Wednesday, June 24, 2026
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पीएम मोदी के पत्र से तेज हुई केरल में बीजेपी की चुनावी रणनीति

तिरुवनंतपुरम जीत से केरल में बीजेपी का बड़ा चुनावी संदेश, पीएम मोदी के पत्र ने दी नई धार

तिरुवनंतपुरम (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ऐतिहासिक जीत को केरल की राजनीति में बड़ा मोड़ माना जा रहा है। इस जीत को राज्य में व्यापक चुनावी विस्तार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नवनिर्वाचित मेयर वीवी राजेश को लिखे पत्र से और मजबूती मिली है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में केरल की दो प्रमुख राजनीतिक शक्तियों—CPI(M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF)—पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने दोनों मोर्चों पर आरोप लगाया कि वे वर्षों से “फिक्स्ड मैच” की राजनीति कर रहे हैं, जहां दिल्ली में दोस्ती और केरल में दुश्मनी दिखाई जाती है। पीएम के अनुसार, तिरुवनंतपुरम नगर निगम में बीजेपी की जीत इस कथित व्यवस्था के अंत की शुरुआत है।
प्रधानमंत्री ने तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में बीजेपी के सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरने को “युग परिवर्तन” करार दिया। उन्होंने मेयर वीवी राजेश, डिप्टी मेयर जीएस आशा नाथ और पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत केरल के युवाओं और महिलाओं में एक नए सवेरे की उम्मीद को दर्शाती है।

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मोदी ने कहा कि बीजेपी और एनडीए बिना भेदभाव के राष्ट्रवाद, भ्रष्टाचार मुक्त विकास और तुष्टीकरण से परे शासन का भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर रहे हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि दशकों की कठिन राजनीतिक यात्रा के बावजूद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने केरल में जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाया।

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पीएम मोदी ने श्री नारायण गुरु, महात्मा अय्यंकाली और मन्नथु पद्मनाभन जैसे महान समाज सुधारकों के आदर्शों का उल्लेख करते हुए नए नगर निगम नेतृत्व से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि बीजेपी ने 101 सीटों वाले तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में 50 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की है। आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह जीत केरल की राजनीति में दूरगामी असर डाल सकती है।

दशमोत्तर छात्रवृत्ति 2025-26: छात्रों और कॉलेजों के लिए जरूरी निर्देश

दशमोत्तर छात्रवृत्ति 2025-26: आवेदन की अंतिम तिथि 14 जनवरी, जानें पूरी समय-सारणी


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार की दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत उच्च कक्षाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर पाण्डेय ने बताया कि शैक्षिक सत्र/वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु आवेदन प्रक्रिया की संशोधित समय-सारणी शासन स्तर से घोषित कर दी गई है। इस योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के वे छात्र-छात्राएं पात्र हैं, जो कक्षा 11-12 को छोड़कर उच्च शिक्षा में अध्ययनरत हैं।

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समय-सारणी के अनुसार, शिक्षण संस्थानों द्वारा मास्टर (गार्डियन) डाटा लॉक, पाठ्यक्रम का विवरण, पाठ्यक्रम प्रकार, कुल सीटों की संख्या, शासन द्वारा निर्धारित शुल्क एवं संबद्ध विश्वविद्यालय/एफिलिएटिंग एजेंसी का विवरण डिजिटल हस्ताक्षर के साथ प्रमाणित करने की अंतिम तिथि 02 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। इसके बाद एफिलिएटिंग एजेंसी या विश्वविद्यालय द्वारा शुल्क आदि का सत्यापन 09 जनवरी 2026 तक किया जाएगा।

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जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा संस्थानों, पाठ्यक्रमों, सीटों एवं शुल्क की ऑनलाइन पुष्टि 15 जनवरी 2026 तक की जाएगी। वहीं छात्रों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण एवं आवेदन की अंतिम तिथि 14 जनवरी 2026 तय की गई है। आवेदन प्राप्त होने के पश्चात शिक्षण संस्थानों द्वारा आवेदन पत्रों का सत्यापन एवं अग्रसारण 27 जनवरी 2026 तक किया जाएगा।

