Tuesday, June 16, 2026
Home Blog Page 12

Kushinagar News: फाजिलनगर का नाम बदलेगा, अब ‘पावागढ़’ के नाम से होगी पहचान; सीएम योगी ने किया ऐलान

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कुशीनगर जिले के फाजिलनगर का नाम बदलकर ‘पावागढ़’ किए जाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र को अब फाजिलनगर नहीं, बल्कि पावागढ़ के नाम से मान्यता दी जाएगी।

एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थान भगवान महावीर की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत से जुड़ा हुआ है। इसलिए इसकी पहचान उसी गौरवशाली इतिहास के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “अब यह फाजिलनगर नहीं कहा जाएगा, बल्कि पावागढ़ के रूप में इसकी पहचान बनेगी। भगवान महावीर के नाम से इसका नाम होगा।”

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद क्षेत्र के नाम परिवर्तन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सरकार का मानना है कि नाम परिवर्तन से क्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी।

हालांकि, नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के लिए प्रशासनिक और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जानी बाकी हैं। आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद नया नाम सरकारी अभिलेखों में लागू किया जाएगा।

CBSE Re-evaluation 2026: CBSE ने शुरू की वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया, 6 जून तक करें आवेदन

CBSE Re-evaluation 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 बोर्ड परीक्षा परिणामों के बाद छात्रों के लिए वेरिफिकेशन ऑफ मार्क्स और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड ने इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च कर दिया है, जहां छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी देखने के बाद अंकों की दोबारा जांच और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 6 जून 2026 निर्धारित की गई है।

आधार वेरिफिकेशन के साथ करना होगा आवेदन

सीबीएसई ने इस वर्ष आवेदन प्रक्रिया में आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य बनाया है। आवेदन करते समय छात्रों को आधार से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होगी। जिन छात्रों के पास आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है, वे अपने माता-पिता या किसी करीबी रिश्तेदार के आधार नंबर का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, आवेदन में दर्ज नाम, जन्मतिथि और जेंडर आधार धारक की जानकारी से मेल खाना चाहिए।

रिजल्ट के बाद छात्रों ने उठाए थे सवाल

CBSE 2026 रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्रों ने अपने अंकों को लेकर असंतोष जताया था। छात्रों का कहना था कि उन्हें उम्मीद से कम अंक मिले हैं, जबकि कुछ ने मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए थे। ऐसे में वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू होने का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था।

ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम रहा चर्चा में

इस वर्ष बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए बड़े पैमाने पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OMS) का उपयोग किया। इस डिजिटल प्रक्रिया में परीक्षक स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की ऑनलाइन जांच करते हैं। रिजल्ट जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने मूल्यांकन और स्कैन कॉपी से जुड़ी तकनीकी समस्याओं की शिकायत की थी।

फीस में छात्रों को बड़ी राहत

CBSE ने इस साल पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं की फीस में भी बड़ी कटौती की है।

  • उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी: ₹100 प्रति विषय
  • मार्क्स वेरिफिकेशन: ₹100 प्रति विषय
  • री-इवैल्यूएशन: ₹25 प्रति प्रश्न

पहले स्कैन कॉपी के लिए छात्रों को ₹700 तक और री-इवैल्यूएशन के लिए ₹100 प्रति प्रश्न तक शुल्क देना पड़ता था।

आवेदन से पहले इन बातों की जांच करें

री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने से पहले छात्र अपनी स्कैन कॉपी को ध्यानपूर्वक जांच लें और सुनिश्चित करें कि:

  • सभी उत्तरों का मूल्यांकन किया गया है।
  • किसी पेज का मूल्यांकन छूटा नहीं है।
  • अंकों का जोड़ सही है।
  • किसी उत्तर को अनदेखा नहीं किया गया है।

बोर्ड ने छात्रों को आवेदन करने से पहले सभी दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी है ताकि किसी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके।

भारत में फिदायीन हमला करने की फिराक में था शहबाज सिद्दीकी! ATS पूछताछ में बड़ा खुलासा

कासगंज/लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किए गए शहबाज सिद्दीकी ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह भारत में फिदायीन (सुसाइड बॉम्बिंग) हमला करने के लिए तैयार था और केवल पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के निर्देश का इंतजार कर रहा था।

