Monday, May 4, 2026
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शांत दिमाग, विस्फोटक बल्लेबाजी: ईशान किशन का नया अवतार

अनुशासन ने बदली कहानी: ईशान किशन का बड़ा खुलासा, टीम इंडिया को मिला नया मैच विनर


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) ष्भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे और बाएं हाथ के विस्फोटक विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने अपने करियर को लेकर एक बड़ा और अहम खुलासा किया है। किशन ने साफ स्वीकार किया कि उनके व्यक्तित्व में आए अनुशासन और सोच में बदलाव ने उन्हें एक बेहतर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनाया है। अतीत की गलतियों से सीख लेते हुए अब वह मैदान पर अधिक गंभीर, शांत और केंद्रित नजर आते हैं, जिसका सीधा फायदा उनके प्रदर्शन और टीम इंडिया को मिल रहा है।

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पिछले महीने भारतीय टीम में वापसी के बाद से ईशान किशन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन के दम पर उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज के विकल्प के तौर पर अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है। हालिया मुकाबले में नामीबिया के खिलाफ खेली गई उनकी तूफानी पारी इसकी बड़ी मिसाल है, जहां उन्होंने महज 24 गेंदों में 61 रन ठोक दिए। इस पारी की बदौलत भारत ने पावरप्ले में एक विकेट पर 86 रन बनाते हुए टी20 विश्व कप इतिहास का अपना सर्वोच्च स्कोर दर्ज किया।
अभिषेक शर्मा की अनुपस्थिति में टीम को तेज शुरुआत दिलाते हुए किशन ने दिखा दिया कि वह बड़े मौकों के खिलाड़ी हैं। भारत की जीत के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में अपने बदले हुए रवैये पर खुलकर बात की। उन्होंने माना कि अब वह पहले की तरह हर समय मजाक नहीं करते और मैदान पर पूरा ध्यान सिर्फ खेल पर रहता है।
किशन ने कहा कि पहले उनका व्यवहार कई बार उनके करियर के आड़े आया, यहां तक कि केंद्रीय अनुबंध भी हाथ से चला गया। लेकिन उसी दौर ने उन्हें आत्ममंथन का मौका दिया। अब वह बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग पर फोकस रखते हैं और गैरजरूरी चीजों को प्राथमिकता नहीं देते। उनके अनुसार, यही अनुशासन उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाता है।
बल्लेबाजी के नजरिए से भी ईशान किशन में बड़ा बदलाव दिख रहा है। वह अब सिर्फ बड़े शॉट्स पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि जरूरत पड़ने पर एक-दो रन लेना भी उतना ही जरूरी समझते हैं। उनका मानना है कि अच्छी गेंदों का सम्मान करना और जल्दबाजी से बचना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफलता की कुंजी है।
नामीबिया के खिलाफ मुकाबले में जेजे स्मिट के एक ओवर में चार छक्के जड़कर उन्होंने अपनी विस्फोटक क्षमता भी दिखाई, लेकिन इसके पीछे उनकी सोच पूरी तरह संतुलित रही। किशन का कहना है कि वह पिच पर शांत रहकर गेंद पर नजर रखते हैं और उन्हीं शॉट्स को खेलने की कोशिश करते हैं जिनमें वह सहज हैं।
अब ईशान किशन अतिरिक्त अभ्यास सत्रों के बजाय मैच की परिस्थितियों को समझने और मानसिक संतुलन बनाए रखने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। यही वजह है कि उनका खेल पहले से ज्यादा परिपक्व और असरदार नजर आ रहा है। टीम इंडिया को उनसे आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में भी ऐसी ही उम्मीदें रहेंगी।

त्योहारों से पहले मऊ पुलिस अलर्ट, शहर में बढ़ाई गई गश्त

मऊ में पुलिस का पैदल रूट मार्च: ग़ाज़ीपुर तिराहा से भीटी तक सुरक्षा व्यवस्था का कड़ा निरीक्षण

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। मऊ पुलिस रूट मार्च के तहत जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से ग़ाज़ीपुर तिराहा से भीटी तक व्यापक पैदल मार्च किया गया। इस पुलिस पैदल मार्च मऊ का नेतृत्व सीओ सिटी क्रिश राजपूत और कोतवाली प्रभारी अनिल सिंह ने किया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह रूट मार्च शहर के प्रमुख बाजारों और मुख्य मार्गों से होकर गुजरा, जिससे आमजन में सुरक्षा का भरोसा और असामाजिक तत्वों में सख्त संदेश गया।

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रूट मार्च के दौरान मऊ पुलिस सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश संबंधित पुलिसकर्मियों को दिए गए।

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सीओ सिटी क्रिश राजपूत ने बताया कि आगामी त्योहारों, बाजारों में बढ़ती भीड़ और सार्वजनिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए मऊ पुलिस रूट मार्च किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य अपराध पर प्रभावी नियंत्रण, अफवाहों पर रोक और किसी भी अप्रिय स्थिति से पहले ही सख्त कदम उठाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस लगातार क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ा रही है, ताकि आमजन खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।
कोतवाली प्रभारी अनिल सिंह ने कहा कि पुलिस पैदल मार्च मऊ केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा की समीक्षा का अहम माध्यम है। रूट मार्च के जरिए पुलिस को स्थानीय हालात, ट्रैफिक व्यवस्था और संभावित जोखिम वाले बिंदुओं की सटीक जानकारी मिलती है, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है।
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या अफवाह की सूचना तुरंत पुलिस को दें। आमजन की सतर्कता से ही असामाजिक तत्वों के मंसूबों को समय रहते नाकाम किया जा सकता है। मऊ पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में जनता की सहभागिता को बेहद अहम बताया गया है।

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स्थानीय लोगों ने भी रूट मार्च का स्वागत किया और कहा कि पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सकारात्मक माहौल बना है। व्यापारियों और नागरिकों ने उम्मीद जताई कि इस तरह के पुलिस पैदल मार्च मऊ आगे भी नियमित रूप से होते रहेंगे, जिससे शहर में शांति और सुरक्षा बनी रहे।
कुल मिलाकर, ग़ाज़ीपुर तिराहा से भीटी तक किया गया यह मऊ पुलिस रूट मार्च न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा रहा, बल्कि जनता और पुलिस के बीच विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हुआ।

आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी में उभरी प्रतिभा, बापू महाविद्यालय सलेमपुर बना प्रेरणा केंद्र

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बापू महाविद्यालय सलेमपुर में स्टूडेंट्स फेस्ट 2026, आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी में दिखी छात्रों की रचनात्मक प्रतिभा


सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।बापू महाविद्यालय इंटर कॉलेज, सलेमपुर में गुरुवार को आयोजित स्टूडेंट्स फेस्ट और आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी ने पूरे परिसर को उत्सवमय बना दिया। यह आयोजन छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक अभिव्यक्ति और विदाई सम्मान के उद्देश्य से किया गया, जिसमें विद्यार्थियों की प्रतिभा हर स्तर पर नजर आई।
बापू महाविद्यालय सलेमपुर स्टूडेंट्स फेस्ट शिक्षा के साथ-साथ कला, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित करने वाला एक प्रेरक मंच साबित हुआ।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष ने की, जबकि नीलेश कुमार पांडे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह का शुभारंभ प्रधानाचार्य कैप्टन संतोष चौरसिया एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों के आत्मविश्वास, टीमवर्क और रचनात्मक सोच को मजबूत करते हैं।
आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए शैक्षणिक मॉडल, विज्ञान प्रोजेक्ट, पेंटिंग्स, हस्तशिल्प और नवाचार आधारित कलाकृतियों ने अभिभावकों और आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शनी ने यह स्पष्ट किया कि बापू महाविद्यालय सलेमपुर में पढ़ने वाले छात्र केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं, बल्कि व्यावहारिक और रचनात्मक शिक्षा में भी अग्रणी हैं।

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बापू महाविद्यालय सलेमपुर आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी को विद्यार्थियों के हुनर का जीवंत उदाहरण बताया गया।
अनुशासन और नेतृत्व में उत्कृष्ट योगदान देने वाले स्कूल कैप्टन एवं विभिन्न हाउस कैप्टन्स को सम्मानित किया गया। वहीं, विदाई समारोह के दौरान व्यक्तित्व परीक्षण और मंचीय प्रदर्शन के आधार पर मिस्टर फेयरवेल और मिस फेयरवेल का चयन किया गया, जिससे छात्रों में खासा उत्साह और आत्मगौरव देखने को मिला।
इस अवसर पर स्टूडेंट्स फेस्ट बापू महाविद्यालय सलेमपुर छात्रों के लिए यादगार पल बन गया।कार्यक्रम की सफलता में हाउस टीचर्स संजय सिंह, रवि प्रताप सिंह, नीलम कुमारी एवं शालिनी सिंह का विशेष योगदान रहा। प्रधानाचार्य कैप्टन संतोष चौरसिया ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए अतिथियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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कार्यक्रम में हिना कौसर सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, बापू महाविद्यालय सलेमपुर स्टूडेंट्स फेस्ट शिक्षा, संस्कृति और सृजनशीलता का सशक्त संगम बनकर उभरा।

तामेश्वरनाथ धाम में महाशिवरात्रि पर सीसीटीवी, कंट्रोल रूम और अग्निशमन तैनात

महाशिवरात्रि 2026: तामेश्वरनाथ धाम में सुरक्षा-व्यवस्था का सख्त जायजा, प्रशासन अलर्ट


संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)।
महाशिवरात्रि 2026 को लेकर तामेश्वरनाथ धाम
में प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। बस्ती मंडल के मंडलायुक्त अखिलेश सिंह और डीआईजी बस्ती परिक्षेत्र संजीव त्यागी ने जिलाधिकारी आलोक कुमार व पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के साथ मंदिर परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की गहन समीक्षा की। उद्देश्य एक ही—तामेश्वरनाथ धाम महाशिवरात्रि को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाना।

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निरीक्षण के दौरान जलाभिषेक कतारों की बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया। अधिकारियों ने मेला क्षेत्र और आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाने, कंट्रोल रूम को 24×7 सक्रिय रखने, अग्निशमन दल की तैनाती, स्वयंसेवकों की मदद और खोया-पाया केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
इसके बाद बाबा तामेश्वरनाथ धाम परिसर में प्रशासन, पुलिस, मंदिर के पुजारीगण और स्थानीय ग्रामीणों के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक में तामेश्वरनाथ धाम सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संभावित चुनौतियों और समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील करते हुए जनपद की शांतिपूर्ण परंपरा को बनाए रखने पर बल दिया।

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प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिवभक्तों व मेलार्थियों के साथ शालीन व्यवहार सुनिश्चित हो। आवश्यकतानुसार डायवर्जन प्लान को सख्ती से लागू किया जाए ताकि यातायात बाधित न हो। चेन स्नेचिंग, चोरी जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सतर्कता बढ़ाने और किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
समीक्षा के दौरान मंदिर के पुजारियों और स्थानीय नागरिकों से पूर्व वर्षों की व्यवस्थाओं पर फीडबैक लिया गया। प्राप्त सुझावों के आधार पर व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने का आश्वासन दिया गया। आमजन से भी अपील की गई कि वे प्रशासन व पुलिस का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना दें।

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प्रशासन का कहना है कि तामेश्वरनाथ धाम महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए हर स्तर पर तैयारी पूरी की जा रही है, ताकि पर्व सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।

31 मार्च तक कराएं फार्मर रजिस्ट्री, प्रचार वाहन को हरी झंडी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में फार्मर रजिस्ट्री अभियान के तहत प्रचार-प्रसार के लिए वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश भी उपस्थित रहे।
बताया गया कि प्रचार वाहन जनपद की तीनों तहसीलों के प्रत्येक ब्लॉक और न्याय पंचायतों में भ्रमण कर किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के प्रति जागरूक करेगा। फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसानों को आधार और खतौनी के माध्यम से अपनी भूमि का विवरण पोर्टल पर दर्ज कर गोल्डन कार्ड बनवाना है। गोल्डन कार्ड के माध्यम से किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, बीज व उर्वरक क्रय, अनाज बिक्री सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं का लाभ सहज रूप से प्राप्त होगा।
जनपद में 2,16,863 किसानों के सापेक्ष अब तक 1,60,600 किसानों का गोल्डन कार्ड जारी किया जा चुका है। शेष किसानों को 31 मार्च 2026 तक योजना में शामिल किया जाना है।
किसानों से अपील की गई कि वे 31 मार्च 2026 से पूर्व अपनी फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लें। इस कार्य में राजस्व, कृषि और ग्रामीण विकास विभाग के साथ कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। आगामी वर्षों में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ गोल्डन कार्ड के माध्यम से ही प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

