Tuesday, June 23, 2026
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धूनी रमाये मिलते हैं हमारे धर्म गुरू

मानव जीवन में सुख-दुःख तो
बहता पानी है इनसे क्यों डरना,
आजीवन प्रभू का गुणगान करना,
उनकी कृपा, भवसागर पार होना।

सर्दी का प्रकोप प्रचंड बढ़ा है,
पर हमने जरा नहीं घबराना है,
मुश्किल घड़ी लेती परिक्षा है,
उसमें पास हो दिखालाना है।

मौसम भी इस क़दर ख़ुमारी में है,
लखनऊ शिमला जैसा दिखता है,
इसलिये अलाव का मजा लीजिये,
सोंधी खुशबू, लिट्टी चोखा खाइए।

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देखे हैं मात्र एक लँगोटी में निवस्त्र,
कण्ठ में झूलती जिनके रुद्राक्ष माल,
कड़कड़ाती सर्दी में बज रहा डमरू,
धूनी रमाये मिलते हैं हमारे धर्म गुरू।

रवि की मकरगति, मकरसंक्रांति,
महाकुंभ स्नान संगम प्रयागराज में,
अखाड़ों में साधू संतों का जमघट,
आदित्य यह है भारतीय संस्कृति।

डॉ. कर्नल
आदिशंकर मिश्र ‘आदित्यसी

भोर में गोलियों की गूंज: पुलिस मुठभेड़ में दो गो-तस्कर धराए, तीन फरार

100 किलो प्रतिबंधित मांस बरामद

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के दुुधारा थाना क्षेत्र के रक्साकला गांव के पास गुरुवार तड़के गो-तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस और तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दो गो-तस्कर घायल हो गए, जबकि उनके तीन साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
मिल रही जानकारी के अनुसार भोर करीब 4:30 बजे सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां गो-तस्करों ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में इक़लाख (50) पुत्र झिनक, निवासी कथकपुरवा, थाना रुधौली, जनपद बस्ती तथा अलाउद्दीन उर्फ क़ाइल (28) पुत्र वकील, निवासी रक्साकला, थाना दुुधारा, जनपद संत कबीर नगर के दाहिने पैर में गोली लगी।
घायल दोनों आरोपियों को पहले सेमरियावां अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल दोनों का इलाज चल रहा है।

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पुलिस ने मौके से एक-एक अवैध .315 बोर तमंचा, एक-एक जिंदा कारतूस, एक-एक खोखा, एक-एक नाजायज चाकू बरामद किया। इसके साथ ही करीब 100 किलोग्राम प्रतिबंधित मांस, मांस काटने का ठीहा, दो दांव, तराजू-बांट और रस्सी भी बरामद हुई है।
मुठभेड़ के दौरान तीन अन्य गो-तस्कर अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

बिलावर के कहोग गांव में जैश आतंकियों से आमना-सामना, सर्च ऑपरेशन जारी

कठुआ में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़, जैश से जुड़े 3 आतंकियों की तलाश तेज

जम्मू-कश्मीर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) कठुआ जिले में एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों का बड़ा अभियान चल रहा है। बिलावर उपमंडल के दुर्गम और घने वन क्षेत्र में स्थित कहोग गांव में सुरक्षा बलों और पाकिस्तान समर्थित माने जा रहे आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है। शुरुआती इनपुट के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो से तीन आतंकवादी इलाके में छिपे होने की आशंका है, जिन्हें पकड़ने के लिए व्यापक तलाशी अभियान जारी है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम को जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG), सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों ने आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना के बाद संयुक्त कार्रवाई शुरू की। तलाशी के दौरान आतंकियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ ने गंभीर रूप ले लिया। दोनों ओर से करीब एक घंटे तक रुक-रुक कर फायरिंग होती रही।

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मुठभेड़ के दौरान एक सुरक्षाकर्मी के पैर में गोली लगने की पुष्टि हुई है, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। रातभर इलाके की घेराबंदी के बाद गुरुवार सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया। धनु परोल-कमाध नाला क्षेत्र में विशेष रूप से तलाशी ली जा रही है, जहां आतंकियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।
जम्मू जोन के आईजीपी भीम सेन तूती ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि अंधेरा, दुर्गम पहाड़ी रास्ते और घने जंगल के बावजूद सुरक्षा बलों का अभियान लगातार जारी है। आतंकियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हवाई निगरानी भी की जा रही है और अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है।

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अधिकारियों का कहना है कि बीते एक महीने से सेना, बीएसएफ, पुलिस और सीआरपीएफ सांबा और कठुआ जिलों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा और पंजाब से सटे इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। गणतंत्र दिवस से पहले किसी भी आतंकी साजिश को नाकाम करने के लिए बीएसएफ, वीडीजी और स्थानीय पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मुठभेड़ में किसी आतंकी को नुकसान पहुंचा है या नहीं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे घुसपैठ और आतंकी नेटवर्क तोड़ने की दिशा में अहम कार्रवाई मान रही हैं।

सलेमपुर में युवाओं का सराहनीय प्रयास, ठंड में जरूरतमंदों तक पहुंचाया सहारा

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)सलेमपुर नगर में कड़ाके की ठंड के बीच मानवता की संवेदनशील तस्वीर देखने को मिली। इचौना पश्चिमी निवासी युवा अधिवक्ता विकाश तिवारी के नेतृत्व में नगर के युवाओं ने देर रात सलेमपुर रेलवे स्टेशन सहित नगर के प्रमुख मार्गों पर भ्रमण कर खुले आसमान के नीचे सो रहे जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए।

युवाओं ने सड़क किनारे और प्लेटफार्मों पर ठंड से जूझ रहे लोगों तक स्वयं पहुंचकर उन्हें राहत दी। इस पहल से न केवल जरूरतमंदों को ठंड से बचाव मिला, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और संवेदनशीलता का संदेश भी गया। नगरवासियों ने युवाओं के इस सेवा भाव की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।

इस मानवीय कार्य में राज रौनियार, धर्मेंद्र यादव, शाहिल बाबा, आकाश, प्रिंस, इल्लु, कृष्णा, लव वर्मा, राहुल, आशीष पांडेय, सत्यम सहित अन्य युवा मौजूद रहे। युवाओं ने कहा कि आगे भी ऐसे सामाजिक कार्य निरंतर जारी रहेंगे।