उत्तर प्रदेश ATS ने सोशल मीडिया से मिले इनपुट के आधार पर 18 मई को कासगंज निवासी शहबाज सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से कई अहम डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं।

मोबाइल फोन से मिले आतंकियों से संपर्क के सबूत

ATS को आरोपी के फोन से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकियों के साथ कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग, चैट और अन्य डिजिटल सामग्री मिली है। जांच में यह भी सामने आया है कि शहबाज पुलवामा आतंकी हमले से जुड़े आतंकियों के संपर्क में था।

सूत्रों के मुताबिक, मोबाइल चैट में आरोपी ने पुलवामा हमले को सही ठहराया था, जबकि भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक का विरोध किया था। इसके अलावा उसने भारत में हुई अन्य आतंकी घटनाओं पर खुशी भी जाहिर की थी।

फिदायीन हमले की थी तैयारी

पूछताछ में शहबाज ने बताया कि वह भारत में फिदायीन हमला करने के लिए तैयार था। इस संबंध में उसकी पाकिस्तान स्थित आतंकियों से बातचीत भी हुई थी। आरोप है कि उसे कट्टरपंथी और भड़काऊ वीडियो भेजे गए थे तथा समय आने पर हमले का स्थान और तरीका बताने की बात कही गई थी।

नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी

जांच एजेंसियों को आशंका है कि शहबाज के संपर्क में भारत के कई अन्य संदिग्ध लोग भी हो सकते हैं। ATS अब उसके नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ और तकनीकी जांच से कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां आरोपी के संभावित नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई हैं।

बंगाल चुनाव हारने के बाद TMC में बढ़ी कलह? फर्जी हस्ताक्षर विवाद से सामने आई अंदरूनी फूट, ममता बनर्जी के सामने बड़ी चुनौती

कोलकाता (राष्ट्र की परम्परा)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मतभेद और गुटबाजी की चर्चाएं तेज हो गई हैं। विधानसभा में नेता विपक्ष की नियुक्ति को लेकर उठे विवाद ने पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है। फर्जी हस्ताक्षर के आरोपों और विधायकों की नाराजगी ने TMC नेतृत्व के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।

नेता विपक्ष की नियुक्ति पर विवाद

विवाद तब शुरू हुआ जब शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विधानसभा में नेता विपक्ष नियुक्त किया गया। इस नियुक्ति से जुड़े पत्र पर कुछ विधायकों के कथित फर्जी हस्ताक्षर होने का आरोप लगाया गया। मामले को लेकर दो विधायकों द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने दोनों विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बाहर का रास्ता दिखा दिया।

TMC की बैठक में कम उपस्थिति ने बढ़ाई अटकलें

राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय उस समय और गर्म हो गया जब पार्टी नेतृत्व द्वारा बुलाई गई बैठक में अपेक्षा से काफी कम विधायक पहुंचे। इससे पार्टी के भीतर असंतोष और संगठनात्मक चुनौतियों को लेकर सवाल उठने लगे।
सूत्रों के अनुसार, कई विधायक पार्टी की हालिया रणनीतियों और संगठनात्मक फैसलों से असंतुष्ट बताए जा रहे हैं।

अभिषेक बनर्जी पर उठे सवाल

पार्टी से निष्कासित कुछ नेताओं ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि कई महत्वपूर्ण फैसलों को लेकर विधायकों से पर्याप्त संवाद नहीं किया गया। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है।

फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच जारी

फर्जी हस्ताक्षर विवाद सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां संबंधित दस्तावेजों और शिकायतों की पड़ताल कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

विपक्ष ने साधा निशाना

विपक्षी दलों ने TMC की मौजूदा स्थिति को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष का दावा है कि चुनावी हार के बाद पार्टी में नेतृत्व और संगठन को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है।

ममता बनर्जी के सामने संगठन को एकजुट रखने की चुनौती

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी हार के बाद किसी भी दल के लिए संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी नेतृत्व असंतुष्ट नेताओं को किस तरह साथ लेकर चलता है और संगठन को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाता है।

