Saturday, June 13, 2026
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कांग्रेस को है मजदूरों, दलितों, आदिवासियों व गरीबों के विकास की चिंता- विजयशेखर मल्ल रोशन

कांग्रेसियों ने किया चकरा गोसाईं में मनरेगा बचाओ महासंग्राम जन चौपाल का आयोजन

सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। आज तक देश में दलितों, मजदूरों, गरीबों, आदिवासियों व पिछड़ों के विकास की जो भी योजना लागू हुई वह कांग्रेस ने ही किया,इस वर्ग के विकास की चिंता सिर्फ कांग्रेस को ही है।उक्त बातें क्षेत्र के चकरा गोसाईं में कांग्रेस द्वारा आयोजित मनरेगा बचाओ महासंग्राम जन चौपाल को सम्बोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजयशेखर मल्ल रोशन ने कहा, उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को समाप्त कर देश के मजदूरों से उसका हक और अधिकार छीन रही है, योजना के मूलस्वरूप को बदल कर मजदूरों को पलायन करने का काम कर रही है।फसल कटाई के समय साठ दिनों तक काम नही देने से इस वर्ग को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। महात्मा गांधी के नाम से चलाई जा रही योजना का नाम बदल कर भाजपा उनका अपमान कर रही है।कांग्रेस का एक एक कार्यकर्ता इस योजना को बचाने के लिए संघर्ष करता रहेगा। हमारा यह अभियान पूरे देश में चलाया जा रहा है, जनपद के हर गांवों में कांग्रेस कार्यकर्ता मजदूरों के बीच जाकर जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं। मनरेगा बचाओ अभियान के जिला कोआर्डिनेटर सत्यप्रकाश मिश्र,अंशु ने कहा कि मनरेगा एक योजना नही बल्कि संसद द्वारा पारित एक कानून था जिसमें मजदूरों को आजीविका के लिए संवैधानिक अधिकार पाप्त था। नई योजना में मजदूरों को सरकार के भरोसे रहना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गणेश गिरि व संचालन डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने किया। चौपाल को जिला उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र पांडेय, नागेन्द्र शुक्ल,वरुण राय, मुजफ्फरहुसैन मंसूरी,मनीष रजक, डॉ रमेश कुशवाहा, वजीर अहमद,विजयशंकर मिश्र, धर्मेन्द्र कुमार पांडेय,गणेश गिरि, परमानन्द प्रसाद,डॉ याहिया अंजुम, प्रेमलाल भारती,बदरे आलम,पन्नालाल पाठक,राजू खरवार, गोरख कुशवाहा, रोहित यादव, रंजय पांडेय,अवधेश यादव, संजय खरवार, जयप्रकाश यादव, रामनक्षत्र यादव, शिवाजी यादव, दिनेश गुप्ता छट्ठ चौहान आदि ने सम्बोधित किया।

घुघली टैक्सी स्टैंड बना लूट का अड्डा

स्नान यात्रियों से जबरन ₹30 की वसूली, प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। धार्मिक आस्था के पर्व पर जहां श्रद्धालु पुण्य की कामना लेकर स्नान यात्रा पर निकलते हैं, वहीं जनपद के घुघली टैक्सी स्टैंड पर उनकी आस्था को खुलेआम लूटा जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्नान पर्व के दौरान टैक्सी स्टैंड के नाम पर श्रद्धालुओं से भरे वाहन चालकों से जबरन ₹30 की अवैध वसूली की जा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह उगाही सड़क पर चल रही भाड़े की गाड़ियों से भी की जा रही है, जो सीधे-सीधे नियमों का उल्लंघन है।
नियम साफ कहते हैं कि टैक्सी स्टैंड शुल्क केवल उसी स्थिति में लिया जा सकता है, जब वाहन स्टैंड परिसर में खड़ा हो। लेकिन घुघली में हालात इसके उलटा हैं। आरोप है कि टैक्सी स्टैंड अपने स्वीकृत स्थान पर है ही नहीं, इसके बावजूद कुछ लोग बीच सड़क वाहनों को रोककर यात्रियों से जबरन पैसा वसूल रहे हैं। विरोध करने पर वाहन चालकों को धमकाया जाता है, जिससे डर के कारण लोग चुपचाप रुपये थमाने को मजबूर हैं।
स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं का दर्द छलक पड़ा। उनका कहना है कि आस्था की यात्रा को लूट का साधन बना दिया गया है। हम पूजा-पाठ और स्नान के लिए जा रहे हैं, लेकिन रास्ते में जबरन वसूली से मन आहत हो जाता है,ऐसा कहना है कई यात्रियों का। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे वसूली करने वालों के हौसले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब टैक्सी स्टैंड अपने निर्धारित स्थल पर मौजूद ही नहीं है, तो आखिर किस अधिकार से वहां वसूली की जा रही है? क्या यह सब स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग की जानकारी में हो रहा है, या फिर सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंद ली गई हैं?
अब जनपदवासियों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। जनता की मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध रूप से संचालित टैक्सी स्टैंड को तत्काल हटवाया जाए और जबरन वसूली करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो। ताकि श्रद्धालुओं को राहत मिले और यह संदेश जाए कि कानून से ऊपर कोई नहीं।

