Tuesday, June 23, 2026
Home Blog Page 288

28 जनवरी 2026 से जनपद में लागू होंगी नई सर्किल दरें

17 जनवरी तक आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रित

मऊ(राष्ट्र की परम्परा)जनपद में नई सर्किल दरों की अनन्तिम सूची तैयार कर ली गई है, जो 28 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी। नई सर्किल दरों के संबंध में आमजन से 17 जनवरी 2026 तक आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रित किए गए हैं, जबकि प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों का निस्तारण 21 जनवरी 2026 को किया जाएगा।अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश स्टांप (संपत्ति का मूल्यांकन) नियमावली 2013 के अंतर्गत जनपद के सभी उप निबंधक कार्यालयों के क्षेत्र में आने वाली कृषक, अकृषक, भूखंड, भवन एवं व्यावसायिक संपत्तियों के मूल्यांकन एवं स्टांप शुल्क निर्धारण हेतु नई सर्किल दरें निर्धारित की जानी हैं। इसके लिए जनपद के सभी उप निबंधक कार्यालयों की अनन्तिम मूल्यांकन सूची तैयार कर ली गई है।
उन्होंने बताया कि यह अनन्तिम सूची सर्वसाधारण के निरीक्षण हेतु संबंधित तहसील के उप निबंधक कार्यालयों के साथ-साथ अपर जिलाधिकारी मऊ एवं सहायक महानिरीक्षक निबंधन मऊ के कार्यालय में उपलब्ध है। इच्छुक व्यक्ति किसी भी कार्यदिवस में प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक सूची का अवलोकन कर सकते हैं।यदि किसी व्यक्ति को प्रस्तावित सर्किल दरों के संबंध में कोई आपत्ति या सुझाव प्रस्तुत करना हो, तो वह दिनांक 17 जनवरी 2026 को सायं 4:00 बजे तक व्यक्तिगत रूप से अथवा पंजीकृत डाक के माध्यम से संबंधित उप निबंधक, सहायक आयुक्त स्टांप मऊ, संबंधित उप जिलाधिकारी अथवा अपर जिलाधिकारी मऊ के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है। निर्धारित तिथि एवं समय के पश्चात प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।अपर जिलाधिकारी ने बताया कि 17 जनवरी 2026 की सायं 4:00 बजे तक प्राप्त समस्त आपत्तियों एवं सुझावों का निस्तारण उनके अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा दिनांक 21 जनवरी 2026 को किया जाएगा।

प्रतीक जैन के घर ईडी की रेड पर भड़कीं ममता बनर्जी, केंद्र पर साधा निशाना

कोलकाता (राष्ट्र की परम्परा)।प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आईटी प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर की गई छापेमारी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है। गुरुवार सुबह हुई इस कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे केंद्र सरकार की राजनीतिक बदले की नीति करार दिया। खबर मिलते ही सीएम ममता बनर्जी स्वयं प्रतीक जैन के घर पहुंचीं और ईडी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए।

ममता बनर्जी का तीखा बयान

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक दलों से जुड़े आईटी पेशेवरों को निशाना बनाना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि क्या जांच एजेंसियों का इस तरह उपयोग करना उनकी जिम्मेदारी है। ममता ने इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।

किस मामले में हुई कार्रवाई

सूत्रों के मुताबिक, ईडी की यह छापेमारी वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी नौकरी दिलाने के कथित घोटाले से जुड़ी जांच के तहत की गई है। बताया जा रहा है कि एक संगठित गिरोह सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे वसूल रहा था। हालांकि, अब तक ईडी की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

6 राज्यों में एकसाथ छापे

गुरुवार को ईडी ने देश के 6 राज्यों में करीब 15 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। इसी क्रम में कोलकाता स्थित I-PAC कार्यालय में भी तलाशी ली गई, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया।

सियासी घमासान

इस कार्रवाई के बाद तृणमूल कांग्रेस ने इसे केंद्र सरकार की साजिश बताया है, जबकि विपक्ष का कहना है कि जांच एजेंसियां कानून के तहत अपना काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में यह मामला बंगाल की राजनीति में और गर्माहट ला सकता है।

सीएचसी सिकंदरपुर में अचानक पहुंचकर CMO ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश

सिकन्दरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया डॉ. विजय यादव ने गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिकंदरपुर का औचक निरीक्षण किया। अचानक पहुंचने पर उन्होंने परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों, ओपीडी व्यवस्था, डिलीवरी कक्ष और जनता की मांग पर वॉर्डन से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। सीएमओ ने अस्पताल में साफ-सफाई, मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं तथा रखरखाव की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए संतोष और असंतोष दोनों ही बिंदुओं को अधिकारियों के सामने रखा।निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने सीएमओ को अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और कुछ लगातार बनी समस्याओं के बारे में अवगत कराया। मरीजों और तीमारदारों की ओर से सफाई, व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर सुझाव दिए गए। इस पर जवाब देते हुए सीएमओ ने बताया कि अस्पताल में मेंटेनेंस का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि जगह-जगह साफ-सफाई अभियान चलाया जा रहा है और जल्द ही पूरे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को व्यवस्थित और स्वच्छ रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
लोगों की मांग पर सीएमओ ने अस्पताल का दूसरा गेट खोलने पर भी सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों और कर्मचारियों दोनों की आवाजाही सुगम होगी और भीड़ भी नियंत्रित रहेगी। निरीक्षण के समय चिकित्सा अधीक्षक दिग्विजय कुमार ने सीएमओ को आश्वासन दिया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में तेजी से सुधार किया जा रहा है और बहुत जल्द उन्हें दोबारा बुलाकर संपूर्ण व्यवस्था का बेहतर स्वरूप दिखाया जाएगा। इस पर सीएमओ ने चिकित्सा अधीक्षक की पहल की सराहना करते हुए कहा कि अस्पताल में सुधार के प्रयास लगातार और ईमानदारी से किए जाएं ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। इस मौके पर डॉ. संदीप कुमार गुप्ता, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. बबुनी आर्य, डीआर. रुबी समेत सभी संबंधित स्टाफ उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने सभी कर्मचारियों को टीमवर्क के साथ अस्पताल की छवि सुधारने और मरीजों को बेहतर सेवा प्रदान करने का निर्देश दिया।

पुलिस ने शातिर वाहन चोर को किया गिरफ्तार, 5 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l
जनपद देवरिया में वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए थाना श्रीरामपुर पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से पांच चोरी की मोटरसाइकिल, पांच मास्टर चाभियां तथा दो फर्जी नंबर प्लेट बरामद की हैं। बरामद मोटरसाइकिलों की अनुमानित कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई जा रही है।पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) सुनील कुमार सिंह एवं क्षेत्राधिकारी भाटपाररानी अंशुमन श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। थानाध्यक्ष श्रीरामपुर डॉ. महेन्द्र कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने 7 जनवरी 2026 को सिकटिया अंग्रेजी शराब भट्टी के पास संदिग्ध वाहन चेकिंग के दौरान एक फर्जी नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया।पूछताछ में अभियुक्त की निशानदेही पर चार अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान प्रकाश कुमार रंजन पुत्र राकेश रंजन निवासी मोती छापर, थाना मैरवा, जनपद सिवान (बिहार) के रूप में हुई है।पुलिस के अनुसार बरामद मोटरसाइकिलें बिहार व उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से चोरी की गई थीं, जिनके संबंध में पूर्व से मुकदमे दर्ज हैं। अभियुक्त के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।इस सफल अनावरण से क्षेत्र में सक्रिय वाहन चोर गिरोह पर प्रभावी चोट मानी जा रही है।गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक जयराम यादव, विपिन यादव, राघवेन्द्र सिंह सहित कुल नौ पुलिसकर्मी शामिल रहे।

