Tuesday, June 23, 2026
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UP Police Recruitment 2026: 32679 सिपाही भर्ती में सामान्य वर्ग को आयु सीमा छूट मिलने की संभावना कम

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश पुलिस में 32679 सिपाही एवं समकक्ष पदों पर होने वाली सीधी भर्ती को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट मिलने की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है। अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2023 में 60244 सिपाही (नागरिक पुलिस) पदों पर हुई भर्ती में पहले ही सामान्य वर्ग को तीन वर्ष की आयु छूट दी जा चुकी है, इसी कारण इस बार दोबारा छूट मिलने की उम्मीद कमजोर मानी जा रही है।

हालांकि, सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने की मांग तेज हो गई है। कई विधायकों ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखे हैं, जिसके बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

आयु सीमा में छूट पर फैसला राज्य सरकार के हाथ

आयु सीमा में छूट देने का अधिकार पूरी तरह राज्य सरकार के पास है। इसके लिए ठोस और विशेष कारण होना आवश्यक माना जाता है। अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2023 की भर्ती नागरिक पुलिस तक सीमित थी, जबकि इस बार की भर्ती में—

• पीएसी
• सशस्त्र पुलिस
• घुड़सवार पुलिस
• विशेष सुरक्षा बल
• जेल वार्डर

जैसे कई अन्य पद भी शामिल हैं। इन पदों पर करीब 6 वर्षों से भर्ती नहीं हुई, इसी आधार पर अभ्यर्थी आयु सीमा में छूट की मांग कर रहे हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय राज्य सरकार को लेना है।

इस बीच आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को तीन वर्ष की आयु छूट देने का अनुरोध किया है।

OBC और SC-ST को 48 वर्षों से मिल रही आयु छूट

अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (SC-ST) के अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों में 5 वर्ष की आयु छूट पिछले 48 वर्षों से दी जा रही है।
रिकॉर्ड के अनुसार, 8 नवंबर 1977 को इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया था। इससे पहले 1977 में जारी आदेशों के तहत OBC को आरक्षण और आयु छूट का लाभ दिया गया था, जिसे बाद में SC-ST वर्ग तक भी बढ़ा दिया गया।

भर्ती बोर्ड नहीं ले सकता आयु छूट का फैसला

पुलिस भर्ती में आयु सीमा में छूट देने का अधिकार भर्ती बोर्ड के पास नहीं है। यह फैसला केवल शासन स्तर पर लिया जा सकता है।

वर्ष 2015 में लागू आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी सेवा नियमावली के अनुसार—
• पुरुष अभ्यर्थियों की आयु सीमा: 18 से 22 वर्ष
• महिला अभ्यर्थियों की आयु सीमा: 18 से 25 वर्ष

OBC और SC-ST वर्ग को शासनादेशों के तहत आयु में छूट देने का प्रावधान पहले से मौजूद है। भर्ती बोर्ड इन्हीं नियमों के तहत पूरी प्रक्रिया संपन्न कराता है।

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बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं की हत्या के विरोध में आक्रोश मार्च

राँची (राष्ट्र की परम्परा)
राष्ट्रीय सनातन युवा मंच के संस्थापक एवं अध्यक्ष करण-कर्मकार के नेतृत्व में बांग्लादेश में  हिंदुओं के लगातार हो रहे हत्या के विरोध में पहाड़ी मंदिर प्रांगण से अल्बर्ट एक्का चौक तक आक्रोश मार्च सह मशाल जुलूस निकाला गया  इस विशाल आक्रोश कार्यक्रम में बांग्लादेश में मारे जा रहे हिंदुओं  के प्रति संवेदना प्रकट की गई साथ ही बांग्लादेश के खिलाफ आक्रोश जाहिर किया गया। राष्ट्रीय सनातन युवा एवं मंच ने भारत सरकार से यह मांग की है कि भारत सरकार बांग्लादेश में चल रहे ऐसे हत्याकांड को तुरंत बंद करवाने हेतु तत्काल कदम उठाने की मांग की है ताकि भारतीय आस्था को चोट ना पहुंचे, साथ हीं वहां रह रहे हिंदू सुरक्षित रहें। इस आक्रोश मार्च मशाल जुलूस में  राहुल कर्मकार प्रियांशु ज्योतिष पाठक दीपक सिंह सुनील विश्वकर्मा प्रभाकर अन्नपूर्णा देवी सुभाष प्रताप मनीष राज रोहित अमित अभिषेक बापी पंकज काजू ब्रजेश मिथलेश सहित सभी उपस्थित रहे।

प्रेस क्लब हजारीबाग में झामुमो जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया का अभिनंदन

पत्रकारों की समस्या पर सरकार की संवेदनशीलता पर दिया जोर

राँची /हजारीबाग (राष्ट्र की परम्परा) झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष सह केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजीव बेदिया ने झील परिसर स्थित प्रेस क्लब हजारीबाग पहुंचकर पत्रकारों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब ने जो सम्मान दिया है, वह उनके लिए अविस्मरणीय है और वे सदैव पत्रकारों के साथ खड़े रहेंगे।
उन्होंने पत्रकारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राज्यहित से जुड़ी खबरों के माध्यम से ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी सरकार को बेहतर ढंग से काम करने का अवसर मिलता है। हेमंत सरकार पत्रकारों की समस्या के प्रति संवेदनशील है और आगे भी उनके हित में ठोस कदम उठाएगी।
इस अवसर पर प्रेस क्लब हजारीबाग के अध्यक्ष उमेश प्रताप ने संगठन की एकता को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि सभी पत्रकार मिलकर समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करेंगे। सचिव मिथिलेश मिश्र ने विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी और पत्रकारों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन देने के लिए संजीव बेदिया का आभार जताया।
इससे पूर्व प्रेस क्लब की कार्यसमिति एवं प्रखंड इकाइयों की बैठक हुई, जिसमें संगठनात्मक मुद्दों, आमसभा और वार्षिक कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कार्यक्रम में जिलेभर के पत्रकार, प्रेस क्लब पदाधिकारी एवं झामुमो के नेता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

BOI Recruitment 2025-26: बैंक ऑफ इंडिया में 514 क्रेडिट ऑफिसर पदों पर भर्ती, आज आवेदन की अंतिम तारीख

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अगर आप बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो यह आपके लिए शानदार मौका है। बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने क्रेडिट ऑफिसर पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 514 पदों को भरा जाएगा। खास बात यह है कि ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख आज यानी 5 जनवरी 2026 है।

जो उम्मीदवार अब तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, उन्हें बिना देरी किए तुरंत BOI की आधिकारिक वेबसाइट http://bankofindia.bank.in पर जाकर आवेदन कर लेना चाहिए।

GBO Stream 2025-26 के तहत होगी भर्ती

यह भर्ती जनरल बैंकिंग ऑफिसर (GBO) स्ट्रीम 2025-26 के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। इसके तहत विभिन्न मैनेजमेंट स्केल पर अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को योग्यता और अनुभव के आधार पर पद और वेतन दिया जाएगा।

BOI Recruitment 2025-26: पदों का विवरण

इस भर्ती के अंतर्गत 514 क्रेडिट ऑफिसर पदों को तीन प्रबंधन स्तरों में बांटा गया है—