भारत बनाम पाकिस्तान अंडर-19 मैच में झड़प, सोशल मीडिया पर मची हलचल

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच की बात आते ही दर्शकों और फैंस का उत्साह हमेशा हाई रहता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि अंडर-19 क्रिकेट मैच में भारतीय बॉलर और पाकिस्तानी बल्लेबाज के बीच मैदान पर झड़प हो गई। वीडियो देखकर लोग चौंक गए, लेकिन असलियत कुछ और ही है।

मैच के दौरान झड़प दिखाने वाला वीडियो वायरल

वीडियो में दिखाया गया है कि जैसे ही भारतीय बॉलर गेंद फेंकते हैं, पाकिस्तानी बल्लेबाज रन लेने दौड़ पड़ते हैं और इसी दौरान गेंदबाज और बल्लेबाज आपस में टकरा जाते हैं। इसके बाद दोनों खिलाड़ी गिरेबान पकड़कर धक्का-मुक्की करने लगते हैं। बाद में अन्य खिलाड़ी और अंपायर आकर मामला शांत करते हैं।

असलियत: वीडियो AI जनरेटेड

हालांकि यह पूरी घटना वास्तविक नहीं है। यह वीडियो एआई (AI-generated) तकनीक से बनाया गया है और सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचने के लिए वायरल किया गया। सोशल मीडिया यूजर्स ने वीडियो को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने इसे मजेदार बताया तो कुछ ने स्पष्ट किया कि यह एआई वीडियो है।

https://www.instagram.com/reel/DSH1OEyjU9J/?igsh=MWlsZnQ0NWRlOXB2bA==

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सोशल मीडिया पर वायरल और रिएक्शन

वीडियो को cricketer_mukhiyaji नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया, जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा और कई ने लाइक किया। यूजर्स ने अलग-अलग रिएक्शन दिए, जैसे कि “भारत हमेशा पाकिस्तान पर भारी पड़ता है” और “भारत-पाकिस्तान मुकाबले की बात ही कुछ और है।”
यह घटना सोशल मीडिया पर क्रिकेट फैंस के बीच काफी चर्चा का विषय बन गई है और एआई वीडियो की बढ़ती लोकप्रियता को फिर से साबित करती है।

प्रयागराज माघ मेला विवाद: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और पुलिस के बीच झड़प, प्रशासन ने कहा “बिना अनुमति आचरण गलत”

प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा)। माघ मेले के दौरान प्रयागराज में पुलिस और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुयायियों के बीच हुई झड़प अब बड़ा विवाद बनती नजर आ रही है। प्रशासन ने साफ कहा है कि स्वामी और उनके अनुयायी बिना अनुमति परंपरा के खिलाफ आचरण कर रहे थे, और इस मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जाएगी।

पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सुबह करीब 9 बजे अपने लगभग 200 अनुयायियों के साथ उस क्षेत्र में पहुंचे, जिसे सुरक्षा कारणों से पहले ही बंद किया गया था। उनके अनुयायियों ने बैरियर तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई।

