Tuesday, June 23, 2026
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ईरान में हिंसक प्रदर्शन, खामेनेई की सत्ता को खुली चुनौती

Iran Protests: ईरान में बढ़ती महंगाई के खिलाफ शुरू हुआ जनआंदोलन अब देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की सत्ता को खुली चुनौती देने लगा है। हालात दिन-ब-दिन हिंसक होते जा रहे हैं और यह आंदोलन देश के 31 प्रांतों के 111 शहरों और कस्बों तक फैल चुका है।

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, अब तक कम से कम 62 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुई हैं, जिनमें सरकारी इमारतों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।

खामेनेई ने पीछे हटने से किया इनकार

देशभर में बढ़ते विरोध के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए और प्रदर्शनकारियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी विदेशी ताकतों और अमेरिका के इशारे पर देश में अराजकता फैला रहे हैं।
रॉयटर्स के मुताबिक, हालात पर काबू पाने के लिए सरकार ने कई इलाकों में इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय कॉल सेवाएं बंद कर दी हैं। खामेनेई ने अपने टेलीविजन संबोधन में साफ कहा कि वह किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे और देश को “भाड़े के लोगों” के हाथों में नहीं जाने देंगे।

सड़कों पर गूंजे ‘आजादी-आजादी’ के नारे

ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने 8 और 9 जनवरी 2026 को रात 8 बजे देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसके बाद 8 जनवरी की रात से ही ईरान में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के नेतृत्व वाली सरकार ने हालात बिगड़ने पर संचार सेवाएं पूरी तरह ठप कर दीं।

प्रदर्शन के दौरान ‘आजादी-आजादी’ के नारे गूंजते रहे। वहीं, न्यायपालिका और सुरक्षा बलों ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। कुछ मानवाधिकार संगठनों ने दक्षिणी इलाकों में पुलिस फायरिंग की भी पुष्टि की है।

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‘ट्रंप का भी होगा पतन’: खामेनेई

अपने संबोधन में खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा,
“ट्रंप को याद रखना चाहिए कि फिरौन, निमरूद, रजा शाह और मोहम्मद रजा जैसे तानाशाह अपने घमंड के शिखर पर गिराए गए। ट्रंप का भी पतन होगा।”
खामेनेई ने दावा किया कि उनकी सत्ता लाखों कुर्बानियों के बाद स्थापित हुई है और वे किसी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं।

रजा पहलवी ने अमेरिका से मांगी मदद

ईरान में हालात बिगड़ते देख रजा पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीधी मदद की अपील की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा कि लाखों ईरानी गोलियों का सामना कर रहे हैं और देश की संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप कर दी गई है।

उन्होंने खामेनेई पर जनता के साथ क्रूरता करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह शासन युवाओं की आवाज दबाने के लिए इंटरनेट बंद कर रहा है। रजा पहलवी ने ईरानी जनता से सड़कों पर उतरकर सुरक्षा बलों को घेरने का भी आह्वान किया।

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सीएम युवा योजना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम ने बैंकों को लगाई फटकार, एक सप्ताह में लंबित ऋण निस्तारण के निर्देश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा योजना) एवं एक जनपद–एक उत्पाद योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों और बैंकों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सीएम युवा जैसी महत्वाकांक्षी योजना में किसी भी स्तर पर हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि अधिकतम युवाओं को सीएम युवा योजना का लाभ दिलाने के लिए आर–सेटी, आईटीआई, पॉलिटेक्निक सहित अन्य प्रशिक्षण संस्थानों में विशेष कैंप लगाकर इच्छुक युवाओं के आवेदन कराए जाएं। उन्होंने योजना के तहत प्राप्त आवेदनों में प्राथमिकता के आधार पर ऋण वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैंकों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने ने कहा कि बिना ठोस और पुख्ता कारण के किसी भी आवेदन को निरस्त न किया जाए। सभी बैंक शाखाओं को निर्देशित किया गया कि सीएम युवा सहित अन्य स्वरोजगार परक योजनाओं के लंबित प्रकरणों का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही, निरस्त किए गए आवेदनों की सूची कारण सहित प्रस्तुत करने को कहा गया।
उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिया गया कि सीएम युवा योजना के ऐसे आवेदन, जो 15 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं, उनकी बैंकवार सूची तैयार कर प्रस्तुत की जाए, ताकि जवाबदेही तय की जा सके।
उपायुक्त उद्योग ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान का लक्ष्य 1700 निर्धारित है। इसके सापेक्ष अब तक विभिन्न बैंकों द्वारा 1397 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 1321 मामलों में ऋण वितरण किया जा चुका है। जबकि 687 आवेदन स्वीकृति हेतु तथा 144 आवेदन ऋण वितरण हेतु अभी लंबित हैं।
बैठक में रामपुर बल्डीहा और घुघली में निर्माणाधीन कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त उद्योग ने बताया कि सीएफसी परियोजना पर कार्य तेजी से चल रहा है और अब तक 10 मशीनों का इंस्टॉलेशन पूरा किया जा चुका है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि सीएफसी परियोजना जनपद के औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे सफल बनाना सभी संबंधित अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस दौरान बैठक में उपायुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी आलोक कुमार सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।