• SMGS-IV (सीनियर मैनेजमेंट ग्रेड स्केल-IV): 36 पद
• MMGS-III (मिडिल मैनेजमेंट ग्रेड स्केल-III): 60 पद
• MMGS-II (मिडिल मैनेजमेंट ग्रेड स्केल-II): 418 पद

सरकारी नियमों के अनुसार SC, ST, OBC, EWS और PwBD श्रेणी के उम्मीदवारों को आरक्षण का लाभ मिलेगा।

कौन कर सकता है आवेदन

बैंक ऑफ इंडिया भर्ती के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री होना अनिवार्य है।
इसके अलावा CA, CFA, ICWA/CMA, MBA/PGDBM (बैंकिंग या फाइनेंस) जैसी प्रोफेशनल योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

आयु सीमा:

• MMGS-II: 25 से 35 वर्ष
• MMGS-III: 28 से 38 वर्ष
• SMGS-IV: 30 से 40 वर्ष

SC, ST, OBC, दिव्यांग और पूर्व सैनिक उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

BOI Recruitment 2025-26: ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

  1. बैंक ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट http://bankofindia.bank.in पर जाएं
  2. होमपेज पर Career सेक्शन पर क्लिक करें
  3. GBO Stream 2025-26 Credit Officer Recruitment लिंक खोलें
  4. Apply Online पर क्लिक करें
  5. नया रजिस्ट्रेशन करें और लॉगिन डिटेल सुरक्षित रखें
  6. कैटेगरी के अनुसार आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें
  7. आवेदन फॉर्म सबमिट करने के बाद कन्फर्मेशन पेज का प्रिंट/स्क्रीनशॉट जरूर रखें

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लोकहित अधिकार पार्टी का वनभोज सह कार्यकर्ता सम्मेलन नौ जनवरी को

रांची (राष्ट्र की परम्परा)
लोकहित अधिकार पार्टी द्वारा संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने कार्यकर्ताओं के अंदर ऊर्जा भरने के उद्देश्य से आगामी 9 जनवरी को पतरातु में वनभोज सह कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम की तैयारी को लेकर पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल ने पतरातु वैली पहुंचकर आयोजन स्थल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
प्रतिनिधि मंडल में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाथ साहू, उपाध्यक्ष अरुण गुप्ता, कपिल साहू, परमेश्वर प्रसाद,रांची जिला अध्यक्ष अशोक राम, राहुल यादव, गणेश साहू, अजीत साहू, अश्विन राज, राजा कुमार शामिल थे।
निरीक्षण के दौरान कार्यक्रम की रूपरेखा, कार्यकर्ताओं की सहभागिता और संगठनात्मक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
मौके पर उपस्थित प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वनभोज सह कार्यकर्ता सम्मेलन पार्टी के संगठनात्मक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सम्मेलन के माध्यम से कार्यकर्ताओं में आपसी समन्वय, वैचारिक मजबूती और जनहित के मुद्दों को लेकर संघर्ष की दिशा तय की जाएगी। लोकहित अधिकार पार्टी जनता के अधिकारों के लिए निरंतर सड़क से सदन तक संघर्ष करती रहेगी।
उपाध्यक्ष अरुण गुप्ता ने कहा कि पतरातु सम्मेलन से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी। कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से पार्टी की नीतियां गांव-गांव तक पहुंचेंगी। यह सम्मेलन आने वाले समय में जनआंदोलनों को और धार देने का काम करेगा। पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से अधिक संख्या में पहुंचकर सम्मेलन को सफल बनाने की अपील की है।

North India Cold Wave: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का कहर, कोहरे से जनजीवन प्रभावित; अगले एक हफ्ते राहत नहीं

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उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा समेत पूरे उत्तर भारत में सर्दी अपने चरम पर पहुंच गई है। सुबह और रात के समय घने कोहरे की वजह से सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले एक सप्ताह तक ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

कई राज्यों में कोल्ड डे और शीतलहर का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार आज (5 जनवरी 2026) उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम मध्य प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में कोल्ड डे जैसी स्थिति बन सकती है।

• पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़: 5 से 8 जनवरी तक शीतलहर
• पश्चिम राजस्थान: 5 से 9 जनवरी तक शीतलहर
• पूर्वी राजस्थान: 5 से 10 जनवरी तक शीतलहर
• झारखंड: 6 और 7 जनवरी को कड़ाके की ठंड का असर

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मध्य और पूर्वी भारत में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।

पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना

IMD के मुताबिक 5 और 6 जनवरी को उत्तर और मध्य कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी 6 जनवरी को बारिश या बर्फ गिरने की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-NCR में ठंड के साथ खराब हवा

दिल्ली-एनसीआर में मौसम ज्यादातर साफ रहेगा, लेकिन सुबह के समय हल्की धुंध छाई रह सकती है। राजधानी में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। इसके साथ ही वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी हुई है। 6 जनवरी को दिल्ली के कुछ इलाकों में शीतलहर का असर दिख सकता है।

उत्तर प्रदेश और झारखंड में बढ़ेगी ठिठुरन

उत्तर प्रदेश में ठंड लगातार बढ़ रही है। कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ और नोएडा में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते ठंड और ज्यादा महसूस होगी। वहीं झारखंड में शीतलहर और घने कोहरे के कारण जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

कश्मीर घाटी में सबसे ज्यादा सर्दी

जम्मू-कश्मीर में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। गुलमर्ग में तापमान माइनस 6.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि पहलगाम में पारा माइनस 5 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की चेतावनी दी है।

सतर्क रहने की अपील

मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ठंड और कोहरे के दौरान सावधानी बरतें, अनावश्यक यात्रा से बचें और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखें। अगले कुछ दिन उत्तर भारत के लिए बेहद ठंडे साबित हो सकते हैं।

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US–Venezuela Action: मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप का बड़ा बयान, नई नेता डेल्सी रोड्रिग्ज को दी कड़ी चेतावनी

अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लेने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस कार्रवाई के बाद दुनियाभर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चर्चा हो रही है। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद भी ट्रंप शांत नहीं दिखे और अब उन्होंने वेनेजुएला की नई नेता डेल्सी रोड्रिग्ज को खुली चेतावनी दी है।

रविवार (4 जनवरी) को द अटलांटिक को दिए इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि डेल्सी रोड्रिग्ज अमेरिकी मांगों को मानने से इनकार करती हैं तो उन्हें इसके बेहद गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने कहा,

“अगर डेल्सी रोड्रिग्ज सही फैसला नहीं लेतीं, तो उन्हें मादुरो से भी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका प्रशासन अमेरिका के हस्तक्षेप को लेकर किसी भी तरह की अड़ियल नीति को बर्दाश्त नहीं करेगा।

अमेरिकी कार्रवाई का ट्रंप ने किया बचाव

डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में किए गए अमेरिकी एक्शन का बचाव करते हुए कहा कि सत्ता परिवर्तन या नई राजनीतिक व्यवस्था, मौजूदा हालात से बेहतर होगी। उन्होंने कहा,
“वेनेजुएला में जो भी बदलाव होगा, वह मौजूदा स्थिति से बदतर नहीं हो सकता।”

ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिका द्वारा गठित टीम फिलहाल वेनेजुएला का संचालन करेगी और यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी, जब तक वहां के राजनीतिक हालात स्थिर नहीं हो जाते।

क्यूबा सरकार को भी अमेरिका की चेतावनी

वेनेजुएला के बाद अब क्यूबा सरकार भी अमेरिका के निशाने पर नजर आ रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा को चेतावनी देते हुए कहा कि क्यूबा गंभीर मुश्किलों में फंस सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्यूबा सरकार ने मादुरो को समर्थन दिया है।

ट्रंप के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी संकेत दिए गए कि अगला अमेरिकी दबाव क्यूबा सरकार पर हो सकता है, जिससे लैटिन अमेरिका में तनाव और बढ़ने की आशंका है।

🕉️ आज का पंचांग | 05 जनवरी 2026, सोमवार

(माघ कृष्ण पक्ष द्वितीया | विक्रम संवत 2082 | शक संवत 1947)
📅 आज का संपूर्ण हिन्दू पंचांग (05/01/2026)
📌 तिथि- कृष्ण पक्ष द्वितीया – 09:56 AM तक
उपरांत तृतीया – 06 जनवरी 08:01 AM तक
🌟 नक्षत्र- पुष्य – 01:24 PM तक
उपरांत आश्लेषा – 06 जनवरी 12:17 PM तक
🔔 योग- विष्कुम्भ – 10:46 PM तक
उपरांत प्रीति योग
🔱 करण- गर – 09:57 AM तक
वणिज – 08:54 PM तक
विष्टि (भद्रा) – 06 जनवरी 08:02 AM तक
🗓️ संवत एवं काल गणना
विक्रम संवत – 2082 (कालयुक्त)
शक संवत – 1947 (विश्वावसु)
अमांत मास – पौष
पूर्णिमांत मास – माघ
अयन – दक्षिणायन
वैदिक ऋतु – हेमंत
द्रिक ऋतु – शिशिर
🌞 सूर्य और 🌙 चंद्रमा का समय
सूर्योदय – 07:13 AM
सूर्यास्त – 05:50 PM
चन्द्रोदय – 08:05 PM
चन्द्रास्त – 09:32 AM (06 जनवरी)
♈ सूर्य एवं चंद्र राशि
सूर्य राशि – धनु
चंद्र राशि – कर्क (पूरे दिन-रात)
⚠️ अशुभ काल (कार्य वर्जित)
राहुकाल – 08:33 AM से 09:52 AM
यमगण्ड – 11:12 AM से 12:32 PM
कुलिक – 01:51 PM से 03:11 PM
दुर्मुहूर्त –12:53 PM – 01:35 PM
03:00 PM – 03:43 PM
वर्ज्यम् – 01:36 AM – 03:07 AM
✅ शुभ काल (मांगलिक कार्य हेतु)
ब्रह्म मुहूर्त – 05:37 AM – 06:25 AM
अमृत काल – 07:28 AM – 08:57 AM
अभिजीत मुहूर्त – 12:10 PM – 12:53 PM
🌺 विशेष योग एवं फल- रवि पुष्य योग – 07:13 AM तक (अत्यंत शुभ)
सर्वार्थसिद्धि योग –04 जनवरी 03:11 PM – 05 जनवरी 01:24 PM
गण्डमूल नक्षत्र – 01:24 PM के बाद (आश्लेषा)
(जन्म/नया कार्य विशेष सावधानी से करें)
🧭 यात्रा शुभ-अशुभ विचार
आज किस दिशा की यात्रा वर्जित?
👉 उत्तर दिशा की यात्रा वर्जित मानी जाती है।
यदि यात्रा आवश्यक हो तो क्या करें?
👉 दही या मिश्री खाकर यात्रा आरंभ करें।
किस दिशा की यात्रा से लाभ मिलेगा?
👉 पूर्व एवं दक्षिण दिशा की यात्रा लाभकारी रहेगी।
🕰️ दिन का चौघड़िया (संक्षेप)
अमृत – 07:13 – 08:33
शुभ – 09:52 – 11:12
लाभ – 03:11 – 04:31
अमृत – 04:31 – 05:50
🔖 निष्कर्ष- 05 जनवरी 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से मिश्रित फलदायी है।
प्रातः काल में पुष्य नक्षत्र व रवि पुष्य योग होने से धन, निवेश, खरीदारी, पूजा-पाठ के लिए श्रेष्ठ समय है।
दोपहर बाद आश्लेषा नक्षत्र व भद्रा आरंभ होने से नए कार्यों में संयम आवश्यक है।

📌 नोट:इस पंचांग में किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए “राष्ट्र की परम्परा” उत्तरदायी नहीं है। कृपया कोई भी महत्वपूर्ण कार्य करने से पूर्व योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।

“इतिहास के पन्नों में अमर 5 जनवरी: वे विभूतियाँ जिनका जाना एक युग का अंत था”