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अधिकारी ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करें। साथ ही शिक्षण संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि पात्र छात्रों के आवेदन समय से अग्रसारित करें तथा अपात्र आवेदनों को निरस्त करें, ताकि किसी भी योग्य छात्र को छात्रवृत्ति से वंचित न होना पड़े।

वित्त एवं लेखा विभाग की कार्यप्रणाली बनी देशभर के लिए मिसाल

पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के वित्त एवं लेखा विभाग को मिला 5S लीडरशिप अवॉर्ड, कार्यस्थल प्रबंधन में रचा नया मानक


वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा)।पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल ने कार्यस्थल प्रबंधन, स्वच्छता, अनुशासन और गुणवत्ता सुधार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मंडल के वित्त एवं लेखा विभाग को उत्कृष्ट कार्य प्रणाली और 5S प्रबंधन तकनीक के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 5S लीडरशिप पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान नववर्ष के अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन एवं वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक राजेश कुमार को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।

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यह प्रतिष्ठित पुरस्कार क्वालिटी सर्किल फोरम ऑफ इंडिया (QCFI) द्वारा प्रदान किया गया, जिसकी संस्तुति ग्रेटर नोएडा में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में की गई थी। सम्मान समारोह में QCFI के निदेशक विजय कृष्ण एवं सचिव अरुणमय चक्रवर्ती उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी अक्टूबर 2025 में वाराणसी मंडल के वित्त विभाग को 5S गोल्डन ट्रॉफी एवं प्रमाणपत्र से नवाजा जा चुका है।
मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने इस उपलब्धि को वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक के कुशल नेतृत्व और कर्मचारियों की टीम भावना का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि 5S प्रणाली लागू होने से कार्यालय की कार्यप्रणाली स्वचालित, सुव्यवस्थित और पारदर्शी हुई है। अब फाइलों और अभिलेखों की उपलब्धता बेहद कम समय में संभव हो पाई है, जिससे कार्य की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है।

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वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक राजेश कुमार ने बताया कि 5S केवल एक तकनीक नहीं बल्कि कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने की प्रक्रिया है। इससे न केवल वित्त विभाग के कर्मचारियों को लाभ हुआ है, बल्कि विभिन्न विभागों और स्टेशनों से आने वाले कर्मचारियों को भी अपने वित्तीय कार्यों में सुविधा मिल रही है। रिकॉर्ड प्रबंधन में तेजी आने से कर्मचारियों की संतुष्टि भी बढ़ी है।

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QCFI निदेशक विजय कृष्ण ने जानकारी दी कि 5S एक पांच चरणीय प्रणाली है, जिसमें पुनर्व्यवस्था, सुव्यवस्था, सफाई, मानकीकरण और जागरूकता शामिल हैं। यह तकनीक किसी भी कार्यालय या कार्यस्थल पर लागू की जा सकती है और स्थायी स्वच्छता व अनुशासन सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि सरकारी क्षेत्र में 5S तकनीक के प्रभावी प्रयोग के लिए यह पुरस्कार अत्यंत प्रतिष्ठित माना जाता है।
वाराणसी मंडल का यह सम्मान अन्य रेलवे मंडलों और सरकारी कार्यालयों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरा है।

सीएम योगी ने वित्त विभाग की समीक्षा बैठक की, बजट खर्च में तेजी लाने के दिए सख्त निर्देश

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट व्यय को लेकर वित्त विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में शासन द्वारा विभिन्न विभागों को जारी बजट, स्वीकृतियों, विभागाध्यक्षों द्वारा आवंटन और अब तक हुए व्यय की अद्यतन स्थिति पर चर्चा की गई। इस दौरान अधिक बजट प्रावधान वाले प्रदेश के प्रमुख 20 विभागों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया।

जिन विभागों में बजट खर्च धीमा, वहां लाई जाए तेजी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग समय से आवंटित बजट का उपयोग करें, ताकि योजनाएं और परियोजनाएं निर्धारित समय में पूरी हो सकें और प्रदेशवासियों को उनका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि बजट खर्च में देरी विकास कार्यों को प्रभावित करती है, इसलिए अधिकारी निर्णय लेने की क्षमता और तत्परता विकसित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन विभागों में बजट व्यय की प्रगति धीमी है, वे तुरंत इसमें तेजी लाएं। साथ ही हर स्तर पर अधिकारियों की स्पष्ट जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाए। बजट खर्च में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निर्णय में देरी से रुकता है विकास कार्य

सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए समय पर निर्णय लें। उन्होंने कहा कि निर्णय लेने में देरी के कारण बजट समय से खर्च नहीं हो पाता, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं। इसलिए सभी विभाग तेजी से फैसले लें और काम में गति लाएं।

केंद्र से बजट के लिए दिल्ली जाकर करें पैरवी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन विभागों में बजट व्यय की प्रगति कम है, वहां विभागीय मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर हर माह समीक्षा बैठक करें। उन्होंने वित्त विभाग को निर्देश दिए कि जिन विभागों का बजट किसी कारण से अब तक जारी नहीं हुआ है, उसे तत्काल जारी किया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से बजट मिलता है, उनके लिए विभागीय मंत्री, अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से बजट जारी कराने के लिए पैरवी करें। साथ ही पत्राचार और फोन के माध्यम से नियमित फॉलोअप किया जाए। इस प्रक्रिया में मुख्य सचिव भी सक्रिय भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री कार्यालय को निर्देश दिए गए कि जिन विभागों में बजट व्यय की प्रगति धीमी है, उन्हें चिह्नित कर संबंधित मंत्रियों को पत्र भेजा जाए।

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2026-27 के बजट की तैयारी अभी से शुरू करने के निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्त विभाग को निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारी अभी से शुरू की जाए। इसके लिए सभी विभागों के साथ बैठक कर उनकी बजट मांग की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि आगामी बजट तैयार करते समय विभागों के पिछले पांच वर्षों के खर्च का विश्लेषण अवश्य किया जाए।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से बेहतर समन्वय बनाकर समय पर बजट आवंटन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

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कंगाल पाकिस्तान को मिला तेल-गैस का बड़ा खजाना! खैबर पख्तूनख्वा में नई खोज पर शहबाज शरीफ उत्साहित

इस्लामाबाद (राष्ट्र की परम्परा)। आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी राहत मिलने का दावा किया गया है। पाकिस्तान ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के नए भंडार मिलने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे देश के लिए “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताते हुए कहा है कि इससे विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिलेगी और तेल-गैस आयात पर निर्भरता घटेगी।

कोहट जिले के नश्पा ब्लॉक में मिली नई खोज

पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा के कोहट जिले स्थित नश्पा ब्लॉक में यह तेल और गैस भंडार मिला है। अनुमान है कि यहां से प्रतिदिन लगभग 4,100 बैरल कच्चा तेल और 10.5 मिलियन क्यूबिक फीट प्राकृतिक गैस का उत्पादन किया जा सकता है।

आयात पर खर्च घटाने की उम्मीद

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पेट्रोलियम और गैस सेक्टर की एक उच्च स्तरीय बैठक में कहा कि देश में स्थानीय स्तर पर तेल-गैस की खोज से आयात पर होने वाला भारी खर्च कम होगा। साथ ही, इससे पाकिस्तान के कमजोर विदेशी मुद्रा भंडार को भी राहत मिलने की संभावना है।

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OGDCL ने की पुष्टि

पाकिस्तान की सरकारी कंपनी ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (OGDCL) ने नश्पा ब्लॉक में तेल और गैस की खोज की आधिकारिक पुष्टि की है। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए OGDCL और संबंधित एजेंसियों को बधाई दी है।

2026 तक 3.5 लाख नए गैस कनेक्शन का लक्ष्य

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा वर्ष में उपभोक्ताओं को पर्याप्त गैस आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। सरकार का लक्ष्य जून 2026 तक 3.5 लाख नए गैस कनेक्शन देने का है। पाकिस्तान सरकार इस खोज को ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी सफलता के रूप में प्रचारित कर रही है।

संसाधन हैं, लेकिन विकास पर सवाल

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने तेल-गैस भंडार मिलने का दावा किया हो। इससे पहले भी बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में ऐसी घोषणाएं की जा चुकी हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनके क्षेत्रों के प्राकृतिक संसाधनों से होने वाली कमाई का उपयोग स्थानीय विकास में नहीं किया जाता।

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क्यों पिछड़े हैं खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान?

खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की तुलना में अब भी पिछड़े माने जाते हैं। स्थानीय आबादी का कहना है कि सेना, राजनीति और प्रशासन में पंजाब का दबदबा है, जबकि संसाधन-समृद्ध इलाकों को उनका हक नहीं मिलता। यही कारण है कि इन क्षेत्रों में लंबे समय से असंतोष और विरोध की स्थिति बनी हुई है।

गांव-गांव चौपाल से बढ़ा किसानों का भरोसा

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। चकबंदी प्रक्रिया को गति देते हुए जिला उप संचालक चकबंदी अधिकारी (सीआरओ) दिनेश मिश्रा के नेतृत्व में वर्षों से लंबित मामलों का सफल और पारदर्शी निस्तारण किया गया है। उप संचालक द्वारा गांव-गांव चौपाल लगाकर किसानों से सीधा संवाद स्थापित किया गया, जिससे विश्वास बढ़ा और चकबंदी कार्य को अपेक्षित सहयोग मिला।

सीआरओ दिनेश मिश्रा ने जानकारी दी कि तहसील मधुबन के ग्राम नुरूल्लाहपुर, तहसील मुहम्मदाबाद गोहना के ग्राम अल्देमऊ व सियाबस्ती तथा तहसील सदर के ग्राम गजेंद्रपुर जैसे गांव, जो 24 से 33 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया में लंबित थे, अब पूरी तरह निस्तारित कर दिए गए हैं। इन ग्रामों में अंतिम अभिलेख व भू-चित्र तैयार कर उत्तर प्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम 1953 की धारा 52(1) के अंतर्गत प्रख्यापन कराया गया है।

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इसके अलावा सरौंदा, पहाड़पुर, खरका, बस्ती, नसीराबाद खुर्द, पकड़ीकोल व रकौली में चक सीमांकन व कब्जा परिवर्तन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। वर्ष 2023 में प्रख्यापित गांवों में से कई में दो वर्ष से कम समय में चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण होना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

प्रशासनिक पारदर्शिता, सतत निगरानी और किसानों की सहभागिता के चलते चकबंदी प्रक्रिया अब तेज, निष्पक्ष और प्रभावी रूप में आगे बढ़ रही है।

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छात्रों के हुनर को मिलेगा नया आयाम, 25 दिवसीय मेकअप आर्टिस्ट कोर्स का शुभारम्भ

बिछुआ (राष्ट्र की परम्परा)। शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में उच्च शिक्षा विभाग की योजना क्रमांक 7581 के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में 25 दिवसीय मेकअप आर्टिस्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ 2 जनवरी 2026 को किया गया। कार्यक्रम प्राचार्य की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

यह प्रशिक्षण 2 जनवरी से 27 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें लगभग 165 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है। प्रशिक्षण शीतला पार्लर की संचालक संध्या मालवीय द्वारा दिया जा रहा है। प्रथम दिवस विद्यार्थियों को मेकअप आर्ट से जुड़ी बुनियादी जानकारी, सौंदर्य प्रसाधनों के सही उपयोग और करियर की संभावनाओं से अवगत कराया गया।

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कार्यक्रम का संचालन नोडल अधिकारी फरहत मंसूरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन सह-सचिव शिवानी सोनी ने किया। इस अवसर पर अजीत डेहरिया, नसरीन अंजुम खान, नमिता चौबे, अजीत सिंह गौतम, मनीष कुमार ठाकुर, दुजारी बोसम, मदन ठाकरे सहित महाविद्यालय परिवार की सक्रिय सहभागिता रही।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सौंदर्य एवं मेकअप कला में दक्ष बनाकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना तथा उन्हें स्वरोजगार के लिए तैयार करना है।

