सिकन्दरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को उपजिलाधिकारी सिकन्दरपुर को ज्ञापन सौंपकर ग्रामसभा हथौंज में दलित परिवारों के कथित उत्पीड़न, मकान ध्वस्तीकरण और अन्य जनसमस्याओं के समाधान की मांग उठाई।ज्ञापन में कहा गया कि 3 फरवरी को ग्रामसभा हथौंज में बिना पुनर्वास की व्यवस्था किए दलित भूमिहीन रामबचन राम और रामगोविन्द राम के पुश्तैनी मकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। साथ ही सैकड़ों दलितों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज कर उन्हें उत्पीड़ित किया जा रहा है। पार्टी नेताओं ने इसे अन्यायपूर्ण कार्रवाई बताते हुए तत्काल पुनर्वास और मुकदमों की वापसी की मांग की।
भाकपा (माले) ने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित परिवारों को अविलंब जमीन और आवास उपलब्ध कराया जाए। ग्रामसभा हथौंज के भूमिहीन दलितों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं तथा अज्ञात अभियुक्त बनाकर किए जा रहे उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए।
इसके अतिरिक्त ग्रामसभा लिलकर, खरीद मौजा, दियरा दरौली और उसरैला के पट्टेदारों की जमीन की तत्काल पैमाइश कराने तथा मौजा सीसोटार स्थित अराजी संख्या 4052 की पैमाइश कर पार्टी कार्यालय हेतु भूमि उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
ज्ञापन सौंपने वालों में भाकपा (माले) के जिला सचिव लाल साहब, केंद्रीय कमेटी सदस्य श्रीराम चौधरी, नियाज अहमद (नेता किसान महासभा), राजेश, शंभु राजभर, अशोक राम, रिंकू देवी, जयप्रकाश शर्मा, कमला देवी, कमलाबी देवी, मिनय राम, दीपन राम, रामप्रवेश शर्मा समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
दलित परिवारों का पुनर्वास व मुकदमे वापसी की मांग को लेकर भाकपा (माले) ने सौंपा ज्ञापन
01 जनवरी 2026 अर्हता तिथि पर आधारित मतदाता सूची संशोधन का कार्यक्रम जारी
देवरिया।(राष्ट्र की परम्परा)देवरिया मतदाता सूची विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2026 के तहत भारत निर्वाचन आयोग ने अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का संशोधित कार्यक्रम जारी किया है। अपर जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने बताया कि संशोधित समय-सारिणी के अनुसार अब दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि 06 मार्च 2026 निर्धारित की गई है, जबकि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 10 अप्रैल 2026 को किया जाएगा।
यह प्रक्रिया आगामी चुनावों की पारदर्शिता, निष्पक्षता और शुद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों के भीतर अपने नाम की पुष्टि कर लें और आवश्यक सुधार समय रहते करा लें।
01 जनवरी 2026 अर्हता तिथि के आधार पर पुनरीक्षण
देवरिया मतदाता सूची विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2026 के अंतर्गत 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त जिन मतदाताओं के नाम में त्रुटि, पता परिवर्तन, स्थानांतरण या किसी अन्य प्रकार का संशोधन आवश्यक है, वे भी निर्धारित प्रारूप में दावा या आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह पुनरीक्षण विशेष अभियान के रूप में चलाया जा रहा है, ताकि मतदाता सूची अधिक सटीक और अद्यतन हो सके। इससे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी या दोहरे नामों को हटाने में सहायता मिलेगी।
संशोधित कार्यक्रम की प्रमुख तिथियां
देवरिया मतदाता सूची विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2026 के तहत संशोधित कार्यक्रम इस प्रकार है:
दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि: 06 मार्च 2026
जनगणना प्रपत्रों पर सूचना चरण के निर्णय एवं दावों-आपत्तियों का निस्तारण: 27 मार्च 2026 तक
स्वास्थ्य मापदंडों की जांच: 03 अप्रैल 2026
मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन: 10 अप्रैल 2026
प्रशासन ने बताया कि सभी प्राप्त आवेदनों की जांच पारदर्शी ढंग से की जाएगी और निर्धारित समयसीमा के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
कैसे करें आवेदन?