राष्ट्रीय स्तर की शूटर के साथ कोच द्वारा यौन शोषण, खेल जगत में मचा हड़कंप

फरीदाबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)हरियाणा के फरीदाबाद से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने खेल जगत को झकझोर कर रख दिया है। राष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी एक महिला शूटर ने अपने ही कोच पर गंभीर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी कोच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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पीड़िता के अनुसार, वह पिछले कई वर्षों से शूटिंग की नियमित ट्रेनिंग ले रही थी। इसी दौरान कोच ने उसे बेहतर प्रदर्शन, चयन और करियर में आगे बढ़ाने का झांसा देकर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। आरोप है कि प्रशिक्षण सत्रों और निजी अभ्यास के दौरान कोच ने विश्वास का दुरुपयोग करते हुए आपत्तिजनक हरकतें कीं। पीड़िता लंबे समय तक डर और सामाजिक दबाव के कारण चुप रही, लेकिन हिम्मत जुटाकर उसने अब पुलिस का दरवाजा खटखटाया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत की प्रारंभिक जांच में गंभीर तथ्य सामने आए हैं। संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और पीड़िता के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए जा रहे हैं। साथ ही, खेल अकादमी से जुड़े दस्तावेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।

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इस घटना के बाद खेल संगठनों और सामाजिक संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि खेल संस्थानों में महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए सख्त निगरानी तंत्र और शिकायत निवारण प्रणाली को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
पीड़िता को काउंसलिंग और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह मामला न केवल फरीदाबाद बल्कि पूरे देश के खेल तंत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि प्रतिभा के साथ-साथ सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।

पटना में रफ्तार का कहर: बेकाबू थार ने सड़क पर मचाई तबाही, आधा दर्जन लोग चपेट में

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार की राजधानी पटना से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। शहर के व्यस्त इलाके में तेज रफ्तार बेकाबू थार गाड़ी ने सड़क पर चल रहे और किनारे खड़े लोगों को कुचल दिया। इस दर्दनाक पटना सड़क हादसे में आधा दर्जन से अधिक लोग चपेट में आए, जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, थार वाहन अत्यधिक गति में थी और चालक ने अचानक नियंत्रण खो दिया। गाड़ी पहले सड़क किनारे खड़े लोगों से टकराई और फिर आगे बढ़ते हुए कई राहगीरों को रौंद दिया। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ घायलों को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें निगरानी में रखा गया है।

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सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। थार चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि घटना की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके।

इस घटना ने एक बार फिर पटना में बढ़ते सड़क हादसों और यातायात नियमों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और शहर में रफ्तार पर नियंत्रण की मांग की है।
प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज में हर संभव सहायता का भरोसा दिया गया है। यह हादसा न सिर्फ एक चेतावनी है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सड़क सुरक्षा को लेकर लापरवाही कितनी जानलेवा साबित हो सकती है।

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जानिए करियर, धन, शिक्षा, राजनीति और पूजा का संपूर्ण फल

08 जनवरी 2026 का सम्पूर्ण राशिफल: आज किस राशि की बदलेगी किस्मत? जानिए करियर, धन, शिक्षा, राजनीति और पूजा का संपूर्ण फल

ज्योतिष : पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय


आज गुरुवार, 08 जनवरी 2026 का दिन ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति लेकर आया है। बृहस्पति की कृपा, चंद्रमा की चाल और अन्य ग्रहों के संयोग से कई राशियों के जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन के योग बन रहे हैं। यह राशिफल पूरी तरह मौलिक, कॉपीराइट मुक्त, SEO अनुकूल और प्रिंट/न्यूज पोर्टल मीडिया हेतु उपयुक्त है। इसमें प्रत्येक राशि का नाम हिंदी, अंग्रेजी और राशिचिन्ह के साथ दिया गया है, साथ ही यह भी बताया गया है कि कौन-सा अक्षर किस राशि से संबंधित होता है।
मेष राशि (Aries) | राशिचिन्ह: ♈
नाम अक्षर: चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ
आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरा रहेगा।
कार्य/व्यवसाय: नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में विस्तार के संकेत हैं।
शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता के योग।
कला/संगीत: रचनात्मकता निखरेगी, मंच पर सराहना मिलेगी।
राजनीति/प्रशासन: प्रभाव बढ़ेगा, वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा।
आर्थिक स्थिति: आय में वृद्धि, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचें।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9
पूज्य देवता: भगवान हनुमान
वृषभ राशि (Taurus) | राशिचिन्ह: ♉
नाम अक्षर: ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो
कार्य/व्यवसाय: स्थिर प्रगति, साझेदारी में लाभ।
शिक्षा: उच्च शिक्षा में रुचि बढ़ेगी।
कला/संगीत: गायन व चित्रकला में विशेष सफलता।
राजनीति: धैर्य से लिया गया निर्णय लाभ देगा।
आर्थिक स्थिति: धन संचय के योग।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6
पूज्य देवता: मां लक्ष्मी

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मिथुन राशि (Gemini) | राशिचिन्ह: ♊
नाम अक्षर: का, की, कु, घ, छ, के, को, ह
कार्य/व्यवसाय: संचार और मीडिया से जुड़े लोगों के लिए श्रेष्ठ दिन।
शिक्षा: लेखन, पत्रकारिता में प्रगति।
कला/संगीत: नई रचना लोगों को आकर्षित करेगी।
राजनीति: वक्तृत्व क्षमता से लाभ।
आर्थिक स्थिति: मिश्रित, सोच-समझकर निवेश करें।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5
पूज्य देवता: भगवान विष्णु
कर्क राशि (Cancer) | राशिचिन्ह: ♋
नाम अक्षर: ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो
कार्य/व्यवसाय: पारिवारिक व्यवसाय में लाभ।
शिक्षा: एकाग्रता बढ़ेगी।
कला: भावनात्मक अभिव्यक्ति सशक्त होगी।
राजनीति/प्रशासन: जनसमर्थन मिलेगा।
आर्थिक स्थिति: सुरक्षित निवेश से लाभ।
शुभ रंग: दूधिया | शुभ अंक: 2
पूज्य देवता: भगवान शिव
सिंह राशि (Leo) | राशिचिन्ह: ♌
नाम अक्षर: मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे
कार्य/व्यवसाय: नेतृत्व क्षमता उभरेगी।
शिक्षा: आत्मविश्वास के साथ सफलता।
कला: अभिनय व मंच कला में उन्नति।
राजनीति: पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: धन लाभ के योग।
शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1
पूज्य देवता: सूर्य देव

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कन्या राशि (Virgo) | राशिचिन्ह: ♍
नाम अक्षर: टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो
कार्य/व्यवसाय: योजनाबद्ध कार्य से सफलता।
शिक्षा: तकनीकी विषयों में प्रगति।
कला: सूक्ष्म कला में रुचि।
राजनीति/प्रशासन: नीति निर्माण में योगदान।
आर्थिक स्थिति: संतुलित।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 5
पूज्य देवता: भगवान गणेश
तुला राशि (Libra) | राशिचिन्ह: ♎
नाम अक्षर: रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते
कार्य/व्यवसाय: साझेदारी से लाभ।
शिक्षा: कानून व कला क्षेत्र में सफलता।
कला: सौंदर्यबोध बढ़ेगा।
राजनीति: संतुलित निर्णय से सम्मान।
आर्थिक स्थिति: आय के नए स्रोत।
शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6
पूज्य देवता: मां दुर्गा
वृश्चिक राशि (Scorpio) | राशिचिन्ह: ♏
नाम अक्षर: तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू
कार्य/व्यवसाय: रिसर्च और जांच से जुड़े लोगों को सफलता।
शिक्षा: गहन अध्ययन में रुचि।
कला: रहस्यमयी विषय आकर्षित करेंगे।
राजनीति: रणनीति सफल होगी।
आर्थिक स्थिति: लाभ के योग।
शुभ रंग: मरून | शुभ अंक: 9
पूज्य देवता: भगवान भैरव

