Tuesday, June 23, 2026
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नाबालिग से अपराध पर पुलिस का बड़ा एक्शन, देवरिया में आरोपी सलाखों के पीछे

देवरिया दुष्कर्म कांड में बड़ी कार्रवाई: वांछित आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग पीड़िता पहले ही सकुशल बरामद

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जनपद में नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना रामपुर कारखाना पुलिस ने लंबे समय से वांछित चल रहे नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देश पर अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत की गई है।
अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनंद कुमार पाण्डेय के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी के पर्यवेक्षण में थाना रामपुर कारखाना पुलिस टीम ने मु0अ0सं0 175/2025 से जुड़े अभियुक्त लक्ष्मन सिंह पुत्र राजकिशोर सिंह, निवासी मथुरा छापर, थाना रामपुर कारखाना, जनपद देवरिया को गिरफ्तार किया। अभियुक्त को मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर ग्राम पटनवापुल के पास से दबोचा गया।

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पुलिस के अनुसार, यह मामला 14 जुलाई 2025 को सामने आया था, जब पीड़िता की माता ने थाना रामपुर कारखाना में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनकी नाबालिग पुत्री को अभियुक्त बहला-फुसलाकर घर से भगा ले गया है। तहरीर के आधार पर तत्काल गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू की गई थी। जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 65(1) तथा पाक्सो एक्ट की धारा 5L/6 की बढ़ोत्तरी की गई।
पुलिस ने इस मामले में पहले ही एक अहम सफलता हासिल करते हुए 5 जनवरी 2026 को नाबालिग पीड़िता को सकुशल बरामद कर लिया था। पीड़िता को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण एवं वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद से पुलिस लगातार फरार अभियुक्त की तलाश में जुटी हुई थी।
लगातार दबिश और तकनीकी व मुखबिर तंत्र की मदद से आखिरकार पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है और उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के जघन्य अपराधों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

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गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक अभिषेक कुमार यादव, कांस्टेबल अनमोल सरोज और कांस्टेबल विकास मौर्या शामिल रहे। स्थानीय स्तर पर पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है और इसे अपराध के विरुद्ध सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

डीएम ने की सड़क सुरक्षा समीक्षा, स्कूली वाहनों के 100% सत्यापन के निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान पूर्व में दिए गए निर्देशों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े सड़क सुरक्षा कार्यों की प्रगति की जानकारी एनएचएआई अधिकारियों से ली और लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्गों के किनारे झाड़ियों की साफ-सफाई, पटरी व नाली मरम्मत तथा अवैध कट्स हटाने पर विशेष जोर दिया।

एनएचएआई मार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए एंबुलेंस और क्रेन की उपलब्धता पर बल दिया गया। जिलाधिकारी ने जनपद में पर्याप्त संख्या में क्रेन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शहरी क्षेत्र में सड़क किनारे झाड़ियों की कटाई, नालियों की मरम्मत, चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों और स्ट्रीट लाइट की नियमित जांच के निर्देश अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को दिए गए। खलीलाबाद शहर में नूरी मस्जिद के सामने बने अवांछित डिवाइडर को तत्काल हटाने का आदेश दिया गया, जिससे यातायात सुरक्षित और सुगम हो सके।

वहीं बिड़हर मार्ग पर झाड़ियों की सफाई, पटरी मरम्मत और संकरी पुलिया को शीघ्र दुरुस्त कराने के निर्देश एनएच प्रतिनिधि को दिए गए। सार्वजनिक शौचालय निर्माण की समीक्षा में बताया गया कि चिन्हित 15 स्थलों में से 6 शौचालयों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। निर्माण में अनावश्यक देरी पाए जाने पर पीडब्ल्यूडी को समिति गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए गए।

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यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने गलत साइड और नो-पार्किंग में खड़े वाहनों के विरुद्ध नियमित चालान अभियान चलाने तथा चालान की संख्या सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। ठंड और कोहरे के मौसम में दुर्घटनाओं से बचाव के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित मालवाहक वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर रेडियम पट्टी लगाने का विशेष अभियान चलाने को कहा गया।