तीन घंटे तक मार्ग अवरुद्ध

पुलिस के अनुसार स्वामी के समर्थकों ने छोटे बच्चों को आगे करके रास्ता अवरुद्ध किया और करीब तीन घंटे तक सामान्य लोगों के लिए वापसी मार्ग बंद रखा। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने संगम पर बिना अनुमति के अपनी पालकी पर सवार होकर आने की जिद की, जिससे भारी भीड़ में भगदड़ का खतरा था।

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धरने पर बैठा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

विवाद बढ़ने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिविर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन उन्हें तय प्रोटोकॉल के अनुसार संगम तक नहीं ले जाएगा, वे गंगा स्नान नहीं करेंगे। इसके अलावा, उन्होंने मीडिया को प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए आमंत्रित किया और प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई।

इस घटना के बाद माघ मेले की व्यवस्थाओं और प्रशासन की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी पहलुओं की जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकियों के साथ मुठभेड़, सेना ने इलाके को घेरा

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भारतीय सुरक्षा बल और आतंकवादियों के बीच एनकाउंटर शुरू हो गया है। यह मुठभेड़ जिले के सुदूर वन क्षेत्र सिंहपुर में हुई, जब सेना का सर्च ऑपरेशन चल रहा था और आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की।

सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इलाके में 2 से 3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। ये आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद (JeM) संगठन से जुड़े हो सकते हैं। सोननार गांव के पास मन्द्रल-सिंघूरा और चतरू क्षेत्र में सेना ने घेराबंदी और तलाश अभियान चलाया।

सेना और पुलिस ने पूरे इलाके को चारों ओर से घेर लिया है ताकि आतंकवादी भाग न सकें। सुरक्षा बलों ने ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद से निगरानी बढ़ा दी है। इसके साथ ही पास के गांवों में भी अलर्ट जारी किया गया है।

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सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान भारी गोलीबारी की आवाजें सुनाई दीं। आतंकियों के पास AK-47 राइफल्स, ग्रेनेड और अन्य हथियार होने की संभावना है। सेना और पुलिस सतर्कता के साथ आगे बढ़ रही हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

किश्तवाड़ प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। ऑपरेशन के दौरान किसी भी नागरिक को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए सुरक्षा बल सतर्क हैं। आधिकारिक पुष्टि के अनुसार आगे की जानकारी स्थिति के नियंत्रण में आने के बाद साझा की जाएगी।

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सिकन्दरपुर में हॉस्पिटल रोड से पावर हाउस तक कूड़े का अंबार, बदबू से राहगीर और दुकानदार परेशान

सिकन्दरपुर / बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। नगर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल हॉस्पिटल रोड से पावर हाउस तक जाने वाली सड़क इन दिनों कूड़े-कचरे के अंबार से जूझ रही है। सड़क किनारे जगह-जगह फैला कूड़ा न केवल राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।

स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि नगर पंचायत द्वारा नियमित सफाई न किए जाने के कारण कूड़ा लगातार जमा होता जा रहा है। सड़क किनारे जहां रोजाना सैकड़ों लोग चाय और नाश्ता करने के लिए बैठते हैं, वहीं पास में फैली गंदगी और मक्खियों के कारण लोग वहां रुकने से कतराने लगे हैं। इससे दुकानदारों के कारोबार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

राहगीरों के अनुसार हॉस्पिटल रोड से पावर हाउस तक का यह मार्ग रोजमर्रा की जिंदगी में बेहद अहम है। इसी रास्ते से मरीज, स्कूल-कॉलेज के छात्र, व्यापारी और आम नागरिक आवागमन करते हैं। तेज धूप और हवा के कारण कूड़े से उठने वाली बदबू दूर तक फैल जाती है, जिससे लोगों को भारी असुविधा होती है।

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स्थानीय लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर पंचायत प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नियमित सफाई, कूड़ा उठान और डस्टबिन की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और नगर की स्वच्छता बनी रहे।

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समर्पण और शरणागत भाव से ही मिलते हैं भगवान: मऊ में श्री राम कथा के दौरान बोले किशोरी शरण जी महाराज

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। ज्ञानी मनुष्य भगवान से किसी सांसारिक वस्तु की कामना नहीं करता, बल्कि ईश्वर को पाने की इच्छा रखता है। भगवान केवल समर्पण और शरणागत भाव से ही प्राप्त होते हैं। यह विचार अयोध्या से पधारे प्रख्यात मानस मर्मज्ञ और विद्वान संत परम पूज्य किशोरी शरण जी महाराज ने व्यक्त किए।