भाकपा ने बिजली घर पर धरना प्रदर्शन कर 8 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l भाकपा एवं खेत मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने जिला काउंसिल सदस्य दर्शन प्रजापति के नेतृत्व में बाईपास से नारा लगाते हुए विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर धरना दिया और बड़े बाबू राजकुमार यादव को 8 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।
कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर बदलने, बिजली का निजीकरण रोकने, किसानों के नलकूप पर मीटर न लगाने, गरीबों का बिजली बकाया माफ करने और विभाग में कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति की मांग की। साथ ही खेतों से गुजर रहे विद्युत पोल का मुआवजा देने, 300 यूनिट बिजली निःशुल्क करने, संविदा व आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को स्थायी करने तथा विद्युत कटौती बंद कर निर्धारित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उठाई।दर्शन प्रजापति ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।
इस मौके पर जिला सचिव अरविंद कुशवाहा, हरिबंध प्रसाद, शीला देवी, संपति देवी, कुसमी देवी, विजय यादव, फूलन देवी, सोनम सिंह, कुसुमावती देवी, सुभावती देवी, सुदर्शन प्रसाद समेत
कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

विश्व पर्यावरण दिवस पर जल और ऊर्जा संरक्षण जागरूकता अभियान

वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)l मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन में एवं वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (EnHM) अभिषेक राय के नेतृत्व में, “जल और ऊर्जा संरक्षण” थीम के अन्तर्गत विश्व पर्यावरण दिवस–2026 अभियान चलाया जा रहा है । इसी क्रम में सोमवार 01 जून,2026 को मंडल के स्वास्थ्य निरिक्षकों एवं संविदा कर्मचारियों के माध्यम से जल और ऊर्जा श्रोतों के सही इस्तेमाल, टिकाऊ पर्यावरणीय प्रथाओं, अपशिष्ट में कमी करने और पर्यावरण संरक्षण में सामूदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए मंडल के रेलवे स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों और रेलवे कार्यालयों के परिसर पर अलग-अलग जागरूकता और जल एवं ऊर्जा संरक्षण गतिविधियों का आयोजन किया गया।
इसके अन्तर्गत जल संरक्षण को बढ़ावा देना, आंटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट(ऐ सी डब्लू पी ) सुविधाओं सहित जल पुनर्चक्रण प्रणालियों का निरीक्षण, पानी के सही इस्तेमाल और उर्जा बचाने के तरीकों के बारे में जागरूक किया गया , पब्लिक अनाउसमेन्ट(पी ऐ ) घोषणाओं के ज़रिए लोगों तक पहुँचना और मिशन लाइफ के प्राकृतिक लाइफ स्टाइल सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार किया गया । अधिकृत रीसाइकिलर्स के माध्यम से ई-वेस्ट का निस्तारण करने, पुनर्चक्रण और खाद बनाने के तरीकों, और स्वस्थ और टिकाऊ जीवनशैली अपनाना के बारे में भी जागरूकता फैलाई गई। रेल यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों, वेंडर और स्थानीय समुदायों को रोज़ाना के कामों से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने वाले असर को कम करने की अहमियत के बारे में बताया गया। ये गतिविधियाँ प्रमुख स्टेशनों जैसे आजमगढ़, वाराणसी सिटी, बनारस, भटनी, बलिया, छपरा, देवरिया सदर, गाज़ीपुर सिटी, मऊ, प्रयागराज रामबाग, सीवान, बेल्थरा रोड और सलेमपुर जैसे बड़े स्टेशनों और रेलवे की जगहों पर की गईं, जिसमें रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों, हाउसकीपिंग कर्मचारियों, रेल यात्रियों और अन्य हितधारकों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई ।

विद्युत तार टूटने से परेशान ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन,जेई ने दिया अगले महीने तार बदलने का आश्वासन