देवरिया मतदाता सूची विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2026 के दौरान मतदाता अपना नाम जुड़वाने, संशोधित कराने या हटवाने के लिए संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (BLO) से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है।
मतदाताओं को सलाह दी गई है कि आवेदन करते समय आवश्यक दस्तावेज, जैसे आयु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और पहचान पत्र की प्रति अवश्य संलग्न करें। गलत या अपूर्ण जानकारी देने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
दावे और आपत्तियों का निष्पक्ष निस्तारण
जिला निर्वाचन अधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने बताया कि प्राप्त सभी दावे और आपत्तियों की सुनवाई पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की जाएगी। 27 मार्च 2026 तक इनका निस्तारण कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि देवरिया मतदाता सूची विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2026 का उद्देश्य केवल नाम जोड़ना ही नहीं, बल्कि सूची को त्रुटिरहित बनाना भी है। यदि किसी मृत मतदाता का नाम सूची में दर्ज है या कोई व्यक्ति अन्यत्र स्थानांतरित हो चुका है, तो संबंधित व्यक्ति या परिवार द्वारा आपत्ति दर्ज कर नाम हटवाया जा सकता है।
स्वास्थ्य मापदंडों की जांच और अंतिम प्रकाशन
03 अप्रैल 2026 को स्वास्थ्य मापदंडों की जांच की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर 10 अप्रैल 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
अंतिम प्रकाशन के बाद सूची आधिकारिक रूप से लागू मानी जाएगी और आगामी चुनावों में उसी सूची का उपयोग किया जाएगा। इसलिए प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले अपनी प्रविष्टियों की जांच अवश्य कर लें।
लोकतंत्र की मजबूती में नागरिकों की भागीदारी जरूरी
देवरिया मतदाता सूची विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2026 केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम है। सही और अद्यतन मतदाता सूची निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला होती है।
जिला प्रशासन ने युवाओं, महिलाओं और नए मतदाताओं से विशेष रूप से अपील की है कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग सुनिश्चित करने के लिए समय रहते नाम दर्ज कराएं।
व्यापक जागरूकता अभियान
प्रशासन द्वारा जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रह जाए। बूथ स्तर पर कर्मचारियों को सक्रिय किया गया है और सभी विधानसभा क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
देवरिया मतदाता सूची विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2026 के तहत पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जा रही है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी इस कार्य को गंभीरता से लें और निर्धारित तिथियों के भीतर प्रक्रिया पूरी करें।
समय सीमा का रखें विशेष ध्यान
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 06 मार्च 2026 के बाद दावे और आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। इसलिए नागरिक अंतिम तिथि का विशेष ध्यान रखें।
10 अप्रैल 2026 को अंतिम सूची के प्रकाशन के साथ यह विशेष अभियान संपन्न होगा। इसके बाद संशोधन की प्रक्रिया सामान्य नियमों के अनुसार ही की जा सकेगी।
देवरिया में डीआईजी का वार्षिक दौरा, पुलिस बल की कार्यप्रणाली की हुई गहन समीक्षा
देवरिया। (राष्ट्र की परम्परा) ।देवरिया पुलिस वार्षिक निरीक्षण 2026 के तहत गुरुवार को गोरखपुर परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) श्री एस. चन्नप्पा ने जनपद देवरिया का विस्तृत वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस लाइन से लेकर पुलिस कार्यालय तक विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। निरीक्षण कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन सहित जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
पुलिस लाइन में परेड की सलामी, बल की दक्षता का परीक्षण
निरीक्षण की शुरुआत पुलिस लाइन देवरिया में परेड की सलामी से हुई। डीआईजी श्री चन्नप्पा ने परेड का सूक्ष्म निरीक्षण करते हुए पुलिसकर्मियों की वर्दी, अनुशासन, शारीरिक क्षमता और प्रशिक्षण स्तर का आकलन किया। उन्होंने बलवा मॉक ड्रिल, दंगा नियंत्रण उपकरणों के संचालन और शस्त्राभ्यास का भी अवलोकन किया।
डायल 112 के वाहनों और आधुनिक उपकरणों की कार्यक्षमता की जांच करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आपातकालीन सेवाओं की प्रतिक्रिया समय (Response Time) को और बेहतर बनाया जाए ताकि जनता को त्वरित सहायता मिल सके। देवरिया पुलिस वार्षिक निरीक्षण 2026 के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग प्राथमिकता में रहेगा।
पुलिस लाइन की व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण
पुलिस लाइन परिसर स्थित आरटीसी, शस्त्रागार, परिवहन शाखा, स्टोर, बैरक और मेस का भी गहन निरीक्षण किया गया। डीआईजी ने अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव, परिसर की स्वच्छता, आवासीय सुविधाओं और भोजन की गुणवत्ता की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुलिसकर्मियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जाए। बेहतर आवास, स्वच्छ परिसर और संतुलित भोजन से ही बल का मनोबल ऊंचा रहता है, इस पर विशेष जोर दिया गया। देवरिया पुलिस वार्षिक निरीक्षण 2026 के अंतर्गत पुलिस लाइन की व्यवस्थाओं को आधुनिक मानकों के अनुरूप बनाने की बात कही गई।
साइबर थाना और शिकायत निस्तारण प्रणाली की समीक्षा