भीषण ठंड व कोहरे से फसलों की सुरक्षा के लिए उद्यान विभाग की किसानों को सलाह

मऊ(राष्ट्र की परम्परा)जनपद मऊ में विगत 15 दिनों से पड़ रही भीषण ठंड और घने कोहरे को देखते हुए उद्यान विभाग ने किसानों को सब्जियों, आलू, फल एवं फूलों की फसलों की सुरक्षा हेतु आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय अपनाने की सलाह दी है। जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि मौजूदा मौसम में फसलों में रोग एवं कीटों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।उन्होंने बताया कि सब्जी वर्गीय फसलों, विशेषकर टमाटर व मिर्च में विषाणु रोग का प्रकोप देखा जा रहा है, जो सफेद मक्खी एवं हापर कीट के माध्यम से फैलता है। इसकी रोकथाम के लिए फिप्रोनिल 5 प्रतिशत अथवा इमिडाक्लोप्रिड 0.5 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है।जनपद में लगभग 300 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की खेती की गई है। ठंड एवं कोहरे के कारण आलू की फसल में झुलसा रोग का खतरा बढ़ गया है। इसके नियंत्रण हेतु मैन्कोजैब, प्रोपीनेब या कार्बेन्डाजिम युक्त फफूंदनाशी दवाओं का 2 से 2.5 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से 1000 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। जिन खेतों में रोग का प्रकोप हो चुका है, वहां सायमोक्सेनिल एवं मैन्कोजैब मिश्रित दवा का 16-16 दिन के अंतराल पर छिड़काव करने को कहा गया है।विकासखंड परदहां, रानीपुर एवं मुहम्मदाबाद में गोभी वर्गीय फसलों में डायमंड बैक मॉथ का प्रकोप बढ़ने की संभावना जताई गई है। इससे बचाव हेतु क्लोरेन्ट्रानिलिप्रोल 0.5 से 1 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है।आम एवं अमरूद बागवानी करने वाले किसानों को बागों की जुताई, पुरानी शाखाओं की कटाई-छटाई तथा कीट-रोग नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाय अपनाने को कहा गया है। आम में मिलीबग, डाइबैक रोग एवं गोंद निकलने की समस्या से बचाव के लिए पॉलीथीन बैंडिंग, कॉपर सल्फेट एवं अनुशंसित दवाओं के प्रयोग की सलाह दी गई है। वहीं अमरूद में छाल खाने वाली इल्ली के नियंत्रण हेतु क्लोरेन्ट्रानिलिप्रोल के छिड़काव की अनुशंसा की गई है।फूलों की व्यावसायिक खेती करने वाले किसानों को गुलाब एवं ग्लेडियोलस फसलों में सिंचाई, निराई-गुड़ाई तथा रोग नियंत्रण हेतु समय-समय पर दवाओं के प्रयोग की सलाह दी गई है।जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि रबी मौसम की सभी शाकभाजी फसलों में एकीकृत कीट प्रबंधन के तहत नीम सीड कर्नल एक्सट्रैक्ट का 10 से 15 दिन के अंतराल पर छिड़काव लाभकारी रहेगा। यदि किसी किसान को फसल से संबंधित कोई विशेष समस्या हो तो वे कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी या कृषि रक्षा अधिकारी, मऊ के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

Stray Dogs पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, पूछा– बिल्ली चूहों की दुश्मन तो क्या उन्हें ले आएं?

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और उनके नियंत्रण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को एक बार फिर सुनवाई हुई। अदालत ने आवारा जानवरों से जनता की सुरक्षा और उन्हें नियंत्रित करने में नागरिक एजेंसियों की कथित विफलताओं से जुड़ी याचिकाओं पर गंभीरता से विचार किया।

चूहों और बंदरों का भी खतरा: वरिष्ठ वकील

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता सीयू सिंह ने दलील दी कि केवल कुत्तों को हटाना समाधान नहीं है। उन्होंने कहा,
“दिल्ली में चूहे और बंदर भी बड़ा खतरा हैं। अगर कुत्तों को अचानक हटा दिया गया तो चूहों की आबादी बढ़ जाएगी। कुत्ते एक तरह से पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखते हैं।”

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी– तो क्या बिल्लियों को बढ़ावा दें?

इस दलील पर न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा,
“क्या इसका आपस में कोई सीधा संबंध है? अगर चूहे समस्या हैं तो क्या हमें बिल्लियों को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि वे चूहों की दुश्मन हैं?”
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि गली-मोहल्लों से हर कुत्ते को हटाने का निर्देश कभी नहीं दिया गया।

ये भी पढ़ें – अंबरनाथ महानगरपालिका में बड़ा सियासी उलटफेर, कांग्रेस पूरी तरह साफ; बिना गठबंधन BJP का दबदबा