मिशन शक्ति व सड़क सुरक्षा अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। मिशन शक्ति फेस-5 अभियान के अंतर्गत जनपद के कोपागंज थाना क्षेत्र में महिलाओं एवं बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और सुरक्षित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके साथ ही राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा अभियान के तहत आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनें, तीन सवारी बैठाकर वाहन न चलाएं और वाहन चलाते समय लो बीम व हाई बीम का सही उपयोग करें, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
साइबर सुरक्षा अभियान के तहत भी लोगों को जागरूक किया गया। साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय बताए गए तथा किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने की जानकारी दी गई।
इस जागरूकता कार्यक्रम में उप निरीक्षक जिउत बंधन, महिला उप निरीक्षक सोनिका सिंह, महिला मुख्य आरक्षी निरमा, महिला आरक्षी गुंजन प्रजापति एवं महिला आरक्षी अर्चना यादव मौजूद रहीं। पुलिस टीम ने कानून के पालन और सुरक्षित जीवनशैली अपनाने की अपील की।

कुर्थीजाफरपुर में प्रतिबंधित हरी लकड़ी कटान, ठेकेदार पर कार्रवाई के निर्देश

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के नगर पंचायत कुर्थीजाफरपुर क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद हरी लकड़ी गिराए जाने का मामला सामने आया है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में पीपल, पाकड़, बर और गूलर जैसे प्रतिबंधित वृक्षों की हरी लकड़ी काटकर गिराई जा रही थी।

स्थानीय लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ताओं में बबलू चंदन चौबे, अजय सिंह, शमीम, एकलाख अहमद, रमेश और रामजीत सहित अन्य लोग शामिल हैं। उनका कहना है कि प्रतिबंधित वृक्षों का कटान नियमों के विरुद्ध है और इससे पर्यावरण संतुलन प्रभावित हो सकता है।

शिकायत के बाद नगर पंचायत प्रशासन हरकत में आया। अधिशासी अधिकारी देवेश मिश्रा ने बताया कि मामला संज्ञान में लिया गया है। गिराई गई प्रतिबंधित लकड़ी को वापस मंगाया जा रहा है और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर पंचायत क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भारत-नेपाल सीमा से संदिग्ध विदेशी युवती गिरफ्तार, चायनीज नागरिक होने की आशंका

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। भारत-नेपाल सीमा के पगडंडी मार्ग से अवैध रूप से प्रवेश की कोशिश कर रही एक विदेशी युवती को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। कार्रवाई महराजगंज जिले के नौतनवां थाना क्षेत्र के बैरिया बाजार से की गई, जहां संदिग्ध परिस्थितियों में युवती को पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार युवती के पास से बरामद दस्तावेजों के आधार पर उसके चायनीज नागरिक होने की संभावना जताई जा रही है। पूछताछ के दौरान भाषा की गंभीर समस्या सामने आई है, क्योंकि युवती हिंदी या अंग्रेजी समझने में असमर्थ है। सोनौली आव्रजन विभाग के पास फिलहाल चाइनीज ट्रांसलेटर उपलब्ध नहीं होनेसीमा घुसपैठटैग: भारत नेपाल सीमा, विदेशी युवती, चायनीज नागरिक, नौतनवां, बैरिया बाजार, पुलिस जांच

के कारण जांच प्रभावित हो रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी से चाइनीज ट्रांसलेटर की टीम बुलाई जा रही है। ट्रांसलेटर की मदद से गहन पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवती की भारत में घुसपैठ करने की मंशा क्या थी और उसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका है या नहीं।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से मामले की जांच में जुटी हैं। सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है।