इसके बाद डीआईजी ने पुलिस कार्यालय का निरीक्षण किया। साइबर थाना, प्रधान लिपिक शाखा, क्षेत्राधिकारी कार्यालय, आंकिक शाखा, आईजीआरएस कार्यालय, सम्मन सेल, सीटीसी सेल, एलआईयू शाखा, डीसीआरबी और जनशिकायत प्रकोष्ठ का क्रमवार परीक्षण किया गया।
उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और अभिलेखों के डिजिटल संधारण पर जोर दिया। खासतौर पर आईजीआरएस और जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए गए। देवरिया पुलिस वार्षिक निरीक्षण 2026 के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और संवेदनशीलता सर्वोपरि होगी।
अपराध गोष्ठी में सख्त निर्देश
पुलिस लाइन सभागार में आयोजित अपराध गोष्ठी में डीआईजी श्री एस. चन्नप्पा ने जनपद में घटित गंभीर अपराधों की विस्तार से समीक्षा की। हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार, चोरी और नकबजनी जैसे संगीन मामलों में त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
महिला एवं बाल अपराधों में विशेष संवेदनशीलता बरतने और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाने के लिए विवेचना की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया गया। साइबर अपराध, एनडीपीएस एक्ट, गौ-तस्करी, अवैध शराब, जुआ और सट्टा जैसे अपराधों के विरुद्ध थाना स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
देवरिया पुलिस वार्षिक निरीक्षण 2026 के दौरान अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट और कुर्की की प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई। वांछित और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों के गठन पर भी बल दिया गया।
लंबित विवेचनाओं पर कड़ी नजर
डीआईजी ने न्यायालय में लंबित मामलों और अधूरी विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी विवेचनाएं समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्ता के साथ पूर्ण की जाएं। निर्धारित समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
उन्होंने आगामी त्योहारों को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना प्रभारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। देवरिया पुलिस वार्षिक निरीक्षण 2026 के अंतर्गत सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का खाका तैयार किया गया।
उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान
निरीक्षण के दौरान आईजीआरएस कार्यालय को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर प्रभारी निरीक्षक श्री तेज जगन्नाथ सिंह सहित अन्य कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। डीआईजी ने उनके कार्य की सराहना करते हुए कहा कि इसी प्रकार की प्रतिबद्धता से पुलिस की छवि सुदृढ़ होती है।
कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता
देवरिया पुलिस वार्षिक निरीक्षण 2026 के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जनपद में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है। आधुनिक तकनीक, पारदर्शी कार्यप्रणाली और सख्त प्रशासनिक निगरानी के जरिए पुलिसिंग को और प्रभावी बनाया जाएगा।
जनता की सुरक्षा और विश्वास कायम रखना ही पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान दिए गए दिशा-निर्देशों से स्पष्ट है कि आने वाले समय में देवरिया पुलिस अपराधियों के खिलाफ और अधिक सख्त रुख अपनाएगी तथा शिकायतों के समाधान में तेजी लाई जाएगी।
महाशिवरात्रि से पहले एसपी का कोपागंज गौरीशंकर मंदिर में औचक निरीक्षण
सीसीटीवी कैमरे और बैरिकेटिंग के निर्देश, भीड़ प्रबंधन पर दिया जोर
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। महाशिवरात्रि पर्व को लेकर जनपद के कोपागंज नगर पंचायत क्षेत्र स्थित प्राचीन गौरीशंकर मंदिर में तैयारियां तेज हो गई हैं। बृहस्पतिवार को पुलिस अधीक्षक इलामारन ने मंदिर परिसर का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष ध्यान
निरीक्षण के दौरान एसपी ने मंदिर परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था की समीक्षा की और नगर पंचायत कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है, इसलिए सुरक्षा और स्वच्छता में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
सीसीटीवी और बैरिकेटिंग के निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने मंदिर के गर्भगृह और बाहरी परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए, ताकि हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा सके। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए समुचित बैरिकेटिंग सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को प्रभावी भीड़ प्रबंधन योजना तैयार कर उसे लागू करने का निर्देश दिया।
शांतिपूर्ण आयोजन का भरोसा
इस अवसर पर थानाध्यक्ष रविन्द्र नाथ राय, कस्बा इंचार्ज अनिकेत सिंह सहित पुलिस व नगर पंचायत के कर्मचारी मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद थानाध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि महाशिवरात्रि पर्व को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएंगी।
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सिकंदरपुर में राजनीतिक दलों की बैठक, मतदाता सूची विसंगतियों पर चर्चा
सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। SIR (संक्षिप्त पुनरीक्षण) से संबंधित विसंगतियों को दूर करने के उद्देश्य से गुरुवार को तहसील सभागार में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर सुनील कुमार ने की।
बैठक में निर्वाचन कार्य से जुड़ी समस्याओं, मतदाता सूची में त्रुटियों तथा नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पारदर्शी और त्रुटिरहित निर्वाचन प्रक्रिया पर जोर