हर आवारा कुत्ते को हटाने का आदेश नहीं

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की पीठ ने साफ किया कि उनके पूर्व आदेशों का गलत अर्थ निकाला जा रहा है। अदालत ने कहा कि सड़कों से सभी आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश नहीं दिया गया, बल्कि नियमों के तहत केवल संस्थागत क्षेत्रों से कुत्तों को हटाने की बात कही गई थी।

वैज्ञानिक और व्यावहारिक समाधान पर जोर

बुधवार की सुनवाई में वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि सभी कुत्तों को पकड़ना या शेल्टर में रखना व्यावहारिक और आर्थिक रूप से संभव नहीं है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि
“रोकथाम, इलाज से बेहतर है।”
अदालत ने यह भी माना कि समस्या का समाधान वैज्ञानिक तरीकों से ही संभव है और मौजूदा कानूनों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है।

ये भी पढ़ें – असम में विपक्षी एकता को धार देने उतरे कांग्रेस के दिग्गज

सुनवाई जारी

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई आगे भी जारी रहेगी। अदालत का फोकस एक संतुलित, मानवीय और कानून के दायरे में रहने वाले समाधान पर है, जिससे जनता की सुरक्षा और पशु कल्याण—दोनों सुनिश्चित हो सकें।

अंबरनाथ महानगरपालिका में बड़ा सियासी उलटफेर, कांग्रेस पूरी तरह साफ; बिना गठबंधन BJP का दबदबा

महाराष्ट्र (राष्ट्र की परम्परा)। महाराष्ट्र की अंबरनाथ महानगरपालिका में राजनीति ने ऐसा करवट लिया है, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। कभी कट्टर विरोधी रही बीजेपी और कांग्रेस के बीच बना गठबंधन अब कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा नुकसान साबित हुआ है। हालात ऐसे बन गए हैं कि अंबरनाथ अब पूरी तरह कांग्रेस मुक्त हो गया है, जबकि बीजेपी बिना किसी औपचारिक गठबंधन के सबसे मजबूत स्थिति में पहुंच गई है।

गठबंधन से शुरू हुआ विवाद, कांग्रेस आलाकमान ने की कार्रवाई

महानगरपालिका चुनाव के दौरान अंबरनाथ में बीजेपी और कांग्रेस के बीच स्थानीय स्तर पर गठबंधन हुआ था। इस फैसले पर कांग्रेस आलाकमान ने कड़ी नाराजगी जताई और पार्टी लाइन से हटकर निर्णय लेने के आरोप में 12 कांग्रेस पार्षदों को निलंबित कर दिया। यही कदम आगे चलकर कांग्रेस के लिए घातक साबित हुआ।

निलंबित पार्षद BJP में शामिल, कांग्रेस का सफाया

कांग्रेस की कार्रवाई के बाद निलंबित किए गए सभी 12 पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए। इसके साथ ही अंबरनाथ महानगरपालिका में कांग्रेस का अस्तित्व लगभग समाप्त हो गया। इस घटनाक्रम का सीधा फायदा बीजेपी को मिला, जिसने बिना अलायंस के सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

देवेंद्र फडणवीस ने भी जताई थी नाराजगी

बीजेपी-कांग्रेस गठबंधन को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सार्वजनिक रूप से असहमति जताई थी। उनकी नाराजगी के बाद यह गठबंधन टूट गया। इसके तुरंत बाद कांग्रेस की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई और सियासी तस्वीर पूरी तरह बदल गई।

शिंदे गुट को भी झटका

बीजेपी का यह राजनीतिक दांव एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना पर भी भारी पड़ा। बीजेपी ने कांग्रेस के साथ अस्थायी तालमेल कर शिवसेना को अंबरनाथ की सत्ता से दूर कर दिया। अब नतीजा यह है कि शिवसेना भी महानगरपालिका से बाहर है और कांग्रेस भी राजनीतिक रूप से हाशिये पर चली गई है।

ये भी पढ़ें – असम में विपक्षी एकता को धार देने उतरे कांग्रेस के दिग्गज

कांग्रेस की सफाई और अंदरूनी कलह

अंबरनाथ कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि गठबंधअंबरनाथन का प्रस्ताव सबसे पहले बीजेपी की ओर से आया था। हालांकि, यह फैसला लेते समय राज्य कांग्रेस कार्यालय को भरोसे में नहीं लिया गया, इसी वजह से आलाकमान ने कड़ा कदम उठाया। अब निलंबित पार्षदों के बीजेपी में जाने से पार्टी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