गोरखपुर विश्वविद्यालय के पत्रकारिता पाठ्यक्रम में पीएचडी की होगी शुरुआत

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा तथा पत्रकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित पत्रकारिता पाठ्यक्रम में अब पीएचडी कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। यूजीसी-नेट दिसंबर 2025 परीक्षा में विद्यार्थियों की उल्लेखनीय सफलता के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि विभाग की शैक्षणिक उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि यहां शोध के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो चुका है। उन्होंने वर्तमान सत्र से ही पत्रकारिता पाठ्यक्रम में पीएचडी कार्यक्रम प्रारंभ करने का आश्वासन दिया।
विभागाध्यक्ष प्रो. दीपक प्रकाश त्यागी ने इसे विभाग के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि पीएचडी कार्यक्रम शुरू होने से शोध की नई संभावनाएं खुलेंगी और पत्रकारिता के क्षेत्र में गंभीर अकादमिक विमर्श को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अन्य विश्वविद्यालयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
पत्रकारिता पाठ्यक्रम के समन्वयक प्रो. राजेश मल्ल ने कहा कि विभाग लगातार गुणवत्ता पूर्ण शिक्षण और शोध को प्राथमिकता देता रहा है। पीएचडी कार्यक्रम शुरू होने से विभाग की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त होगी।

औचक निरीक्षण: शिक्षा और मिड-डे मील व्यवस्था पर सख्त निर्देश

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने रुच्चापार, बैतालपुर, गुदरी और पोखरभिंडा स्थित विद्यालयों का भ्रमण कर शैक्षणिक वातावरण, स्वच्छता, जल आपूर्ति, मिड-डे मील और बुनियादी ढांचे की स्थिति की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसरों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बच्चों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने शौचालयों को साफ-सुथरा और पूरी तरह उपयोग योग्य बनाए रखने के निर्देश दिए। कई विद्यालयों में शौचालयों की मरम्मत की आवश्यकता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को क्षतिग्रस्त फर्श टाइल्स और अन्य संरचनात्मक कमियों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए। जिन शौचालयों में जल आपूर्ति बाधित थी, उन्हें शीघ्र दुरुस्त करने को कहा गया।

मिड-डे मील योजना की समीक्षा करते हुए भोजन की गुणवत्ता को सामान्य रूप से संतोषजनक पाया गया, लेकिन इसमें और सुधार की आवश्यकता बताई गई। निर्देश दिए गए कि भोजन पौष्टिक, स्वच्छ और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाए। साथ ही विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को अभिभावकों तथा समुदाय के सहयोग से प्रयास तेज करने को कहा गया।

मुख्य विकास अधिकारी ने शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे दोनों पर समान रूप से जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि कक्षाएं साफ-सुथरी हों, शिक्षण सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो और बच्चों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जहां रंगाई-पुताई, फर्नीचर या मरम्मत की आवश्यकता है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण करने को कहा गया।

शिक्षकों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वच्छता और शैक्षणिक प्रगति पर निरंतर ध्यान दिया जाए। शिक्षकों को प्रेरक और सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया, ताकि बच्चे उत्साहपूर्वक विद्यालय आएं और बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि औचक निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियां ढूंढना नहीं, बल्कि सुधार की दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाना है। निरीक्षण में पाई गई कमियों की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने और समयबद्ध सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, क्षेत्रीय निरीक्षक और विद्यालय प्रबंधन से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशासन ने संकेत दिया कि नियमित निगरानी और औचक निरीक्षण के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाएगा।

देवरिया परिषदीय विद्यालय निरीक्षण से यह स्पष्ट है कि प्रशासन शिक्षा, स्वच्छता और पोषण संबंधी मानकों को लेकर गंभीर है। निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से विद्यालयों में न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का भी बेहतर संरक्षण सुनिश्चित होगा।

औरैया में गौवंशों की देखभाल पर उठे सवाल, ग्राम सचिव को नोटिस जारी करने की तैयारी

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद में औरैया गौशाला निरीक्षण के दौरान मिली गंभीर अव्यवस्थाओं पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। जनपद की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत बरौनाकला में संचालित गौशाला के निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, चारा व्यवस्था, पेयजल सुविधा और चौहद्दी सुरक्षा में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ग्राम सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि एक सप्ताह के भीतर ग्राम स्तरीय मंडी और गौशाला की चौहद्दी को संरक्षित करने के लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।
गौशाला की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
औरैया गौशाला निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि गौशाला की चौहद्दी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है, जिससे बाहरी पशुओं के प्रवेश की संभावना बनी रहती है। उन्होंने निर्देश दिया कि तत्काल प्रभाव से ऐसी व्यवस्थाएं की जाएं जिससे गौशाला में संरक्षित गौवंशों के अलावा किसी अन्य पशु का प्रवेश न हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि शासन द्वारा गौवंशों के पालन-पोषण हेतु नियमित धनराशि उपलब्ध कराई जाती है, ऐसे में व्यवस्थाओं में कमी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
चारा और पेयजल व्यवस्था पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने देखा कि गौवंशों को दिए जा रहे चारे में हरा चारा शामिल नहीं था। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गौशाला में संरक्षित पशुओं को संतुलित आहार उपलब्ध कराया जाए और हरे चारे की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही गौवंशों के लिए बनाई गई पानी की टंकियों की ऊंचाई अधिक पाई गई, जिससे पशुओं को पानी पीने में असुविधा हो रही थी। जिलाधिकारी ने इसे तुरंत ठीक कराने और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
साफ-सफाई में लापरवाही, सचिव को नोटिस
औरैया गौशाला निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। परिसर में गंदगी और पेयजल की अपर्याप्त व्यवस्था को गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने सचिव राजू सेंगर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो आगे की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जलभराव की समस्या पर त्वरित संज्ञान
गौशाला निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ग्राम में पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने इंटर कॉलेज के पीछे जलभराव की समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव के कारण छात्र-छात्राओं और आमजन को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
जिलाधिकारी ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया और संबंधित लेखपाल को निर्देश दिया कि ग्राम सभा की ओर से नाली निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र भेजा जाए। साथ ही नाली का समायोजन ग्राम तालाब से किया जाए, ताकि स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके।
मार्ग पर अतिक्रमण हटाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान मार्ग पर कुछ व्यक्तियों द्वारा खूंटा गाड़कर पशु बांधने की शिकायत भी सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और लेखपाल को निर्देश दिया कि संबंधित व्यक्तियों को लिखित नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटवाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि पुनः अतिक्रमण पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
औरैया गौशाला निरीक्षण के साथ-साथ ग्राम में सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।
मतदाता पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा
जिलाधिकारी ने जनता विद्यालय इंटर कॉलेज पहुंचकर विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सुनवाई और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के आधार पर प्रत्येक नवयुवा का फार्म-6 भरवाकर उसका नाम मतदाता सूची में शामिल कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र व्यक्तियों का नाम किसी भी स्थिति में सूची से वंचित न रहे।
विद्यालय विकास के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश
विद्यालय परिसर और भवनों का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन समिति से ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के अंतर्गत प्रस्ताव भेजने की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि विद्यालय की आधारभूत संरचना मजबूत करने के लिए उपलब्ध योजनाओं का लाभ उठाया जाए।
सफाई कर्मियों की तत्काल तैनाती
ग्रामीणों द्वारा सफाई कर्मी की तैनाती न होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि दो सफाई कर्मियों की तत्काल नियुक्ति की जाए और उन्हें अगले दिन से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए जाएं।
इसके अलावा अनुपस्थित पंचायत सहायक पूनम यादव के विवाह उपरांत सेवा में न रहने की सूचना पर उन्हें पद से हटाने और नए पंचायत सहायक की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।
अधिकारियों की रही मौजूदगी
औरैया गौशाला निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी श्रीकांत यादव, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विनय कुमार, प्रधान प्रतिनिधि संजीव कुमार, नायब तहसीलदार राकेश कुमार, प्रबंधक अशोक कुमार दुबे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन की सख्ती से बढ़ी उम्मीदें
जिलाधिकारी की सख्त कार्यशैली से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि अब गौशाला और ग्राम की व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार होगा। शासन की मंशा के अनुरूप यदि निर्देशों का समयबद्ध पालन होता है, तो गौवंशों की देखभाल, स्वच्छता और ग्राम विकास कार्यों में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा।
औरैया गौशाला निरीक्षण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन अब लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। गौशाला की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने, अतिक्रमण हटाने, जलनिकासी व्यवस्था सुधारने और मतदाता पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह बनाया गया है।

दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0: मऊ में रोजगार मेले से 21 को मिला सहारा

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0 के तहत जनपद मऊ में आयोजित रोजगार मेले ने दिव्यांगजनों के जीवन में नई उम्मीद जगाई। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) सहादतपुरा परिसर में आयोजित इस विशेष मेले में 66 दिव्यांग अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 21 को विभिन्न कंपनियों में रोजगार एवं स्व-रोजगार से जोड़ा गया। चयनित लाभार्थियों के चेहरों पर आत्मनिर्भर बनने की खुशी साफ झलक रही थी।

प्रधानाचार्य अरुण यादव ने बताया कि यह रोजगार मेला उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अंतर्गत आयोजित किया गया। शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक माह ऐसे आयोजनों के माध्यम से अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मेले में रमाया हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, एलआईसी मऊ और आयत प्राइवेट लिमिटेड सहित निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया। कंपनियों ने अभ्यर्थियों की योग्यता और कौशल के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी की।

कुल 66 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से साक्षात्कार और कौशल परीक्षण के बाद 21 लाभार्थियों का चयन किया गया। कुछ को कंपनियों में नौकरी का अवसर मिला, जबकि कुछ को स्वरोजगार योजनाओं के तहत आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया। चयनित अभ्यर्थियों ने इस पहल को अपने जीवन का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए सरकार और प्रशासन के प्रति आभार जताया।

जिला उद्योग केंद्र मऊ के सहायक आयुक्त शिव कुमार ने जानकारी दी कि जो दिव्यांग लाभार्थी स्वरोजगार अपनाना चाहते हैं, वे मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के माध्यम से वित्तीय सहायता और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है, जिससे इच्छुक अभ्यर्थी अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0 का उद्देश्य केवल नौकरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि स्वरोजगार को भी प्रोत्साहित करना है।

प्रधानाचार्य ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक माह रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इच्छुक दिव्यांग बेरोजगारों से अपील की गई कि वे इन अवसरों का लाभ उठाएं। संस्थान द्वारा साक्षात्कार की तैयारी, कौशल प्रशिक्षण और परामर्श की सुविधा भी दी जाती है, ताकि अभ्यर्थी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

रोजगार मेले में योगेन्द्र यादव (रोजगार प्रभारी), अखिलेश कुमार, द्वारिका नाथ, एमआईएस प्रबंधक, अभिषेक शर्मा (डीपीएम), गोपाल दुबे, उपेन्द्र कुमार, आर्यन्त यादव, प्रहलाद यादव, प्रकाश वर्मा, विकास, शिवकुमार गौतम और राजकुमार सहित कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0 सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मत है कि ऐसे आयोजनों के नियमित संचालन से दिव्यांग बेरोजगारी दर में कमी आएगी और समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को भी मजबूती देती है। आर्थिक रूप से सशक्त होकर दिव्यांगजन न केवल अपने परिवार बल्कि समाज के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे। मऊ में चयनित 21 लाभार्थियों की सफलता अन्य अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

जिला स्वास्थ्य समिति बैठक देवरिया में स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्त निर्देश

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को धन्वंतरि सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति बैठक देवरिया आयोजित हुई। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों, योजनाओं और प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों की गहन समीक्षा की गई।

सीएमओ ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को रिपोर्टिंग व्यवस्था मजबूत रखने और आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी संबंधित पोर्टलों पर समय से डेटा फीडिंग को अनिवार्य बताया।

बैठक में कम संस्थागत प्रसव के मामलों पर नाराजगी जताई गई। एमओआई, बीपीएम और बीसीपीएम को प्रसव सेवाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर प्रसव की संख्या बढ़ाने को प्राथमिकता देने को कहा गया। लापरवाही बरतने वाली आशा कार्यकर्ताओं की सूची जिला स्तर पर भेजने के भी निर्देश दिए गए।

एएनएम की सक्रिय भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा गया कि वे केवल टीकाकरण दिवस तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित रूप से क्षेत्र में उपस्थित रहकर गर्भवती महिलाओं की जांच, नवजात शिशुओं की देखभाल, टीकाकरण की समीक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूकता सुनिश्चित करें। नवजात देखभाल की नियमित समीक्षा के भी निर्देश दिए गए।

16 से 27 फरवरी तक चलने वाले एमआर टीकाकरण अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया गया कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। अभियान के दौरान शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने और समय से डिजिटल डेटा अपडेट करने पर बल दिया गया।

आयुष्मान भारत योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड तेजी से बनवाने के निर्देश दिए गए। कहा गया कि सीएचओ और एएनएम क्षेत्र में सक्रिय रहकर प्रतिदिन प्रगति सुनिश्चित करें, ताकि जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सके।