ग्रामीणों ने कहा अगले महीने तार नही बदला तो होगा जोरदार आंदोलन

सलेमपुर/ देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। बार बार विद्युत तार टूटने से परेशान क्षेत्र के बभनौली पांडेय के ग्रामीणों ने मनोज पांडेय के नेतृत्व में अधिशासी अभियंता के कार्यालय पर जाकर प्रदर्शन कर देहात क्षेत्र के जेई से मिलकर इसकी शिकायत किया। जेई ने बताया कि अगले महीने पूरे गांव का तार बदलने का काम कर दिया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि महीने में कम से कम दस बार से अधिक गांव में लगे जर्जर विद्युत तार आपूर्ति शुरू होते ही टूट कर गिर जा रहे हैं। रविवार की रात आपूर्ति शुरू होते ही फिर तार टूट कर गिर गया, जिसके कारण आपूर्ति बंद हो गई। इसकी शिकायत जब ग्रामीणों ने की तो लाइन मैन जाकर ठीक किए लेकिन कुछ देर बाद पुनः तार टूट गया है,इसके बाद आपूर्ति ठप है। मनोज पांडेय ने बताया कि सलेमपुर – चेरो रोड पर स्थित गांव में लगे तार काफी जर्जर हालत में हो गया है, बार बार तार टूट कर मुख्य मार्ग पर गिर जा रहा है, इसके चलते कभी भी कोई वाहन या राहगीर इसके चपेट में आ सकते हैं, जनहित में उक्त तार बदलना आवश्यक है।गांव के युवा नेता नीरज पांडेय ने कहा कि अगर गांव का जर्जर विद्युत तार व पोल बदल कर आपूर्ति सही नहीं किया गया तो हम लोग मजबूर होकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य राधारमण कुशवाहा, संतोष यादव, शिवम पांडेय, प्रिंस पांडेय गोल्डेन, हैपी पांडेय आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ ने शिक्षा मंत्री एवं अपर मुख्य सचिव को भेजा मांग पत्र

पटना(राष्ट्र की परम्परा)l शिक्षा विभाग द्वारा ग्रीष्मावकाश अवधि में शिक्षकों को मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने एवं मोबाइल फोन चालू रखने संबंधी जारी निर्देश के खिलाफ शिक्षकों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ, बिहार प्रदेश ने शिक्षा मंत्री एवं अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर उक्त आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
महासंघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी मृत्युंजय ठाकुर ने कहा कि जब विभाग ने पूर्व निर्धारित अवकाश तालिका के अनुसार ग्रीष्मावकाश घोषित किया है, तो उसी अवधि में शिक्षकों को मुख्यालय में उपस्थित रहने के लिए बाध्य करना विरोधाभासी एवं अव्यावहारिक है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि शिक्षकों को अवकाश का वास्तविक लाभ ही नहीं मिलना है, तो फिर ग्रीष्मावकाश घोषित करने का औचित्य क्या है?
महासंघ ने अपने पत्र में कहा है कि ग्रीष्मावकाश की तिथियां पहले से निर्धारित रहती हैं और अधिकांश शिक्षक इस अवधि में अपने परिवार के साथ समय बिताने, सामाजिक एवं पारिवारिक दायित्वों के निर्वहन तथा मानसिक एवं शारीरिक पुनर्स्थापन की योजनाएं बनाते हैं। ऐसे में अचानक जारी आदेश शिक्षकों के वैध अधिकारों एवं व्यक्तिगत जीवन में अनावश्यक हस्तक्षेप के समान है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि शिक्षक पूरे वर्ष शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कार्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ करते हैं। ग्रीष्मावकाश उनके लिए विश्राम और परिवार के साथ समय बिताने का एकमात्र अवसर होता है। अवकाश अवधि में मुख्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश शिक्षकों के मनोबल को प्रभावित करने वाला है।
परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ ने विभाग से शिक्षकों की भावनाओं एवं व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए आदेश को अविलंब वापस लेने की मांग की है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग एवं बिहार सरकार की होगी।
महासंघ ने अपने पत्र के अंत में यह भी कहा है कि “यदि ग्रीष्मावकाश वास्तव में अवकाश है तो शिक्षकों को उसका लाभ मिलना चाहिए, और यदि मुख्यालय में उपस्थिति अनिवार्य है तो फिर अवकाश घोषित करने का औचित्य क्या है?”