चलती बस में 5 साल की बच्ची से दरिंदगी, यात्रियों की सतर्कता से आरोपी गिरफ्तार

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।सलेमपुर–देवरिया मार्ग पर चलती एक यात्री बस में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। गोरखपुर चिड़ियाघर घूमने जा रहे एक परिवार की पांच वर्षीय मासूम बच्ची के साथ बस में सवार एक अधेड़ व्यक्ति ने घिनौनी हरकत की। बच्ची के अचानक रोने-चिल्लाने से मामला उजागर हुआ, जिसके बाद यात्रियों ने बहादुरी दिखाते हुए आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया।
घटना गुरुवार दोपहर लगभग 1:30 बजे खुखुंदू थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई। सीवान बिहार के एक गांव से निकला परिवार अपनी बच्ची के साथ बस में सफर कर रहा था। इसी दौरान सलेमपुर से चढ़े आरोपी ने बच्ची के पास बैठकर पहले विश्वास जीतने की कोशिश की और फिर उसे गोद में बैठा लिया। बस जैसे ही भरथुआ क्षेत्र से आगे बढ़ी, आरोपी ने बच्ची के साथ आपत्तिजनक हरकत शुरू कर दी।

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बच्ची के तेज रोने पर जब परिजनों ने ध्यान दिया तो आरोपी का हाथ बच्ची के गुप्तांग पर पाया गया। इसके बाद बस में हड़कंप मच गया। गुस्साए यात्रियों ने तुरंत बस रुकवाई और आरोपी को पकड़ लिया। खुखुंदू पहुंचते ही पीआरबी को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया।
घटना की खबर फैलते ही चौराहे पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए बच्ची और उसके स्वजनों को सुरक्षित उनके गंतव्य के लिए रवाना किया।
प्रभारी थानाध्यक्ष जेपी सिंह यादव ने बताया कि नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी से पूछताछ की जा रही है। तहरीर मिलने के बाद सुसंगत धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

सांसद खेल प्रतियोगिता को लेकर सियासी बवाल, सलेमपुर सांसद को आमंत्रण न मिलने पर उठे सवाल

“यह मेरा नहीं, सलेमपुर की जनता के जनादेश का अपमान है” — रमाशंकर विद्यार्थी

देवरिया में खेल आयोजन बना राजनीतिक विवाद, संसद तक पहुंचेगा मामला

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जनपद देवरिया के भाटपाररानी स्थित मल्हना स्टेडियम में आयोजित सांसद खेल प्रतियोगिता अब खेल से अधिक राजनीति का अखाड़ा बनती नजर आ रही है। इस आयोजन को लेकर सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर विद्यार्थी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिस लोकसभा क्षेत्र में यह प्रतियोगिता आयोजित की गई, उसी क्षेत्र के निर्वाचित सांसद को जानबूझकर आमंत्रित नहीं किया गया, जो न केवल लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है बल्कि जनता के जनादेश का भी सीधा अपमान है।
सांसद रमाशंकर विद्यार्थी ने इस पूरे प्रकरण पर वीडियो संदेश जारी कर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी जनप्रतिनिधि का सम्मान जनता के फैसले से जुड़ा होता है। ऐसे में एक सरकारी और जनहित से जुड़े आयोजन में मौजूदा सांसद को नजरअंदाज करना सलेमपुर की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “यह मेरा नहीं, बल्कि सलेमपुर की जनता के जनादेश का अपमान है।”

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सांसद ने आरोप लगाया कि सांसद खेल प्रतियोगिता जैसे सकारात्मक उद्देश्य वाले कार्यक्रम को राजनीतिक द्वेष का शिकार बना दिया गया। प्रतियोगिता का मकसद युवाओं को खेलों से जोड़ना, खेल भावना को प्रोत्साहित करना और प्रतिभाओं को मंच देना है, लेकिन यहां इसे एक पार्टी विशेष के प्रचार कार्यक्रम की तरह प्रस्तुत किया गया। उन्होंने दावा किया कि आयोजन में भाजपा के पूर्व सांसदों और नेताओं को प्रमुखता से बुलाया गया, जबकि वर्तमान सांसद को न तो कोई औपचारिक आमंत्रण भेजा गया और न ही आयोजन की जानकारी दी गई।
रमाशंकर विद्यार्थी ने यह भी सवाल उठाया कि जब यह प्रतियोगिता क्रीड़ा विभाग द्वारा सरकारी संसाधनों और जनता के धन से आयोजित की गई, तो इसमें राजनीतिक भेदभाव कैसे किया जा सकता है। उन्होंने प्रशासनिक भूमिका पर भी सवाल खड़े करते हुए निष्पक्षता की मांग की।