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धनु राशि (Sagittarius) | राशिचिन्ह: ♐
नाम अक्षर: ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे
कार्य/व्यवसाय: विदेश से जुड़े कार्यों में लाभ।
शिक्षा: उच्च अध्ययन में सफलता।
कला: दर्शन और लेखन में रुचि।
राजनीति: विचारों का प्रभाव बढ़ेगा।
आर्थिक स्थिति: शुभ।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3
पूज्य देवता: भगवान विष्णु
मकर राशि (Capricorn) | राशिचिन्ह: ♑
नाम अक्षर: भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी
कार्य/व्यवसाय: परिश्रम का फल मिलेगा।
शिक्षा: अनुशासन से सफलता।
कला: शिल्प और वास्तु में रुचि।
प्रशासन: अधिकार बढ़ेंगे।
आर्थिक स्थिति: स्थिर।
शुभ रंग: स्लेटी | शुभ अंक: 8
पूज्य देवता: भगवान शनिदेव
♒ कुंभ राशि (Aquarius) | राशिचिन्ह: ♒

नाम अक्षर: गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा
कार्य/व्यवसाय: नवाचार से लाभ।
शिक्षा: विज्ञान व तकनीक में प्रगति।
कला: आधुनिक कला में रुचि।
राजनीति: जनहित के कार्यों से लोकप्रियता।
आर्थिक स्थिति: लाभदायक।
शुभ रंग: बैंगनी | शुभ अंक: 4
पूज्य देवता: भगवान शिव

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मीन राशि (Pisces) | राशिचिन्ह: ♓
नाम अक्षर: दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची
कार्य/व्यवसाय: सेवा और चिकित्सा क्षेत्र में सफलता।
शिक्षा: अध्यात्मिक विषयों में रुचि।
कला: संगीत और कविता में उन्नति।
राजनीति: सौम्य छवि लाभ देगी।
आर्थिक स्थिति: संतोषजनक।
शुभ रंग: हल्का पीला | शुभ अंक: 7
पूज्य देवता: भगवान नारायण

“भक्त की पुकार पर प्रकट हुए श्रीविष्णु: करुणा, न्याय और सनातन सत्य की कथा”

“जब श्रीहरि विष्णु स्वयं बने भक्तों की ढाल: धर्म, करुणा और सनातन सत्य की शास्त्रोक्त अमर गाथा”


🕉️ शास्त्रोक्त विष्णु भगवान की कथा
(धर्म की रक्षा में श्रीहरि का साक्षात अवतरण)
सनातन धर्म के अनंत आकाश में यदि कोई ध्रुव तारा समान अडिग है, तो वे हैं भगवान श्रीविष्णु—पालनकर्ता, करुणासागर और धर्म के परम संरक्षक। वे केवल देवताओं के देव नहीं, बल्कि प्रत्येक पीड़ित, प्रत्येक भक्त और प्रत्येक सत्यनिष्ठ आत्मा के आश्रय हैं। श्रीमद्भागवत महापुराण, विष्णु पुराण एवं महाभारत में वर्णित उनकी महिमा मनुष्य को केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की दिशा प्रदान करती है।
🌼 धर्म की डगमगाती धरा और श्रीहरि का संकल्प
जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ा, जब सत्य दबने लगा और अन्याय ने अपने काले पंख फैलाए—तब-तब श्रीहरि विष्णु ने स्वयं को भक्तों की ढाल बनाया। शास्त्र कहते हैं—
“यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत…” की यह कथा उसी क्षण की है, जब धर्म की डोर अत्यंत क्षीण हो चली थी। राजा सत्यकेतु, जो स्वयं धर्मपरायण थे, अपने ही राज्य में अधर्मियों से पराजित हो रहे थे। ब्राह्मणों का अपमान, गौहत्या, स्त्रियों का शोषण और मंदिरों का विध्वंस आम हो गया था।

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🕯️ भक्त की करुण पुकार और वैकुण्ठ का कम्पन
राजा सत्यकेतु ने एकांत में केवल एक ही नाम लिया—
“नारायण… नारायण…”
उनकी आँखों से टपकते आँसू केवल दुःख नहीं थे, वे धर्म की वेदना थे। शास्त्रों में वर्णन है कि जब कोई भक्त निस्वार्थ भाव से श्रीहरि को पुकारता है, तो वैकुण्ठ तक कंपन हो उठता है।
श्रीहरि विष्णु, जो शेषनाग पर योगनिद्रा में थे, ने नेत्र खोले। माता लक्ष्मी ने करुण स्वर में पूछा—
“स्वामी, किस भक्त ने आज इतना गहन आह्वान किया है?”
श्रीहरि बोले—
“धर्म संकट में है, और जहाँ धर्म संकट में होता है, वहाँ मेरा पहुँचना अनिवार्य हो जाता है।”
🌺 श्रीविष्णु का दिव्य प्राकट्य
क्षण भर में आकाश से दिव्य प्रकाश फूटा। शंख की नाद, चक्र की ज्योति और गदा की गर्जना से दिशाएँ काँप उठीं। यह कोई युद्ध का नहीं, धर्म स्थापना का संकेत था।
शास्त्र कहते हैं—
“नाहं तिष्ठामि वैकुण्ठे, योगिनां हृदये न च।
मद्भक्ता यत्र गायन्ति तत्र तिष्ठामि नारद॥”
श्रीहरि सत्यकेतु के समक्ष प्रकट हुए—चार भुजाओं में शंख, चक्र, गदा और पद्म धारण किए, नेत्रों में करुणा और मुखमंडल पर शांत तेज।
⚖️ अधर्म का अंत और धर्म की पुनर्स्थापना
श्रीहरि ने अधर्मियों को युद्ध से नहीं, बोध से पराजित किया। उन्होंने कहा—
“जो शक्ति के मद में चूर होकर निर्बल का अपमान करता है, उसका पतन निश्चित है।”
अधर्मी राजा का अहंकार चूर हुआ। वह श्रीहरि के चरणों में गिर पड़ा। यह क्षण केवल विजय का नहीं, परिवर्तन का था। राज्य पुनः धर्ममय हुआ, यज्ञ हुए, वेद गूंजे और प्रजा ने चैन की साँस ली।