वे मऊ नगर के सिंधी कॉलोनी स्थित श्री दक्षिणेश्वर हनुमान मंदिर के वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित श्री राम कथा में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। महाराज जी ने कहा कि जब मनुष्य अपने अहंकार और मोह को त्याग देता है, तभी प्रभु की कृपा प्राप्त होती है।

कथा के दौरान उन्होंने मां सती और मां जानकी का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि प्रभु श्री राम के दर्शन की तीव्र इच्छा के कारण ही मां सती के मन में मोह उत्पन्न हुआ और वे परीक्षा लेने के भाव में उलझ गईं। यह प्रसंग हमें यह सिखाता है कि प्रभु की लीला को समझने के लिए पूर्ण श्रद्धा आवश्यक है।

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सुंदर कांड पाठ को लेकर किशोरी शरण जी महाराज ने भक्तों को सीख दी। उन्होंने कहा कि आज लोग सुंदर कांड का पाठ बहुत जल्दी-जल्दी कर लेते हैं, लेकिन लंका कांड रूपी मोह और पाप के जाल में जीवन भर उलझे रहते हैं और अपना बहुमूल्य जीवन व्यर्थ कर देते हैं।

नारी शक्ति की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि नारी अपने आदिशक्ति स्वरूप से पूरे परिवार को संभालती है और समाज को दिशा देती है। कार्यक्रम के अंत में मंदिर के पुजारी विवेकानंद पांडेय सहित अन्य गणमान्य लोगों ने आरती उतारी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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असम को बड़ी सौगात: पीएम मोदी ने काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमि पूजन किया, बोले—अब नॉर्थ ईस्ट नहीं रहेगा दूर

असम (राष्ट्र की परम्परा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम के नगांव जिले में 6,957 करोड़ रुपये की काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का भूमि पूजन किया। इस मौके पर उन्होंने दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को डिजिटल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कार्यक्रम पीएम मोदी की असम यात्रा का अंतिम चरण था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी समस्या दूरी की रही है—दूरी विकास से और दूरी दिलों से। दशकों तक यहां के लोगों को लगा कि देश का विकास कहीं और हो रहा है, लेकिन अब सरकार ने इस सोच को बदलने का काम किया है। उन्होंने बताया कि सड़क, रेल, हवाई और जलमार्गों के जरिए असम को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ा जा रहा है।

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासनकाल में असम को बेहद कम रेल बजट मिलता था। उन्होंने बताया कि पहले जहां असम को करीब 2,000 करोड़ रुपये का रेल बजट मिलता था, वहीं भाजपा सरकार में इसे बढ़ाकर लगभग 10,000 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है।

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प्रधानमंत्री ने काजीरंगा नेशनल पार्क में राइनो संरक्षण की सफलता को भी सराहा। उन्होंने कहा कि एक समय राइनो का शिकार बड़ी चिंता बन गया था, लेकिन सरकार ने कड़े कदम उठाकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया, जिससे अब हालात में काफी सुधार हुआ है।

बीएमसी चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश की जनता नकारात्मक राजनीति को खारिज कर रही है और विकास व विरासत पर भरोसा जता रही है। उन्होंने असम की धरती को वीरों और प्रतिभाशाली युवाओं की धरती बताते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें हमेशा विशेष आनंद की अनुभूति होती है।

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नीट छात्रा की रेप के बाद मौत पर सियासी घमासान, तेजस्वी का NDA सरकार पर हमला

पटना (राष्ट्र की परम्परा)। गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की रेप के बाद मौत की घटना ने बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले को लेकर नीतीश सरकार और एनडीए पर तीखा हमला बोला है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि “भ्रष्ट तंत्र और मशीनी यंत्र से बनी डबल इंजन की एनडीए सरकार अत्याचारियों, अपराधियों और बलात्कारियों का विश्वसनीय उपकरण बन चुकी है।”