जिलाधिकारी आलोक कुमार ने परिवहन विभाग को जनपद के सभी स्कूली वाहनों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाहनों की परमिट और फिटनेस की नियमित जांच की जाए तथा अनफिट वाहनों को तत्काल चालान कर संचालन से रोका जाए। 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक लाइट की व्यवजी

स्था, सभी ब्लैक स्पॉट पर टेबल टॉप रंबल स्ट्रिप निर्माण तथा हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रयोग को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, नगर पालिका, विद्युत विभाग एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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राष्ट्रपति सम्मान पाने वाली खुशबू यादव का गांव में ऐतिहासिक स्वागत


बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाशाली छात्रा खुशबू यादव के गांव लौटने पर उनका ऐतिहासिक और भव्य स्वागत किया गया। राष्ट्रीय स्तर की पेंटिंग प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त कर राष्ट्रपति सम्मान हासिल करने के बाद शुक्रवार को खुशबू पहली बार अपने गांव सुरेनपुर पहुंचीं।

जैसे ही उनकी ट्रेन सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची, स्वागत के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और समर्थक पहले से मौजूद रहे। जिलापंचायत सदस्य विनोद यादव के नेतृत्व में लोगों ने फूल-मालाओं से खुशबू का स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और जयघोष के बीच स्टेशन परिसर से गांव तक जुलूस निकाला गया।

स्वागत समारोह के दौरान वक्ताओं ने खुशबू यादव की उपलब्धि को जिले के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि खुशबू ने न केवल अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है, बल्कि बलिया जनपद को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।

जिलापंचायत सदस्य विनोद यादव ने कहा कि खुशबू की सफलता उन बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

खुशबू यादव ने गांववासियों के स्नेह और सम्मान के लिए आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि पूरे गांव और जिले का है। उन्होंने बताया कि पेंटिंग के क्षेत्र में आगे और मेहनत कर वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन करना चाहती हैं।

गांव में प्रवेश करते ही महिलाओं और बच्चों ने फूल बरसाकर खुशबू का स्वागत किया। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की। इस अवसर पर स्थानीय विद्यालयों के शिक्षकों ने भी खुशबू को बधाई दी और कहा कि उनकी उपलब्धि से छात्रों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है।

खुशबू यादव के प्रथम गांव आगमन पर हुआ यह स्वागत समारोह पूरे क्षेत्र के लिए यादगार बन गया, जिसकी चर्चा आसपास के इलाकों में भी हो रही है।

यूपी पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा 2026 की तिथियां घोषित, मई में ऑनलाइन होगी परीक्षा

एजुकेशन डेस्क(राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के इच्छुक छात्रों के लिए बड़ी खबर है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने यूपी पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा 2026 का कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह परीक्षा राज्य के सरकारी और निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों में डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित की जाती है।
जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्रवेश परीक्षा 15 मई से 22 मई 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के रूप में ऑनलाइन मोड में होगी। इसमें इंजीनियरिंग, फार्मेसी सहित विभिन्न तकनीकी डिप्लोमा कोर्स के लिए अलग-अलग ग्रुप शामिल होंगे।

आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 जनवरी 2026 से शुरू होंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 तय की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन शुल्क सामान्य व ओबीसी वर्ग के लिए 300 रुपये, जबकि एससी व एसटी वर्ग के लिए 200 रुपये निर्धारित किया गया है। आवेदन के दौरान फोटो, हस्ताक्षर और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा।
योग्यता और कोर्स विवरण
अधिकांश डिप्लोमा कोर्स के लिए 10वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। कुछ विशेष कोर्स में गणित और विज्ञान विषय की अनिवार्यता रखी गई है। परीक्षा के माध्यम से इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, फार्मेसी, कृषि, फैशन डिजाइन जैसे कोर्स में प्रवेश मिलेगा।
परीक्षा पैटर्न
परीक्षा में कुल 100 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसके लिए 2 घंटे 30 मिनट का समय दिया जाएगा। परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। इंजीनियरिंग ग्रुप के लिए प्रश्न मुख्य रूप से गणित, भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान से होंगे।
काउंसलिंग और कॉलेज चयन
परीक्षा परिणाम के बाद रैंक के आधार पर काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। इसके तहत अभ्यर्थियों को उनकी रैंक और पसंद के अनुसार कॉलेज और कोर्स आवंटित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे संस्थान हैं, जहां डिप्लोमा छात्रों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ प्लेसमेंट के अवसर भी उपलब्ध हैं।