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निर्धारित समय उल्लंघन पर आबकारी विभाग का छापा, मऊ में तीन शराब दुकानों पर मुकदमा दर्ज

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी मोहम्मद असलम के नेतृत्व में आबकारी विभाग द्वारा निर्धारित समय से पूर्व एवं समय उपरांत मदिरा बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से सघन अभियान चलाया गया। इसी क्रम में शुक्रवार को गठित तीन टीमों ने जिले की देसी शराब दुकानों और उनके आसपास आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया।

चेकिंग के दौरान खुरहट, नदवा सराय और हसनपुर स्थित देसी शराब दुकानों पर अधिकृत विक्रेताओं को दुकान के अगल-बगल खड़े होकर निर्धारित समय से पहले और अधिक मूल्य पर शराब बेचते हुए पकड़ा गया। आबकारी टीम ने गोपनीय खरीदारी (डिकॉय कस्टमर) के माध्यम से विक्रेताओं को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति सदाफल पुत्र स्व. हरदेव, निवासी अलीनगर, थाना सराय लखनसी, जनपद मऊ को भी अवैध रूप से शराब के साथ गिरफ्तार किया गया।

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जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि देसी शराब दुकान खुरहट (मोहम्मदाबाद मऊ) पूजा सिंह, देसी शराब दुकान हसनपुर (सदर मऊ) रामकली तथा देसी शराब दुकान नदवा सराय (घोसी) चुन्नीलाल जायसवाल के नाम आवंटित है। पकड़े गए अधिकृत विक्रेताओं में समरजीत यादव (खुरहट), वीरेंद्र (हसनपुर) एवं अनिरुद्ध यादव (नदवा सराय) शामिल हैं।

सभी आरोपियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम 1910 (यथा संशोधित) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही संबंधित दुकानों के अनुज्ञापियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्धारित समय सीमा के उल्लंघन पर किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी और इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

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हल्दी–सहतवार मार्ग पर संदिग्ध सड़क हादसा, एक युवक की मौत

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद बलिया के हल्दी थाना क्षेत्र अंतर्गत हल्दी–सहतवार मार्ग पर गुरुवार को एक दर्दनाक और संदिग्ध सड़क हादसा सामने आया, जिसमें मोटरसाइकिल सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में जीवन और मृत्यु से संघर्ष कर रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा 2 जनवरी को लगभग साढ़े 10 बजे दिन में हुआ। मृतक की पहचान अन्नू तिवारी (32 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय परशुराम तिवारी के रूप में हुई है। वहीं गंभीर रूप से घायल युवक राहुल तिवारी (30 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय गणेश तिवारी बताए जा रहे हैं। दोनों युवक थाना सहतवार क्षेत्र के बहुआरा गांव के निवासी थे।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। उपचार के दौरान अन्नू तिवारी की मौत हो गई, जबकि राहुल तिवारी की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।

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घटनास्थल पर काफी मात्रा में खून फैला हुआ पाया गया, वहीं सड़क किनारे अंडे बिखरे होने की भी जानकारी सामने आई है, जिससे हादसे को लेकर कई तरह की आशंकाएं और चर्चाएं हो रही हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह दुर्घटना किसी अन्य वाहन की टक्कर से हुई या किसी अन्य कारण से।

पुलिस का कहना है कि घायल राहुल तिवारी के होश में आने और बयान दर्ज होने के बाद ही हादसे के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद बहुआरा गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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एक वर्ष जीवन कम हुआ आज

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✍️ डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

आज मुझे नव स्फूर्ति मिल रही है,
नव जन्म वर्ष में प्रवेश कर रहा हूँ,
उम्र का एक वर्ष गिनती में बढ़ा आज,
एक वर्ष जीवन मेरा कम हुआ आज।

जीवन पथ पर स्नेह मिला जिनसे,
उन सबको मेरा हृदय से धन्यवाद,
कुछ से मिलकर मेरी पहचान बनी,
कुछ यूँ ही मित्र बने थे निर्विवाद।