5 जनवरी भारतीय एवं विश्व इतिहास में केवल एक तिथि नहीं, बल्कि ऐसी महान विभूतियों की स्मृति का दिन है, जिनके योगदान ने समाज, संस्कृति, प्रशासन और कला को गहराई से प्रभावित किया। यह लेख 5 जनवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन पर केंद्रित है, जिसमें प्रत्येक व्यक्तित्व के जन्म-परिचय, कार्यक्षेत्र और राष्ट्रहित में उनके योगदान का विस्तृत विवेचन प्रस्तुत किया गया है।
रमेश बहल (निधन: 5 जनवरी 1990)
भारतीय सिनेमा के सशक्त निर्देशक-निर्माता
रमेश बहल भारतीय फिल्म उद्योग के उन निर्देशकों में गिने जाते हैं, जिन्होंने व्यावसायिक सिनेमा को सशक्त कथ्य और सामाजिक सरोकारों से जोड़ा। उनका जन्म भारत में हुआ और उन्होंने मुंबई को अपनी कर्मभूमि बनाया, जो हिंदी फिल्म उद्योग का केंद्र है। रमेश बहल ने बतौर निर्देशक और निर्माता कई चर्चित फिल्मों का निर्माण किया, जिनमें मनोरंजन के साथ-साथ पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों को प्रमुखता दी गई।
उनकी फिल्मों में निर्देशन की स्पष्टता, संगीत का संतुलित प्रयोग और पात्रों की सहज प्रस्तुति देखने को मिलती है। भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम दौर में उनका योगदान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने नए कलाकारों और तकनीकी प्रतिभाओं को अवसर दिया। 5 जनवरी 1990 को उनके निधन से हिंदी फिल्म जगत ने एक संवेदनशील और व्यावहारिक दृष्टि वाले फिल्मकार को खो दिया।
सी. रामचन्द्र (निधन: 5 जनवरी 1982)
हिंदी फिल्म संगीत के नवाचारक
सी. रामचन्द्र का जन्म महाराष्ट्र राज्य, भारत में हुआ था। वे हिंदी सिनेमा के ऐसे संगीतकार, गायक और निर्माता-निर्देशक थे, जिन्होंने भारतीय फिल्म संगीत को नई दिशा दी। पश्चिमी धुनों और भारतीय रागों के अद्भुत समन्वय के लिए वे विशेष रूप से जाने जाते हैं।
उन्होंने 1940 और 1950 के दशक में कई कालजयी गीतों की रचना की, जो आज भी श्रोताओं के मानस पटल पर अंकित हैं। लता मंगेशकर और आशा भोसले जैसी महान गायिकाओं के साथ उनका संगीत सहयोग ऐतिहासिक माना जाता है। राष्ट्रहित में उनका योगदान सांस्कृतिक था—उन्होंने भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। 5 जनवरी 1982 को उनके निधन से संगीत जगत में एक युग का अवसान हुआ।
मिर्ज़ा इस्माइल (निधन: 5 जनवरी 1959)
आधुनिक मैसूर राज्य के शिल्पकार प्रशासक
मिर्ज़ा इस्माइल का जन्म भारत में हुआ था और वे मैसूर रियासत के अत्यंत प्रभावशाली दीवान (प्रधान प्रशासक) रहे। वर्ष 1908 में वे मैसूर के महाराजा के सहायक सचिव नियुक्त हुए और बाद में प्रशासनिक कुशलता के कारण उच्च पदों पर पहुँचे।
उन्होंने मैसूर राज्य में औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचना, शिक्षा और नगर नियोजन के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए। भद्रावती इस्पात संयंत्र, बैंकिंग व्यवस्था और आधुनिक प्रशासनिक ढांचे की स्थापना में उनकी भूमिका राष्ट्रहित में अत्यंत महत्वपूर्ण रही। 5 जनवरी 1959 को उनके निधन के साथ भारत ने एक दूरदर्शी प्रशासक को खो दिया, जिनकी नीतियाँ आज भी प्रशंसा का विषय हैं।
लॉर्ड लिनलिथगो (निधन: 5 जनवरी 1952)
ब्रिटिश भारत के विवादित किंतु निर्णायक वायसराय
लॉर्ड लिनलिथगो का जन्म यूनाइटेड किंगडम में हुआ था। वे एक ब्रिटिश राजनेता थे और 1936 से 1943 तक भारत के वायसराय रहे। उनका कार्यकाल द्वितीय विश्व युद्ध और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अत्यंत संवेदनशील काल से जुड़ा रहा।
हालाँकि वे ब्रिटिश शासन के प्रतिनिधि थे, फिर भी उनके निर्णयों ने भारतीय राजनीति की दिशा को गहराई से प्रभावित किया। ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के समय उनकी भूमिका ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। 5 जनवरी 1952 को उनके निधन के साथ औपनिवेशिक शासन के एक प्रमुख अध्याय का अंत हुआ।
बी. एम. श्रीकांतैया (निधन: 5 जनवरी 1946)
कन्नड़ साहित्य के आधुनिक स्तंभ
बी. एम. श्रीकांतैया का जन्म कर्नाटक राज्य, भारत में हुआ था। वे कन्नड़ भाषा के महान लेखक, कवि और अनुवादक थे। उन्होंने कन्नड़ साहित्य को आधुनिक चेतना से जोड़ा और विश्व साहित्य के श्रेष्ठ ग्रंथों का कन्नड़ में अनुवाद कर साहित्यिक क्षितिज को व्यापक बनाया।
उनका योगदान केवल साहित्य तक सीमित नहीं था; उन्होंने भाषा को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाया। शिक्षा और सांस्कृतिक जागरण में उनकी भूमिका राष्ट्रहित में अत्यंत मूल्यवान रही। 5 जनवरी 1946 को उनके निधन से कन्नड़ साहित्य ने अपना एक मार्गदर्शक खो दिया।
इतिहास के पन्नों में अमर 5 जनवरी: वे विभूतियाँ
न्याय और बौद्धिक चेतना के प्रतिनिधि अधिवक्ता
ज्ञानेन्द्र मोहन टैगोर का जन्म पश्चिम बंगाल, भारत में हुआ था। वे अपने समय के प्रख्यात अधिवक्ता और बौद्धिक व्यक्तित्व थे। टैगोर परिवार की परंपरा के अनुरूप उन्होंने समाज सुधार, विधिक चेतना और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा दिया।
उन्होंने कानून के क्षेत्र में नैतिक मूल्यों और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण को स्थापित करने का प्रयास किया। उनका जीवन राष्ट्रहित में बौद्धिक और सामाजिक योगदान का प्रतीक था। 5 जनवरी 1890 को उनके निधन से भारतीय समाज ने एक प्रखर विधिवेत्ता को खो दिया।

भावनाओं, नेतृत्व और प्रतिभा से भरा 5 जनवरी: इतिहास को दिशा देने वाले महान जन्मदिवस