BJP की स्थिति मजबूत

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के टूटने और शिंदे गुट के बाहर होने से अंबरनाथ में बीजेपी का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। अब महानगरपालिका में बीजेपी का कामकाज बिना किसी बड़े राजनीतिक विरोध के आसानी से आगे बढ़ सकता है।

ये भी पढ़ें – अमेरिका को आर्मी चीफ अमीर हातमी की चेतावनी- हमला हुआ तो ‘ गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा’

असम में विपक्षी एकता को धार देने उतरे कांग्रेस के दिग्गज

असम चुनाव 2026: कांग्रेस की बड़ी रणनीतिक चाल, वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से बदलेगा सियासी समीकरण

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)आगामी असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारी को धार देते हुए संगठनात्मक स्तर पर बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और झारखंड के वरिष्ठ नेता बंधु तिर्की को असम के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इस फैसले को विपक्षी एकजुटता और जमीनी रणनीति को मज़बूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी बयान में बताया गया कि असम सहित उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए पर्यवेक्षकों की टीमें गठित की गई हैं, जहां इस वर्ष चुनाव प्रस्तावित हैं। इससे पहले प्रियंका गांधी वाड्रा को असम चुनावों के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया जाना कांग्रेस की गंभीरता को दर्शाता है। माना जा रहा है कि वरिष्ठ पर्यवेक्षक और स्क्रीनिंग कमेटी मिलकर टिकट वितरण, गठबंधन समन्वय और प्रचार रणनीति पर खास ध्यान देंगे।
असम में 126 विधानसभा सीटों पर मार्च–अप्रैल के बीच मतदान की संभावना है। कांग्रेस पहले ही कई क्षेत्रीय और वामपंथी दलों के साथ साझा मोर्चा बनाने की घोषणा कर चुकी है, जिससे मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। विपक्षी खेमे का लक्ष्य सत्ताधारी दल को कड़ी चुनौती देना और जनता के मुद्दों को केंद्र में लाना है।
इस बीच, असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने चुनाव को जनता बनाम सत्ता के अहंकार की लड़ाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार धनबल, दबाव और विभाजनकारी राजनीति के सहारे चुनाव प्रभावित करना चाहती है, लेकिन जनता एकजुट होकर लोकतांत्रिक जवाब देगी। कांग्रेस का दावा है कि असम की संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और जनता की गरिमा की रक्षा ही उनकी राजनीति का केंद्र है।
कुल मिलाकर, वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की तैनाती से कांग्रेस ने संकेत दे दिया है कि Assam Assembly Election 2026 में पार्टी पूरी ताकत और रणनीति के साथ मैदान में उतरने वाली है।

अमेरिका को आर्मी चीफ अमीर हातमी की चेतावनी- हमला हुआ तो ‘ गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा’

वाशिंगटन (RKP news desk)अमेरिका की सख्त चेतावनी के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल अमीर हातमी ने 7 जनवरी 2026 को अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी विदेशी ताकत ईरान को धमकाने की भूल न करे। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि ईरान पर हमला हुआ तो हमलावरों का “हाथ काट दिया जाएगा।”
ट्रंप की धमकी पर तीखी प्रतिक्रिया
ईरान का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद सामने आया है। ट्रंप ने कहा था कि यदि ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा की गई या उन्हें मारा गया तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा, “अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को गोली मारता है तो अमेरिका उन्हें बचाने आएगा, हम पूरी तरह तैयार हैं।”
खामेनेई को जान से मारने की धमकी
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने एक टीवी इंटरव्यू में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को खुली धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं रुकी तो डोनाल्ड ट्रंप सीधे खामेनेई को निशाना बना सकते हैं। इस बयान ने ईरान-अमेरिका तनाव को और भड़का दिया है।