उपजिलाधिकारी सुनील कुमार ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर संबंधित बीएलओ या तहसील कार्यालय को तत्काल अवगत कराया जाए, ताकि समय रहते समाधान हो सके।
उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे मतदाताओं को जागरूक करें और सही जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग दें।
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प्रतिनिधियों ने रखीं समस्याएं, कार्रवाई का आश्वासन
बैठक के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने क्षेत्र में आ रही समस्याओं को रखा। प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
इस अवसर पर नायब तहसीलदार दुर्गेश कुमार, चकबंदी अधिकारी मनोज कुमार पांडे, सत्येंद्र राजभर, जितेश कुमार वर्मा, राजकुमार जायसवाल, हरिंदर भारती सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।बैठक शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
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डिजिटल दौर में खोती जा रही चिट्ठियों की खुशबू
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। कभी गांव और शहर की गलियों में डाकिए की साइकिल की घंटी उम्मीदों की प्रतीक हुआ करती थी। पत्र-पेटिका में गिरती चिट्ठियों की खनक रिश्तों की गर्माहट को जीवंत कर देती थी। लेकिन डिजिटल क्रांति के इस दौर में मोबाइल और इंटरनेट की तेज रफ्तार ने कागज पर लिखे जज़्बातों को लगभग खामोश कर दिया है। अब न चिट्ठियों की कतार दिखती है और न डाकघरों के बाहर पहले जैसी चहल-पहल।
व्हाट्सएप और ईमेल ने बदली संवाद की परंपरा
पहले त्योहारों, परीक्षाओं और भर्ती सूचनाओं के समय डाकघरों में लंबी कतारें लगती थीं। प्रेम पत्र, राखी के संदेश, नौकरी के आवेदन और शुभकामना कार्ड डाक व्यवस्था के माध्यम से पहुंचते थे।
आज वही संदेश व्हाट्सएप, ईमेल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ ही सेकंड में भेज दिए जाते हैं। इसका परिणाम यह है कि कई ग्रामीण डाकघर सीमित संसाधनों में औपचारिकता निभाते नजर आ रहे हैं।
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चिट्ठी थी भावनाओं का दस्तावेज
बुजुर्गों के अनुसार, चिट्ठी केवल कागज का टुकड़ा नहीं होती थी, बल्कि भावनाओं का दस्तावेज होती थी। हर शब्द में प्रतीक्षा, अपनापन और भरोसा झलकता था।
डिजिटल संदेश भले ही तत्काल पहुंच जाते हों, लेकिन उनमें वह आत्मीयता और स्थायित्व नहीं होता जो हाथ से लिखी चिट्ठी में महसूस किया जाता था।
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी महत्वपूर्ण है डाक सेवा
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक का विस्तार समय की आवश्यकता है, लेकिन पारंपरिक डाक व्यवस्था का संरक्षण भी जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में डाक सेवाएं आज भी बैंकिंग, बीमा, पेंशन और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
यदि समय रहते इस व्यवस्था को सुदृढ़ नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियां केवल किताबों में डाकिया और पत्र-पेटिका की कहानियां पढ़ेंगी।
संतुलन की जरूरत
डिजिटल सुविधा के साथ संवेदनाओं की स्याही को भी जिंदा रखना आवश्यक है। जब चिट्ठियां खामोश होती हैं, तो केवल कागज नहीं, बल्कि रिश्तों की एक पूरी दुनिया भी धीरे-धीरे मौन हो जाती है।
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बेलभरिया में अवैध कब्जे से ठप जल निकासी व्यवस्था
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सदर तहसील के मिठौरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा बेलभरिया में सार्वजनिक नालियों पर अवैध कब्जे का मामला गंभीर होता जा रहा है। दबंगों द्वारा नालियां पाटकर निर्माण कर लेने से गांव की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। परिणामस्वरूप घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़कों और गलियों में बह रहा है, जिससे ग्रामीणों का जीवन संकट में पड़ गया है।
वर्षों से जारी अतिक्रमण, प्रशासन मौन
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा की भूमि और सार्वजनिक नालियों पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया जा रहा है। कुछ प्रभावशाली लोगों ने नालियों को पाटकर स्थायी निर्माण करा लिया है, जिससे पानी के निकास का रास्ता बंद हो गया है।
बारिश के दिनों में पूरा गांव जलमग्न हो जाता है, जबकि सामान्य दिनों में भी गलियों में गंदा पानी जमा रहता है और दुर्गंध फैलती है।
गंदगी से बढ़ा बीमारी का खतरा
लगातार जलभराव के कारण गांव में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों ने डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और त्वचा रोग फैलने की आशंका जताई है।
बच्चे गंदे पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं, वहीं बुजुर्गों और महिलाओं को संक्रमण का खतरा बना हुआ है। पशुधन भी गंदगी के बीच रहने को विवश है।
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जिलाधिकारी से की गई शिकायत
स्थानीय निवासी सरोज देवी (पत्नी दिनेश) ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय और संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप
ग्रामीणों ने सफाई कर्मी, ग्राम सचिव और एडीओ पंचायत पर लापरवाही और संभावित मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन की उदासीनता के कारण दबंगों का मनोबल बढ़ा हुआ है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सार्वजनिक नालियां सरकारी संपत्ति हैं, तो अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब तक क्यों नहीं की गई?