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सांसद ने चेतावनी दी कि वह इस सांसद खेल प्रतियोगिता विवाद को संसद के पटल पर उठाएंगे और भारत सरकार से इसकी निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि सलेमपुर की स्वाभिमानी जनता सब देख रही है और लोकतांत्रिक तरीके से समय आने पर जवाब जरूर देगी।
इस बयान के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे लोकतंत्र का अपमान बता रहा है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी आयोजन की प्रक्रिया और आमंत्रण प्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।

जिलाधिकारी ने पीडीएस में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण को पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और नियमानुसार संचालित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।

जिलाधिकारी के आदेशानुसार जनपद की सभी उचित दर दुकानों पर खाद्यान्न का शत-प्रतिशत वितरण ई-पॉस मशीन के माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही स्टॉक का भौतिक सत्यापन, दुकानों पर मूल्य शून्य का स्पष्ट प्रदर्शन तथा वितरित खाद्यान्न की गुणवत्ता जांच को अनिवार्य किया गया है।

भारतीय खाद्य निगम (FCI) से प्राप्त खाद्यान्न की जानकारी रियल टाइम में संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

निर्देशों में यह भी कहा गया है कि नोडल एवं पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की उपस्थिति में ही खाद्यान्न वितरण किया जाए तथा पूरी प्रक्रिया की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या कालाबाजारी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और उचित दर विक्रेता के खिलाफ कड़ी विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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जिलाधिकारी ने शिकायत निवारण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए टोल फ्री नंबर 1967 और 1800-1800-150 को सक्रिय रूप से संचालित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि लाभार्थियों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।

इस संबंध में सभी उपजिलाधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, नोडल एवं पर्यवेक्षणीय अधिकारियों को आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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गोरखपुर विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र का उच्चस्तरीय निरीक्षण

नई स्वास्थ्य पहलों पर बनी कार्ययोजना

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्वास्थ्य केंद्र का शुक्रवार को उच्चस्तरीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का नेतृत्व कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने किया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्ध सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली, दवाओं की उपलब्धता, स्वच्छता व्यवस्था और रोगियों को दी जा रही सेवाओं का जायजा लिया गया। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए समयबद्ध, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
स्वास्थ्य केंद्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से नियमित स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन की कार्ययोजना तैयार की गई। इसमें विशेष रूप से कामकाजी महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जांच, चिकित्सीय परामर्श और जागरूकता कार्यक्रम शामिल होंगे। साथ ही सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, महिला स्वास्थ्य, पोषण परामर्श, एनीमिया जांच, रक्तचाप, शुगर सहित अन्य आवश्यक चिकित्सीय जांचों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया।
निरीक्षण के दौरान यह जानकारी भी दी गई कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए शीघ्र ही संविदा आधार पर एक चिकित्सक और एक स्टाफ नर्स की नियुक्ति की जाएगी। इससे स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं का दायरा और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा और डिप्टी सीएमओ डॉ. रंजीत चौरसिया ने संसाधनों के बेहतर उपयोग और विभागीय समन्वय के जरिए सेवाओं के विस्तार पर सुझाव दिए। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे ने विद्यार्थियों के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श की आवश्यकता बताई, जबकि महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो. दिव्या रानी सिंह ने महिला स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों को निरंतर संचालित करने पर बल दिया।
निरीक्षण के समय स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी अलख सिंह, भूपेंद्र सिंह और संतोष कुमार सिंह सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के अंत में कुलपति ने कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए सेवाभाव और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया तथा प्रस्तावित स्वास्थ्य शिविरों और सुधारात्मक कदमों को शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए।
इन पहलों से विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को परिसर में ही बेहतर, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

सही समय पर छिड़काव से बचाएं आलू और सरसों की उपज

बदलते मौसम में आलू–सरसों की फसल पर संकट, समय रहते करें रोग-कीट से बचाव

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)।जिले में लगातार गिरते तापमान और बढ़ती नमी ने रबी फसलों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में आलू की फसल में अगेती व पछेती झुलसा रोग, जबकि सरसों की फसल में माहू कीट और सफेद गेरुई रोग के प्रकोप की आशंका तेजी से बढ़ जाती है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने किसानों को सतर्क रहने और समय पर रोकथाम के निर्देश दिए हैं।

