गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय के विरुद्ध कथित हत्याओं, हिंसा, धार्मिक उत्पीड़न और मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाएँ अत्यंत चिंताजनक, निंदनीय और मानवता को शर्मसार करने वाली हैं। यह बात दिग्विजय नाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोरखपुर के छात्रसंघ अध्यक्ष एवं युवा भाजपा नेता अभय सिंह ने कही।
श्री सिंह ने कहा कि बांग्लादेश में लंबे समय से हिंदू समुदाय को संगठित रूप से निशाना बनाया जा रहा है। मंदिरों पर हमले, घरों को जलाया जाना, महिलाओं और बच्चों की असुरक्षा तथा हत्याओं की खबरें यह दर्शाती हैं कि वहाँ धार्मिक अल्पसंख्यकों के मौलिक अधिकार गंभीर खतरे में हैं। हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बांग्लादेश सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक देश का आंतरिक मामला नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय है। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हिंसा और भयावह रूप ले सकती है। उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि बांग्लादेश सरकार के समक्ष राजनयिक स्तर पर कड़ा विरोध दर्ज कराया जाए और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया जाए।
अभय सिंह ने संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों के माध्यम से निष्पक्ष जांच कराने तथा पीड़ित हिंदू परिवारों को हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत, जो विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, धार्मिक उत्पीड़न के विरुद्ध मौन नहीं रह सकता। भारत की आवाज़ बांग्लादेश के पीड़ित हिंदुओं के साथ-साथ विश्वभर में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी समुदाय या देश के विरुद्ध नहीं, बल्कि निर्दोष हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से पारित किया गया है।
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हिंसा मानवता के खिलाफ: अभय सिंह
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