सीएचसी सोनबरसा में पुख़्ता इंतजाम, ठंड से सुरक्षित मरीज


बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। कड़ाके की ठंड को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सोनबरसा में मरीजों की सुरक्षा और सुविधा के लिए ठंड से बचाव के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अस्पताल प्रशासन द्वारा वार्डों में कंबल, हीटर और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे इलाज के लिए आने वाले रोगियों को राहत मिल रही है।

सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि ठंड के मौसम में मरीजों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। रात में भर्ती रहने वाले गंभीर मरीजों को कंबल उपलब्ध कराए जा रहे हैं और वार्डों में हीटर लगाए गए हैं, ताकि ठंड का असर कम किया जा सके।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सीएचसी सोनबरसा में अधिकांश मरीज प्राथमिक उपचार के बाद घर लौट जाते हैं। केवल कुछ गंभीर रोगियों को ही रात में भर्ती रखा जाता है। ऐसे मरीजों की विशेष निगरानी की जाती है और स्टाफ नर्सें रातभर वार्ड में तैनात रहकर उनकी देखभाल करती हैं।

अधीक्षक ने बताया कि ठंड के दौरान विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर रोगियों को अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता होती है। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि वे ऐसे मरीजों पर विशेष ध्यान दें और समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराएं।

स्थानीय लोगों ने भी सीएचसी सोनबरसा में की गई इन व्यवस्थाओं की सराहना की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस वर्ष ठंड से बचाव के लिए समय रहते की गई तैयारियों से मरीजों और उनके परिजनों को काफी राहत मिली है। पहले की तुलना में इस बार अस्पताल में व्यवस्थाएं अधिक बेहतर और सुव्यवस्थित नजर आ रही हैं।

कुल मिलाकर, सीएचसी सोनबरसा में ठंड से बचाव के लिए किए गए इंतजाम मरीजों के लिए राहत साबित हो रहे हैं। अस्पताल प्रशासन की सतर्कता और समयबद्ध तैयारी से स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा और मजबूत हुआ है।

निचलौल–महराजगंज मार्ग पर महिला का क्षत-विक्षत शव मिलने से मचा हड़कंप

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद महाराजगंज के निचलौल थाना क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब निचलौल–महराजगंज मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे एक अज्ञात महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला का शव ग्राम सभा बरोहिया के पास सड़क किनारे मिला। शव की हालत अत्यंत खराब थी, विशेष रूप से चेहरा बुरी तरह क्षत-विक्षत होने के कारण मृतका की पहचान करना मुश्किल हो गया। प्रारंभिक आकलन में महिला की उम्र लगभग 40 वर्ष के आसपास बताई जा रही है।

पुलिस ने शुरू की जांच, पहचान की कोशिश

सूचना मिलते ही निचलौल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू की। पुलिस के अनुसार मृतका के शरीर पर लाल रंग की साड़ी और गुलाबी रंग का स्वेटर पाया गया है, जिसके आधार पर पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों से मिलान किया जा रहा है, साथ ही स्थानीय ग्रामीणों से भी पूछताछ की जा रही है।

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सड़क हादसा या साजिश, हर एंगल से जांच

प्राथमिक जांच में पुलिस को आशंका है कि महिला किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आई हो सकती है। शरीर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान सड़क दुर्घटना की ओर संकेत कर रहे हैं। हालांकि पुलिस इसे केवल हादसा मानकर नहीं चल रही है और हत्या या शव फेंके जाने जैसी अन्य संभावनाओं को भी ध्यान में रखते हुए हर पहलू से जांच कर रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

