खड़गे का मोदी और भाजपा पर हमला – “मांगने से नहीं, संघर्ष से मिलेगा हक़”
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित ओबीसी नेतृत्व भागीदारी न्याय सम्मेलन में भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पिछड़े वर्गों को उनका अधिकार “मांगने से नहीं, बल्कि संघर्ष से” मिलेगा।
खड़गे ने कहा, “इतिहास गवाह है कि हमें जब भी कोई अधिकार मिला है, वह बिना संघर्ष के नहीं मिला। मांगने से कुछ नहीं होता, हमें हक़ के लिए आवाज़ बुलंद करनी होती है, ताकत दिखानी होती है और चुनावों में ऐसे लोगों को चुनकर भेजना होता है, जो हमारे उसूलों पर चलते हों।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल दिखावा करती है, लेकिन वास्तविक प्रतिनिधित्व देने से कतराती है। उन्होंने कहा कि आज संसद और सरकारी नौकरियों में ओबीसी की भागीदारी बेहद कम है और इस स्थिति को सुधारने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है।
“जब तक ओबीसी नेता चुनकर नहीं आएंगे, तब तक उनकी आवाज़ दबाई जाती रहेगी”
खड़गे ने सम्मेलन में मौजूद ओबीसी नेताओं और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे न केवल अपने समाज को जागरूक करें, बल्कि राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा, “ओबीसी की आवाज़ तभी सुनी जाएगी, जब संसद, विधानसभा और सत्ता के हर स्तर पर ओबीसी के लोग खुद चुनकर आएंगे।”
कांग्रेस का जोर – सामाजिक न्याय से लेकर राजनीतिक भागीदारी तक
सम्मेलन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी भाग लिया और पार्टी के उस एजेंडे को दोहराया जिसमें जातिगत जनगणना, आरक्षण की समीक्षा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को प्रमुख मुद्दा बताया गया।खड़गे के भाषण को आगामी चुनावों के लिहाज से कांग्रेस की ओबीसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को मिली जमीन, सियासी आरोपों पर…
79 सफाईकर्मियों ने संभाली पोखरे की सफाई गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)पूर्वांचल के प्रमुख शक्तिपीठ मां तरकुलहा…
भागलपुर /देवरियाक्या हमारी शिक्षा व्यवस्था सचमुच बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में आगे बढ़…
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की बैठक में पत्रकारों की एकजुटता पर जोर सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा )ग्रामीण…
हिंदी का साहित्यकार हूँ,हिंदी में कविता लिखता हूँ,पर बैसवारी मेरी बोली है,वह बोली मुझको प्यारी…
पुलिस-फायर टीम के छूटे पसीने, समझाने में जुटा प्रशासन संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय…