Categories: कविता

काँटों पर नित चलो-प्रियंका सौरभ

हिसार(राष्ट्र की परम्परा)
अगर चाहो तुम सूरज बनना,
बनकर के दीप जलो।
गर खिलना है फूलों-सा,
काँटों पर नित चलो॥

जीवन के इस सफ़र में,
न जाने कितने मोड़ मिलेंगे।
पग-पग मुश्किल रस्ता रोकेगी,
कष्टों के झकझोर मिलेंगे॥
यदि मंज़िल को है चूमना,
ना बाधा देख डरो।
गर खिलना है फूलों-सा,
काँटों पर नित चलो॥

फूलों का ‘सौरभ’ पाने हेतु,
काँटों को प्रथम चुनना होगा।
न जाने कितनी बार गिरोगे,
हर बार तुम्हें संभलना होगा॥
पड़े यदि सागर लांघना,
बन के पवन कुमार उड़ो।
गर खिलना है फूलों-सा,
काँटों पर नित चलो॥

बढ़ते कदमों को फांसने,
नियति अपना खेल रचेगी।
जीवन के इस महाभारत में,
बाधाएँ चक्रव्यूह रचेगी॥
होना चाहो अमर यदि तो
अभिमन्यु-सा वीर बनो।
गर खिलना है फूलों-सा,
काँटों पर नित चलो॥

मन-वचन-कर्म से तुमको,
ये युद्ध लडऩा होगा।
लहराते विजय पताका,
लक्ष्य की ओर बढऩा होगा॥
दुनिया जय-जय कार करेगी,
उन्नति के शिखर चढ़ो।
गर खिलना है फूलों-सा,
काँटों पर नित चलो॥

Karan Pandey

Recent Posts

मिट्टी लदी ट्रॉली बनी मौत का कारण, सड़क हादसे में विवाहिता की दर्दनाक मौत

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सदर कोतवाली क्षेत्र के सवना गांव में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक…

8 hours ago

यूपी में सस्ते टेंडर डालने वालों पर शिकंजा, खराब निर्माण पर 2 साल बैन

यूपी पीडब्ल्यूडी में टेंडर प्रक्रिया में बड़ा बदलाव: 15% से ज्यादा कम बोली लगाने वालों…

17 hours ago

गगहा में सड़क हादसा, एक की मौत

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)गगहा थाना क्षेत्र के बड़गो मोड़ के पास गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क…

22 hours ago

पेट्रोल-डीजल की किल्लत से बढ़ी किसानों की चिंता, धान की बुआई और सिंचाई पर संकट

सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। सलेमपुर विकास क्षेत्र में लगातार गहराती पेट्रोल और डीजल की किल्लत…

22 hours ago

कोरोना के बाद अब इबोला का डर, WHO अलर्ट से दुनिया में बढ़ी बेचैनी

इबोला का नया वैश्विक खतरा: कोरोना के बाद फिर दहशत की आहट, WHO अलर्ट के…

1 day ago