ये भी पढ़ें – अमृत योजना में देरी पर ठेकेदारों को चेतावनी

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज
ईरान में बीते कई दिनों से महंगाई, रियाल की गिरती कीमत और आर्थिक संकट को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। राजधानी तेहरान से शुरू हुए प्रदर्शन कई शहरों तक फैल गए हैं। फासा शहर में प्रदर्शनकारियों ने गवर्नर ऑफिस में आगजनी और पथराव किया।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने हालात शांत करने की कोशिश करते हुए कहा कि टैक्स बढ़ाने की योजना पर पुनर्विचार किया जाएगा और जनता की मांगें जायज हैं।
इजरायल और अमेरिका का समर्थन
अमेरिका के साथ-साथ इजरायल ने भी ईरान में हो रहे प्रदर्शनों का समर्थन किया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वे ईरानी जनता की आज़ादी और न्याय की लड़ाई के साथ खड़े हैं।

ये भी पढ़ें – झुग्गी बस्ती में आग से हड़कंप, दमकल विभाग ने संभाला मोर्चा

युद्ध के लिए पहले से ज्यादा तैयार ईरान
आर्मी चीफ अमीर हातमी ने कहा कि ईरान की सेना अब जून 2025 में इजरायल के साथ हुए 12 दिन के युद्ध से भी ज्यादा मजबूत और तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दुश्मन ने कोई गलती की तो जवाब पहले से कहीं अधिक कठोर होगा।
ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी ने भी कहा कि अमेरिका को अपने सैनिकों की सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए।
पिछले हमलों से बढ़ा तनाव
गौरतलब है कि जून 2025 में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के न्यूक्लियर और बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमले किए थे। ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताते हुए बदला लेने की चेतावनी दी थी। फिलहाल दोनों देशों के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

भूमि उपलब्धता में देरी पर सख्त रुख, डीएम ने अफसरों को दी वेतन रोकने की चेतावनी


बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।जिले में विकास योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि भूमि उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि तय समयसीमा में भूमि चिन्हित नहीं हुई तो संबंधित अधिकारियों के वेतन पर रोक लगाई जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाएं आम जनता से सीधे जुड़ी हैं और इनमें लापरवाही विकास को बाधित करती है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग के लिए उपयुक्त भूमि तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही तहसील सिकंदरपुर, रसड़ा और बैरिया में कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण के लिए 10-10 एकड़ भूमि एक सप्ताह के भीतर चिन्हित करने को कहा।

ये भी पढ़ें – झुग्गी बस्ती में आग से हड़कंप, दमकल विभाग ने संभाला मोर्चा

किसान कल्याण केंद्रों के लिए बांसडीह, बैरिया और बलिया सदर में 25×25 फीट भूमि तय करने, जबकि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के लिए मनियर, सिकंदरपुर और बैरिया में भूमि शीघ्र उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया। डीएम ने बताया कि जिले में 35 यूनानी-आयुर्वेदिक और 22 होम्योपैथिक चिकित्सालयों के निर्माण हेतु 1000 वर्ग फीट भूमि चिन्हित की जानी है।
उन्होंने 32 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय, 650 आंगनबाड़ी केंद्रों, शहरी क्षेत्र में नए अस्पताल, 22 हेलीपैड, 14 विकास खंडों में स्टेडियम व ओपन जिम, तथा सागरपाली बाढ़ शरणालय के स्थानांतरण के लिए भूमि शीघ्र तय करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा डीपीआरओ को ग्राम पंचायत भवनों पर बाल पेंटिंग के माध्यम से योजनाओं की जानकारी अंकित कराने और सीएमओ को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के शत-प्रतिशत स्वास्थ्य कार्ड जारी करने का निर्देश भी दिया गया। बैठक में सीडीओ, सीआरओ, सिटी मजिस्ट्रेट समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बी०एस०एस० परशुराम सेना के महामंत्री मनोनीत हुए दुर्गा पाण्डेय

मऊ(राष्ट्र की परम्परा )
बी०एस०एस० परशुराम सेना (ब्राम्हण स्वयंसेवक संघ) द्वारा संगठन विस्तार के क्रम में दुर्गा पाण्डेय को गोरखपुर क्षेत्र का क्षेत्रीय महामंत्री मनोनीत किया गया है। यह मनोनयन वंदनीय ब्राम्हण शिरोमणि राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनाथ पाण्डेय के मार्गदर्शन एवं उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पण्डित अजीत कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में जिला कार्यकारिणी के अंतर्गत किया गया।