बैठक में गैर संचारी रोगों (एनसीडी) की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग और हाईरिस्क प्रेगनेंसी वाली महिलाओं की विशेष निगरानी पर भी जोर दिया गया। समय पर पंजीकरण और डिजिटल मॉनिटरिंग को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक बताया गया।

अंत में स्पष्ट किया गया कि कार्य में ढिलाई बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिला स्वास्थ्य समिति बैठक देवरिया में लिए गए निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन से जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जताई गई।

आरबीआई वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 के तहत केवाईसी जागरूकता अभियान तेज

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 2016 से प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने वाला आरबीआई वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 इस वर्ष 09 फरवरी से 13 फरवरी तक देशभर में मनाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित बैंकिंग, केवाईसी अनुपालन और साइबर धोखाधड़ी से बचाव के प्रति जागरूक करना है।
देवरिया जनपद में भी आरबीआई वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 के तहत विभिन्न बैंक शाखाओं एवं वित्तीय संस्थानों द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों और कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष की थीम “केवाईसी: सुरक्षित बैंकिंग की ओर पहला कदम” रखी गई है, जो सुरक्षित बैंकिंग प्रणाली को मजबूत बनाने पर केंद्रित है।
केवाईसी अपडेट पर विशेष बल
अग्रणी जिला प्रबंधक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया आर.एस. प्रेम ने बताया कि आरबीआई वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 के दौरान लोगों को केवाईसी (Know Your Customer) प्रक्रिया के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि बैंक खाते को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर केवाईसी अपडेट कराना आवश्यक है। केवाईसी रिकॉर्ड अपडेट न होने की स्थिति में खाते के संचालन में बाधा आ सकती है। इसके अलावा केंद्रीय केवाईसी रजिस्ट्री (CKYC) के लाभों के बारे में भी नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है, जिससे एक बार केवाईसी कराने के बाद अन्य वित्तीय संस्थानों में प्रक्रिया आसान हो जाती है।
साइबर धोखाधड़ी से बचाव पर जोर
आरबीआई वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 के तहत नागरिकों को डिजिटल बैंकिंग से जुड़े जोखिमों के प्रति भी सचेत किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा बताया जा रहा है कि फर्जी केवाईसी कॉल, संदिग्ध लिंक, फिशिंग संदेश और ओटीपी साझा करने जैसी गलतियों से बचना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रमों में यह भी समझाया जा रहा है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति को बैंकिंग विवरण, एटीएम पिन, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें। बैंक कभी भी फोन कॉल या मैसेज के माध्यम से गोपनीय जानकारी नहीं मांगते।
इसके अतिरिक्त ‘मनी म्यूल’ के रूप में इस्तेमाल होने के खतरों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। कई बार लोग लालच या अनजाने में अपने खाते का उपयोग अवैध लेन-देन के लिए करने देते हैं, जो गंभीर कानूनी अपराध है। आरबीआई वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 के माध्यम से ऐसे मामलों से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
सिरिसिया गांव में मेगा वित्तीय साक्षरता कैंप
इसी क्रम में 11 फरवरी 2026 को तरकुलवा सीएफएल के अंतर्गत ब्लॉक रामपुर कारखाना के ग्राम सभा सिरिसिया नंबर-1 में एक मेगा वित्तीय साक्षरता कैंप का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आरबीआई वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 का प्रमुख आकर्षण रहा।
कैंप में भारतीय रिजर्व बैंक से अग्रणी जिला अधिकारी शमसुद्दीन, अग्रणी जिला प्रबंधक आर.एस. प्रेम, आरसेटी निदेशक विशाल गुप्ता, विभिन्न बैंक शाखाओं के शाखा प्रबंधक, जिला समन्वयक तथा आरोह फाउंडेशन देवरिया की टीम उपस्थित रही।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान, बीमा योजनाओं और सरकारी वित्तीय योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उपस्थित लोगों की बैंकिंग संबंधी समस्याओं का मौके पर समाधान भी किया गया।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी
आरबीआई वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 के दौरान प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में इन योजनाओं की जानकारी सीमित होने के कारण ऐसे कैंप बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय साक्षरता केवल बैंक खाता खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बचत, निवेश, बीमा और सुरक्षित डिजिटल लेन-देन की समझ विकसित करने से जुड़ी है।
सभी बैंकों से कैंप आयोजित करने का आह्वान
अग्रणी जिला प्रबंधक आर.एस. प्रेम ने जनपद के सभी बैंकों से अपील की है कि आरबीआई वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 के दौरान कम से कम दो जागरूकता कैंप अवश्य आयोजित करें। उनका कहना है कि वित्तीय जागरूकता बढ़ने से न केवल बैंकिंग प्रणाली मजबूत होती है, बल्कि धोखाधड़ी की घटनाओं में भी कमी आती है।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में वित्तीय शिक्षा की आवश्यकता है, ताकि लोग सुरक्षित बैंकिंग व्यवहार अपनाएं और डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती मिले।
क्यों महत्वपूर्ण है आरबीआई वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026?
सुरक्षित बैंकिंग को बढ़ावा
केवाईसी अनुपालन सुनिश्चित करना
साइबर अपराध से बचाव
डिजिटल भुगतान को सुरक्षित बनाना
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार
आरबीआई वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों में जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार की आदत विकसित करना है।
निष्कर्ष
देवरिया जनपद में आयोजित कार्यक्रमों से स्पष्ट है कि आरबीआई वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 को गंभीरता से लागू किया जा रहा है। केवाईसी अपडेट, साइबर सुरक्षा, डिजिटल बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर केंद्रित यह अभियान आम नागरिकों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
यदि नागरिक इन जानकारियों को व्यवहार में लाते हैं, तो न केवल व्यक्तिगत स्तर पर आर्थिक सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि देश की बैंकिंग प्रणाली भी अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी।

स्टे के बाद भी निर्माण, धमकी और कब्जा—देवरिया भूमि विवाद ने खोले प्रशासनिक पोल

🔴 देवरिया भूमि विवाद: सिविल कोर्ट के स्टेटस क्वो आदेश की अवहेलना, अवैध निर्माण और जान से मारने की धमकी का आरोप