शव मिलने के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसे पुलिस ने संभालते हुए भीड़ को नियंत्रित किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पहचान होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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छह माह से मानदेय बकाया, शासन की चुप्पी पर सवाल

योजना जमीन पर दौड़ रही, कर्मचारी आर्थिक बदहाली में—ग्राम रोजगार सेवकों का फूटा आक्रोश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन की रीढ़ मानी जाने वाली मनरेगा (अब वीबी जीरामजी योजना) भले ही कागजों और सरकारी रिपोर्टों में सफल दिखाई दे रही हो, लेकिन इस योजना को धरातल पर लागू करने वाले ग्राम रोजगार सेवक खुद गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। पिछले छह माह से मानदेय बकाया रहने को लेकर शुक्रवार को विकास खण्ड सदर परिसर में उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ की आवश्यक बैठक में शासन और प्रशासन के खिलाफ तीखा आक्रोश देखने को मिला।

बैठक की अध्यक्षता संघ के जिलाध्यक्ष एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद ने की। उन्होंने कहा कि जब सरकार रोजगार, पारदर्शिता और सुशासन की बात करती है, तो फिर योजना को लागू करने वाले कर्मचारियों को महीनों तक मानदेय से वंचित रखना किस नीति का हिस्सा है। यह स्थिति प्रशासनिक संवेदनहीनता को दर्शाती है।

नाम बदला, व्यवस्था नहीं—कर्मचारी उपेक्षित

बैठक में स्पष्ट किया गया कि मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जीरामजी किए जाने पर संगठन को आपत्ति नहीं है, लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि केवल नाम बदलने से जमीनी हकीकत नहीं बदलती। नई योजना लागू करते समय न तो ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय, न कार्यभार और न ही भविष्य की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस नीति बनाई गई।

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मानदेय न मिलने से कई कर्मचारियों पर कर्ज का बोझ बढ़ गया है। बच्चों की पढ़ाई, इलाज, किराया, बिजली-पानी के बिल और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद जिला प्रशासन की ओर से न कोई स्पष्ट जवाब मिला और न ही कोई ठोस आश्वासन।

18 वर्षों की सेवा, फिर भी अस्थायी दर्जा

बैठक में नियमितीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। ग्राम रोजगार सेवकों ने बताया कि कई कर्मचारी 18 वर्षों से लगातार सेवा दे रहे हैं। पंचायत स्तर पर योजना क्रियान्वयन, ऑनलाइन फीडिंग, मजदूर सत्यापन और रिपोर्टिंग जैसी अहम जिम्मेदारियों के बावजूद उन्हें आज भी अस्थायी कर्मचारी माना जाता है। संगठन ने इसे श्रम शोषण बताते हुए सरकार की श्रम हितैषी छवि पर सवाल खड़े किए।

प्रमुख मांगें

बैठक में निम्न मांगें रखी गईं—

• छह माह का बकाया मानदेय तत्काल जारी किया जाए

• ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाए

• हर माह निश्चित तिथि पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए

• नई योजना में पूर्व की सकारात्मक नीतियों को शामिल किया जाए

• वर्षों से कार्यरत ग्राम रोजगार सेवकों का नियमितीकरण किया जाए

संघ ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो जिला से प्रदेश स्तर तक धरना-प्रदर्शन, कार्य बहिष्कार और आंदोलन किया जाएगा। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन पर पड़ने वाले प्रभाव की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

बैठक में प्रवीण मणि त्रिपाठी, इंद्रविजय यादव, बंधु मद्धेशिया, अमित पटेल, घनश्याम, राम आशीष पटेल, राहुल कुमार गुप्ता, ए.के. चंद्रा, राजेश जायसवाल, संतोष कुमार गुप्ता, धर्मेंद्र, इंद्रमणि विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सेवक उपस्थित रहे।

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ED कार्रवाई के खिलाफ TMC का हल्ला बोल, अमित शाह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन, सांसद हिरासत में