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🌸 विष्णु महिमा: समानता और संदेश
श्रीविष्णु की सबसे बड़ी विशेषता है—समान दृष्टि। वे राजा और रंक, देव और दानव, स्त्री और पुरुष—सभी को कर्म के तराजू पर तौलते हैं।
वे न दंड देने में शीघ्र होते हैं, न क्षमा करने में विलंब।
यही कारण है कि श्रीविष्णु केवल भगवान नहीं, जीवन दर्शन हैं।
🔔 आज के युग के लिए संदेश
एपिसोड 9 हमें सिखाता है कि—
धर्म केवल पूजा नहीं, आचरण है
ईश्वर मंदिर में ही नहीं, करुण हृदय में वास करते हैं
जब सत्य के लिए खड़े होने का साहस होता है, तो स्वयं श्रीहरि साथ खड़े हो जाते हैं
जो व्यक्ति आज भी निस्वार्थ भाव से “नारायण” का स्मरण करता है, वह कभी अकेला नहीं होता।

इतिहास के पन्नों से सीख: 8 जनवरी को मिले अमर संदेश

8 जनवरी के ऐतिहासिक निधन: वे महान व्यक्तित्व जिन्होंने भारत के इतिहास को दिशा दी

भारत का इतिहास केवल जन्मों से नहीं, बल्कि उन महान व्यक्तित्वों की स्मृतियों से भी जीवित रहता है, जिन्होंने अपने जीवन से समाज, संस्कृति, राजनीति और राष्ट्र निर्माण को नई दिशा दी। 8 जनवरी भारतीय इतिहास में ऐसे ही कुछ विशिष्ट और प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के निधन की तिथि है। आइए जानते हैं 8 जनवरी को हुए ऐतिहासिक निधन और उनके जीवन, जन्म स्थान तथा देशहित में दिए गए योगदान के बारे में विस्तार से।
सुषमा मुखोपाध्याय (निधन: 8 जनवरी 1984)
भारत की पहली महिला पायलट, साहस और आत्मनिर्भरता की प्रतीक
सुषमा मुखोपाध्याय भारत की पहली महिला पायलट थीं, जिन्होंने उस दौर में आकाश को चुनौती दी जब महिलाओं के लिए उड़ान भरना एक सपना माना जाता था। उनका जन्म कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत में हुआ था। उन्होंने 1930 के दशक में पायलट लाइसेंस प्राप्त कर न केवल भारतीय महिलाओं के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक नई राह खोली।
सुषमा मुखोपाध्याय ने सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ते हुए यह सिद्ध किया कि महिलाएं भी तकनीकी और साहसिक क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा सकती हैं। उनका जीवन महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण रहा। उन्होंने युवतियों को आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को उड़ान देने की प्रेरणा दी। 8 जनवरी 1984 को उनका निधन हुआ, लेकिन उनका योगदान आज भी भारतीय विमानन इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।

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मधु लिमये (निधन: 8 जनवरी 1955)
समाजवादी विचारधारा के प्रखर चिंतक और निर्भीक नेता
मधु लिमये का जन्म पुणे जिला, महाराष्ट्र, भारत में हुआ था। वे भारतीय राजनीति में समाजवादी आंदोलन के प्रमुख स्तंभों में गिने जाते हैं। उन्होंने स्वतंत्रता के बाद भारतीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मधु लिमये सादगी, ईमानदारी और सिद्धांतों की राजनीति के लिए जाने जाते थे। उन्होंने भ्रष्टाचार, सत्ता के दुरुपयोग और सामाजिक असमानता के विरुद्ध आवाज उठाई। संसद में उनके भाषण तार्किक, तथ्यपरक और जनहित से जुड़े होते थे। 8 जनवरी 1955 को उनका निधन हुआ, लेकिन समाजवाद और नैतिक राजनीति के प्रति उनका योगदान आज भी राजनीतिक विचारधारा को दिशा देता है।
प्रणवानंदा महाराज (निधन: 8 जनवरी 1941)
सेवा, त्याग और मानवता के उपासक संत
प्रणवानंदा महाराज का जन्म बंगाल प्रांत, भारत में हुआ था। वे भारत सेवाश्रम संघ के प्रमुख स्वामी और महान समाजसेवी संत थे। उनका जीवन मानव सेवा को समर्पित रहा।
उन्होंने गरीबों, असहायों और आपदा पीड़ितों की निःस्वार्थ सेवा को ही सच्चा धर्म माना। भारत सेवाश्रम संघ के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और राहत कार्यों में उनका योगदान अमूल्य रहा। वे आध्यात्म और सेवा के अद्भुत समन्वय का प्रतीक थे। 8 जनवरी 1941 को उनका निधन हुआ, लेकिन उनकी सेवा भावना आज भी लाखों लोगों को प्रेरित कर रही है।

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केशव चन्द्र सेन (निधन: 8 जनवरी 1884)
धार्मिक और सामाजिक सुधार के अग्रदूत
केशव चन्द्र सेन का जन्म कोलकाता, बंगाल प्रेसीडेंसी, भारत में हुआ था। वे ब्रह्म समाज के प्रमुख नेताओं और संस्थापकों में से एक थे। उन्होंने भारतीय समाज में व्याप्त कुरीतियों, अंधविश्वास और सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष किया।
उन्होंने स्त्री शिक्षा, विधवा पुनर्विवाह और धार्मिक सहिष्णुता का समर्थन किया। उनके विचारों ने भारतीय पुनर्जागरण को गति दी और आधुनिक सोच को मजबूती प्रदान की। 8 जनवरी 1884 को उनका निधन हुआ, लेकिन उनके सुधारवादी विचार आज भी सामाजिक चेतना का आधार बने हुए हैं।

क्या खास है 8 जनवरी? जानिए इस दिन का ऐतिहासिक महत्व

8 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व: विज्ञान, साहित्य, राजनीति और कला के वे नाम जिन्होंने दुनिया को दिशा दी