5 जनवरी का दिन केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय और विश्व इतिहास में ऐसे असाधारण व्यक्तित्वों का स्मरण दिवस है, जिन्होंने अपने कर्म, प्रतिभा और विचारों से समाज, राष्ट्र और मानवता को नई दिशा दी। राजनीति, खेल, कला, अध्यात्म, विज्ञान और स्वतंत्रता संग्राम—हर क्षेत्र में 5 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तियों ने अपनी अमिट छाप छोड़ी है। यह लेख उन्हीं विभूतियों के जीवन, जन्म-स्थल, योगदान और ऐतिहासिक महत्त्व पर विस्तार से प्रकाश डालता है।
अंजुम मौदगिल (जन्म: 5 जनवरी 1994)
अंजुम मौदगिल का जन्म चंडीगढ़, भारत में हुआ। वे भारत की प्रख्यात महिला निशानेबाज़ हैं, जिन्होंने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया। उन्होंने आईएसएसएफ विश्व कप और कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में पदक जीतकर भारतीय महिला खेल प्रतिभा को नई पहचान दी। उनका योगदान खेलों में महिलाओं की भागीदारी और आत्मविश्वास को मजबूत करता है।
दीपिका पादुकोण (जन्म: 5 जनवरी 1986)
दीपिका पादुकोण का जन्म कोपेनहेगन, डेनमार्क में हुआ, किंतु उनका पालन-पोषण बेंगलुरु, कर्नाटक में हुआ। वे भारतीय सिनेमा की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। ओम शांति ओम, पीकू, पद्मावत और छपाक जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण और मानसिक स्वास्थ्य पर व्यापक विमर्श खड़ा किया। वे भारत की सांस्कृतिक सॉफ्ट पावर का वैश्विक चेहरा हैं।
बजरंग लाल ठक्कर (जन्म: 5 जनवरी 1981)
बजरंग लाल ठक्कर का जन्म राजस्थान, भारत में हुआ। वे भारतीय रोइंग (नौका चालन) के अग्रदूतों में से एक हैं। उन्होंने एशियाई खेलों में भारत को कांस्य पदक दिलाकर इस कम चर्चित खेल को राष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनका योगदान खेल विविधता और ओलंपिक खेलों में भारत की उपस्थिति को मजबूत करता है।
अशोक कुमार शुक्ला (जन्म: 5 जनवरी 1967)
अशोक कुमार शुक्ला का जन्म उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ। वे समकालीन हिंदी कविता के सशक्त हस्ताक्षर हैं। उनकी रचनाओं में सामाजिक यथार्थ, मानवीय संवेदनाएं और सांस्कृतिक चेतना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। साहित्य के माध्यम से उन्होंने समाज को आत्मचिंतन की दिशा दी।
रेणुका सिंह सरुता (जन्म: 5 जनवरी 1964)
रेणुका सिंह सरुता का जन्म छत्तीसगढ़ राज्य, भारत में हुआ। वे भारतीय जनता पार्टी की प्रमुख महिला राजनीतिज्ञ हैं और केंद्रीय मंत्री के रूप में जनजातीय विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय के लिए कार्यरत रहीं। उनका योगदान नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त करता है।
ममता बनर्जी (जन्म: 5 जनवरी 1955)
ममता बनर्जी का जन्म कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत में हुआ। वे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक हैं। सरल जीवनशैली और आक्रामक राजनीतिक शैली के लिए जानी जाने वाली ममता बनर्जी ने केंद्र-राज्य राजनीति में संघीय ढांचे को मजबूत करने की भूमिका निभाई। उनका योगदान लोकतांत्रिक संघर्ष और क्षेत्रीय राजनीति में निर्णायक रहा है।
मंसूर अली ख़ान पटौदी (जन्म: 5 जनवरी 1941)
मंसूर अली ख़ान पटौदी का जन्म भोपाल, मध्य प्रदेश, भारत में हुआ। वे भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे युवा कप्तानों में से एक थे। एक आंख की रोशनी कम होने के बावजूद उन्होंने भारतीय क्रिकेट को आत्मविश्वास और आक्रामकता दी। उनका योगदान आधुनिक भारतीय क्रिकेट की नींव रखने में ऐतिहासिक है।
जॉन कार्लोस प्रथम (जन्म: 5 जनवरी 1938)
जॉन कार्लोस प्रथम का जन्म रोम, इटली में हुआ। वे स्पेन के राजा रहे और उन्होंने तानाशाही के बाद स्पेन को लोकतंत्र की राह पर अग्रसर किया। उनके नेतृत्व में स्पेन ने संवैधानिक राजतंत्र और लोकतांत्रिक स्थिरता प्राप्त की।
मुरली मनोहर जोशी (जन्म: 5 जनवरी 1934)
मुरली मनोहर जोशी का जन्म इलाहाबाद (प्रयागराज), उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ। वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, शिक्षाविद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे। उन्होंने शिक्षा, विज्ञान और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाया।
कल्याण सिंह (जन्म: 5 जनवरी 1932)
कल्याण सिंह का जन्म अलीगढ़ जिला, उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और राजस्थान के राज्यपाल रहे। राम मंदिर आंदोलन और पिछड़े वर्गों की राजनीति में उनका योगदान भारतीय राजनीति में निर्णायक रहा।
एम. आर. श्रीनिवासन (जन्म: 5 जनवरी 1930)
एम. आर. श्रीनिवासन का जन्म तमिलनाडु, भारत में हुआ। वे भारत के अग्रणी परमाणु वैज्ञानिक और इंजीनियर हैं। भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को व्यावहारिक रूप देने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही।
गिरीश चन्द्र सक्सेना (जन्म: 5 जनवरी 1928)
गिरीश चन्द्र सक्सेना का जन्म उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ। वे जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहे और प्रशासनिक सुधारों के लिए जाने जाते हैं। कठिन परिस्थितियों में सुशासन उनका प्रमुख योगदान रहा।
भदन्त आनन्द कौसल्यायन (जन्म: 5 जनवरी 1905)
भदन्त आनन्द कौसल्यायन का जन्म हिमाचल प्रदेश, भारत में हुआ। वे बौद्ध विद्वान, समाज सुधारक और पालि भाषा के महान अध्येता थे। उन्होंने बौद्ध दर्शन को जन-जन तक पहुंचाया।
परमहंस योगानन्द (जन्म: 5 जनवरी 1893)
परमहंस योगानन्द का जन्म गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ। वे महान योगी, धर्मगुरु और ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी के लेखक थे। उन्होंने योग और भारतीय अध्यात्म को पश्चिमी विश्व तक पहुँचाया।
बारीन्द्र कुमार घोष (जन्म: 5 जनवरी 1880)
बारीन्द्र कुमार घोष का जन्म कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत में हुआ। वे क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार थे। उन्होंने सशस्त्र क्रांति और वैचारिक आंदोलन दोनों में सक्रिय भूमिका निभाई।
शाहजहाँ (जन्म: 5 जनवरी 1592)
शाहजहाँ का जन्म लाहौर (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ। वे मुग़ल साम्राज्य के सम्राट थे और ताजमहल जैसे स्थापत्य चमत्कार के निर्माता रहे। उनका योगदान भारतीय स्थापत्य, कला और संस्कृति में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है।

इतिहास के पन्नों में 5 जनवरी: जब खेल, विज्ञान, राजनीति और युद्ध ने रचा समय का अमिट दस्तावेज़