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)देश की राजधानी दिल्ली में उस वक्त सियासी माहौल गरमा गया जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध राजनीतिक रणनीति से जुड़ी संस्था आई-पैक (I-PAC) और उससे जुड़े लोगों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के खिलाफ किया गया। प्रदर्शन में लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा, राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और कीर्ति आज़ाद सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे।

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TMC सांसदों ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि ED और अन्य जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को डराने और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान “लोकतंत्र बचाओ” और “एजेंसियों का दुरुपयोग बंद करो” जैसे नारे लगाए गए। हालात उस समय और तनावपूर्ण हो गए जब दिल्ली पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन का हवाला देते हुए सांसदों को हिरासत में ले लिया और उन्हें पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने ले जाया गया।

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पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों को राजनीतिक हथियार बना चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए डर और दमन का रास्ता अपनाया जा रहा है। वहीं, TMC सांसद कीर्ति आज़ाद ने सवाल उठाया कि क्या ED केवल उन्हीं नेताओं के खिलाफ सक्रिय है, जिनसे भाजपा चुनावी तौर पर मुकाबला नहीं कर पा रही।
महुआ मोइत्रा ने हिरासत के बाद कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जता रहे थे, लेकिन उन्हें जबरन थाने लाया गया। उन्होंने ED को “वसूली निदेशालय” बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को निशाना बनाया जा रहा है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार और पुलिस का कहना है कि ED की कार्रवाई कानून के तहत है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हिरासत जरूरी थी।

बिछुआ कॉलेज में छात्रों को निवेश, बचत व जोखिम प्रबंधन की ट्रेनिंग

बिछुआ/म.प्र. (राष्ट्र की परम्परा)। शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में विद्यार्थियों को वित्तीय रूप से जागरूक और सशक्त बनाने के उद्देश्य से “वित्तीय शिक्षा – फॉर यंग सिटिज़न” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को निवेश, बचत और जोखिम प्रबंधन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी प्रदान कर उन्हें सही वित्तीय निर्णय लेने में सक्षम बनाना रहा।

शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड की मिली सरल समझ

प्रशिक्षण सत्रों का संचालन सेबी स्मार्ट्स के प्रशिक्षक आशीष देशभ्रातर द्वारा किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, जोखिम प्रबंधन तथा सुरक्षित निवेश के तरीकों को सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया।

कार्यक्रम में छात्रों की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली, जिससे उनकी वित्तीय जागरूकता में वृद्धि स्पष्ट नजर आई।

युवाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की पहल

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट (NISM) और आदित्य बिड़ला कैपिटल फाउंडेशन की संयुक्त पहल के अंतर्गत आयोजित किया गया। इसे युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आयोजन में रहा विशेष सहयोग

कार्यक्रम का सफल संचालन स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रभारी डॉ. फरहत मंसूरी ने किया। आयोजन में निलेश काले एवं कैलाश सहारे का विशेष सहयोग रहा।
महाविद्यालय परिवार ने इस तरह के कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

जमीनी जनसंपर्क से उभरता नेतृत्व: विधानसभा 319 में सुमन ओझा की मजबूत होती राजनीतिक पहचान

महाराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। राजनीति में सशक्त नेतृत्व की पहचान केवल मंचों और भाषणों से नहीं होती, बल्कि जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझने और समाधान की पहल करने से बनती है। विधानसभा क्षेत्र 319 में सुमन ओझा का निरंतर गांव-गांव जनसंपर्क अभियान इसी जमीनी राजनीति का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आ रहा है। उनके प्रयास क्षेत्र में एक संवेदनशील, सक्रिय और भरोसेमंद नेतृत्व की छवि को मजबूत कर रहे हैं।

सुमन ओझा का जनसंपर्क केवल औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं है। वे सीधे लोगों के घर-आंगन तक पहुंचकर उनके सुख-दुख में सहभागी बन रही हैं। कहीं बीमार लोगों की कुशलक्षेम पूछती नजर आती हैं, तो कहीं जरूरतमंद परिवारों की समस्याएं सुनकर समाधान का भरोसा दिलाती हैं। यही मानवीय संवेदना उन्हें पारंपरिक राजनीति से अलग पहचान दिला रही है।