8 जनवरी का दिन इतिहास में इसलिए विशेष है क्योंकि इस दिन दुनिया को ऐसे महान व्यक्तित्व मिले, जिन्होंने विज्ञान, साहित्य, संगीत, राजनीति, सिनेमा और खेल के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी। आइए जानते हैं 8 जनवरी को जन्मे उन प्रसिद्ध व्यक्तियों के बारे में, जिनका योगदान भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत रहा है।
साथियान ज्ञानसेकरन (जन्म: 8 जनवरी 1993)
जन्म स्थान: चेन्नई, तमिलनाडु, भारत
साथियान ज्ञानसेकरन भारत के अग्रणी टेबल टेनिस खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने बहुत कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया। साथियान ने कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। वे अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में टॉप-50 में जगह बनाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ियों में शामिल रहे। उनकी खेल शैली आक्रामक और तकनीकी रूप से मजबूत मानी जाती है। भारत में टेबल टेनिस को लोकप्रिय बनाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण है और युवा खिलाड़ियों के लिए वे एक आदर्श व्यक्तित्व हैं।
किम जोंग उन (जन्म: 8 जनवरी 1984)
जन्म स्थान: प्योंगयांग, उत्तर कोरिया
किम जोंग उन उत्तर कोरिया के तीसरे सर्वोच्च नेता हैं। वे अपने पिता किम जोंग इल के निधन के बाद सत्ता में आए। उन्होंने देश की सैन्य शक्ति, परमाणु कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उत्तर कोरिया की भूमिका को मजबूती दी। किम जोंग उन ने आर्थिक सुधारों के कुछ प्रयास भी किए, हालांकि उनका शासन कठोर नीतियों के लिए जाना जाता है। वैश्विक राजनीति में उनका प्रभाव अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
हैरिस जयराज (जन्म: 8 जनवरी 1975)
जन्म स्थान: चेन्नई, तमिलनाडु, भारत
हैरिस जयराज दक्षिण भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध संगीतकार हैं। उन्होंने तमिल फिल्मों में आधुनिक संगीत को नई पहचान दी। मिन्नाले, काका काका, वरणम आयिरम जैसी फिल्मों के गीत बेहद लोकप्रिय रहे। उनके संगीत में मेलोडी और तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलता है। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए और भारतीय फिल्म संगीत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई।
हेमचन्द्र गोस्वामी (जन्म: 8 जनवरी 1972)
जन्म स्थान: असम, भारत
हेमचन्द्र गोस्वामी आधुनिक असमिया साहित्य के शुरुआती स्तंभों में से एक थे। वे कवि, लेखक, इतिहासकार और भाषाविद के रूप में प्रसिद्ध रहे। उन्होंने असमिया भाषा और संस्कृति के संरक्षण में अहम भूमिका निभाई। उनके साहित्यिक कार्यों ने असमिया समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य किया। शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उनका योगदान आज भी असम में सम्मान के साथ याद किया जाता है।

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माणिक साहा (जन्म: 8 जनवरी 1953)
जन्म स्थान: उड़ीसा, भारत
माणिक साहा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और उड़ीसा के मुख्यमंत्री पद पर रह चुके हैं। उन्होंने प्रशासनिक सुधार, जनकल्याण योजनाओं और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी। राजनीति में उनका योगदान संगठन निर्माण और जनसेवा के लिए जाना जाता है। वे जनता के बीच सरल और सुलभ नेता के रूप में पहचाने जाते हैं।
स्टीफन हॉकिंग (जन्म: 8 जनवरी 1942)
जन्म स्थान: ऑक्सफोर्ड, इंग्लैंड
स्टीफन हॉकिंग विश्व प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी थे। उन्होंने ब्लैक होल और ब्रह्मांड की उत्पत्ति पर क्रांतिकारी सिद्धांत दिए। ALS जैसी गंभीर बीमारी के बावजूद उन्होंने विज्ञान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी पुस्तक A Brief History of Time ने विज्ञान को आम लोगों तक पहुंचाया। मानव ज्ञान के क्षेत्र में उनका योगदान अमर है।
आर. वी. जानकीरमन (जन्म: 8 जनवरी 1941)
जन्म स्थान: पुदुचेरी, भारत
आर. वी. जानकीरमन पुदुचेरी के सातवें मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने प्रशासनिक पारदर्शिता और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर जोर दिया। उनके कार्यकाल में शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिली। वे एक कुशल प्रशासक और जनप्रिय नेता के रूप में याद किए जाते हैं।
नन्दा (जन्म: 8 जनवरी 1938)
जन्म स्थान: कोल्हापुर, महाराष्ट्र, भारत
नन्दा हिंदी सिनेमा की प्रतिष्ठित अभिनेत्री थीं। उन्होंने छोटी बहू, हम दोनों जैसी फिल्मों में सशक्त भूमिकाएं निभाईं। उनकी अभिनय शैली सरल, सजीव और भावनात्मक थी। वे भारतीय सिनेमा की उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं जिन्होंने महिला पात्रों को गरिमा दी।
सईद जाफ़री (जन्म: 8 जनवरी 1929)
जन्म स्थान: मलबार, केरल, भारत
सईद जाफ़री भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता थे। उन्होंने हिंदी और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में अभिनय किया। गांधी फिल्म में उनकी भूमिका ऐतिहासिक मानी जाती है। उनके अभिनय में गहराई और यथार्थ का अनोखा मेल था।
केलुचरण महापात्र (जन्म: 8 जनवरी 1926)
जन्म स्थान: ओडिशा, भारत
केलुचरण महापात्र ओडिसी नृत्य के महान गुरु थे। उन्होंने ओडिसी को शास्त्रीय नृत्य के रूप में वैश्विक पहचान दिलाई। उनके शिष्य आज भी भारत और विदेशों में ओडिसी का प्रचार कर रहे हैं।
मोहन राकेश (जन्म: 8 जनवरी 1925)
जन्म स्थान: अमृतसर, पंजाब, भारत
मोहन राकेश हिंदी साहित्य के आधुनिक युग के प्रमुख लेखक थे। आषाढ़ का एक दिन जैसे नाटकों ने हिंदी रंगमंच को नई दिशा दी। उनके लेखन में आधुनिक समाज की जटिलताओं का सजीव चित्रण मिलता है।
आशापूर्णा देवी (जन्म: 8 जनवरी 1909)
जन्म स्थान: कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत
आशापूर्णा देवी प्रसिद्ध उपन्यासकार थीं। उन्होंने महिला जीवन, सामाजिक संघर्ष और आत्मसम्मान को अपनी रचनाओं का केंद्र बनाया। उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
नाडिया (जन्म: 8 जनवरी 1908)
जन्म स्थान: ऑस्ट्रेलिया | कार्यक्षेत्र: भारत
नाडिया भारतीय सिनेमा की पहली महिला स्टंट अभिनेत्री थीं। उन्होंने साहसी भूमिकाओं से महिलाओं की नई छवि प्रस्तुत की और सिनेमा में साहसिक अभिनय की शुरुआत की।

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रामचन्द्र वर्मा (जन्म: 8 जनवरी 1890)
जन्म स्थान: उत्तर प्रदेश, भारत
रामचन्द्र वर्मा हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित लेखक थे। उन्होंने भाषा, व्याकरण और साहित्यिक आलोचना के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके लेखन ने हिंदी भाषा को समृद्ध किया।

Bangladesh–Pakistan Relations: एक दशक बाद बहाल होंगी सीधी उड़ानें, ढाका से कराची नॉन-स्टॉप फ्लाइट शुरू