कौशल विकास शिविर में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। यूथ युटिल वेलफेयर एसोसिएशन (युवा इंडिया) की ओर से तुर्कमानपुर स्थित यादव टोला में 21 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर का उद्घाटन वरिष्ठ समाजसेविका सुधा मोदी ने विशिष्ट अतिथियों सुनीशा श्रीवास्तव, गरिमा सिंह और शालिनी मिश्रा तथा कार्यक्रम संयोजक सुमन गुप्ता के साथ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन और फीता काटकर किया।
संस्था के अध्यक्ष रत्नेश कुमार तिवारी ने बताया कि संस्था पिछले 10 वर्षों से आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं और बालिकाओं के कौशल विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि 1 जून से 21 जून तक चलने वाले इस शिविर में तुर्कमानपुर, यादव टोला, हरिजन बस्ती, अंबेडकर कॉलोनी, बर्फखाना, हांसूपुर, कसाई टोला, पांडेयहाता और ट्रांसपोर्ट नगर सहित आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं और बालिकाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण सामग्री भी संस्था की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी।
बमुख्य अतिथि सुधा मोदी ने कहा कि समर कैंप बेटियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और नई कलाओं में दक्ष बनने का अवसर देगा। सुनीशा श्रीवास्तव ने संस्था के प्रयासों को सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। गरिमा सिंह ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के सदुपयोग और कौशल विकास के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि शालिनी मिश्रा ने महिलाओं के सम्मान और समानता के संस्कार विकसित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम संयोजक सुमन गुप्ता ने कहा कि महिलाएं अपनी क्षमताओं को पहचानकर आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पारुल यादव ने की। इस अवसर पर सुशील प्रसन्ना, जया तिवारी, श्रेयांश, कृष्णा, प्रिंस, वरुण, सृष्टि, शाहिद, सागर चौधरी, साधना भारती, अलका भारती, अभिषेक मिश्रा, सुषमा शुक्ला, युवराज मगहिया, अर्चना और चांदनी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

काशीदास बाबा पूजन समारोह में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, भव्य कलश यात्रा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां


भागलपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। मईल थाना क्षेत्र के भागलपुर में आयोजित काशीदास बाबा पूजन समारोह श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास का अद्भुत संगम बन गया। कार्यक्रम में क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भव्य कलश यात्रा, आकर्षक झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत काली माता मंदिर से निकाली गई विशाल कलश यात्रा के साथ हुई। यात्रा शीतला माता मंदिर, मेन चौराहा और भागलपुर बाजार से होते हुए कालीचरण घाट पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ जल भरकर पूजन के लिए प्रस्थान किया। यात्रा में शामिल माताओं और बहनों ने पारंपरिक वेशभूषा में धार्मिक गीत गाते हुए वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कलश यात्रा में सुसज्जित हाथी, घोड़े, गाजे-बाजे और आकर्षक धार्मिक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में राधा-कृष्ण की मनोहारी झांकियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से भक्ति रस की ऐसी छटा बिखेरी कि दर्शक देर तक कार्यक्रम में डटे रहे।
पूजन अनुष्ठान का संचालन गाजीपुर के विद्वान आचार्य पंडित सुरेंद्र यादव ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न कराया। आयोजन के मुख्य संयोजक राजदेव यादव ने सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सांस्कृतिक संध्या में मऊ के प्रसिद्ध बिरहा गायक राम आशीष यादव तथा गाजीपुर की लोकगायिका खुशी यादव ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में लोकगीत और बिरहा की प्रस्तुतियों का श्रोताओं ने भरपूर आनंद लिया।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक समरसता का वातावरण देखने को मिला।
इस अवसर पर राजदेव यादव, रमाकांत यादव, रोशन यादव, अंब्रेश मणि, सतपाल यादव, उदय प्रताप सिंह यादव, नागा बाबा, जगत जायसवाल, अजय यादव, हरिशंकर यादव, भोला यादव, सत्यनारायण यादव, बिजेंद्र यादव, संदीप यादव, परमानंद दुबे, ददऊ चौबे, कौशल किशोर यदुवंशी सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अमेरिका-ईरान टकराव: क्या दुनिया एक और वैश्विक संकट की ओर बढ़ रही है?