हर वर्ग से सीधा संवाद बना रहा विश्वास

किसान, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग—हर वर्ग से उनका सीधा संवाद देखने को मिल रहा है। गांव की चौपालों से लेकर व्यक्तिगत मुलाकातों तक उनकी सक्रिय मौजूदगी यह स्पष्ट संदेश दे रही है कि मजबूत नेतृत्व की नींव जनता से निकटता पर ही टिकी होती है, न कि दूरी पर।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद ऐसा जनप्रतिनिधि उभरता दिख रहा है, जो बिना किसी दिखावे के आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहा है। समस्याओं को संबंधित मंचों तक पहुंचाने और समाधान के लिए निरंतर प्रयास का आश्वासन क्षेत्र में भरोसे की राजनीति को नई ऊर्जा दे रहा है।

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राजनीतिक विश्लेषकों की राय

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि सुमन ओझा का यही निरंतर जनसंपर्क और जमीनी जुड़ाव बना रहा, तो आने वाले समय में वे विधानसभा 319 में एक मजबूत जननेतृत्व के रूप में स्थापित हो सकती हैं।

परतावल ब्लॉक में जनसंपर्क अभियान

अपने हालिया जनसंपर्क अभियान के दौरान सुमन ओझा ने परतावल ब्लॉक के पुरैना, बैरिया, मोहम्मदपुर, श्यामदेउरवां और अमवा गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बूथ प्रभारियों और ग्राम प्रधानों से संवाद कर संगठनात्मक मजबूती और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की।
इस अवसर पर प्रधान जनार्दन यादव, रोहित शर्मा, राजेश दुबे, सीताराम यादव, सुरेंद्र यादव, त्रिपुरारी पांडेय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

शांत स्वभाव, संवेदनशील दृष्टिकोण और निरंतर सक्रियता—सुमन ओझा का यह जनसंपर्क अभियान न केवल वर्तमान राजनीतिक हलचल का संकेत है, बल्कि विधानसभा 319 में भविष्य की राजनीति की दिशा भी तय करता नजर आ रहा है।

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बिहार में फिर रेल सुरक्षा पर सवाल, जम्मूतवी एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी

जम्मूतवी एक्सप्रेस पर पथराव, वीडियो वायरल होते ही पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार


गया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार के गया जिले में रेल सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जम्मूतवी एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव की घटना सामने आई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के सामने आते ही पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने फौरन कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गहन जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार, जम्मूतवी एक्सप्रेस गया रेलवे स्टेशन के यार्ड क्षेत्र से गुजर रही थी। इसी दौरान दूसरे रेलवे ट्रैक पर मौजूद एक युवक ने अचानक ट्रेन पर ताबड़तोड़ पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पूरी घटना पास में मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल कैमरे में कैद कर ली। वीडियो में युवक का चेहरा स्पष्ट दिखाई दे रहा है, जिससे पहचान में पुलिस को आसानी हुई।

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गनीमत यह रही कि इस पथराव की घटना में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ और ट्रेन को बड़ा नुकसान होने से बचा लिया गया। हालांकि, इस तरह की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति के लिए बड़ा खतरा मानी जाती हैं। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की जा रही है।

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गौरतलब है कि बिहार में ट्रेन पर पथराव की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। इससे पहले सीमांचल एक्सप्रेस पर भी हमला हुआ था, जहां अज्ञात बदमाशों ने ट्रेन रोककर न सिर्फ पत्थरबाजी की थी बल्कि फायरिंग तक की गई थी। उस मामले में आरपीएफ जवानों की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
रेल प्रशासन और पुलिस का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इतिहास पर राजनीति नहीं, समझ की जरूरत: शशि थरूर