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र अतिक्रमण हटाकर स्थायी जल निकासी व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो वे धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
बेलभरिया की स्थिति केवल जल निकासी का मुद्दा नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य, स्वच्छता और ग्रामीणों के मौलिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर प्रश्न बन चुकी है।
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प्रगति 2.0 बाल उत्सव मऊ: 10 होनहार छात्र-छात्राएं मंडल स्तर पर दिखाएंगे प्रतिभा
‘प्रगति 2.0 बाल उत्सव मऊ’ में कॉमिक पोस्टर और प्रस्तुतीकरण से चमके नौनिहाल
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद मऊ में बुनियादी शिक्षा को नवाचार और रचनात्मकता से जोड़ने के उद्देश्य से ‘प्रगति 2.0 बाल उत्सव मऊ’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विकास खंडों से चयनित 60 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। जनपद स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता के बाद 10 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन मंडल स्तर की प्रतियोगिता के लिए किया गया।
ब्लॉक से जनपद स्तर तक पारदर्शी चयन प्रक्रिया
‘प्रगति 2.0 बाल उत्सव मऊ’ के तहत प्रत्येक विकास खंड से ब्लॉक नोडल अधिकारियों ने मेधावी और रचनात्मक छात्र-छात्राओं का चयन किया। कुल 60 प्रतिभागियों को जनपद स्तर पर आमंत्रित किया गया। चयन प्रक्रिया गुणवत्ता और पारदर्शिता के आधार पर संपन्न हुई।
दो प्रमुख प्रतियोगिताएं बनीं आकर्षण का केंद्र
जनपद स्तरीय आयोजन में विद्यार्थियों को दो श्रेणियों में प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला—
• कॉमिक बुक पोस्टर प्रतियोगिता
• ‘मेरे बदलाव की कहानी’ प्रस्तुतीकरण
इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य बच्चों में सृजनात्मक सोच, सामाजिक समझ और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना था।
कॉमिक पोस्टर में दिखी सामाजिक जागरूकता
कॉमिक बुक पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, बालिका शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और सामाजिक सुधार जैसे विषयों पर आकर्षक पोस्टर प्रस्तुत किए। कई बच्चों ने बाल श्रम, जल संरक्षण और नारी सशक्तिकरण जैसे मुद्दों को रचनात्मक अंदाज में दर्शाया।
निर्णायकों ने चित्रों के साथ पोस्टर के पीछे दिए गए संदेश और उसकी तार्किक व्याख्या के आधार पर मूल्यांकन किया।
‘मेरे बदलाव की कहानी’ में झलका आत्मविश्वास
इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की प्रेरणादायक कहानियां साझा कीं। कुछ ने नियमित अध्ययन और शिक्षकों के मार्गदर्शन से मिली सफलता का जिक्र किया, तो कुछ ने डिजिटल शिक्षा और विद्यालयी गतिविधियों से हुए परिवर्तन को बताया।
प्रस्तुतीकरण शैली, स्पष्ट उच्चारण और प्रभावशाली संदेश के आधार पर निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों का चयन किया।
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10 विद्यार्थियों का मंडल स्तर के लिए चयन
कार्यक्रम के अंत में कुल 10 छात्र-छात्राओं का चयन मंडल स्तर की प्रतियोगिता के लिए किया गया।
• 5 प्रतिभागी कॉमिक बुक पोस्टर प्रतियोगिता से
• 5 प्रतिभागी ‘मेरे बदलाव की कहानी’ से
अब ये विद्यार्थी मंडल स्तर पर मऊ जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।
अधिकारियों ने बढ़ाया उत्साह
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने बच्चों को अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास की प्रेरणा दी।
वित्त एवं लेखा अधिकारी नीरज कुमार द्विवेदी और डायट के प्रवक्ताओं की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) अनिल चौरसिया ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शिक्षा में नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
‘प्रगति 2.0 बाल उत्सव मऊ’ केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि शिक्षा में रचनात्मक बदलाव की मजबूत पहल है। यह आयोजन विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाओं को अभिव्यक्त करने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर देता है।
