

आगरा राष्ट्र की परम्परा | सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय से नहीं पहुंच रहा है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। आगरा में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जननी सुरक्षा योजना के भुगतान, संस्थागत प्रसव और आयुष्मान कार्ड निर्माण में प्रगति की समीक्षा करते हुए लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कम प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य केंद्रों के जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और योजनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी और लंबित कार्यों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। जेएसवाई भुगतान में 90 प्रतिशत से कम प्रगति पर कार्रवाई जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के मंत्रा पोर्टल पर लाभार्थियों के भुगतान की स्थिति की समीक्षा में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन स्वास्थ्य केंद्रों का भुगतान प्रदर्शन 90 प्रतिशत से कम है, उनके संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। एसएनएमसी, जिला महिला चिकित्सालय और फतेहाबाद के प्रभारियों को नोटिस देने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि पंजीकरण, सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। पात्र लाभार्थियों को समय से भुगतान मिले और पोर्टल पर सही एवं अद्यतन जानकारी दर्ज हो, इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। बैठक से गायब अधिकारियों पर भी सख्ती बैठक में अनुपस्थित यूपीएचसी नरीपुरा, मोतीमहल, लोहामंडी-2, छत्ता, हरिपर्वत वेस्ट-2, नगला बूढ़ी और सेवला के प्रभारियों के साथ संबंधित नोडल अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। संस्थागत प्रसव की समीक्षा में एसएनएमसी, फतेहपुर सीकरी और फतेहाबाद की लक्ष्य के मुकाबले कम प्रगति सामने आने पर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगने को कहा गया। इन स्वास्थ्य केंद्रों का होगा निरीक्षण शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की डिलीवरी परफॉर्मेंस की समीक्षा करते हुए डीएम ने यूपीएचसी लोहामंडी-1, लोहामंडी नॉर्थ, विभव नगर, लोहामंडी-2, रकाबगंज साउथ, नरायच और नरीपुरा का निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। इन केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं और प्रभारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली की बिंदुवार समीक्षा कर विस्तृत रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करनी होगी। नवंबर में आयुष्मान कार्ड बनाने पर जोर आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों के कार्ड निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में नवंबर माह के लिए सभी विकासखंडों में दो लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित करने और लक्ष्य के सापेक्ष 15 प्रतिशत वृद्धि सुनिश्चित करने की बात कही गई। संबंधित एमओआईसी और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से पात्र लाभार्थियों का सत्यापन कर शेष लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाने तथा नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा डीएम ने परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर छाया टैबलेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। यूपी हेल्थ डैशबोर्ड की रैंकिंग सुधारने के लिए लक्ष्य आधारित कार्ययोजना बनाने और नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम, आभा आईडी, संचारी एवं वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम और दस्तक अभियान की प्रगति भी परखी गई। अधिकारियों को फील्ड स्तर पर निगरानी मजबूत करने और निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने को कहा गया। पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए। कम प्रगति वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देकर आवश्यक सुधार किए जाएं और नियमित समीक्षा के जरिए जवाबदेही तय की जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अमित कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव, डिप्टी सीएमओ डॉ. पीयूष जैन, डॉ. जितेंद्र लवानिया, डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुकेश गुप्ता, डीपीएम कुलदीप भारद्वाज और डीपीओ मनोज मौर्या सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