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।जनपद देवरिया के भलुअनी थाना क्षेत्र से एक गंभीर भूमि विवाद का मामला सामने आया है, जहां सिविल कोर्ट द्वारा पारित स्टेटस क्वो आदेश के बावजूद कथित रूप से अवैध निर्माण और जबरन कब्जा किया जा रहा है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से पुलिस सुरक्षा और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम गडेर (थाना भलुअनी) निवासी धनेश पाण्डेय ने आरोप लगाया है कि आराजी संख्या 669, जो उनके परिवार के नाम दर्ज है, न्यायालय में विचाराधीन है। इस भूमि को लेकर वर्ष 2012 में माननीय सिविल न्यायालय द्वारा स्पष्ट रूप से Status Quo बनाए रखने का आदेश पारित किया गया था।
इसके बावजूद आरोप है कि बन्धु व पप्पू पुत्रगण रामनिवास (निवासी— ग्राम गडेर) व जीतेन्द्र सिंह सहित अन्य लोग कोर्ट के आदेश की खुलेआम अवहेलना करते हुए भूमि पर बाउंड्री निर्माण और नींव खुदाई करा रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि यह कार्य जबरन कब्जा करने की नीयत से किया जा रहा है।

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⚠️ धमकी और फर्जीवाड़े की आशंका
धनेश पाण्डेय के अनुसार, जब उन्होंने अवैध निर्माण का विरोध किया तो उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। साथ ही यह भी आशंका जताई गई कि उक्त भूमि को जालसाजी और धोखाधड़ी के माध्यम से किसी तीसरे व्यक्ति को बेचने का प्रयास किया जा सकता है।
पीड़ित परिवार इस घटनाक्रम से भय और असुरक्षा की स्थिति में है और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
📄 दस्तावेज उपलब्ध, प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
पीड़ित ने बताया कि भूमि से संबंधित सभी वैध दस्तावेज, न्यायालय का स्टेटस क्वो आदेश और अन्य साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं, जिन्हें शिकायत के साथ संलग्न किया गया है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि—

  • मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण तुरंत रोका जाए
  • दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई हो
  • परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए
    🚨 भूमाफियाओं का बढ़ता आतंक, कानून-व्यवस्था पर सवाल
    स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो मामला और अधिक गंभीर हो सकता है। यह प्रकरण केवल न्यायालय की अवमानना ही नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है।
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  • पीड़ित का यह भी आरोप है कि भूमाफिया, लेखपाल से कानूनगो तक की मिलीभगत से न्यायालय के स्टे के बावजूद जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि विवादित भूमि उनके पुत्र के नाम दर्ज है, जो वर्तमान में न्यायालय में CJM के पद पर बिहार में कार्यरत हैं।
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  • ❓ न्याय करने वालों को ही न्याय नहीं?
    पीड़ित ने सवाल उठाया है कि जब उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में न्याय करने वाले परिवार को ही न्याय नहीं मिल पा रहा, तो आम नागरिक भूमाफिया के प्रभाव में प्रशासन से कैसे सुरक्षा की उम्मीद करे।
    📍 वर्तमान स्थिति
    फिलहाल पीड़ित ने थाना भलुअनी, उच्च पुलिस अधिकारियों और प्रशासन को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील देवरिया भूमि विवाद पर कितनी शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई करता है।

कुशीनगर में महाशिवरात्रि 2026 की तैयारी पूरी, मंदिरों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

कुशीनगर,(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद कुशीनगर में 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि 2026 कुशीनगर का पावन पर्व श्रद्धा, आस्था और भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, मेले और धार्मिक जुलूसों का आयोजन होगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और प्रशासनिक प्रबंध सुनिश्चित किए हैं।
प्रभारी जिला मजिस्ट्रेट वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि महाशिवरात्रि 2026 कुशीनगर को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालु पूरी सुरक्षा और सुविधा के साथ भगवान शिव की आराधना कर सकें।
प्रमुख मंदिरों पर विशेष सतर्कता
महाशिवरात्रि 2026 कुशीनगर के अवसर पर जिले के प्रमुख शिवालयों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। इनमें शामिल हैं:
कुबेरस्थान क्षेत्र का कुबेरनाथ मंदिर
तरयासुजान क्षेत्र का पुराना शिव मंदिर, तमकुहीराज
रामकोला क्षेत्र का अमवा शिव मंदिर
हनुमानगंज क्षेत्र का मथलेश्वरनाथ मंदिर
पडरौना क्षेत्र का सिधुवा स्थान मंदिर
जटहा बाजार क्षेत्र का कटाई भरपुरवा उचका टोला स्थित शिव मंदिर
कराया क्षेत्र का करहिया हजारी पट्टी शिव मंदिर
कोतवाली हाटा क्षेत्र के महादेव छपरा एवं पगरा शिव मंदिर
कप्तानगंज क्षेत्र के रामजानकी घाट शिव मंदिर, करबा शिव मंदिर, नेबुआ रायगंज शिव मंदिर, गोईती बुजुर्ग शिव मंदिर
पटहेरवा क्षेत्र का शिव सरया मंदिर
इन सभी स्थलों पर पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है ताकि महाशिवरात्रि 2026 कुशीनगर के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
तीन स्तरीय मजिस्ट्रेट व्यवस्था लागू
कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए प्रशासन ने तीन स्तरों पर अधिकारियों की तैनाती की है:

  1. सुपर जोनल मजिस्ट्रेट
    जनपद स्तर पर तैनात सुपर जोनल मजिस्ट्रेट पूरे क्षेत्र की समग्र निगरानी करेंगे। वे सभी व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल निर्देश जारी करेंगे।
  2. जोनल मजिस्ट्रेट
    तहसील स्तर पर जोनल मजिस्ट्रेट भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा समन्वय और विभागीय तालमेल सुनिश्चित करेंगे। महाशिवरात्रि 2026 कुशीनगर के दौरान उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी।
  3. सेक्टर मजिस्ट्रेट
    चौकी और थाना स्तर पर सेक्टर मजिस्ट्रेट लगातार भ्रमणशील रहेंगे। वे स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर मौके की स्थिति पर नजर रखेंगे और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
    अधिकारियों को सख्त निर्देश
    प्रभारी जिला मजिस्ट्रेट ने सभी नामित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने तैनाती क्षेत्र में निरंतर भ्रमण करते रहें। सार्वजनिक स्थलों पर शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता होगी।
    किसी भी अप्रिय स्थिति की जानकारी तत्काल पुलिस अधीक्षक और उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। त्योहार की अवधि में अधिकारी बिना अनुमति तैनाती स्थल नहीं छोड़ेंगे और ड्यूटी समाप्ति के बाद संबंधित उप जिलाधिकारी को सूचित करना अनिवार्य होगा।
    महाशिवरात्रि 2026 कुशीनगर के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय रहेगा।
    कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित
    जनपद स्तर पर समन्वय और निगरानी के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसका दूरभाष नंबर 05564-240590 जारी किया गया है।
    इस कंट्रोल रूम के माध्यम से सभी तैनात अधिकारियों की सतत निगरानी की जाएगी और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। श्रद्धालु भी आवश्यकता पड़ने पर इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
    भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था
    महाशिवरात्रि 2026 कुशीनगर के अवसर पर मंदिरों के आसपास यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की जाएगी और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
    श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि त्योहार के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
    अफवाहों से सावधान रहने की अपील
    जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे महाशिवरात्रि 2026 कुशीनगर के दौरान आपसी सौहार्द और भाईचारे की भावना बनाए रखें। किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं साझा करने से बचें।
    यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति भंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    प्रशासन की प्रतिबद्धता
    जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि महाशिवरात्रि 2026 कुशीनगर को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। सुरक्षा, स्वच्छता, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
    श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सहयोग प्रदान करें, ताकि यह पावन पर्व पूरे जनपद में शांति और उल्लास के साथ मनाया जा सके।
    निष्कर्ष
    कुल मिलाकर, महाशिवरात्रि 2026 कुशीनगर को लेकर जिला प्रशासन ने चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की है। सुपर जोनल, जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती, कंट्रोल रूम की स्थापना और बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था यह सुनिश्चित करेगी कि पर्व बिना किसी बाधा के संपन्न हो।
    श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है, जिससे महाशिवरात्रि का यह पर्व जिले में शांति, भक्ति और सौहार्द के साथ मनाया जा सके।