अब जिले को उम्मीद है कि चयनित विद्यार्थी मंडल स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मऊ का नाम रोशन करेंगे।
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सच और झूठ का विकल्प
✍️ डॉ० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’
सच बोलना मानव की मूल प्रवृत्ति है,
सच से ही जीवन में पवित्रता सृजित है।
झूठ सुनकर जब मन व्यथित हो जाता है,
तो झूठ कहने से भी हमें बचना चाहिए।
बचपन में हम निष्कपट, सरल होते हैं,
मन में कपट के बीज नहीं बोते हैं।
ज्यों-ज्यों बढ़ती उम्र और स्वार्थ आता है,
झूठ का आवरण मन पर छा जाता है।
किसी के हित में कहा गया मधुर झूठ,
कभी-कभी बन जाता है प्रिय सत्य का रूप।
पर लालच में जो छल की राह पकड़ता है,
वह अंततः अपने ही हाथों बिखरता है।
“भेड़िया आया” की कथा याद कर लो,
झूठ से विश्वास का दीपक न जलने दो।
जो बार-बार असत्य का सहारा लेते हैं,
अपने ही अपनों से दूर हो जाते हैं।
नकारात्मक छवि जब बन जाती है,
सच्ची बातें भी संदेह में आ जाती हैं।
यदि विवश होकर असत्य कहना पड़े,
तो स्वीकार कर क्षमा माँग लेना पड़े।
जीवन में झूठ की उतनी ही जगह रहे,
जितना भोजन में नमक सदा सधे।
अधिक नमक स्वाद भी बिगाड़ देता है,
और स्वास्थ्य पर भी आघात देता है।
उत्तम उद्देश्य हेतु कहा गया वचन,
यदि सत्य न हो तो भी रहे सावधान मन।
पर गलत इरादे से बोला गया असत्य,
जीवन में घोल देता है घोर विष व्यस्त।
झूठ से पहले दस बार मनन कर लो,
शब्दों को बोलने से पहले परख लो।
यदि विकल्प हो झूठ और मौन का कभी,
तो मौन ही बेहतर है — यही नीति सभी।
मतदान, जनमत संग्रह और सुरक्षा: बांग्लादेश संसदीय चुनाव की पूरी तस्वीर
ढाका (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बांग्लादेश में 13वां संसदीय चुनाव कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न हो गया। सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ मतदान शाम 4:30 बजे तक चला, जिसके बाद मतगणना की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। यह बांग्लादेश चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि लंबे समय तक सत्ता में रही अवामी लीग इस बार चुनावी मैदान में नहीं है। ऐसे में बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच सीधा मुकाबला देश की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।
यह चुनाव पिछले कई वर्षों की राजनीतिक उथल-पुथल, जन आंदोलन और सत्ता परिवर्तन के बाद कराया गया है। इसलिए इसे बांग्लादेश के लोकतांत्रिक भविष्य की निर्णायक परीक्षा माना जा रहा है। मतदाताओं को उम्मीद है कि नई सरकार स्थिरता, रोजगार और संस्थागत सुधारों पर ठोस कदम उठाएगी।

अंतरिम सरकार और शीर्ष नेताओं की प्रतिक्रिया
मतदान के दौरान अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने ढाका के गुलशन इलाके में अपनी बेटी के साथ वोट डाला। उन्होंने कहा कि यह दिन “नए बांग्लादेश” के निर्माण का अवसर हो सकता है। यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार ने करीब 18 महीने पहले सत्ता संभाली थी।
बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने भी मतदान कर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद जताई। उन्होंने कानून व्यवस्था सुधारने, रोजगार बढ़ाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने का वादा दोहराया। वहीं जमात-ए-इस्लामी प्रमुख शफीकुर रहमान ने निष्पक्ष चुनाव की स्थिति में परिणाम स्वीकार करने की बात कही, हालांकि कुछ मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी के आरोप भी लगाए गए।
सुरक्षा, हिंसा और चुनाव आयोग का रुख
बांग्लादेश संसदीय चुनाव के दौरान देशभर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए। पुलिस और सेना के संयुक्त बल, ड्रोन, बॉडी कैमरा और सीसीटीवी से निगरानी की गई। इसके बावजूद गोपालगंज और मुंशीगंज में मतदान केंद्रों के पास कच्चे बम फेंके जाने की घटनाएं सामने आईं। चुनाव आयोग ने कहा कि कुल मिलाकर मतदान शांतिपूर्ण रहा और स्थिति नियंत्रण में है।
जनमत संग्रह और अल्पसंख्यक सुरक्षा