बिहार में महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार का आरोप

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि वोट खरीदी से बनी असंवेदनशील नीतीश सरकार में नाबालिग बच्चियों, छात्राओं, बेटियों और महिलाओं पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं। सत्ता संरक्षण के कारण सरकार के जिम्मेदार लोग इन वीभत्स घटनाओं पर मौन साधे हुए हैं।

उन्होंने मधेपुरा, खगड़िया और पटना की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि मधेपुरा में विधवा महिला से सामूहिक बलात्कार व हत्या, खगड़िया में 4 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म व हत्या और पटना में जहानाबाद की नीट छात्रा के साथ दुष्कर्म व क्रूरतापूर्ण हत्या यह दर्शाती है कि सरकार पूरी तरह निर्मम और अमानवीय हो चुकी है।

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प्रदर्शन पर लाठीचार्ज को लेकर पुलिस पर सवाल

तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि पीड़ितों के लिए न्याय की मांग करने पर राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और मुकदमे क्यों दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने पूछा, “क्या पीड़ितों का दुख-दर्द बांटना और उनके अधिकार के लिए लड़ना अपराध है?”

“बिहार की विधि व्यवस्था का जनाजा निकल चुका”

तेजस्वी ने कहा कि बिहार की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और मुख्यमंत्री की चुप्पी आपराधिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में बैठे लोग सत्ता प्रायोजित अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं।

रोहिणी आचार्य ने भी उठाए सवाल

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि बिहार एक बार फिर शर्मसार हुआ है और सवाल किया कि “कब थमेगा बिहार में बलात्कार का अपराध और कब मिलेगा पीड़ित बेटी को इंसाफ?”

जदयू का पलटवार

तेजस्वी यादव के आरोपों पर जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने पलटवार करते हुए कहा कि नीट छात्रा की मौत दुखद है और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के लिए एम्स पटना से सेकेंड ओपिनियन मांगा गया है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने तेजस्वी यादव से राजद शासनकाल के शिल्पी गौतम हत्याकांड पर भी सवाल उठाने को कहा।

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प्रधानमंत्री मुद्रा योजना: बिना गारंटी 20 लाख तक का लोन, 8वीं पास भी कर सकते हैं आवेदन

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है, जो अपना छोटा या मझोला बिजनेस शुरू करना चाहते हैं या पहले से चल रहे कारोबार को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें बिना किसी गारंटी के लोन दिया जाता है और कम पढ़े-लिखे लोग भी आसानी से आवेदन कर सकते हैं।

अब 20 लाख रुपये तक मिलेगा मुद्रा लोन

पहले प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत अधिकतम 10 लाख रुपये तक का लोन मिलता था, लेकिन अब सरकार ने इसकी सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी है। इससे अब सिर्फ छोटी दुकान ही नहीं, बल्कि वर्कशॉप, सर्विस सेंटर, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट जैसे बड़े काम भी शुरू किए जा सकते हैं।

चार कैटेगरी में मिलता है मुद्रा लोन

मुद्रा योजना को चार हिस्सों में बांटा गया है—

शिशु: 50 हजार रुपये तक
किशोर: 50 हजार से 5 लाख रुपये तक
तरुण: 5 लाख से 10 लाख रुपये तक
तरुण प्लस: 10 लाख से 20 लाख रुपये तक

आवेदक अपने बिजनेस की जरूरत के अनुसार कैटेगरी चुन सकता है।

कौन कर सकता है आवेदन

यदि आप भारतीय नागरिक हैं और किसी वैध (गैर-कानूनी) काम के लिए लोन चाहते हैं, तो आप मुद्रा योजना के पात्र हैं। इसके लिए बड़ी शैक्षणिक डिग्री जरूरी नहीं है। बैंक आपके बिजनेस आइडिया, काम के अनुभव और लोन चुकाने की क्षमता को ज्यादा महत्व देता है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

मुद्रा लोन के लिए आमतौर पर ये दस्तावेज मांगे जाते हैं—

• आधार कार्ड
• पैन कार्ड
• पता प्रमाण
• पासपोर्ट साइज फोटो
• बेसिक बिजनेस प्लान

यदि आप पहले से कोई काम कर रहे हैं, तो उससे जुड़े बिल, अकाउंट स्टेटमेंट या इनकम रिकॉर्ड आपकी फाइल को और मजबूत बना सकते हैं।