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आलू की फसल में अगेती झुलसा सबसे पहले निचली पत्तियों पर गोल, गहरे भूरे धब्बों के रूप में दिखता है, जिन पर लक्ष्य चिह्न जैसी रेखाएं होती हैं। रोग बढ़ने पर पत्तियां झुलसकर गिरने लगती हैं। वहीं पछेती झुलसा में पत्तियों पर काले-भूरे अनियमित धब्बे बनते हैं और नमी में सफेद रुईनुमा फफूंद दिखाई देती है, जिससे कन्द सड़ने तक की नौबत आ सकती है। नियंत्रण के लिए कापर ऑक्सीक्लोराइड 50% डब्लूपी 2.5 किग्रा या मैन्कोजेब 75% डब्लूपी 1.25 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव प्रभावी बताया गया है।
सरसों में सफेद गेरुई रोग फफूंदजनित होता है, जिसमें पत्तियों की निचली सतह पर सफेद उभरे फफोले बनते हैं, फूल-फलियां विकृत होती हैं और उपज घटती है। जल जमाव से बचाव जरूरी है। अधिक प्रकोप पर मेटालेक्सिल + मैन्कोजेब या मैन्कोजेब + कार्बेन्डाजिम का छिड़काव करें।

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माहू कीट के लिए मध्यम अवस्था में नीम आधारित एजाडिरेक्टिन, जबकि अधिक प्रकोप पर डाइमेथोएट या इमिडाक्लोप्रिड उपयोगी है।
पाले की आशंका वाले क्षेत्रों में हल्की सिंचाई करें और नर्सरी पौधों को पुआल/पॉलिथीन से ढकें। किसान फसल संबंधी समस्या की फोटो व विवरण 9452247111, 9452257111 पर भेजकर 48 घंटे में समाधान पा सकते हैं। यह उपाय अपनाकर किसान समय रहते नुकसान से बच सकते हैं।

कृषि यंत्रों की बुकिंग शुरू, 21 जनवरी तक करें ऑनलाइन आवेदन

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। उप कृषि निदेशक, कुशीनगर ने जानकारी दी है कि प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेज्ड्यू (CRM) एवं सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन (SMAM) योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया 8 जनवरी 2026 से शुरू हो गई है। किसान 21 जनवरी 2026 की रात 12 बजे तक आवेदन कर सकते हैं।


किसान कृषि विभाग के दर्शन पोर्टल https://agridarshan.up.gov.in पर जाकर किसान कॉर्नर में उपलब्ध “यंत्र बुकिंग प्रारम्भ” लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित कृषि यंत्रों की बुकिंग के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि आवेदक अपने स्वयं के मोबाइल नंबर या परिवार के ब्लड रिलेशन सदस्य (माता, पिता, भाई, बहन, पुत्र, पुत्री एवं पुत्रवधू) के मोबाइल नंबर से ही टोकन प्राप्त करें।

योजना के तहत फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों पर अधिकतम 50 प्रतिशत तथा कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) पर अधिकतम 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। वहीं सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों पर अधिकतम 50 प्रतिशत अनुदान देय होगा।

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यदि लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो लाभार्थियों का चयन ई लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। योजनान्तर्गत पंजीकृत कृषक एवं ग्रामीण उद्यमी (कस्टम हायरिंग सेंटर हेतु) आवेदन के पात्र होंगे।
आवेदन के समय कृषकों को यंत्रवार निर्धारित जमानत धनराशि ऑनलाइन जमा करनी होगी। ई-लॉटरी में चयन न होने या लक्ष्य शेष न रहने की स्थिति में जमानत राशि वापस कर दी जाएगी।

• ₹10,001 से ₹1,00,000 तक अनुदान वाले यंत्रों हेतु जमानत राशि – ₹2,500

• ₹1,00,000 से अधिक अनुदान वाले यंत्रों हेतु जमानत राशि – ₹5,000

नोट: कृषक द्वारा क्रय किया गया कृषि यंत्र यूपी यंत्र ट्रैकिंग वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।

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डीएम ने की पीएम आवास योजना-ग्रामीण के प्रगति की समीक्षा