इसे भी पढ़ें – धूनी रमाये मिलते हैं हमारे धर्म गुरू

प्रदेश अध्यक्ष पण्डित अजीत कुमार पाण्डेय ने जारी मनोनयन-पत्र में कहा कि संगठन को पूर्ण विश्वास है कि दुर्गा पाण्डेय ब्राम्हण समाज के हितों के लिए सदैव सक्रिय रहेंगे और बी०एस०एस० परशुराम सेना को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नव-नियुक्त पदाधिकारी संगठन के उद्देश्यों के अनुरूप निष्ठा, परिश्रम और समर्पण के साथ कार्य करेंगे।
मनोनयन-पत्र के अनुसार, संगठन को विश्वास है कि वे ब्राम्हण समाज को साथ लेकर चलेंगे, संगठन को मजबूत करेंगे तथा अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करेंगे। बी०एस०एस० परशुराम सेना ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

खेत में मिला अज्ञात युवक का शव, शिनाख्त न होने से रहस्य बरकरार

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) देवरिया जिले के महुआडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत भटनी बुजुर्ग गांव के एक खेत में गुरुवार सुबह लगभग 30 वर्षीय युवक का शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। खेत में शव पड़े होने की सूचना ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
सूचना पर पहुंची महुआडीह पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए ग्रामीणों ने युवक की हत्या कर शव खेत में फेंके जाने की आशंका जताई है, हालांकि पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा शव का वीडियो और फोटो विभिन्न व्हाट्सएप समूहों में साझा किया गया है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। इससे मामले को लेकर रहस्य और गहरा गया है।

ये भी पढ़ें – अवैध जुगाड़ गाड़ियों पर शिकंजा, परिवहन विभाग अलर्ट मोड में

इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर संजय रेड्डी ने बताया कि खेत से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। पहचान कराने के प्रयास जारी हैं। पहचान होने के बाद ही मौत के कारणों और घटना की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा हो सकेगा।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच की जा रही है।

झुग्गी बस्ती में आग से हड़कंप, दमकल विभाग ने संभाला मोर्चा

🔥 कोलकाता की झुग्गी बस्ती में भीषण अगलगी, दर्जनभर घर जलकर राख, कई परिवार बेघर

कोलकाता (rkpdesk) पूर्वी हिस्से में बुधवार देर शाम एक दर्दनाक अगलगी की घटना ने सैकड़ों लोगों की चिंता बढ़ा दी। आनंदपुर थाना क्षेत्र के नोनाडांगा स्थित मातंगिनी कॉलोनी झुग्गी बस्ती में अचानक आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। घनी आबादी और कच्चे मकानों की वजह से आग तेजी से फैलती चली गई।
दमकल विभाग को शाम सूचना मिली, जिसके बाद हालात की गंभीरता को देखते हुए सात दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। आग बुझाने में दमकलकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और लगभग एक घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान पूरा इलाका काले धुएं से ढका रहा, जिससे अफरातफरी का माहौल बन गया।
घटना की जानकारी मिलते ही कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान जाने की सूचना नहीं है, हालांकि एक-दो लोगों के हल्के रूप से झुलसने की बात सामने आई है।

ये भी पढ़ें – भोर में गोलियों की गूंज: पुलिस मुठभेड़ में दो गो-तस्कर धराए, तीन फरार

स्थानीय निवासियों के अनुसार, एक दर्जन से अधिक झुग्गी घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। घरों में रखा जरूरी सामान, कपड़े, अनाज और दैनिक उपयोग की वस्तुएं आग की भेंट चढ़ गईं। कई परिवारों के सामने अब रहने और खाने तक का संकट खड़ा हो गया है।
आग लगने के कारणों का अब तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। दमकल विभाग का कहना है कि आग पर पूरी तरह नियंत्रण के बाद जांच शुरू की जाएगी, साथ ही यह भी देखा जाएगा कि क्या इलाके में किसी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ मौजूद था। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता पीड़ितों को राहत पहुंचाने की है, हालांकि सरकारी मुआवजे को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

अमृत योजना में देरी पर ठेकेदारों को चेतावनी

धनबाद में जलापूर्ति योजनाओं पर सख्ती, अमृत फेज-1 की सुस्ती पर नगर आयुक्त का कड़ा रुख

धनबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त और भरोसेमंद बनाने के लिए नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने शहरी क्षेत्र में संचालित चार प्रमुख जलापूर्ति योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए कार्यदायी एजेंसियों को स्पष्ट संदेश दिया कि लापरवाही अब स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में डीएमएफटी से वित्तपोषित फेज-2 जलापूर्ति संवर्धन योजना की प्रगति की विस्तार से पड़ताल की गई।
एलएंडटी द्वारा क्रियान्वित फेज-2 योजना में इंटेक वेल निर्माण के दौरान आ रही तकनीकी दिक्कतें, डीवीसी व एनएचएआइ से समन्वय की बाधाएं, अतिक्रमण, विभिन्न स्तरों पर स्वीकृति में देरी तथा सिंदरी क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों को चिह्नित किया गया। नगर आयुक्त ने इन अड़चनों के त्वरित समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया।
वहीं अमृत फेज-1 जलापूर्ति योजना की धीमी प्रगति पर नगर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। श्रीराम इपीसी द्वारा किए जा रहे कार्यों की सुस्त रफ्तार पर नियमसम्मत कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि तय समयसीमा में काम पूरा करना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के दौरान जलापूर्ति नेटवर्क में लीकेज, तकनीकी खामियों और वितरण व्यवस्था की कमजोरियों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने को कहा गया।

ये भी पढ़ें – बिलावर के कहोग गांव में जैश आतंकियों से आमना-सामना, सर्च ऑपरेशन जारी

नगर आयुक्त ने घरेलू जल संयोजन से होने वाले राजस्व संग्रह की कमजोर स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई और प्रभावी सुधार न होने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी। सभी एजेंसियों को राज्य व केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के पालन और नगर विकास एवं आवास विभाग को नियमित प्रगति प्रतिवेदन भेजने के आदेश दिए गए। बैठक में निगम के वरिष्ठ अधिकारी, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जुडको सहित सभी संबंधित एजेंसियां उपस्थित रहीं।

अवैध जुगाड़ गाड़ियों पर शिकंजा, परिवहन विभाग अलर्ट मोड में

बिहार की सड़कों से जुगाड़ गाड़ियों का सफाया तय, 8 के बाद चलेगा विशेष अभियान

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार में लंबे समय से सड़कों पर दौड़ रही जुगाड़ गाड़ियों के अवैध संचालन पर अब सख्त प्रहार होने जा रहा है। परिवहन विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने राज्य के सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि आठ तारीख के बाद जुगाड़ गाड़ियों के खिलाफ विशेष अभियान अनिवार्य रूप से चलाया जाए। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और पटना हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत लिया गया है।
मंत्री ने साफ कहा कि जुगाड़ गाड़ियों का परिचालन दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। यह केवल ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और जनहित से सीधा खिलवाड़ है। ऐसे में सभी जिलों में इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लागू किया जाएगा। कार्रवाई राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों, शहरी इलाकों और कस्बों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन ग्रामीण क्षेत्रों पर भी फोकस होगा जहां जुगाड़ गाड़ियां दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रही हैं।

ये भी पढ़ें – सलेमपुर में युवाओं का सराहनीय प्रयास, ठंड में जरूरतमंदों तक पहुंचाया सहारा

परिवहन विभाग के अनुसार, बिहार में चल रही जुगाड़ गाड़ियां आमतौर पर डीजल पंप सेट, मोटरसाइकिल के हैंडल और ठेला-रिक्शा की बॉडी को जोड़कर बनाई जाती हैं। इन वाहनों के पास न तो वैध रजिस्ट्रेशन होता है, न फिटनेस सर्टिफिकेट और न ही कोई सुरक्षा मानक। ब्रेक, लाइट, इंजन, प्रदूषण नियंत्रण—हर स्तर पर ये वाहन कानून के विपरीत हैं।
सरकार का मानना है कि जुगाड़ गाड़ियां सड़क दुर्घटनाओं के साथ-साथ वायु प्रदूषण का भी बड़ा कारण हैं। धुआं छोड़ते ये वाहन न सिर्फ यात्रियों, बल्कि आम नागरिकों की सेहत पर भी असर डालते हैं। इनके हटने से सड़क सुरक्षा मजबूत होगी और पर्यावरण को भी राहत मिलेगी।
परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि अभियान के दौरान किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान, जब्ती और कानूनी कार्रवाई तय है।