Bangladesh Pakistan Direct Flights: बांग्लादेश और पाकिस्तान के रिश्तों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। करीब एक दशक बाद दोनों देशों के बीच सीधी हवाई सेवाएं दोबारा शुरू होने जा रही हैं। बांग्लादेश की राष्ट्रीय एयरलाइन बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस इस महीने के अंत से ढाका से कराची के लिए नॉन-स्टॉप उड़ानें शुरू करेगी।

29 जनवरी से शुरू होंगी डायरेक्ट फ्लाइट्स

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ढाका-कराची के बीच सीधी उड़ानें 29 जनवरी से शुरू होंगी।

• शुरुआती चरण में उड़ानें हफ्ते में दो दिन – गुरुवार और शनिवार संचालित होंगी

• ढाका से उड़ान: रात 8:00 बजे, कराची पहुंच: रात 11:00 बजे

• वापसी फ्लाइट: कराची से रात 12:00 बजे, ढाका पहुंच: सुबह 4:20 बजे

10 साल बाद खुल रहा हवाई रास्ता

बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच सीधी उड़ानें 2012 के बाद बंद थीं। अब नियामक एजेंसियों के बीच कई महीनों की बातचीत के बाद इस रूट को दोबारा खोला जा रहा है, जिसे दोनों देशों के रिश्तों में नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।

क्या भारतीय हवाई क्षेत्र से गुजरेगी फ्लाइट?

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ढाका-कराची उड़ान भारत के हवाई क्षेत्र का उपयोग करेगी या नहीं।

• सबसे छोटा रास्ता भारत के ऊपर से होकर जाता है

• इसके लिए नई दिल्ली से ओवरफ्लाइट अनुमति जरूरी होगी

• इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है

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रक्षा सहयोग की दिशा में भी बढ़ते कदम

हवाई सेवाओं के साथ-साथ रक्षा सहयोग भी दोनों देशों के बीच तेज होता दिख रहा है।

• पाकिस्तान ने बांग्लादेश को JF-17 थंडर फाइटर जेट की पेशकश की

• यह लड़ाकू विमान चीन-पाकिस्तान संयुक्त परियोजना है

JF-17 सौदे पर हुई उच्चस्तरीय बातचीत

पाकिस्तान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर और
बांग्लादेश वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान के बीच इस संभावित सौदे पर चर्चा हुई। बातचीत में पायलट ट्रेनिंग, तकनीकी सहयोग, रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर फोकस रहा।

शेख हसीना सरकार के बाद बदली विदेश नीति

अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनने के बाद बांग्लादेश की विदेश नीति में स्पष्ट बदलाव देखा गया है। इसके बाद से पाकिस्तान-बांग्लादेश संबंधों में तेजी से सुधार हुआ है।

ट्रेनर विमान और सैन्य सहयोग की पेशकश

पाकिस्तान ने बांग्लादेश को

• सुपर मुश्शाक ट्रेनर विमान की त्वरित आपूर्ति

• दीर्घकालिक सैन्य प्रशिक्षण सहयोग
का भी प्रस्ताव दिया है, जिससे दोनों वायुसेनाओं के बीच तालमेल और मजबूत हो सकता है।

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दक्षिण एशिया में बदलता भू-राजनीतिक समीकरण

ढाका और इस्लामाबाद के बीच बढ़ती नजदीकी को दक्षिण एशिया की राजनीति में नए समीकरण के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर क्षेत्रीय कूटनीति, सुरक्षा संतुलन और भारत-केंद्रित रणनीति पर भी पड़ सकता है।

तकनीक, राजनीति और संस्कृति: एक तारीख, अनेक कहानियाँ

8 जनवरी: इतिहास के पन्नों में दर्ज वो दिन जिसने दुनिया की दिशा बदली

1026 – सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण: आस्था पर सबसे बड़ा प्रहार
8 जनवरी 1026 को सुल्तान महमूद ग़ज़नवी ने गुजरात स्थित विश्वविख्यात सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण कर उसे लूट लिया और ध्वस्त कर दिया। यह घटना केवल एक मंदिर के विध्वंस तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक और सभ्यतागत विरासत पर गहरा आघात था। सोमनाथ मंदिर उस समय समृद्धि, शिल्प और आस्था का प्रतीक था। इस आक्रमण ने भारतीय इतिहास में विदेशी आक्रमणों के क्रूर अध्याय को उजागर किया, जिसकी स्मृति आज भी सामूहिक चेतना में जीवित है।

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1790 – जॉर्ज वॉशिंगटन का पहला राष्ट्रीय संबोधन
8 जनवरी 1790 को अमेरिका के पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन ने पहली बार राष्ट्र को संबोधित किया। यह भाषण आगे चलकर “स्टेट ऑफ द यूनियन एड्रेस” की परंपरा की नींव बना। इस संबोधन में उन्होंने लोकतंत्र, राष्ट्रीय एकता और संविधान की भूमिका पर जोर दिया। यह दिन अमेरिकी लोकतांत्रिक मूल्यों के सुदृढ़ीकरण का ऐतिहासिक क्षण माना जाता है।
1800 – ऑस्ट्रिया की फ्रांस पर दूसरी जीत
8 जनवरी 1800 को ऑस्ट्रिया ने फ्रांस को दूसरी बार सैन्य पराजय दी। यह संघर्ष नेपोलियन युग के दौरान यूरोप में सत्ता संतुलन की लड़ाई का हिस्सा था। इस जीत ने यूरोपीय राजनीति को प्रभावित किया और यह सिद्ध किया कि उस समय फ्रांस की सैन्य शक्ति को चुनौती देना संभव था। यह घटना महाद्वीपीय राजनीति में निर्णायक मोड़ मानी जाती है।
1929 – नीदरलैंड्स और वेस्टइंडीज के बीच पहला टेलीफोन संपर्क
8 जनवरी 1929 को नीदरलैंड्स और वेस्टइंडीज के बीच पहला टेलीफोन संपर्क स्थापित हुआ। यह घटना वैश्विक संचार इतिहास में एक क्रांतिकारी कदम थी। दूर-दराज़ क्षेत्रों के बीच त्वरित संवाद ने व्यापार, प्रशासन और सामाजिक रिश्तों को नई गति दी। आधुनिक वैश्विक संचार व्यवस्था की नींव ऐसे ही तकनीकी प्रयोगों से पड़ी।
1952 – जॉर्डन ने अपनाया संविधान
8 जनवरी 1952 को जॉर्डन ने अपना संविधान अंगीकार किया। इस संविधान ने देश में संवैधानिक राजशाही, नागरिक अधिकारों और शासन व्यवस्था की स्पष्ट रूपरेखा तय की। यह कदम मध्य-पूर्व में राजनीतिक स्थिरता और आधुनिक राष्ट्र-निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है। आज भी जॉर्डन की शासन प्रणाली इसी संविधान पर आधारित है।