इस बार चुनाव के साथ 84 सूत्री सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह भी कराया गया, जिसमें प्रधानमंत्री के कार्यकाल की सीमा और संस्थागत सुधार जैसे मुद्दे शामिल हैं। वहीं चुनाव से पहले अल्पसंख्यक समुदायों, विशेषकर हिंदू समाज पर हमलों की खबरों ने चिंता बढ़ाई। अंतरिम सरकार ने पीड़ित परिवारों को सहायता देने की घोषणा की है।
निष्कर्ष
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बांग्लादेश चुनाव 2026 देश को स्थिरता, जवाबदेही और आर्थिक सुधार की ओर ले जा सकता है। अब देश और दुनिया की नजर मतगणना और अंतिम नतीजों पर टिकी है, जो बांग्लादेश की राजनीति की दिशा तय करेंगे।
न्याय की लड़ाई में आगे आए अधिवक्ता आनंद चौरसिया
अन्याय के विरुद्ध मौन विकल्प नहीं: अधिवक्ता आनंद चौरसिया ने उठाई न्याय की बुलंद आवाज
लखनऊ/महाराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।उत्तर प्रदेश में जब भी किसी निर्दोष के साथ अन्याय होता है, तब कुछ चेहरे ऐसे होते हैं जो केवल बयान नहीं देते, बल्कि न्याय की लड़ाई को जमीन से अदालत तक ले जाते हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद चौरसिया इन्हीं नामों में शुमार हैं। महाराजगंज के फरेंदा क्षेत्र में 19 वर्षीय आदित्य चौरसिया की नृशंस हत्या और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी एसआई अजय गौड़ की शहादत के मामलों को लेकर अधिवक्ता आनंद चौरसिया ने एक बार फिर साफ शब्दों में कहा है—अन्याय के विरुद्ध मौन रहना विकल्प नहीं है।
आदित्य चौरसिया हत्याकांड: निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग
फरेंदा में हुए आदित्य चौरसिया हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। इस गंभीर मामले में अधिवक्ता आनंद चौरसिया ने स्थानीय पुलिस से लेकर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तक से संवाद स्थापित किया है। उन्होंने थाना प्रभारी से सीधे बात कर विवेचना को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध रखने की मांग की।
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अधिवक्ता आनंद चौरसिया का कहना है कि आदित्य चौरसिया की हत्या केवल एक परिवार का नुकसान नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक पीड़ा है। यदि इस मामले में न्याय में देरी होती है, तो यह कानून व्यवस्था पर गहरा प्रश्नचिह्न होगा।
एसआई अजय गौड़ की शहादत: कानून व्यवस्था के लिए चेतावनी
कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए एसआई अजय गौड़ का मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि यह शासन और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी भी है। अधिवक्ता आनंद चौरसिया ने स्पष्ट किया कि पुलिस कर्मियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
उनके अनुसार, जब कानून का रक्षक ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और त्वरित न्याय की मांग की है।
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पीड़ितों की आवाज बने अधिवक्ता आनंद चौरसिया
यह पहला अवसर नहीं है जब अधिवक्ता आनंद चौरसिया ने पीड़ित परिवारों की आवाज को मजबूती दी हो। देवरिया में राहुल चौरसिया को गोली लगने का मामला हो या लखनऊ में शालू चौरसिया के उत्पीड़न का प्रकरण—हर जगह उन्होंने संवैधानिक दायरे में रहकर न्याय की लड़ाई लड़ी।
उनका स्पष्ट कहना है—न्याय और सुरक्षा किसी एक वर्ग का अधिकार नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का संवैधानिक हक है।
लोकतंत्र में मौन नहीं, मुखरता जरूरी
अधिवक्ता आनंद चौरसिया की सक्रियता ने समाज के पीड़ित वर्गों में नई उम्मीद जगाई है। उनका मानना है कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई जाए। चुप्पी अपराध को बढ़ावा देती है, जबकि सवाल व्यवस्था को जवाबदेह बनाते हैं।
यूपी पुलिस मुठभेड़: बुढ़ाना में इनामी बदमाश अमजद का अंत
बुढ़ाना मुठभेड़: 50 हजार का इनामी बदमाश अमजद ढेर, दरोगा-सिपाही घायल, एसपी देहात की जैकेट में लगी गोली
मुजफ्फरपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र में देर रात पुलिस और बाइक सवार दो बदमाशों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस बुढ़ाना मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश अमजद मारा गया, जबकि एक दरोगा संदीप और सिपाही अशफाक गोली लगने से घायल हो गए। मुठभेड़ के दौरान एसपी देहात आदित्य बंसल की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी गोली लगी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बदमाश का एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा।