नेहरू के प्रशंसक, अंधभक्त नहीं: शशि थरूर के बयान से राजनीति में नई बहस

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)केरल में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर के ताजा बयान ने देश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। थरूर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के प्रशंसक हैं, लेकिन उनके हर विचार और हर निर्णय का समर्थन करना बौद्धिक ईमानदारी नहीं होगी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में इतिहास और विरासत को लेकर सियासी टकराव लगातार तेज होता जा रहा है।
शशि थरूर ने कहा कि नेहरू ने आज़ाद भारत की लोकतांत्रिक आधारशिला रखी, मजबूत संस्थानों का निर्माण किया और भारत को वैश्विक पहचान दिलाई। इन योगदानों को नकारा नहीं जा सकता। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ फैसलों पर सवाल उठना स्वाभाविक है, खासकर 1962 के चीन युद्ध से जुड़े निर्णयों पर। थरूर के मुताबिक, नेहरू आलोचना से परे नहीं हैं, लेकिन हर मौजूदा समस्या के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना इतिहास के साथ अन्याय है।

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अपने बयान में थरूर ने सत्तारूढ़ भाजपा पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने नेहरू को एक “सुविधाजनक बलि का बकरा” बना लिया है। हर असफलता और हर कठिन सवाल से बचने के लिए बार-बार नेहरू का नाम उछाला जाता है, जो न तो राष्ट्र निर्माण में सहायक है और न ही जनता को सच्चाई से रूबरू कराता है।
राजनीतिक गलियारों में इस बयान को लेकर प्रतिक्रियाएं तेज हैं।

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कांग्रेस के भीतर इसे संतुलित और विचारशील वक्तव्य माना जा रहा है, वहीं भाजपा समर्थक इसे नेहरू विरोधी रुख के रूप में देख रहे हैं। कुल मिलाकर, शशि थरूर का यह बयान आज की राजनीति को एक अहम संदेश देता है—इतिहास को समझने की जरूरत है, उसे सियासी हथियार बनाने की नहीं। सम्मान और विवेक साथ-साथ चल सकते हैं, यही इस बयान का सार है।

रास्ता भी मिल गया

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हे कृष्ण गोविंद, मेरे हरे मुरारे,
हे नाथ नारायण, हे वासुदेवाय,
हे हरये गोपालाय, हे वंशीधराय,
प्रणतक्लेशनाशाय, राधेनाथाय।

आपको सिरपर मुकुट पहने हुये,
हाथों में गदा और चक्र लिये हुये,
वसुदेवपुत्र, चतुर्भुज स्वरूप में ही,
श्रीकृष्ण रूप में देखना चाहता हूँ।

हे श्रीकृष्ण तुम ही आदि देव हो,
पुरातन पुरुष हो, इस संसार के
सबसे बड़े भण्डार के मालिक हो,
तुम ही सब कुछ जानने वाले हो।

तुम ही सब कुछ जानने योग्य हो,
तुम परमधाम, अद्वितीय स्थान हो,
तुमसे मैंने सम्पूर्ण ज्ञान पाया है,
अब मुझे रास्ता भी मिल गया है।

तुम्हारी महिमा, तुम्हारा प्रताप,
जग के कण-कण में व्याप्त है,
आदित्य मैं तुम्हारा कृपापात्र हूँ,
अब मुझे रास्ता भी मिल गया है।

  • डॉ.कर्नल
    आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

नौकरी के बदले जमीन मामला: लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ीं

नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा)
रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले जमीन लेने के कथित मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा इस मामले में पूछताछ और जांच का दायरा तेज कर दिया गया है।
आरोप है कि लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए कई लोगों को रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले उनके परिजनों के नाम जमीन या संपत्ति ट्रांसफर कराई गई। इस मामले में लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर हुई संपत्ति को लेकर जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि नियुक्तियों के बदले बाजार मूल्य से बेहद कम कीमत पर जमीन ली गई, जो भ्रष्टाचार की श्रेणी में आती है। वहीं राजद की ओर से इन आरोपों को पूरी तरह राजनीतिक साजिश बताया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है और जांच एजेंसियां दस्तावेजों व बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं। इस प्रकरण का असर बिहार की राजनीति पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

WPL 2026: पहले मुकाबले में मुंबई इंडियंस vs RCB, हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना आमने-सामने