इतिहास केवल तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि उन निर्णयों, उपलब्धियों और घटनाओं का जीवंत दस्तावेज़ है, जिन्होंने मानव सभ्यता की दिशा बदली। 5 जनवरी ऐसी ही एक तिथि है, जिसने खेल के मैदान से लेकर अंतरिक्ष, राजनीति, कूटनीति और युद्धभूमि तक गहरी छाप छोड़ी है। आइए क्रमबद्ध रूप से 5 जनवरी को घटित प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हैं।
2020 – एक ओवर, छह छक्के और क्रिकेट इतिहास
न्यूजीलैंड के बल्लेबाज़ लियो कार्टर ने घरेलू क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाकर क्रिकेट इतिहास में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज कराया। इस उपलब्धि के साथ वे दुनिया के सातवें बल्लेबाज़ बने जिन्होंने यह असाधारण कारनामा किया। इससे पहले गैरी सोबर्स, रवि शास्त्री, युवराज सिंह, हर्शल गिब्स, रॉस विटाली और हजरतुल्ला ज़ज़ई यह रिकॉर्ड बना चुके थे। यह घटना क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाज़ी के विकास की प्रतीक मानी जाती है।
2020 – भारत का विदेशी मुद्रा भंडार ऐतिहासिक ऊँचाई पर
इसी वर्ष भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने 457.468 बिलियन डॉलर का स्तर छूकर आर्थिक मजबूती का संकेत दिया। यह उपलब्धि वैश्विक मंच पर भारत की वित्तीय स्थिरता, निवेशकों के भरोसे और मजबूत आर्थिक नीतियों का प्रमाण बनी।
2014 – जीसैट-14 और आत्मनिर्भर अंतरिक्ष शक्ति
भारत ने संचार उपग्रह जीसैट-14 को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि इसमें भारत में निर्मित क्रायोजेनिक इंजन का प्रयोग हुआ। यह मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में आत्मनिर्भरता और तकनीकी परिपक्वता का मील का पत्थर बना।
2010 – हरित राजस्थान अभियान और गिनीज रिकॉर्ड
राजस्थान के डूंगरपुर ज़िले में बंजर पहाड़ियों को हराभरा बनाने के लिए चलाए गए हरित राजस्थान अभियान के अंतर्गत 6 लाख से अधिक पौधे लगाए गए। यह पर्यावरणीय प्रयास गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ और सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बना।
2009 – उमर अब्दुल्ला बने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह बदलाव राज्य की राजनीति में नई पीढ़ी के नेतृत्व और नई उम्मीदों का प्रतीक माना गया।
2008 – पाकिस्तान में यूरोपीय संघ का चुनाव पर्यवेक्षण
यूरोपीय संघ ने पाकिस्तान में चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए अपना चुनाव पर्यवेक्षण अभियान पूर्ण रूप से शुरू किया। यह कदम लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।
2008 – उत्तर प्रदेश में वैट व्यवस्था लागू
उत्तर प्रदेश में वैट अध्यादेश लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम, 1948 समाप्त कर दिया गया। यह कर सुधार राज्य की आर्थिक संरचना में बड़े बदलाव का संकेत था। इसी वर्ष सेल के अनुसंधान केंद्र को गोल्डन पीकाक इनोवेटिव अवार्ड से सम्मानित किया गया।
2007 – संयुक्त राष्ट्र में आशा रोज मिगरो
तंजानिया की विदेश मंत्री आशा रोज मिगरो को संयुक्त राष्ट्र की उपमहासचिव नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति वैश्विक कूटनीति में अफ्रीकी नेतृत्व की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
2006 – भारत-नेपाल पारगमन संधि
भारत और नेपाल के बीच पारगमन संधि की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ाई गई। इससे दोनों देशों के व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूती मिली।
2003 – अल्जीरिया में हिंसक विद्रोह
अल्जीरिया में विद्रोहियों के हमले में 43 सैनिकों की मृत्यु हुई। यह घटना उस क्षेत्र में लंबे समय से चल रही अस्थिरता और सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती है।
2002 – दक्षेस शिखर सम्मेलन और कूटनीतिक संदेश
काठमांडू में आयोजित दक्षेस शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ़ ने भारत से दोस्ती का प्रस्ताव रखा, जिस पर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने स्पष्ट शब्दों में भरोसे की कमी जताई। यह वक्तव्य दक्षिण एशियाई राजनीति में गूंजता रहा।
2000 – पेले बने शताब्दी के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी
अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल एवं सांख्यिकी महासंघ ने महान फुटबॉलर पेले को “शताब्दी का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी” घोषित किया। यह सम्मान फुटबॉल इतिहास में उनकी अद्वितीय विरासत को अमर करता है।
1999 – खेल और राजनीति में रिकॉर्ड
पेरू में विक्टर जाँय वे प्रधानमंत्री मनोनीत हुए, वहीं ऑस्ट्रेलिया के कप्तान मार्क टेलर ने 157 कैच पकड़कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। यह वर्ष राजनीति और खेल दोनों में यादगार रहा।
1993 – समुद्री दुर्घटना और पर्यावरण संकट
करीब 85,000 टन कच्चा तेल ले जा रहा एक टैंकर शेटलैंड द्वीप के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे ने समुद्री प्रदूषण और पर्यावरणीय खतरों पर वैश्विक चिंता बढ़ाई।
1970 – चीन में विनाशकारी भूकंप
चीन के यून्नान प्रांत में 7.7 तीव्रता के भूकंप से लगभग 15,000 लोगों की जान चली गई। यह प्राकृतिक आपदा इतिहास के सबसे विनाशकारी भूकंपों में गिनी जाती है।
1900 – आयरलैंड में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह
आयरलैंड के राष्ट्रवादी नेता जॉन एडवर्ड रेडमोंड ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह किया। यह आंदोलन आयरिश स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण कड़ी बना।
1957 – केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम लागू
भारत में केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम प्रभाव में आया, जिसने अंतर-राज्यीय व्यापार के लिए कर व्यवस्था को संगठित किया।
1671 – शिवाजी महाराज की रणनीतिक विजय
छत्रपति शिवाजी महाराज ने मुग़लों से सल्हर क्षेत्र पर कब्ज़ा किया। यह विजय मराठा साम्राज्य के विस्तार और सैन्य कौशल का प्रतीक थी।
1659 – खाजवाह का युद्ध
खाजवाह की लड़ाई में औरंगज़ेब ने अपने भाई शाह शुजा को पराजित किया। यह युद्ध मुग़ल उत्तराधिकार संघर्ष का निर्णायक अध्याय बना।
निष्कर्ष
5 जनवरी का दिन हमें यह याद दिलाता है कि इतिहास केवल अतीत नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की दिशा तय करने वाला दर्पण है। हर घटना अपने भीतर सीख, चेतावनी और प्रेरणा समेटे हुए है।

आज की यात्रा, निवेश और पूजा का सही समय – पंचांग से जानें सम्पूर्ण रहस्य

🕉️ आज का पंचांग | 05 जनवरी 2026, सोमवार

(माघ कृष्ण पक्ष द्वितीया | विक्रम संवत 2082 | शक संवत 1947)
📅 आज का संपूर्ण हिन्दू पंचांग (05/01/2026)
📌 तिथि- कृष्ण पक्ष द्वितीया – 09:56 AM तक
उपरांत तृतीया – 06 जनवरी 08:01 AM तक
🌟 नक्षत्र- पुष्य – 01:24 PM तक
उपरांत आश्लेषा – 06 जनवरी 12:17 PM तक
🔔 योग- विष्कुम्भ – 10:46 PM तक
उपरांत प्रीति योग
🔱 करण- गर – 09:57 AM तक
वणिज – 08:54 PM तक
विष्टि (भद्रा) – 06 जनवरी 08:02 AM तक

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🗓️ संवत एवं काल गणना
विक्रम संवत – 2082 (कालयुक्त)
शक संवत – 1947 (विश्वावसु)
अमांत मास – पौष
पूर्णिमांत मास – माघ
अयन – दक्षिणायन
वैदिक ऋतु – हेमंत
द्रिक ऋतु – शिशिर
🌞 सूर्य और 🌙 चंद्रमा का समय
सूर्योदय – 07:13 AM
सूर्यास्त – 05:50 PM
चन्द्रोदय – 08:05 PM
चन्द्रास्त – 09:32 AM (06 जनवरी)
♈ सूर्य एवं चंद्र राशि
सूर्य राशि – धनु
चंद्र राशि – कर्क (पूरे दिन-रात)
⚠️ अशुभ काल (कार्य वर्जित)
राहुकाल – 08:33 AM से 09:52 AM
यमगण्ड – 11:12 AM से 12:32 PM
कुलिक – 01:51 PM से 03:11 PM
दुर्मुहूर्त –12:53 PM – 01:35 PM
03:00 PM – 03:43 PM
वर्ज्यम् – 01:36 AM – 03:07 AM

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शुभ काल (मांगलिक कार्य हेतु)
ब्रह्म मुहूर्त – 05:37 AM – 06:25 AM
अमृत काल – 07:28 AM – 08:57 AM
अभिजीत मुहूर्त – 12:10 PM – 12:53 PM
🌺 विशेष योग एवं फल- रवि पुष्य योग – 07:13 AM तक (अत्यंत शुभ)
सर्वार्थसिद्धि योग –04 जनवरी 03:11 PM – 05 जनवरी 01:24 PM
गण्डमूल नक्षत्र – 01:24 PM के बाद (आश्लेषा)
(जन्म/नया कार्य विशेष सावधानी से करें)
🧭 यात्रा शुभ-अशुभ विचार
आज किस दिशा की यात्रा वर्जित?
👉 उत्तर दिशा की यात्रा वर्जित मानी जाती है।
यदि यात्रा आवश्यक हो तो क्या करें?
👉 दही या मिश्री खाकर यात्रा आरंभ करें।
किस दिशा की यात्रा से लाभ मिलेगा?
👉 पूर्व एवं दक्षिण दिशा की यात्रा लाभकारी रहेगी।
🕰️ दिन का चौघड़िया (संक्षेप)
अमृत – 07:13 – 08:33
शुभ – 09:52 – 11:12
लाभ – 03:11 – 04:31
अमृत – 04:31 – 05:50
🔖 निष्कर्ष– 05 जनवरी 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से मिश्रित फलदायी है।
प्रातः काल में पुष्य नक्षत्र व रवि पुष्य योग होने से धन, निवेश, खरीदारी, पूजा-पाठ के लिए श्रेष्ठ समय है।
दोपहर बाद आश्लेषा नक्षत्र व भद्रा आरंभ होने से नए कार्यों में संयम आवश्यक है।