कुछ क़र्मक्षेत्र के सहकर्मी परम मित्र,
सीमित पग पर डग भरते अन्य मित्र,
निश्चित मंजिल के हमसफ़र बने कुछ,
सुख-दुख देने वाले कुछ अन्य मित्र।

सम्मुख पथ का प्रसरित प्रांगण,
श्वसन तंत्र पर अवलम्बित शरीर,
जब मंज़िल पर थक कर चूर हुआ,
स्नेह शब्द देने वाले मिल गये मित्र।

नव स्फूर्ति मिली, तन श्रम दूर हुआ,
पथ जाना पहचाना लग रहा आज,
साथ चल रहीं वे यादें स्मृति बनकर,
आह्वालादित सफ़र का है स्नेह नाज़।

आँखों में सजे हुये सपने पूरे होने हैं
और हृदय में छुपी जो अभिलाषाएं;
पूरी हों अब आयु के इस नये वर्ष में,
प्रभु से विनती, वह सब सच हो जाएँ।

वैसे तो बिन माँगे ही ईश्वर ने क्रम
से सब कुछ हर समय पर दिया है,
परिवार, सखा, सम्बन्धी, सुपत्नी,
सुसंतान सबसे मिली सुख शांति है।

आज अठत्तरवां वर्ष लगा जीवन का,
जिसे माता पिता ने प्रभु से पाया था,
उनका और अग्रजों का स्नेहाषीश,
आदित्य नाम उन्होंने मुझे दिया था।

बी०एस०एस० परशुराम सेना में मनोज पाण्डेय को बड़ी जिम्मेदारी, गोरखपुर प्रांत के क्षेत्रीय अध्यक्ष बने

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बी०एस०एस० परशुराम सेना (ब्राम्हण स्वयंसेवक संघ) ने संगठन को और अधिक मजबूत और सक्रिय बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जिला एवं प्रांतीय कार्यकारिणी का विस्तार किया है। इसी क्रम में मऊ जनपद निवासी मनोज पाण्डेय को गोरखपुर प्रांत का क्षेत्रीय अध्यक्ष मनोनीत किया गया है।

यह महत्वपूर्ण मनोनयन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनाथ पाण्डेय एवं प्रदेश अध्यक्ष पंडित अजीत कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में किया गया। मनोनयन पत्र प्रदेश अध्यक्ष द्वारा जारी किया गया, जिसमें मनोज पाण्डेय की संगठन के प्रति निष्ठा, कर्मठता एवं ब्राम्हण समाज के हित में निरंतर कार्य करने की क्षमता पर भरोसा जताया गया है।

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प्रदेश अध्यक्ष पंडित अजीत कुमार पाण्डेय ने कहा कि संगठन को पूर्ण विश्वास है कि मनोज पाण्डेय अपने नेतृत्व में ब्राम्हण समाज को संगठित करेंगे और बीएसएसएस परशुराम सेना को नई मजबूती प्रदान करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष अपने दायित्वों का ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे।

नवनियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष मनोज पाण्डेय, निवासी इमिलिया, मऊनाथ भंजन (जनपद मऊ) हैं। उनके मनोनयन की खबर से संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। सभी ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

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संगठन ने आशा व्यक्त की कि मनोज पाण्डेय के नेतृत्व में गोरखपुर प्रांत में बीएसएसएस परशुराम सेना का व्यापक विस्तार होगा और ब्राम्हण समाज के हितों की रक्षा, उत्थान एवं संगठनात्मक सशक्तिकरण के लिए प्रभावी कार्य किए जाएंगे।

ईरान में खामेनेई विरोधी प्रदर्शन तेज, सात लोगों की मौत; जानिए बवाल की असली वजह

तेहरान (राष्ट्र की परम्परा)। ईरान में रविवार से शुरू हुए खामेनेई विरोधी प्रदर्शन लगातार उग्र होते जा रहे हैं। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। ये विरोध प्रदर्शन पहले राजधानी तेहरान में शुरू हुए और फिर देश के अन्य हिस्सों में फैल गए। मंगलवार को कम से कम 10 विश्वविद्यालयों के छात्रों के इसमें शामिल होने के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

क्यों भड़क रहे हैं ईरान में प्रदर्शन?