मऊ में 16 फरवरी से एमआर टीकाकरण अभियान 2026 की शुरुआत, स्कूलों में लगेंगे विशेष सत्र

मऊ, (राष्ट्र की परम्परा)
प्रदेश सरकार द्वारा मीजिल्स और रूबेला जैसी संक्रामक बीमारियों के उन्मूलन के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य स्तर पर समीक्षा के बाद 16 फरवरी से मऊ सहित प्रदेश के 45 जिलों में एमआर टीकाकरण अभियान 2026 शुरू किया जाएगा। इस विशेष अभियान के तहत 5 से 10 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को एमआर (मीजल्स-रूबेला) वैक्सीन की एक डोज दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह अभियान 27 फरवरी 2026 तक संचालित होगा। इस दौरान सरकारी स्कूलों, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों तथा मदरसों में विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
मीजिल्स-रूबेला उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम
एमआर टीकाकरण अभियान 2026 का मुख्य उद्देश्य मीजिल्स (खसरा) और रूबेला जैसी खतरनाक बीमारियों को जड़ से खत्म करना है। मीजिल्स एक अत्यंत संक्रामक रोग है जो बच्चों में गंभीर जटिलताएं उत्पन्न कर सकता है, जबकि रूबेला गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से खतरनाक मानी जाती है।
राज्य स्तर पर स्टेट टास्क फोर्स की बैठक में एमआर मामलों और टीकाकरण कवरेज की समीक्षा की गई। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि जिन जिलों में कवरेज अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष अभियान चलाकर सभी पात्र बच्चों को कवर किया जाए।
मऊ जनपद में भी एमआर टीकाकरण अभियान 2026 के तहत कक्षा 1 से 5 तक के सभी बच्चों को वैक्सीन दी जाएगी।
चरणबद्ध तैयारी के साथ अभियान की शुरुआत
स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।
23 जनवरी 2026 को राज्य स्तर से माइक्रोप्लान उपलब्ध कराया गया।
30 जनवरी तक ब्लॉक स्तर पर समन्वय बैठकें आयोजित की गईं।
7 फरवरी को मीडिया अभिमुखीकरण कार्यक्रम संपन्न हुआ।
10 से 12 फरवरी के बीच स्कूलों में माइक्रोप्लान तैयार कर संवेदनशीलता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
16 से 27 फरवरी 2026 के बीच टीकाकरण सत्र संचालित किए जाएंगे।
इस सुव्यवस्थित तैयारी के कारण एमआर टीकाकरण अभियान 2026 को प्रभावी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
हर स्कूल में विशेष टीकाकरण सत्र
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन में जिले के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एएनएम द्वारा स्कूलवार माइक्रोप्लान तैयार किया गया है। प्रत्येक स्कूल में निर्धारित तिथि पर विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित होंगे।
हर सत्र में निम्नलिखित की उपस्थिति अनिवार्य होगी:
संबंधित क्षेत्र की एएनएम
आशा कार्यकर्ता
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
प्रत्येक एएनएम को प्रतिदिन 100 से 126 बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य दिया गया है। जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या अधिक होगी, वहां अतिरिक्त सत्र आयोजित किए जाएंगे ताकि एमआर टीकाकरण अभियान 2026 के अंतर्गत कोई भी बच्चा छूट न सके।
पर्याप्त वैक्सीन और सुरक्षा प्रबंध
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि एमआर टीकाकरण अभियान 2026 के दौरान पर्याप्त मात्रा में एमआर वैक्सीन उपलब्ध रहेगी। इसके साथ ही ऑटो-डिसेबल (एडी) सिरिंज, एनाफाइलेक्सिस किट और अन्य आवश्यक लॉजिस्टिक की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
सत्र स्थलों तक वैक्सीन पहुंचाने के लिए ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध वाहनों का उपयोग किया जाएगा, जिनमें आरबीएसके टीम और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत उपलब्ध वाहन शामिल हैं।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सत्र स्थल पर आपातकालीन प्रबंधन के लिए आवश्यक दवाएं और उपकरण उपलब्ध रहेंगे।
यू-विन पोर्टल पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग
डिजिटल निगरानी को मजबूत करने के लिए एमआर टीकाकरण अभियान 2026 के सभी सत्रों को ‘यू-विन’ पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा। एमआर कैंपेन टैब पर सत्रों की योजना और प्रकाशन समय से किया जाएगा।
दैनिक प्रगति रिपोर्ट यू-विन पोर्टल और निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से दर्ज की जाएगी। इसके अतिरिक्त 12 माह से अधिक आयु के बच्चों का डेटा एचएमआईएस पोर्टल के मीजिल्स वैक्सीनेशन टैब पर भी अपडेट किया जाएगा।
जनपद, ब्लॉक और प्लानिंग यूनिट स्तर पर प्रतिदिन सायंकालीन समीक्षा बैठक आयोजित कर अभियान की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
अभिभावकों से विशेष अपील
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को निर्धारित तिथि पर स्कूल भेजें और सुनिश्चित करें कि वे एमआर टीकाकरण अभियान 2026 के अंतर्गत वैक्सीन अवश्य लगवाएं।
विशेषज्ञों के अनुसार एमआर वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। इससे बच्चों को खसरा और रूबेला जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षा मिलती है। समय पर टीकाकरण से भविष्य में संभावित जटिलताओं से बचाव संभव है।
क्यों जरूरी है एमआर टीकाकरण अभियान 2026?
मीजिल्स अत्यधिक संक्रामक रोग है
रूबेला गर्भस्थ शिशु के लिए खतरनाक हो सकता है
सामूहिक प्रतिरक्षा (हर्ड इम्युनिटी) के लिए उच्च कवरेज जरूरी
स्कूल आधारित अभियान से अधिकतम बच्चों तक पहुंच
एमआर टीकाकरण अभियान 2026 का लक्ष्य है कि प्रदेश में कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे और आने वाले वर्षों में मीजिल्स-रूबेला के मामलों में शून्य की दिशा में प्रगति हो।
निष्कर्ष
मऊ सहित 45 जिलों में 16 फरवरी से शुरू हो रहा एमआर टीकाकरण अभियान 2026 प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल है। सुव्यवस्थित योजना, डिजिटल मॉनिटरिंग और स्कूल आधारित सत्रों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि 5 से 10 वर्ष आयु वर्ग का प्रत्येक बच्चा टीकाकरण से आच्छादित हो।
यदि यह अभियान निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सफल होता है, तो प्रदेश मीजिल्स और रूबेला उन्मूलन की दिशा में एक मजबूत कदम आगे बढ़ाएगा।