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📌 नोट:इस पंचांग में किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए “राष्ट्र की परम्परा” उत्तरदायी नहीं है। कृपया कोई भी महत्वपूर्ण कार्य करने से पूर्व योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।

आज किस राशि पर बरसेगा धन और किसे रहना होगा सतर्क

🔯 5 जनवरी 2026 का महा-राशिफल: 6 राशियों के लिए खुशखबरी, 3 को सतर्कता जरूरी, जानें आज किसका चमकेगा भाग्य 🔯


वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल व्यक्ति के जीवन, कार्य, धन, शिक्षा और स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती है। 5 जनवरी 2026, सोमवार का दिन कुछ राशियों के लिए सौभाग्य के द्वार खोलने वाला है, वहीं कुछ राशियों को आज संयम और सावधानी से कदम बढ़ाने की आवश्यकता है।
आज का यह विशेष राशिफल ज्योतिष विद पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत किया गया है, जिसे इस तरह तैयार किया गया है कि यह प्रिंट व डिजिटल मीडिया दोनों के लिए उपयोगी और मौलिक रहे।

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मेष | Aries | (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) 🔥
आज का दिन: ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर
कार्य/व्यवसाय: रुके कार्य गति पकड़ेंगे। प्रशासनिक व तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत लोगों को प्रशंसा मिल सकती है।
शिक्षा: प्रतियोगी छात्रों के लिए दिन अनुकूल, एकाग्रता बढ़ेगी।
कला/संगीत: रचनात्मक कार्यों में नई प्रेरणा मिलेगी।
राजनीति: जनसमर्थन बढ़ेगा, लेकिन बयान सोच-समझकर दें।
आर्थिक स्थिति: आय में सुधार, निवेश से पहले सलाह लें।
स्वास्थ्य: नींद व खानपान पर ध्यान दें।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9
इष्ट देव: हनुमान जी
वृषभ | Taurus | (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) 🌱
आज का दिन: स्थिरता और मानसिक शांति
कार्य/व्यवसाय: व्यापार में धीरे-धीरे लाभ, भूमि व संपत्ति से जुड़े मामलों में सतर्कता जरूरी।
शिक्षा: पढ़ाई में निरंतरता लाभ देगी।
कला/संगीत: गायन व चित्रकला में रुचि बढ़ेगी।
राजनीति: पर्दे के पीछे रहकर काम करना लाभदायक।
आर्थिक स्थिति: फिजूलखर्च से बचें।
स्वास्थ्य: आलस्य से बचना जरूरी।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6
इष्ट देव: माता लक्ष्मी

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मिथुन | Gemini | (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) 🌬️
आज का दिन: बौद्धिक सक्रियता
कार्य/व्यवसाय: मीडिया, लेखन, मार्केटिंग व आईटी से जुड़े लोगों को अवसर।
शिक्षा: नई चीजें सीखने का श्रेष्ठ समय।
कला/संगीत: लेखन व मंचीय कला में सफलता।
राजनीति: संपर्क बढ़ेंगे, पर वाणी पर संयम रखें।
आर्थिक स्थिति: सामान्य से बेहतर।
स्वास्थ्य: आंखों व सिर दर्द की समस्या हो सकती है।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
इष्ट देव: गणेश जी
कर्क | Cancer | (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) 🌊
आज का दिन: भावनात्मक संतुलन जरूरी
कार्य/व्यवसाय: सरकारी व प्रशासनिक क्षेत्र में कार्यरत लोगों पर जिम्मेदारी बढ़ेगी।
शिक्षा: एकाग्रता में कमी, ध्यान अभ्यास लाभकारी।
कला/संगीत: भावनात्मक रचनाएं सराही जाएंगी।
राजनीति: परिवार व समाज से जुड़ा मुद्दा उभर सकता है।
आर्थिक स्थिति: खर्च नियंत्रण में रखें।
स्वास्थ्य: थकान व मानसिक दबाव संभव।
शुभ रंग: क्रीम
शुभ अंक: 2
इष्ट देव: शिव जी

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सिंह | Leo | (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) ☀️
आज का दिन: मान-सम्मान और नेतृत्व
कार्य/व्यवसाय: उच्च पदस्थ व प्रशासनिक अधिकारियों के लिए अनुकूल समय।
शिक्षा: आत्मविश्वास से सफलता मिलेगी।
कला/संगीत: मंच पर चमकने का अवसर।
राजनीति: लोकप्रियता बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: आय के नए स्रोत।
स्वास्थ्य: तनाव से बचें।
शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1
इष्ट देव: सूर्य देव
कन्या | Virgo | (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) 🌾
आज का दिन: मेहनत का फल
कार्य/व्यवसाय: नौकरी व सेवा क्षेत्र में स्थिरता।
शिक्षा: शोध व विश्लेषण से जुड़े छात्रों के लिए श्रेष्ठ।
कला/संगीत: बारीक कामों में निपुणता।
राजनीति: संगठनात्मक कार्यों में सफलता।
आर्थिक स्थिति: मजबूत।
स्वास्थ्य: पेट संबंधी दिक्कत से बचें।
शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 4
इष्ट देव: विष्णु भगवान
तुला | Libra | (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) ⚖️
आज का दिन: संतुलन और समझदारी
कार्य/व्यवसाय: साझेदारी में लाभ।
शिक्षा: कला व कानून के छात्रों के लिए अच्छा दिन।
कला/संगीत: सौंदर्यबोध बढ़ेगा।
राजनीति: मध्यस्थ की भूमिका सफल।
आर्थिक स्थिति: सुधार के संकेत।
स्वास्थ्य: कमर व थकान का ध्यान रखें।
शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6
इष्ट देव: माता दुर्गा