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1995 – मधु लिमये का निधन: समाजवादी विचारधारा का स्तंभ ढहा
8 जनवरी 1995 को समाजवादी चिंतक, स्वतंत्रता सेनानी और प्रखर सांसद मधु लिमये का निधन हुआ। वे राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण के निकट सहयोगी रहे। संसदीय शुचिता, वैचारिक प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए उनका योगदान भारतीय राजनीति में अमिट छाप छोड़ता है।
1996 – फ्रांस्वा मितरां का देहांत
8 जनवरी 1996 को फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा मितरां का पेरिस में निधन हुआ। वे फ्रांस के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रपति रहे। उनके कार्यकाल में यूरोपीय एकता, सामाजिक सुधार और फ्रांस की वैश्विक भूमिका को नई दिशा मिली। वे आधुनिक फ्रांसीसी राजनीति के प्रमुख शिल्पकार माने जाते हैं।
2001 – भारत-वियतनाम संबंधों को नई मजबूती
8 जनवरी 2001 को प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी वियतनाम पहुँचे, जहां भारत और वियतनाम के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इसी दिन घाना में दो दशक पुराना शासन समाप्त हुआ और जॉन कुफारे राष्ट्रपति बने। वैश्विक राजनीति में यह दिन कूटनीतिक बदलावों का साक्षी बना।
2003 – श्रीलंका सरकार और लिट्टे के बीच वार्ता
8 जनवरी 2003 को थाईलैंड के नकोर्न पथोम में श्रीलंका सरकार और लिट्टे के बीच शांति वार्ता शुरू हुई। यह प्रयास वर्षों से चले आ रहे गृहयुद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। हालांकि शांति स्थायी नहीं रही, लेकिन यह संवाद इतिहास में उम्मीद की किरण बनकर दर्ज हुआ।
2008 – प्रवासी भारतीय दिवस और प्रशासनिक नियुक्तियाँ
8 जनवरी 2008 को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 6वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन किया। इसी दिन अरुण रामनाथन को वित्तीय क्षेत्र का सचिव नियुक्त किया गया। यह वर्ष भारत की आर्थिक कूटनीति और प्रवासी भारतीयों से संबंध मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण रहा।
2009 – भैरोसिंह शेखावत की चुनावी घोषणा
8 जनवरी 2009 को पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत ने लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की। यह फैसला भारतीय राजनीति में चर्चाओं का विषय बना। एक संवैधानिक पद पर रह चुके व्यक्ति का सक्रिय राजनीति में लौटना लोकतंत्र की जीवंतता को दर्शाता है।

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2017 – यरुशलम में आतंकी हमला
8 जनवरी 2017 को इज़रायल के यरुशलम में ट्रक से किए गए हमले में चार सैनिकों की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर ने दुनिया को झकझोर दिया। यह घटना वैश्विक आतंकवाद की चुनौती और मध्य-पूर्व की अस्थिर सुरक्षा स्थिति को उजागर करती है।
2020 – भारत-मंगोलिया अंतरिक्ष सहयोग और डिजिटल क्रांति
8 जनवरी 2020 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और मंगोलिया के बीच बाहरी अंतरिक्ष सहयोग समझौते को मंजूरी दी। इसी दिन भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने ई-कॉमर्स बाजार अध्ययन रिपोर्ट जारी की और रिलायंस जियो ने वाई-फाई कॉलिंग सेवा लॉन्च की। यह दिन भारत की तकनीकी और डिजिटल प्रगति का प्रतीक बना।

मूलांक के अनुसार जानें सफलता का मंत्र

🔮 अंक ज्योतिष राशिफल 8 जनवरी 2026: आज किस मूलांक की बदलेगी किस्मत? जानिए पंडित सुधीर तिवारी (अंतिम बाबा) से विस्तृत भविष्यफल

जिस प्रकार नाम और राशि के आधार पर राशिफल देखा जाता है, उसी प्रकार अंक ज्योतिष में जन्मतिथि से बने मूलांक के आधार पर दैनिक भविष्यफल का आकलन किया जाता है।आज 8 जनवरी 2026, गुरुवार का दिन है। इस दिन का अंक ज्योतिषीय प्रभाव सभी मूलांकों पर अलग-अलग रूप से पड़ेगा।प्रसिद्ध अंक ज्योतिषाचार्य पंडित सुधीर तिवारी (अंतिम बाबा) द्वारा प्रस्तुत यह अंक राशिफल सरल शब्दों में, जातकों के लिए उपयोगी संकेत देता है।
🔢 मूलांक 1 (जन्म तिथि 1, 10, 19, 28)
आज आप मानसिक रूप से सकारात्मक रहेंगे।
कार्य क्षेत्र में नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आएगी।
व्यवसाय में नई योजना बनाने का दिन है, लेकिन जल्दबाज़ी से बचें।
छात्रों को पढ़ाई में फोकस बनाए रखना होगा।
राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को संयमित भाषा का प्रयोग करना चाहिए।
आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रहेगी।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 1
पूजा: सूर्य देव को जल अर्पित करें

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🔢 मूलांक 2 (जन्म तिथि 2, 11, 20, 29)
आज चुनौतियाँ रहेंगी, लेकिन आप उन्हें पार कर लेंगे।
नौकरी में सहयोगियों का साथ मिलेगा।
व्यवसाय में पार्टनरशिप से लाभ हो सकता है।
शिक्षा के क्षेत्र में मन थोड़ा भटकेगा, ध्यान जरूरी है।
कला और संगीत से जुड़े लोग नई प्रेरणा पाएंगे।
धन के मामलों में संतुलन बनाए रखें।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 2
पूजा: माता पार्वती की आराधना करें
🔢 मूलांक 3 (जन्म तिथि 3, 12, 21, 30)
आज अवसर आपके आसपास हैं, पहचानने की जरूरत है।
नौकरी में प्रमोशन की चर्चा हो सकती है।
व्यवसाय में विस्तार की योजना बनेगी।
छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी अनुकूल है।
राजनीतिक लोगों के लिए दिन प्रभावशाली रहेगा।
आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होगा।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3
पूजा: गुरु बृहस्पति का स्मरण करें

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🔢 मूलांक 4 (जन्म तिथि 4, 13, 22, 31)
आज भावनाओं पर नियंत्रण जरूरी है।
कार्य क्षेत्र में स्थिरता आएगी।
व्यवसाय में पुराने निवेश से लाभ मिलेगा।
शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी विषयों में रुचि बढ़ेगी।
प्रशासनिक क्षेत्र में कार्यरत लोगों को प्रशंसा मिलेगी।
धन को लेकर चिंता कम होगी।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 4
पूजा: भगवान गणेश की पूजा करें
🔢 मूलांक 5 (जन्म तिथि 5, 14, 23)
आज आपका आत्मविश्वास ऊँचा रहेगा।
नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
व्यवसाय में मार्केटिंग से लाभ होगा।
कला, मीडिया और संगीत से जुड़े लोगों के लिए शानदार दिन।
छात्रों को रचनात्मक विषयों में सफलता मिलेगी।
आर्थिक दृष्टि से दिन अनुकूल है।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
पूजा: भगवान विष्णु का पूजन करें
🔢 मूलांक 6 (जन्म तिथि 6, 15, 24)
आज संतुलन बनाए रखना सबसे जरूरी है।
कार्य क्षेत्र में टीमवर्क से सफलता मिलेगी।
व्यवसाय में खर्च बढ़ सकता है, सावधानी रखें।
शिक्षा में ध्यान भटक सकता है।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में छवि मजबूत होगी।
धन के मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें।
शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6
पूजा: मां लक्ष्मी की आराधना करें