ईरान में यह ताजा विरोध प्रदर्शन आर्थिक मंदी, रिकॉर्ड महंगाई और मुद्रा संकट के कारण भड़के हैं। दिसंबर में देश की महंगाई दर 42.5 फीसदी तक पहुंच गई। रविवार को सबसे पहले व्यापारी और दुकानदार सड़कों पर उतरे, जिन्होंने मुद्रा रियाल में तेज गिरावट और बढ़ती कीमतों के खिलाफ सरकार को घेरा।

व्यापारियों और छात्रों ने प्रमुख बाजार बंद कर प्रदर्शन किया। हालात को देखते हुए सरकार ने बुधवार को सर्दियों की छुट्टी घोषित कर दी, जिससे देश का बड़ा हिस्सा बंद रहा।

हिंसा, गिरफ्तारी और सरकारी कार्रवाई

ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और सरकारी व निजी इमारतों को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान की अर्थव्यवस्था लंबे समय से अमेरिकी और पश्चिमी प्रतिबंधों के दबाव में है, जो मुख्य रूप से परमाणु कार्यक्रम से जुड़े हैं। जून में इस्राइल के साथ 12 दिन के संघर्ष ने आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया।

आर्थिक दबाव से उपजा जनआक्रोश

लोरेस्तान प्रांत के उप-राज्यपाल सईद पौराली ने कहा कि ये प्रदर्शन मुख्य रूप से महंगाई, मुद्रा में उतार-चढ़ाव और आजीविका की चिंता से जुड़े हैं। हालांकि, कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने ईरान की शासन प्रणाली और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ भी नारे लगाए।

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‘तियानमेन’ से तुलना वाला वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक व्यक्ति तेहरान की सड़क के बीच बैठा दिखता है और सामने पुलिस की मोटरसाइकिल खड़ी है। इस दृश्य की तुलना 1989 के चीन के तियानमेन स्क्वायर आंदोलन से की जा रही है। वीडियो में आंसू गैस के धुएं के बीच व्यक्ति शांत मुद्रा में बैठा नजर आता है।

2022 के प्रदर्शनों से कैसे अलग है यह आंदोलन?

हालिया विरोध प्रदर्शन 2022 के महसा अमीनी आंदोलन की तुलना में छोटे माने जा रहे हैं। 2022 में हिरासत में महसा अमीनी की मौत के बाद देशभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान गई थी।

सरकार की प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदर्शनकारियों से संवाद की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा,
“अगर हम लोगों की आजीविका की समस्या हल नहीं कर पाए, तो इस्लामी दृष्टिकोण से हम नर्क के हकदार होंगे।”
हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनके विकल्प सीमित हैं, क्योंकि रियाल की कीमत ऐतिहासिक रूप से गिर चुकी है और एक डॉलर लगभग 14 लाख रियाल के बराबर हो गया है।

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भीषण ठंड व शीतलहर के चलते गोरखपुर में कक्षा 1 से 10 तक के विद्यालयों में 2 व 3 जनवरी को अवकाश

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में लगातार बढ़ती ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिलाधिकारी गोरखपुर के निर्देशानुसार कक्षा 1 से 10 तक के सभी विद्यालयों में दो दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है। यह अवकाश 02 जनवरी 2026 एवं 03 जनवरी 2026 को प्रभावी रहेगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक गोरखपुर डॉ. अगर कान्त सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह अवकाश जनपद में संचालित समस्त राजकीय, परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, स्ववित्त पोषित विद्यालयों सहित सीबीएसई, आईसीएसई एवं अन्य सभी बोर्डों के विद्यालयों पर लागू होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि अत्यधिक ठंड के कारण बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
हालांकि, अवकाश के दौरान शिक्षकों को विद्यालयों में ससमय उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। शिक्षक विद्यालयों में उपस्थित होकर विभागीय कार्यों, प्रशासनिक दायित्वों तथा प्री-बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित कार्यों का सुचारु रूप से संपादन सुनिश्चित करेंगे।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें। मौसम विभाग द्वारा शीतलहर की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए आगे भी आवश्यकतानुसार निर्णय लिया जा सकता है।