अमेरिका-ईरान तनाव: समझौते और युद्ध के बीच झूलती दुनिया, ट्रंप की बदलती रणनीति से बढ़ी वैश्विक चिंता

गोंदिया। वर्ष 2026 में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय बनकर उभरा है। वर्तमान परिस्थितियों में दोनों देश एक ओर वार्ता के माध्यम से समाधान तलाशते दिखाई दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य दबाव, आर्थिक प्रतिबंध, नौसैनिक गतिविधियां और युद्ध की चेतावनियां अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को लगातार बढ़ा रही हैं।
यह विवाद अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रह गया है। इसका प्रभाव वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार, परमाणु प्रसार, महाशक्ति प्रतिस्पर्धा और विश्व अर्थव्यवस्था तक फैल चुका है। इसी कारण पूरी दुनिया की निगाहें अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ताओं पर टिकी हुई हैं।
अधिकतम दबाव और सौदेबाजी की रणनीति
हालिया रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने वार्ताकारों द्वारा तैयार मसौदा समझौते में नई और अधिक कठोर शर्तें जोड़ने का निर्देश दिया है। व्हाइट हाउस की उच्च स्तरीय बैठकों के बाद परमाणु कार्यक्रम, संवर्धित यूरेनियम भंडार तथा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से संबंधित प्रावधानों को और सख्त करने की मांग की गई है।
कुछ समय पहले जिस समझौते को लगभग अंतिम माना जा रहा था, वह अब पुनः अनिश्चितता के दौर में पहुंच गया है। ट्रंप के लगातार बदलते बयानों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। कभी वे समझौते को निकट बताते हैं तो कभी सैन्य विकल्प खुला रखने की बात करते हैं। विशेषज्ञ इसे “मैक्सिमम प्रेशर एंड मैक्सिमम बार्गेनिंग” रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
अमेरिका की प्रमुख मांगें
वाशिंगटन की मांग है कि ईरान स्थायी रूप से परमाणु हथियार कार्यक्रम छोड़ने की कानूनी और अंतरराष्ट्रीय गारंटी प्रदान करे। इसके साथ ही संवर्धित यूरेनियम के भंडार को समाप्त करने या अंतरराष्ट्रीय निगरानी में सौंपने की शर्त भी रखी गई है।
अमेरिका चाहता है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पूरी तरह खुला रहे, जहाजों की आवाजाही निर्बाध हो तथा ईरान अपनी मिसाइल गतिविधियों और क्षेत्रीय सैन्य प्रभाव को सीमित करने पर सहमति दे।
ईरान का पक्ष भी उतना ही मजबूत
दूसरी ओर ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा। तेहरान अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने, विदेशों में फंसी अरबों डॉलर की संपत्तियों की वापसी और क्षेत्रीय सुरक्षा मामलों में अपनी भूमिका की मान्यता चाहता है।
इन्हीं विरोधाभासी मांगों के कारण वार्ता बार-बार आगे बढ़कर रुक जाती है। कई दौर की बातचीत में दोनों पक्षों के बीच तीखी असहमति सामने आई है। हालांकि मध्यस्थ देशों विशेषकर ओमान के प्रयासों से संवाद अभी भी जारी है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा विवाद
पूरे संकट का सबसे संवेदनशील केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ है। विश्व के समुद्री तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। यदि यहां किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न होता है तो उसका प्रभाव सीधे वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ेगा।
अमेरिका इस मार्ग को पूर्णतः मुक्त रखना चाहता है जबकि ईरान इस क्षेत्र में अपनी सुरक्षा और प्रशासनिक भूमिका को स्वीकार करवाने का प्रयास कर रहा है। हाल ही में एक कार्गो जहाज को लेकर हुई सैन्य कार्रवाई ने तनाव को और बढ़ा दिया है।
क्या युद्ध की संभावना वास्तविक है?
अधिकांश अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान दोनों पूर्ण युद्ध से बचना चाहते हैं क्योंकि इसकी कीमत अत्यंत भारी होगी। इसके बावजूद किसी ड्रोन हमले, समुद्री झड़प, परमाणु विवाद या गलत सैन्य आकलन के कारण स्थिति अचानक नियंत्रण से बाहर हो सकती है।
वर्तमान परिस्थितियां “न युद्ध, न शांति” की स्थिति को दर्शाती हैं, जहां तनाव लगातार बना हुआ है लेकिन निर्णायक संघर्ष अभी टला हुआ है।
इजराइल, रूस और चीन की भूमिका
इजराइल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानता रहा है। अमेरिका संभावित समझौते को लेकर अपने प्रमुख सहयोगियों से लगातार संपर्क बनाए हुए है।
वहीं रूस और चीन भी इस संकट के महत्वपूर्ण पक्ष हैं। यदि संघर्ष बढ़ता है तो यह केवल पश्चिम एशिया का मुद्दा नहीं रहेगा बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन का प्रश्न बन जाएगा। दोनों देश प्रत्यक्ष सैन्य हस्तक्षेप से बच सकते हैं, लेकिन कूटनीतिक और आर्थिक स्तर पर ईरान का समर्थन समीकरणों को जटिल बना सकता है।
भारत पर संभावित प्रभाव
भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से प्राप्त करता है। यदि होर्मुज़ जलडमरूमध्य प्रभावित होता है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार गंभीर संघर्ष की स्थिति में तेल 120 से 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। इससे भारत का आयात बिल बढ़ेगा, चालू खाते पर दबाव आएगा और महंगाई की नई चुनौती खड़ी हो सकती है।
पेट्रोल, डीजल, परिवहन और औद्योगिक उत्पादन की लागत बढ़ने से आम नागरिकों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है जबकि ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र की कुछ कंपनियों को लाभ मिलने की संभावना भी बन सकती है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा
यदि संघर्ष बढ़ता है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और सप्लाई चेन गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। बीमा लागत, माल ढुलाई शुल्क और वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर दिखाई देगा।
यूरोप पहले से ऊर्जा चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में नया संकट उसकी आर्थिक स्थिति को और कठिन बना सकता है। वैश्विक निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे सोने जैसी संपत्तियों में तेजी देखने को मिल सकती है।
निष्कर्ष
वर्तमान परिस्थितियों में अमेरिका और ईरान दोनों बेहतर सौदे की तलाश में एक-दूसरे पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं। ट्रंप प्रशासन अधिकतम दबाव के माध्यम से अपनी शर्तों को मनवाना चाहता है, जबकि ईरान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय प्रभाव को बचाए रखने के लिए झुकने को तैयार नहीं दिखता।
हालांकि अभी तक युद्ध की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और बातचीत जारी है, लेकिन हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। किसी भी गलत सैन्य कदम, होर्मुज़ में नई घटना या परमाणु मुद्दे पर बढ़ते गतिरोध से संकट अचानक गंभीर रूप ले सकता है।
फिलहाल पूरा विश्व युद्ध और समझौते के बीच झूलते इस संकट के अगले अध्याय का इंतजार कर रहा है।
एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी
कर विशेषज्ञ, स्तंभकार, साहित्यकार, अंतरराष्ट्रीय लेखक, चिंतक एवं कवि
गोंदिया, महाराष्ट्र