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🔢 मूलांक 7 (जन्म तिथि 7, 16, 25)
आज आपका प्रदर्शन सभी को प्रभावित करेगा।
नौकरी में बॉस आपके विचारों की सराहना करेंगे।
व्यवसाय में नई डील फाइनल हो सकती है।
छात्रों के लिए रिसर्च और अध्ययन का अच्छा समय।
सिंगल लोगों के लिए रिश्तों की शुरुआत के योग।
आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
शुभ रंग: बैंगनी
शुभ अंक: 7
पूजा: भगवान शिव का अभिषेक करें
🔢 मूलांक 8 (जन्म तिथि 8, 17, 26)
आज आत्मविकास का दिन है।
नौकरी में मेहनत का फल मिलेगा।
व्यवसाय में बड़े निर्णय लेने का सही समय।
प्रशासनिक और कानूनी क्षेत्र में सफलता।
छात्रों को अनुशासन बनाए रखना होगा।
धन लाभ के योग हैं।
शुभ रंग: काला
शुभ अंक: 8
पूजा: शनि देव की उपासना करें
🔢 मूलांक 9 (जन्म तिथि 9, 18, 27)
आज अपनी क्षमता दिखाने का दिन है।
नौकरी में इंटरव्यू या मीटिंग सफल रहेगी।
व्यवसाय में साहसिक फैसले लाभ देंगे।
शिक्षा और खेल से जुड़े लोगों के लिए अच्छा दिन।
राजनीतिक लोगों की लोकप्रियता बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति संतोषजनक रहेगी।
शुभ रंग: नारंगी
शुभ अंक: 9
पूजा: हनुमान जी का स्मरण करें।

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डिस्क्लेमर:यह अंक राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसकी पूर्ण सत्यता का दावा नहीं किया जाता। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

Bangladesh Diesel Import: भारत के बिना नहीं चल पा रहा बांग्लादेश, अब 1.8 लाख टन डीजल खरीदेगा यूनुस प्रशासन

भारत और बांग्लादेश के बीच ऊर्जा सहयोग को लेकर एक बड़ा समझौता सामने आया है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने जनवरी से दिसंबर 2026 के बीच भारत से 1 लाख 80 हजार टन डीजल आयात करने का फैसला किया है। यह डीजल भारत की सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड की सहायक इकाई नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) से खरीदा जाएगा।

इस फैसले को बांग्लादेश की सरकारी खरीद पर सलाहकार समिति ने मंजूरी दी है। मंगलवार (6 जनवरी 2026) को सचिवालय में हुई बैठक में वित्त सलाहकार सालेहुद्दीन अहमद की अध्यक्षता में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। इससे पहले अक्टूबर 2025 में आर्थिक मामलों पर सलाहकार समिति ने 2026 के लिए ईंधन आयात को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी।

119 मिलियन डॉलर की डील, कीमत बाजार से जुड़ी

बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सौदे की कुल लागत 119.13 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 14.62 करोड़ बांग्लादेशी टका) तय की गई है।

• प्रति बैरल डीजल का बेस प्राइस 83.22 डॉलर रखा गया है

• कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव के अनुसार बदलेगी

BPC और बैंक लोन से होगा भुगतान

डीजल आयात की राशि का एक हिस्सा बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) वहन करेगी, जबकि शेष रकम बैंक लोन के जरिए चुकाई जाएगी। इससे साफ होता है कि बांग्लादेश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारत पर लगातार निर्भर होता जा रहा है।

असम से बांग्लादेश तक पहुंचेगा डीजल

नुमालीगढ़ रिफाइनरी असम में स्थित है। यहां से डीजल पहले पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी मार्केटिंग टर्मिनल तक पहुंचेगा। इसके बाद इसे बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के परबतीपुर डिपो तक भेजा जाएगा।

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फ्रेंडशिप पाइपलाइन से होगी सप्लाई

डीजल सप्लाई के लिए बांग्लादेश-इंडिया फ्रेंडशिप पाइपलाइन का इस्तेमाल किया जाएगा। इस पाइपलाइन से ईंधन सीधे बांग्लादेश तक पहुंचेगा, जिससे

• परिवहन लागत कम होगी

• सप्लाई अधिक सुरक्षित और स्थिर रहेगी

भारत पर बढ़ती निर्भरता का संकेत

इस समझौते को भारत-बांग्लादेश के बीच मजबूत होते ऊर्जा और व्यापारिक रिश्तों के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले भी बांग्लादेश ने भारत से चावल आयात करने का फैसला लिया था। अब डीजल आयात का यह कदम साफ संकेत देता है कि ऊर्जा सुरक्षा के लिए बांग्लादेश भारत को अपना प्रमुख साझेदार मान रहा है।

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लार को हराकर आजमगढ़ फाइनल मे

रोमांचक मैच मे आजमगढ़ ने लार को 3-1 से हराया

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) इंडियन डाईवर्सिटी पब्लिक स्कूल के नेतृत्व मे बरहज नगर स्थित श्रीकृष्ण इंटर कालेज आश्रम के मैदान में फुटबॉल मैच का सेमी फाइनल मुकाबला आजमगढ़ और लार के बीच खेला गया। जिसके मुख्य अतिथि कृष्णानंद सिंह रिंकू द्वारा खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर, बॉल को किक मारकर मैच का शुभारंभ किया गया ।
खेल के शुरुआती दौर में ही आजमगढ़ ने एक गोल दाग कर अपनी बढ़त बना लिया था।इस बढ़त को कायम रखते हुए हाफ टाइम के बाद आजमगढ़ ने लार को तीन 3 गोल दाग कर फाइनल मैच मे प्रवेश कर लिया। दर्शकों से पूरा मैदान खचाखच भरा रहा।
इस अवसर पर केशव तिवारी,छोटेलाल, दिलीप मद्धेशिया, रमेश सिंह, अशोक मद्धेशिया, विष्णु जायसवाल मैनेजर तिवारी, लकी बसू,आदित्य भार्गव, सूजल परमिन्दर आदि मौजूद रहे। मैच के दौरान मैच रेफरी मकसूद आलम एवं लाईन मैन दिलीप मद्देशिया व रमेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।