इंदौर दूषित पानी मामला: BJP पार्षद का बड़ा खुलासा, ‘तीन साल से कर रहे थे शिकायत, सिस्टम ने नहीं सुनी’

इंदौर (राष्ट्र की परम्परा)। मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम पर एबीपी न्यूज़ से बातचीत में बीजेपी पार्षद कमल बाघेला ने प्रशासन और व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि यह हादसा सिस्टम की घोर लापरवाही का नतीजा है।

तीन साल पहले दी थी पहली शिकायत

कमल बाघेला ने बताया कि दूषित पानी की समस्या को लेकर उन्होंने करीब तीन साल पहले ही पहली शिकायत दर्ज कराई थी। उस वक्त भी क्षेत्र में बदबूदार और गंदा पानी सप्लाई किया जा रहा था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
बीजेपी पार्षद ने बताया कि सिर्फ मौखिक ही नहीं, बल्कि करीब छह महीने पहले लिखित शिकायत भी संबंधित विभागों को दी गई थी। शिकायत में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो बड़ा हादसा हो सकता है, इसके बावजूद प्रशासन ने आंखें मूंदे रखीं।

दोषियों पर कार्रवाई से संतुष्ट नहीं

कमल बाघेला ने कहा कि अब तक की गई कार्रवाई से वह बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से लोगों की जान गई है, उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस पूरे मामले में उनकी स्वयं की कोई जिम्मेदारी बनती है, तो उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

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मौतों के आंकड़ों पर स्थिति स्पष्ट

मौतों के आंकड़ों को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति पर भी बीजेपी पार्षद ने सफाई दी। उन्होंने बताया कि अब तक 12 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। जो लोग अस्पताल के बजाय घरों में दम तोड़ गए थे, उन्हें पहले आंकड़ों में शामिल नहीं किया गया था, लेकिन अब सभी मौतों को आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल कराने की मांग की जा रही है।

पानी में केमिकल मिलने की आशंका

कमल बाघेला ने आशंका जताई कि सप्लाई किए जा रहे पानी में किसी तरह का केमिकल मिला हो सकता है, जिससे लोगों की तबीयत बिगड़ी और जान चली गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।

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गलन भरी ठंड से कांपे लोग, अलाव बना राहत का सहारा

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। गुरुवार और शुक्रवार की सुबह घने कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम रही, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर दृश्यता इतनी कम थी कि वाहन रेंगते हुए चलते नजर आए और दुर्घटना की आशंका बनी रही। दोपहर में धूप निकलने से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन सुबह और देर रात गलन के साथ ठंड का असर बरकरार रहा। तेज सर्दी के कारण लोगों को शरीर में कंपकंपी, हाथ-पैर सुन्न होना और सर्दी-खांसी जैसी दिक्कतें हो रही हैं। यह मौसम विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए अधिक कष्टदायक साबित हो रहा है। अस्पतालों में जुकाम, खांसी, बुखार और जोड़ों के दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनना और शरीर को ढककर रखना जरूरी है। वे लोगों को गर्म भोजन करने, गर्म पेय लेने और सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दे रहे हैं। ठंड से राहत पाने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर जल रहे अलाव के आसपास लोग जुटकर सर्दी से बचाव कर रहे हैं। वहीं, प्रशासन ने घने कोहरे के दौरान वाहन चालकों से धीमी गति से चलने, फॉग लाइट का उपयोग करने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।*ठंड और कोहरे से बचाव के उपाय*1. पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें2. गर्म व पौष्टिक भोजन का सेवन करें3. बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें4. कोहरे में वाहन धीमी गति से चलाएं और फॉग लाइट का प्रयोग करें5. अलाव और हीटर का सुरक्षित उपयोग करें