गुमटी का ताला तोड़कर चोरी करने वाला बाल अपचारी पुलिस संरक्षण में, नगदी बरामद

कोतवाली पुलिस की त्वरित कार्रवाई, चोरी की घटना का खुलासा कर 1300 रुपये किए बरामद

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। पुलिस अधीक्षक महराजगंज शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना कोतवाली पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ एवं क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली निर्भय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चोरी की घटना का सफल अनावरण करते हुए एक बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में लिया है।
जानकारी के अनुसार थाना कोतवाली में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 267/26, धारा 303(2), 317(2) बी.एन.एस. की विवेचना एवं वांछितों की तलाश के दौरान पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बाल अपचारी को चिन्हित कर संरक्षण में लिया। पूछ-ताछ के दौरान उसने शिव नगर वार्ड नं. -7 स्थित कमलेश स्वीट्स की गुमटी का ताला तोड़कर लगभग 5,000 रुपये नकद चोरी करने की घटना स्वीकार की।
बाल अपचारी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी से संबंधित 1,300 रुपये नगद बरामद किए हैं। बरामदगी के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक निर्भय कुमार, उपनिरीक्षक पवन कुमार, हेड कांस्टेबल अजय कुमार पाण्डेय, कांस्टेबल प्रदीप प्रजापति, रिजर्व कांस्टेबल अमित कुमार यादव, विनय यादव एवं अजीत कुमार यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए जनपद वासियों को आश्वस्त किया है कि अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी इसी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा तथा कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

वृद्धा से पानी मांगकर छीनी थी चेन, पुलिस ने दो चेन स्नेचरों को गांजा व चोरी की बाइक के साथ पकड़ा