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा)। महिला प्रीमियर लीग (WPL 2026) का आगाज शुक्रवार से होने जा रहा है। टूर्नामेंट के पहले ही मुकाबले में दो दिग्गज टीमों के बीच रोमांचक भिड़ंत देखने को मिलेगी। दो बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस, जिसकी कप्तानी हरमनप्रीत कौर कर रही हैं, का सामना डब्ल्यूपीएल की खिताब विजेता रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से होगा, जिसकी कमान स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना के हाथों में है।

डब्ल्यूपीएल 2026 का आयोजन दो चरणों में नवी मुंबई और वडोदरा में किया जा रहा है। यह टूर्नामेंट खिलाड़ियों के लिए जून-जुलाई में इंग्लैंड में होने वाले महिला T20 विश्व कप से पहले खुद को परखने का अहम मंच भी है।

कागजों पर मुंबई इंडियंस मजबूत

मुंबई इंडियंस की टीम कागजों पर काफी संतुलित और मजबूत नजर आ रही है। कप्तान हरमनप्रीत कौर के अलावा टीम में

  • नैट साइवर-ब्रंट (इंग्लैंड)
  • हेली मैथ्यूज (वेस्टइंडीज)
  • एमेलिया केर (न्यूजीलैंड)
    जैसी अनुभवी ऑलराउंडर मौजूद हैं।

भारत की अमनजोत कौर और ऑस्ट्रेलिया की मिली इलिंगवर्थ बल्लेबाजी को मजबूती देती हैं। गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई शबनिम इस्माइल करेंगी, जबकि स्पिन विभाग में साइका इशाक अहम भूमिका निभाएंगी। मौजूदा संयोजन के साथ मुंबई इंडियंस किसी भी टीम के लिए कड़ी चुनौती साबित हो सकती है।

RCB में स्टार खिलाड़ियों की भरमार

RCB की टीम भी सितारों से सजी हुई है। कप्तान स्मृति मंधाना के साथ

  • एलिस पेरी
  • जॉर्जिया वोल
  • ग्रेस हैरिस
  • नादिन डी क्लर्क
    जैसी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगी।

टीम के पास ऋचा घोष के रूप में एक शानदार विकेटकीपर-बल्लेबाज और फिनिशर मौजूद हैं। गेंदबाजी में पूजा वस्त्रकार, अरुंधति रेड्डी और लॉरेन बेल तेज आक्रमण को धार देंगी, जबकि स्पिन में राधा यादव, श्रेयांका पाटिल और लिन्से स्मिथ विपक्षी बल्लेबाजों को चुनौती देंगी।

दोनों टीमों की संभावित स्क्वॉड

मुंबई इंडियंस:
हीली मैथ्यूज, अमनजोत कौर, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), सजीवन सजना, संस्कृति गुप्ता, पूनम खेमनार, एमेलिया केर, नैट साइवर-ब्रंट, निकोला कैरी, नाला रेड्डी, त्रिवेणी वशिष्ठ, जी कमालिनी (विकेटकीपर), राहिला फिरडोस (विकेटकीपर), मिली इलिंगवर्थ, साइका इशाक, शबनिम इस्माइल

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB):
दयालन हेमलता, स्मृति मंधाना (कप्तान), जॉर्जिया वोल, नादिन डी क्लर्क, ग्रेस हैरिस, गौतमी नाइक, श्रेयांका पाटिल, प्रेमा रावत, पूजा वस्त्रकार, सायली सत्घरे, ऋचा घोष (विकेटकीपर), कुमार प्रत्यूशा (विकेटकीपर), लॉरेन बेल, अरुंधति रेड्डी, लिन्से स्मिथ, राधा यादव

MI vs RCB WPL 2026: मैच से जुड़ी अहम जानकारी

  • मैच की तारीख: 09 जनवरी 2026 (शुक्रवार)
  • स्थान: डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स अकादमी, नवी मुंबई
  • समय: शाम 7:30 बजे
  • टॉस: शाम 7:00 बजे

लाइव प्रसारण और स्ट्रीमिंग

मुंबई इंडियंस और आरसीबी के बीच WPL 2026 के इस मुकाबले का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। वहीं, मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप पर उपलब्ध रहेगी।