देवरिया पुलिस का मिशन शक्ति फेज-5.0 अभियान, स्कूल-कॉलेजों में छात्राओं को किया जागरूक

देवरिया।(राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित मिशन शक्ति फेज-5.0 देवरिया के अंतर्गत जनपद में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक देवरिया श्री संजीव सुमन के निर्देशन में जिले के सभी थानों की मिशन शक्ति और एंटी रोमियो टीमों ने एक साथ विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं और छात्राओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा संबंधी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी।
इस विशेष अभियान के दौरान स्कूल, कॉलेज, सार्वजनिक स्थल, धार्मिक स्थल और बाजार क्षेत्रों में पहुंचकर पुलिस टीमों ने पंपलेट वितरित किए और महिलाओं को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। मिशन शक्ति फेज-5.0 देवरिया के तहत चलाया गया यह अभियान महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
हर्ष इंटर कॉलेज में छात्राओं को दी गई सुरक्षा संबंधी जानकारी
थाना बरहज क्षेत्र में मिशन शक्ति टीम ने हर्ष इंटर कॉलेज में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उपनिरीक्षक रामलक्षमण सिंह, आरक्षी बबलू गिरी और महिला आरक्षी रजनी सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्हें सुरक्षा से जुड़े विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में छात्राओं को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में वे तुरंत डायल-112 पर कॉल कर सकती हैं। इसके अलावा महिला हेल्पलाइन 181, वुमेन पावर लाइन 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, वन स्टॉप सेंटर 181, स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन 102, एंबुलेंस सेवा 108 और साइबर हेल्पलाइन 1930 जैसे नंबरों का उपयोग कैसे किया जाए, इसकी भी जानकारी दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को आत्मरक्षा के महत्व पर भी बल दिया और उन्हें किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या साइबर अपराध की स्थिति में बिना संकोच शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। मिशन शक्ति फेज-5.0 देवरिया का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना ही नहीं, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना भी है।
थाना एकौना क्षेत्र में भी चला जागरूकता अभियान
इसी क्रम में थाना एकौना की मिशन शक्ति टीम ने पचलड़ी क्षेत्र में महिलाओं और बालिकाओं के बीच जागरूकता कार्यक्रम चलाया। उपनिरीक्षक अमित कुमार सिंह, कांस्टेबल विकास यादव और महिला कांस्टेबल ममता तिवारी ने स्थानीय महिलाओं को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
टीम ने समझाया कि घरेलू हिंसा, साइबर ठगी, बाल विवाह, छेड़छाड़ या किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना की जानकारी तुरंत संबंधित हेल्पलाइन पर दी जानी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को यह भी बताया गया कि उनकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
मिशन शक्ति फेज-5.0 देवरिया के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएं सरकारी सुविधाओं और सुरक्षा तंत्र से पूरी तरह परिचित हों।
सार्वजनिक स्थलों पर पंपलेट वितरण और संवाद कार्यक्रम
जनपद के अन्य थानों की एंटी रोमियो और मिशन शक्ति टीमों ने भी अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई। बाजारों, बस स्टैंड, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिलाओं से संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया गया।
पुलिस टीमों ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध है। मिशन शक्ति फेज-5.0 देवरिया अभियान के तहत पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि महिलाएं स्वयं को सुरक्षित और सशक्त महसूस करें।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम
प्रदेश सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को न केवल सुरक्षा प्रदान करना है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना भी है। स्कूल और कॉलेजों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं को उनके अधिकारों और कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
विशेष रूप से साइबर अपराधों से बचाव के लिए साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी दी गई, जिससे ऑनलाइन ठगी या उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराई जा सके। इसके अलावा, घरेलू हिंसा या अन्य समस्याओं के समाधान हेतु वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन की भूमिका भी समझाई गई।
पुलिस अधीक्षक का संदेश
पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन ने कहा कि मिशन शक्ति फेज-5.0 देवरिया के तहत चलाए जा रहे अभियान का उद्देश्य समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी थाना क्षेत्रों में नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने महिलाओं और अभिभावकों से अपील की कि वे बेटियों को जागरूक बनाएं और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
गूगल सर्च के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर (महिला सुरक्षा हेल्पलाइन देवरिया)
डायल 112 – पुलिस आपातकालीन सेवा
महिला हेल्पलाइन 181
वुमेन पावर लाइन 1090
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076
वन स्टॉप सेंटर 181
स्वास्थ्य सेवा 102
एंबुलेंस सेवा 108
साइबर हेल्पलाइन 1930
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, मिशन शक्ति फेज-5.0 देवरिया के अंतर्गत चलाया गया यह अभियान महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो रहा है। जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी मिल रही है, बल्कि समाज में सुरक्षा का वातावरण भी सुदृढ़ हो रहा है।
जनपद देवरिया में इस प्रकार की पहल भविष्य में महिलाओं के आत्मविश्वास को और अधिक मजबूत करेगी तथा अपराधों की रोकथाम में सहायक सिद्ध होगी।