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ऐसे करें मुद्रा लोन के लिए आवेदन

आप अपने नजदीकी सरकारी या प्राइवेट बैंक शाखा में जाकर सीधे मुद्रा लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी फॉर्म भरा जा सकता है। बैंक डॉक्यूमेंट जांच और बातचीत के बाद पात्र पाए जाने पर लोन मंजूर कर देता है।

लोन मिलने के बाद रखें ये ध्यान

लोन मिलने के बाद सबसे जरूरी है उसका सही इस्तेमाल और समय पर किस्त चुकाना। पैसा उसी काम में लगाएं जिसके लिए लोन लिया गया है, बिजनेस का रिकॉर्ड साफ रखें और धीरे-धीरे कमाई बढ़ाएं। ऐसा करने से भविष्य में बड़ा लोन लेना आसान हो जाता है।

ट्रंप की टैरिफ धमकी से EU-US व्यापार समझौता संकट में

ब्रसेल्स/वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर संकट गहराता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ धमकी के बाद अब EU सांसद इस डील को मंजूरी देने से रोकने की तैयारी कर रहे हैं। यह विवाद खासतौर पर ग्रीनलैंड मुद्दे को लेकर बढ़ा है।

EPP ने रोकी समर्थन प्रक्रिया

यूरोपीय संसद के सबसे बड़े राजनीतिक समूह यूरोपियन पीपुल्स पार्टी (EPP) के प्रमुख मैनफ्रेड वेबर ने सोशल मीडिया पर कहा कि EPP EU-US व्यापार समझौते का समर्थन करता है, लेकिन ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की धमकियों के चलते फिलहाल इसकी मंजूरी संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी उत्पादों पर EU द्वारा टैरिफ कम करने की योजना को अस्थायी रूप से रोकना होगा।

क्या है EU-US व्यापार समझौता

यह व्यापार समझौता पिछले साल गर्मियों में EU कमीशन अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुआ था। इसके तहत—

• अमेरिका, EU के अधिकांश सामानों पर 15% टैरिफ लगाएगा।

• बदले में EU, अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और कुछ कृषि उत्पादों पर ड्यूटी खत्म करेगा।

• उद्देश्य था दोनों पक्षों के बीच पूर्ण व्यापार युद्ध से बचना।

हालांकि समझौता आंशिक रूप से लागू हो चुका है, लेकिन यूरोपीय संसद की मंजूरी अभी बाकी है। अगर EPP और वामपंथी दल मिलकर वोट करते हैं, तो इसे रोकना आसान हो सकता है।

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अमेरिका पर EU का बढ़ता असंतोष

कई EU सांसद पहले से ही इस डील को अमेरिका के पक्ष में झुकी हुई मानते रहे हैं। जुलाई समझौते के बाद अमेरिका ने स्टील और एल्युमिनियम पर 50% टैरिफ को सैकड़ों अन्य EU उत्पादों तक बढ़ा दिया था, जिससे नाराजगी और बढ़ गई।

EU नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि ऐसे टैरिफ ट्रांसअटलांटिक रिश्तों को कमजोर करेंगे।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप की धमकी को “अस्वीकार्य” बताया।

• यूरोपीय संसद की ट्रेड कमेटी के चेयर बर्न्ड लांगे ने देशों की संप्रभुता के सम्मान की बात करते हुए EU के Anti-Coercion Instrument (ACI) के इस्तेमाल का सुझाव दिया।

• डेनमार्क के सांसद पेर क्लाउसेन ने 30 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ पत्र भेजकर ग्रीनलैंड को लेकर धमकियां जारी रहने तक समझौते को फ्रीज करने की मांग की।

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ग्रीनलैंड पर ट्रंप की धमकी

डोनाल्ड ट्रंप ने 17 जनवरी 2026 को घोषणा की कि 1 फरवरी से नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड्स, फिनलैंड और डेनमार्क सहित 8 यूरोपीय देशों के सामान पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका को ग्रीनलैंड को “पूरी तरह खरीदने” की डील नहीं मिली, तो जून से यह टैरिफ बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा। ग्रीनलैंड डेनमार्क का अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है।

