रघुवीर (जन्म: 30 दिसंबर 1902)
जन्मस्थान: उत्तर प्रदेश, भारत
आचार्य रघुवीर महान भाषाविद, विद्वान और राजनीतिक नेता थे। उन्होंने भारतीय भाषाओं के संरक्षण और विकास के लिए अथक प्रयास किए। शब्दकोश निर्माण और भाषाई अनुसंधान में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे मानते थे कि भाषा ही संस्कृति की आत्मा होती है। भारतीय ज्ञान परंपरा को संरक्षित करने में उनका जीवन समर्पित रहा। राष्ट्र की बौद्धिक धरोहर को समृद्ध करने में उनकी भूमिका अमूल्य है।

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रमण महर्षि (जन्म: 30 दिसंबर 1879)
जन्मस्थान: तिरुचुली, तमिलनाडु, भारत
रमण महर्षि बीसवीं सदी के महान संत, दार्शनिक और आध्यात्मिक गुरु थे। उन्होंने आत्मज्ञान और आत्मचिंतन का सरल मार्ग बताया। अरुणाचल पर्वत के समीप उनका आश्रम विश्वभर के साधकों का केंद्र बना। उनके उपदेशों ने व्यक्ति को भीतर झांकने और सत्य की खोज करने की प्रेरणा दी। भारतीय अध्यात्म को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान अद्वितीय है।

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रुडयार्ड किपलिंग (जन्म: 30 दिसंबर 1865)
जन्मस्थान: मुंबई (तत्कालीन बंबई), महाराष्ट्र, भारत | देश: ब्रिटेन
रुडयार्ड किपलिंग विश्वप्रसिद्ध लेखक और कवि थे, जिन्हें साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ। उनकी रचनाओं में भारत की संस्कृति, समाज और औपनिवेशिक काल का जीवंत चित्रण मिलता है। द जंगल बुक जैसी कृतियाँ आज भी लोकप्रिय हैं। साहित्य के माध्यम से उन्होंने मानव मूल्यों, साहस और नैतिकता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। विश्व साहित्य में उनका स्थान सदैव विशिष्ट रहेगा।

राम नगीना यादव पुण्यतिथि पर देवरिया से 2027 चुनाव का संदेश

समाजवादी विचारधारा के पुरोधा राम नगीना यादव को पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि, देवरिया से गूंजा PDA का संदेश


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी आंदोलन के मजबूत स्तंभ, समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य स्वर्गीय राम नगीना यादव की पुण्यतिथि पर देवरिया जनपद श्रद्धा और स्मरण में डूब गया। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने देवरिया पहुंचकर स्वर्गीय यादव को पुष्पांजलि अर्पित की और उनके संघर्षमय राजनीतिक जीवन को नमन किया।

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सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राम नगीना यादव केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे समाजवादी विचारधारा की चलती-फिरती पाठशाला थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन शोषितों, वंचितों, पिछड़ों और किसानों के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। उनका जीवन सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक रहा है।

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विकास और सामाजिक न्याय की राजनीति की मिसाल
श्याम लाल पाल ने कहा कि स्वर्गीय राम नगीना यादव ने सत्ता को कभी व्यक्तिगत लाभ का साधन नहीं बनाया, बल्कि जनसेवा को ही राजनीति का मूल उद्देश्य माना। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी के लिए उनका संघर्ष, ईमानदारी और सादगी प्रेरणा का स्रोत है। उनके बताए मार्ग पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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2027 की राजनीति पर बड़ा संकेत
श्रद्धांजलि सभा के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भी बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब परिवर्तन चाहती है और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) एकता के साथ समाजवादी पार्टी के साथ खड़ी है। उन्होंने विश्वास जताया कि PDA की ताकत आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करेगी।

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एकता और संगठन का आह्वान
श्याम लाल पाल ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे आपसी एकता को मजबूत करें और समाजवादी आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि PDA कोई नारा नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वर्गीय राम नगीना यादव के सपनों का उत्तर प्रदेश बनाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। यह श्रद्धांजलि सभा केवल स्मरण का अवसर नहीं रही, बल्कि देवरिया की धरती से पूरे प्रदेश को सामाजिक न्याय और सकारात्मक राजनीति का मजबूत संदेश भी दिया।

बीच मझधार में पलटी नाव, ग्रामीणों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

सरयू नदी में नाव पलटने से मचा हड़कंप, सभी यात्री सुरक्षित

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद देवरिया के लार थाना क्षेत्र अंतर्गत चूरिया घाट पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सरयू नदी पार कर रही एक नाव अचानक मझधार में अनियंत्रित होकर पलट गई। नाव पर सवार ग्रामीणों की सतर्कता और साहस के चलते एक बड़ा हादसा होने से बच गया। इस घटना का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रामीण रोज़मर्रा के कार्यों के लिए सरयू नदी पार करने हेतु नाव में सवार थे। जैसे ही नाव बीच धारा में पहुंची, संतुलन बिगड़ने लगा। कुछ ही पलों में नाव पानी से भरने लगी और देखते ही देखते पलट गई। नाव के पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई, लेकिन जान बचाने के लिए सभी ने तुरंत नदी में छलांग लगा दी।

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स्थानीय ग्रामीणों और घाट पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए पानी में कूदे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। सौभाग्यवश इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, हादसे ने एक बार फिर नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि चूरिया घाट पर न तो लाइफ जैकेट उपलब्ध हैं और न ही नावों की नियमित जांच होती है। बारिश के मौसम में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के बावजूद कोई ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं।

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सूचना मिलने पर लार थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मामले की जानकारी ली है। प्रशासनिक स्तर पर जांच की बात कही जा रही है, लेकिन ग्रामीणों की मांग है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए स्थायी और सख्त व्यवस्था लागू की जाए।