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वृश्चिक | Scorpio | (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) 🦂
आज का दिन: नई सोच और योजना
कार्य/व्यवसाय: रिसर्च, गुप्त कार्यों व रणनीति में सफलता।
शिक्षा: गहन अध्ययन से लाभ।
कला/संगीत: रहस्यमय विषयों में रुचि।
राजनीति: विरोधियों से सतर्क रहें।
आर्थिक स्थिति: सामान्य।
स्वास्थ्य: नींद पूरी लें।
शुभ रंग: मैरून
शुभ अंक: 8
इष्ट देव: भैरव जी
धनु | Sagittarius | (ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे) 🏹
आज का दिन: धैर्य की परीक्षा
कार्य/व्यवसाय: जल्दबाजी से बचें।
शिक्षा: उच्च शिक्षा में रुकावट के बाद सुधार।
कला/संगीत: आध्यात्मिक रचनाएं।
राजनीति: बयानबाजी में सावधानी।
आर्थिक स्थिति: सामान्य।
स्वास्थ्य: पाचन का ध्यान रखें।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3
इष्ट देव: विष्णु जी
मकर | Capricorn | (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी) 🏔️
आज का दिन: गंभीर निर्णय
कार्य/व्यवसाय: प्रबंधन व प्रशासन में सफलता।
शिक्षा: अनुशासन से लाभ।
कला/संगीत: सीमित रुचि।
राजनीति: रणनीति कारगर।
आर्थिक स्थिति: संभलकर खर्च करें।
स्वास्थ्य: तनाव कम करें।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 10
इष्ट देव: शनि देव

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कुंभ | Aquarius | (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) 🌬️
आज का दिन: नवाचार
कार्य/व्यवसाय: तकनीक व सामाजिक कार्यों में उन्नति।
शिक्षा: विज्ञान व रिसर्च में सफलता।
कला/संगीत: प्रयोगधर्मी कला।
राजनीति: नई योजना से लाभ।
आर्थिक स्थिति: धीरे-धीरे सुधार।
स्वास्थ्य: दिनचर्या संतुलित रखें।
शुभ रंग: बैंगनी
शुभ अंक: 11
इष्ट देव: शिव जी
मीन | Pisces | (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) 🌊
आज का दिन: भावनात्मक गहराई
कार्य/व्यवसाय: रचनात्मक व सेवा क्षेत्र में सफलता।
शिक्षा: कला व संगीत के छात्रों को लाभ।
कला/संगीत: कल्पनाशीलता चरम पर।
राजनीति: जनभावनाओं को समझेंगे।
आर्थिक स्थिति: संतुलित।
स्वास्थ्य: मानसिक शांति आवश्यक।
शुभ रंग: समुद्री नीला
शुभ अंक: 7
इष्ट देव: नारायण जी

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डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

स्वतंत्रता सेनानी की स्मृति में किसानों को मिली योजनाओं की जानकारी

देवरिया में खजड़ी वाले बाबा की जयंती पर किसान मेला, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही रहे मुख्य अतिथि

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा )।उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में महान स्वतंत्रता सेनानी भागवत भगत ‘खजड़ी वाले बाबा’ की जन्म जयंती के अवसर पर भव्य किसान मेला का आयोजन किया गया। यह आयोजन बंगरा बाजार क्षेत्र में कृषि विभाग के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसे पूर्व सांसद रविन्द्र कुशवाहा के विशेष प्रयासों से सफल रूप दिया गया।
किसान मेले के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही रहे। उन्होंने अपने संबोधन में खजड़ी वाले बाबा के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद करते हुए कहा कि बाबा ने गांव-गांव जाकर किसानों और आमजन को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ा। उन्होंने खजड़ी बजाकर और ‘गेंहुआ के रोटिया’ जैसे गीतों के माध्यम से जन-जागरूकता का कार्य किया, जो आज भी प्रेरणास्रोत है।


कार्यक्रम में राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष पंडित गिरीश तिवारी, पूर्व प्रत्याशी जयनाथ कुशवाहा सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में किसान, स्थानीय नागरिक और कार्यकर्ता भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
किसान मेले में कृषि विभाग द्वारा विभिन्न कृषि योजनाओं, आधुनिक खेती तकनीक, उन्नत बीज, जैविक खेती और सरकारी अनुदान योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए गए। अधिकारियों ने किसानों को योजनाओं की जानकारी दी और उनकी समस्याओं का समाधान भी किया।

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वक्ताओं ने कहा कि खजड़ी वाले बाबा का जीवन किसानों के अधिकार, स्वदेशी विचार और सामाजिक जागरूकता का प्रतीक है। उनकी स्मृति में आयोजित यह किसान मेला न केवल श्रद्धांजलि है, बल्कि किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल भी है।

इंसानियत की जीत: चंदे से पिता का शव घर लाया बेटा

पिता का शव लाने के लिए बेटे ने मांगा चंदा, गांव ने दिखाई इंसानियत की मिसाल

महराजगंज (राष्ट्र की परंपरा)।गरीबी, बेबसी और संघर्ष के बीच मानवता की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर संवेदनशील मन को झकझोर दिया। पिता का शव लाने के लिए बेटे ने चंदा मांगा और पूरा गांव उसके साथ खड़ा हो गया। यह घटना न सिर्फ एक परिवार के दर्द को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण एकता और सामाजिक सहयोग की मिसाल भी पेश करती है।
महराजगंज जिले के बृजमनगंज थाना क्षेत्र के सौंरहां गांव निवासी पंचम कनौजिया (51) रोजी-रोटी की तलाश में मुंबई गए थे। वह वहां एक कपड़ा फैक्ट्री में काम कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। करीब चार महीने पहले घर से निकले पंचम की तबीयत कुछ दिनों से खराब चल रही थी। इलाज के लिए वह मुंबई से अपने गांव लौट रहे थे और कुशीनगर एक्सप्रेस ट्रेन से यात्रा कर रहे थे।

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2 जनवरी की रात जब ट्रेन झांसी रेलवे स्टेशन पहुंची, तब तक पंचम की तबीयत अत्यधिक बिगड़ चुकी थी। रात करीब 8:30 बजे उनकी ट्रेन में ही मौत हो गई। स्टेशन पर मौजूद मेडिकल टीम ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। देर रात झांसी जीआरपी द्वारा परिवार को सूचना दी गई।
परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि झांसी (करीब 700 किलोमीटर दूर) जाकर शव लाने तक के पैसे नहीं थे। मृतक के साले सर्वेश कुमार ने बताया कि रात में कोई भी झांसी जाने की स्थिति में नहीं था। अगली सुबह पंचम के बेटे प्रदीप ने गांव के प्रधान और ग्रामीणों से मदद की अपील की।
इसके बाद जो हुआ, वह इंसानियत की मिसाल बन गया। गांव के लोगों ने बिना देर किए चंदा इकट्ठा किया और करीब 20 हजार रुपये जुटाए। इसी राशि से 18 हजार रुपये में पिकअप वाहन बुक किया गया, जिससे परिवार के सदस्य झांसी पहुंचे। आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर रविवार को पंचम का शव गांव लाया गया।
प्रदीप ने बताया कि पिता ही परिवार की एकमात्र कमाई का जरिया थे। परिवार में दो भाई और एक बहन हैं। आर्थिक तंगी के कारण बड़ी बहन प्रियंका को पढ़ाई छोड़नी पड़ी। प्रदीप 12वीं का छात्र है, जबकि छोटा भाई आदित्य 9वीं में पढ़ता है। बहन की शादी की जिम्मेदारी भी पिता पर ही थी।

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भावुक प्रदीप ने कहा, “अगर गांव वालों ने चंदा न दिया होता, तो हम पिता का शव भी नहीं ला पाते।”
यह घटना एक ओर गरीब परिवारों की कठोर सच्चाई को उजागर करती है, वहीं दूसरी ओर यह दिखाती है कि आज भी गांवों में इंसानियत और सामूहिक सहयोग जिंदा है।