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत जनपद स्तरीय निगरानी समिति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जनपद के सभी नौ विकास खंडों में प्रधानमंत्री आवास प्लस सर्वेक्षण-2024 की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। अधिकारियों को अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण वर्ष 2024 से 2029 तक के लिए स्वतः पात्रता के मानदंड तय किए गए हैं, जिनमें आश्रयविहीन परिवार, बेसहारा एवं भिक्षावृत्ति से जीवन यापन करने वाले, हाथ से मैला ढोने वाले, आदिम जनजातीय समूह तथा वैधानिक रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूर शामिल हैं। इस श्रेणी में जनपद में कुल 62,696 लाभार्थियों का सर्वे पूर्ण किया गया है।
वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक स्वीकृत आवासों की समीक्षा के दौरान जनपद में 171 आवास अपूर्ण पाए गए, जिन्हें नियमानुसार शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित खंड विकास अधिकारियों को दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी पात्र लाभार्थियों को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश विद्युत विभाग को दिए, वहीं उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन सुनिश्चित करने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का आवंटन महिला मुखिया के नाम से ही किया जाए तथा यदि वह किसी स्वयं सहायता समूह की सदस्य नहीं है तो उसे समूह से जोड़ा जाए।
बैठक में लीड बैंक प्रतिनिधि को निर्देश दिया गया कि आवास योजना के इच्छुक लाभार्थियों को 70 हजार रुपये तक की ऋण सुविधा उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाए। मनरेगा के अंतर्गत 90 मानव दिवस सृजन की समीक्षा में जनपद का औसत 73 मानव दिवस पाया गया, जिसे शत-प्रतिशत करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत सभी मजदूर वर्ग के शत-प्रतिशत पंजीकरण के निर्देश श्रम प्रवर्तन अधिकारी को दिए गए। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता और लाभों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।
बैठक में ब्लॉक प्रमुख पौली राममिलन यादव, जिला विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, परियोजना निदेशक विजयंत कुमार सिंह, उपायुक्त मनरेगा प्रभात द्विवेदी, उपायुक्त एनआरएलएम प्रवीण कुमार मिश्रा, अधिशासी अभियंता विद्युत राजेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी मनोज कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी राजीव कुमार, सभी खंड विकास अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

ग्रामीण भारत के लिए वरदान साबित हो रही टेली लॉ योजना

देवरिया। (राष्ट्र की परम्परा)आम नागरिकों को सुलभ, निःशुल्क और त्वरित कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया द्वारा टेली लॉ योजना एवं एआई असिस्टेड लीगल ट्रांसलेशन एडवाइजरी पर एक दिवसीय व्यापक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 09 जनवरी 2026 को विकास भवन सभागार, देवरिया में संपन्न हुआ।
कार्यशाला का आयोजन माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के आदेशों के अनुपालन में किया गया। कार्यक्रम माननीय अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जनपद न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देशन एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी के नेतृत्व में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में टेली लॉ योजना के अंतर्गत कार्यरत वीएलई (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर), पराविधिक स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान योजना की प्रक्रिया, उपयोगिता और डिजिटल माध्यम से न्याय तक पहुंच को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई।
टेली लॉ योजना से घर बैठे मुफ्त कानूनी सलाह
मुख्य वक्ता एवं टेली लॉ राज्य समन्वयक वागीश सिंह ने बताया कि टेली लॉ योजना के माध्यम से नागरिक घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, भूमि एवं राजस्व, श्रम विवाद, पेंशन, भरण-पोषण, महिला एवं बाल अधिकार, एससी-एसटी अधिकार, साइबर अपराध, उपभोक्ता संरक्षण और सरकारी योजनाओं से जुड़े मामलों में निःशुल्क कानूनी परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के लिए न्याय की दिशा में क्रांतिकारी पहल है।
संविधान की भावना को सशक्त करती टेली लॉ योजना
सचिव मनोज कुमार तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि टेली लॉ योजना भारतीय संविधान में निहित समानता और न्याय के अधिकार को जमीनी स्तर पर लागू करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने एआई असिस्टेड लीगल ट्रांसलेशन के माध्यम से सर्वोच्च एवं उच्च न्यायालयों के निर्णयों का हिन्दी व क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद प्राप्त करने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में पैनल लॉयर राजू ने निःशुल्क विधिक सहायता, नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 तथा न्यायालय तक पहुंच के विभिन्न तरीकों पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला के अंत में वीएलई और पराविधिक स्वयंसेवकों से आह्वान किया गया कि वे टेली लॉ योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाकर अंतिम व्यक्ति तक न्याय सुनिश्चित करें।

सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने को देवरिया में ट्रैफिक पुलिस का बड़ा एक्शन

देवरिया में सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस का सख्त अभियान, 119 वाहनों का ई-चालान, 2 सीज

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद देवरिया में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित व अनुशासित बनाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस द्वारा सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक देवरिया श्री संजीव सुमन के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में यातायात प्रभारी गुलाब सिंह के नेतृत्व में संचालित किया गया, जिसमें यातायात पुलिस की कई टीमें शामिल रहीं।
अभियान के दौरान शहर के व्यस्त और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी गई। गोरखपुर रोड, कसया ओवरब्रिज, मालवीय रोड, बस स्टैंड समेत अन्य प्रमुख मार्गों और चौराहों पर वाहनों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान उन वाहन चालकों पर खास तौर पर कार्रवाई की गई जो सड़क पर वाहन खड़ा कर सवारी भर रहे थे, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चला रहे थे, तीन सवारी बैठाकर वाहन चला रहे थे या फिर स्टंट व लापरवाही से ड्राइविंग कर रहे थे।

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यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 119 वाहनों का मोटर वाहन अधिनियम के तहत ई-चालान किया गया। वहीं, गंभीर नियम उल्लंघन पाए जाने पर 02 वाहनों को सीज भी किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई केवल दंडात्मक नहीं बल्कि निवारक उद्देश्य से की गई है, ताकि लोग नियमों के प्रति सजग हों और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
अभियान के दौरान यातायात पुलिस ने केवल चालान तक ही सीमित न रहते हुए जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया। वाहन चालकों को हेलमेट, सीट बेल्ट, गति सीमा और सुरक्षित ड्राइविंग के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया गया। इसके साथ ही आमजन में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पंपलेट्स भी वितरित किए गए, जिनमें सड़क सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियम और सावधानियां अंकित थीं।

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यातायात प्रभारी गुलाब सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा। पुलिस का उद्देश्य जनता को परेशान करना नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे स्वयं और दूसरों की जान की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करें।

मदरसा सील, मान्यता निलंबित: छात्राओं का भविष्य बचाने के लिए प्रशासन का कड़ा आदेश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के नगर पालिका खलीलाबाद क्षेत्र में स्थित मदरसा कुल्लियातुल बनातिर रजविया (निस्वा) को प्रशासनिक कार्रवाई के तहत सील कर दिया गया है। साथ ही उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद, लखनऊ के आदेश के क्रम में मदरसे की मान्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई है। यह कार्रवाई 03 नवंबर 2025 को उप जिलाधिकारी खलीलाबाद द्वारा की गई थी।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र ने बताया कि मदरसे में पंजीकृत 336 छात्राओं के पठन-पाठन और शैक्षणिक सत्र को प्रभावित होने से बचाने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर 09 जनवरी 2026 को सख्त आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार मदरसा प्रबंधन को सभी छात्राओं से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर उनकी सुविधा के अनुरूप जनपद के मान्यता प्राप्त मदरसों अथवा शैक्षणिक संस्थानों में तत्काल नामांकन कराना अनिवार्य किया गया है।
प्रशासन द्वारा जिन संस्थानों में नामांकन कराने के निर्देश दिए गए हैं, उनमें मदरसा अरबिया अहले सुन्नत बहरुल उलूम अन्सार टोला खलीलाबाद, मदरसा जामिया अरबिया अहले सुन्नत मिस्बाहुल उलूम बिधियानी, मदरसा दारुल उलूम अहले सुन्नत नूरुल उलूम बंजरिया, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज खलीलाबाद, पीबी गर्ल्स इंटर कॉलेज तथा हीरा लाल राम निवास इंटर कॉलेज खलीलाबाद शामिल हैं।
प्रशासन ने इस कार्य को शीर्ष प्राथमिकता का बताते हुए स्पष्ट किया है कि नामांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी अक्षम्य होगी। यदि किसी छात्रा का नामांकन नहीं कराया जाता है और उसका शैक्षणिक सत्र प्रभावित होता है, तो इसकी पूरी व्यक्तिगत जिम्मेदारी मदरसा प्रबंधन की होगी।
यह कार्रवाई छात्राओं के शैक्षणिक भविष्य की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन का सख्त कदम मानी जा रही है।