इस पूरे घटनाक्रम से EU-US संबंधों में तनाव बढ़ गया है और एक बार फिर व्यापार युद्ध की आशंका गहराने लगी है।

NH-730 हादसा: हेलमेट न पहनने से दो की मौत

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज जिले में एनएच-730 एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही का गवाह बना। परतावल चौराहे के पास शुक्रवार सुबह दो बाइकों की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर में जहां एक अधेड़ की मौके पर ही मौत हो गई थी, वहीं गंभीर रूप से घायल युवक ने रविवार तड़के इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस हादसे में मृतकों की संख्या अब दो हो गई है।

मौके पर ही हुई अधेड़ की मौत

पहले मृतक की पहचान विजय प्रताप सिंह (60 वर्ष) निवासी नगर पंचायत परतावल, छातीराम दक्षिण टोला, थाना श्यामदेउरवा के रूप में हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि विजय प्रताप सिंह ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए यातायात भी बाधित रहा।

घायल युवक की रविवार सुबह मौत

दूसरे बाइक सवार सुहेल (30 वर्ष) निवासी ग्राम सभा अमवा, थाना श्यामदेउरवा को गंभीर अवस्था में स्थानीय लोगों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल पहुंचाया गया। हालत नाजुक होने पर परिजनों ने उसे गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रविवार तड़के इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

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एक साल पहले हुई थी शादी, गांव में मातम

बताया जा रहा है कि सुहेल की शादी महज एक वर्ष पहले ही हुई थी। उसकी असमय मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

हेलमेट न पहनना बना मौत की वजह

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दोनों बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। पुलिस का मानना है कि सिर में गंभीर चोट लगने के कारण ही दोनों की जान गई। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और हेलमेट की अनिवार्यता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

NH-730 पर बढ़ते हादसों से लोग चिंतित

स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएच-730 पर तेज रफ्तार वाहन और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई के अभाव में स्थिति जस की तस बनी हुई है।
पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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अनियंत्रित बाइक ट्राली से टकराई, 69 वर्षीय वृद्ध गंभीर रूप से घायल

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया जनपद के बरहज नगर में शनिवार देर रात एक सड़क हादसा हो गया। बारा दीक्षित चौराहे के पास अनियंत्रित बाइक ट्राली से टकरा गई, जिससे बाइक सवार वृद्ध गंभीर रूप से घायल हो गए।

घर लौटते समय हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भलुअनी थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरा कोट निवासी श्यामनंदन सिंह (69) पुत्र स्वर्गीय रामसुरत सिंह शनिवार रात बाइक से अपने घर जा रहे थे। जैसे ही वे बारा दीक्षित चौराहे के पास पहुंचे, बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और सामने खड़ी ट्राली से टकरा गई।

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स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल

हादसे के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने घायल वृद्ध को तुरंत उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें महर्षि देवरहवा बाबा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

हालत गंभीर, इलाज जारी

हादसे में वृद्ध को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस को सूचना दे दी गई है और मामले की जांच की जा रही है।

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मौनी अमावस्या पर आस्था का महासंगम, स्नान-दान से पुण्य अर्जन

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा )। मौनी अमावस्या पर्व रविवार को जिले के धनघटा तहसील क्षेत्र स्थित बिडहरघाट पर श्रद्धा और आस्था के साथ लोगों ने डुबकी लगाई। सुबह से ही मौसम पूरी तरह साफ रहा और धूप खिली रहने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। तड़के से ही हजारों श्रद्धालुओं ने पावन सरयू में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रद्धालु अन्नदान, गोदान, वस्त्रदान सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए। पूरे घाट पर हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे और वातावरण भक्तिमय बना रहा।

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अनुकूल मौसम के चलते बिडहरघाट पर दिन भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने सूर्य देव को अर्घ्य दिया और सरयू मैया की विधिवत पूजा-अर्चना की। घाट फूल-मालाओं से सजा रहा। श्रद्धालुओं ने महाकाल मंदिर में जलाभिषेक कर मन्नतें मांगीं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती चली गई।
मौनी अमावस्या के अवसर पर जिले की राप्ती, आमी, कुआंनो सहित अन्य नदियों और पवित्र स्थलों पर भी श्रद्धालुओं ने स्नान और दान-पुण्य किया। विभिन्न स्थानों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रीय घाटों पर पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

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घाट पर जगह-जगह धार्मिक अनुष्ठान, सत्यनारायण कथा और यज्ञ आयोजित होते रहे, जिससे मेले की रौनक बढ़ गई। बिडहरघाट पर लगे मेले में सौंदर्य प्रसाधन, मिठाई सहित अन्य दुकानों पर खरीदारी के लिए भारी भीड़ देखी गई।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन द्वारा बिडहरघाट क्षेत्र में व्यापक इंतजाम किए गए। धनघटा और उमरिया बाजार में बैरिकेडिंग कर बिडहरघाट की ओर जाने वाले वाहनों पर नियंत्रण रखा गया, जिससे आवागमन सुचारु बना रहा और किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई। इसी प्रकार अन्य घाटों पर भी व्यवस्था के समाचार मिल रहे हैं।

संघर्ष, करुणा और कर्म: जीवन को समझने का समग्र दृष्टिकोण

कैलाश सिंह

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।जीवन केवल जन्म और मृत्यु के बीच की एक सीमित यात्रा नहीं है, बल्कि यह निरंतर उठते प्रश्नों और उन्हीं प्रश्नों से जन्म लेते उत्तरों का जीवंत दर्शन है। मनुष्य जैसे-जैसे जीवन के पथ पर आगे बढ़ता है, वैसे-वैसे उसके सामने असंख्य सवाल खड़े होते हैं—मैं कौन हूं, मेरा उद्देश्य क्या है, सुख क्या है और दुःख क्यों है? इन्हीं प्रश्नों की खोज जीवन को अर्थ, दिशा और गहराई प्रदान करती है।
आज के भौतिकवादी युग में जीवन को प्रायः उपलब्धियों, पद, पैसा और प्रतिष्ठा तक सीमित कर दिया गया है। परंतु जब ये सब होने के बाद भी मन अशांत रहता है, तब मनुष्य को यह अनुभूति होती है कि जीवन के उत्तर बाहरी साधनों में नहीं, बल्कि आत्मचिंतन में छिपे हैं। यही आत्मचिंतन जीवन-दर्शन की वास्तविक शुरुआत है।

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संघर्ष जीवन का अनिवार्य सत्य है। बिना संघर्ष के न अनुभव मिलता है और न ही परिपक्वता। असफलताएं जीवन की सबसे बड़ी शिक्षक होती हैं, जो मनुष्य को भीतर से मजबूत बनाती हैं। जब व्यक्ति असफलताओं को स्वीकार कर उनसे सीख लेता है, तब वही प्रश्न उसके लिए उत्तर बन जाते हैं और उसका दृष्टिकोण परिष्कृत होता है।
जीवन हमें करुणा, सहनशीलता और संवेदना का भी पाठ पढ़ाता है। दूसरों के दुःख को समझना, जरूरतमंद की सहायता करना और अपने कर्तव्यों का निष्ठा से पालन करना—यही जीवन का व्यवहारिक दर्शन है। जो व्यक्ति केवल अपने लिए जीता है, वह जीवन को भोगता है; लेकिन जो समाज के लिए जीता है, वही जीवन को समझता है।

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आध्यात्मिक दृष्टि से देखें तो जीवन आत्मा की सतत यात्रा है। सुख-दुःख, लाभ-हानि और जय-पराजय क्षणिक हैं। स्थायी है तो केवल कर्म और चेतना। गीता का कर्मयोग हो या बुद्ध का मध्यम मार्ग—दोनों यही सिखाते हैं कि जीवन के प्रश्नों का उत्तर संतुलन और समत्व में छिपा है।
आज जब समाज तनाव, हिंसा और असहिष्णुता से जूझ रहा है, तब जीवन को दर्शन के रूप में समझना समय की मांग बन गया है। प्रश्नों से भागना नहीं, बल्कि उनका साहसपूर्वक सामना करना ही सही दिशा देता है। क्योंकि जीवन स्वयं प्रश्न भी है और उत्तर भी—आवश्यकता है तो केवल उसे समझने की दृष्टि की।
वास्तव में, जीवन को जितना जिया जाए, उतना ही वह समझ में आता है—और यही उसका जीवंत दर्शन है।