पुलिस के अनुसार, अमजद लंबे समय से वांछित था और उसके खिलाफ मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद और बिजनौर समेत कई जिलों में करीब 40 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। इन मामलों में लूट, हत्या के प्रयास, गैंगवार और पुलिस पर फायरिंग जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। लगातार अपराधों के चलते अमजद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
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कैसे हुई मुठभेड़
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बुढ़ाना क्षेत्र में घेराबंदी की। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने पुलिस को देखकर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में बुढ़ाना मुठभेड़ ने हिंसक रूप ले लिया। पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में अमजद गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, फायरिंग में दरोगा संदीप और सिपाही अशफाक घायल हो गए, जिनका इलाज चल रहा है और दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
एसपी देहात पर भी खतरा
मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की गोली एसपी देहात आदित्य बंसल की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी। जैकेट की वजह से वे सुरक्षित रहे। पुलिस महकमे में इस साहसिक कार्रवाई की सराहना की जा रही है।
अपराध पर सख्त संदेश
इस मुजफ्फरनगर पुलिस एनकाउंटर को अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि फरार साथी की तलाश में दबिश जारी है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा। घटनास्थल से हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं। पूरे मामले की जांच नियमानुसार की जा रही है।
DTC Senior Manager Recruitment 2026: 61 पदों पर भर्ती, जानें योग्यता और आयु सीमा
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने सीनियर मैनेजर के पदों पर भर्ती के लिए नियम जारी कर दिए हैं। यह भर्ती ट्रैफिक और मैकेनिकल विभाग में की जाएगी। कुल 61 पदों को सीधी भर्ती, पदोन्नति और प्रतिनियुक्ति/स्थानांतरण के माध्यम से भरा जाएगा। निगम ने स्पष्ट किया है कि चयन में योग्यता और अनुभव को प्राथमिकता दी जाएगी।
मैकेनिकल विभाग में 30 पद
मैकेनिकल विभाग में सीनियर मैनेजर के कुल 30 पद भरे जाएंगे। इनमें 20 पद पदोन्नति और 10 पद सीधी भर्ती के जरिए भरे जाएंगे। यह पद समूह ‘ए’ श्रेणी में आता है।
वेतनमान
• वेतन: ₹15,600 से ₹39,100
• ग्रेड पे: ₹6,600
• 7वें वेतन आयोग के लेवल-11 के अनुसार
आयु सीमा
• सीधी भर्ती के लिए अधिकतम आयु: 45 वर्ष
•सरकारी व DTC कर्मचारियों को नियमानुसार आयु में छूट
शैक्षणिक योग्यता
• मैकेनिकल या ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिग्री अनिवार्य
• ऑटोमोबाइल मरम्मत व रखरखाव में कम से कम 8 वर्ष का अनुभव
•प्रबंधक या उससे ऊंचे पद पर कार्य का अनुभव आवश्यक
चयनित उम्मीदवारों को 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि से गुजरना होगा।
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ट्रैफिक विभाग में 31 पद
ट्रैफिक विभाग में सीनियर मैनेजर के 31 पद भरे जाएंगे। इनमें 20 पद पदोन्नति और 11 पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। वेतनमान मैकेनिकल विभाग के समान रहेगा।
योग्यता और अनुभव
• किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर डिग्री
• राज्य सड़क परिवहन निगम या बस संचालन संस्थान में कम से कम 8 वर्ष का अनुभव
• मार्ग योजना, समय सारणी और संचालन की जानकारी आवश्यक
MBA या विधि (Law) की डिग्री रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
DTC चयन प्रक्रिया और परिवीक्षा
भर्ती प्रक्रिया में सीधी भर्ती, पदोन्नति और प्रतिनियुक्ति/स्थानांतरण शामिल हैं। पदोन्नति के लिए संबंधित विभाग में 5 से 10 वर्ष का अनुभव आवश्यक है। चयनित अभ्यर्थियों को 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पूरी करनी होगी।
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