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मेहदावल पुलिस और एसओजी टीम ने वृद्ध महिला से चेन स्नेचिंग की घटना का खुलासा करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल, नकदी, मोबाइल फोन, छह सिम कार्ड और अवैध गांजा बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद कामिल उर्फ अली और मोहम्मद अहमद उर्फ नाटे गोरखपुर जिले के गोरखनाथ क्षेत्र के निवासी हैं। दोनों के खिलाफ हत्या, चोरी, गैंगस्टर एक्ट और छिनैती समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
घटना 23 मई 2026 की शाम मेहदावल क्षेत्र के ग्राम अछिया में हुई थी। आरोपियों ने मोटरसाइकिल से पहुंचकर घर के बाहर बैठी वृद्ध महिला से पानी मांगने का बहाना किया। इसी दौरान महिला का ध्यान भटकाकर गले से सोने की चेन छीनकर फरार हो गए।
पुलिस टीम ने सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर मेहदावल-नीलखा मार्ग स्थित मुहिया पुल के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में छिनैती की घटनाओं को अंजाम देते थे। शहर में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ने के कारण उन्होंने गांवों को निशाना बनाना शुरू किया था। पहचान छिपाने के लिए वे चेहरा ढंककर चलते थे और विरोध होने पर भागने के लिए लाल मिर्च पाउडर साथ रखते थे।
आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि छीनी गई सोने की चेन को 25 हजार रुपये में बेच दिया था। पूछताछ के दौरान मोहम्मद अहमद उर्फ नाटे ने वर्ष 2020 में पैसों के विवाद में अपने एक साथी की हत्या करने की बात भी कबूल की।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसके संबंध में एनडीपीएस एक्ट के तहत अलग से मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा गोरखपुर से चोरी की गई एक मोटरसाइकिल, 10 हजार रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा ने इस कार्रवाई में शामिल एसओजी और मेहदावल पुलिस टीम की सराहना करते हुए पुरस्कृत किया।

आकाशीय बिजली से महिला की मौत

भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l लार थाना क्षेत्र के बभनौली पांडे गांव में रविवार को आंधी-तूफान और बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई। जिससे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
सूत्रों के अनुसार रविवार दोपहर क्षेत्र में तेज गर्जना के साथ आंधी-तूफान और बारिश हो रही थी। इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरने से बभनौली पांडे गांव निवासी आशा देवी (55 वर्ष), पत्नी रामाश्रय प्रसाद, गंभीर रूप से झुलस गईं। परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. बी.बी. सिंह ने घटना की लिखित सूचना पुलिस को दे दी है। पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।

तेज आंधी पानी में गिरा पेड़ विद्युत व्यवस्था ध्वस्त

भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l मईल थाना क्षेत्र के भागलपुर बाई पास मार्ग से जुड़े एन एच के समीप भागलपुर-बेल्थरा मार्ग पर रविवार को आए तेज आंधी-तूफान और जोरदार बारिश ने भारी तबाही मचाई। सड़क किनारे स्थित एक रेस्टोरेंट का टीन शेड तेज हवाओं में उड़ गया, जबकि मार्ग के किनारे स्थित कई पेड़ धराशायी हो गए। इसी दौरान एक ट्रांसफार्मर खंभे समेत जमीन पर गिर पड़ा, आस पास की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई।
तूफान के चलते क्षेत्र में जगह-जगह पेड़ों और बिजली के खंभों के गिरने की सूचनाएं मिल रही हैं। कई स्थानों पर मार्ग अवरुद्ध होने से लोगों को आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर भीषण गर्मी से जनजीवन पहले ही प्रभावित है, वहीं दूसरी ओर आंधी-तूफान बिजली व्यवस्था को लगातार नुकसान पहुंचा रहा है। लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति सामान्य हुई थी, लेकिन तूफान के कारण ट्रांसफार्मर और खंभे गिर जाने से फिर से बिजली संकट गहरा गया है। लोगों को कम वोल्टेज और बार-बार बिजली कटौती की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ लोगों में इस बात को लेकर चिंता है कि विद्युत व्यवस्था कब तक पूरी तरह सुचारू हो सकेगी।