
यूपी में मौसम का महा-अलर्ट! 31 अक्टूबर तक आंधी-बारिश और वज्रपात का खतरा, कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
लखनऊ ✍️ राष्ट्र की परम्परा डेस्क ।उत्तर प्रदेश में मौसम करवट लेने की तैयारी में है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय बताए जा रहे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर को लेकर प्रदेश में बारिश, तेज हवाओं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार, 28 से 31 अक्टूबर के बीच प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बिगड़ सकता है। कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना के बीच लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बारिश के चलते अधिकतम तापमान में भी करीब 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान जताया गया है।
मौसम विभाग की ओर से जारी बताए गए पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 से 30 अक्टूबर के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश के साथ झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और कुछ स्थानों पर 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है। ऐसे में पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और खुले स्थानों पर नुकसान का खतरा बढ़ सकता है।
पूर्वी यूपी से पश्चिमी यूपी तक मौसम का असर
28 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना है। 29 अक्टूबर को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश, दोनों क्षेत्रों में बारिश का दायरा बढ़ सकता है। वहीं, 30 अक्टूबर को भी आंधी और बारिश के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। कुछ इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने की सूचना है। 31 अक्टूबर तक मौसम के प्रभाव को देखते हुए लोगों को स्थानीय पूर्वानुमान और प्रशासन की ताजा एडवाइजरी पर नजर रखने की जरूरत है।
इन जिलों में भारी बारिश की आशंका
प्राप्त मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, प्रतापगढ़, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ और बलिया में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
इसके अलावा चित्रकूट, कौशांबी, देवरिया, गोरखपुर, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, बांदा, संतकबीरनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, हमीरपुर, महोबा और ललितपुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना बताई गई है। जिलावार चेतावनी में बदलाव संभव है, इसलिए संबंधित जिले का नवीनतम मौसम बुलेटिन जरूर देखें।
आंधी और बिजली के दौरान बरतें सावधानी
मौसम खराब होने पर लापरवाही भारी पड़ सकती है। राहत एवं आपदा प्रबंधन से जुड़ी सलाह के अनुसार, लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। आंधी के दौरान किसी मजबूत और सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। पेड़ों, बिजली के खंभों, होर्डिंग और कमजोर निर्माणों के नीचे खड़े न हों। बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदान, खेत, तालाब और अन्य जलाशयों के आसपास जाने से बचें।
यदि आप वाहन से यात्रा कर रहे हैं और तेज आंधी या बारिश शुरू हो जाए, तो सुरक्षित स्थान पर रुकें। जलभराव वाली सड़कों पर वाहन ले जाने से बचें और बिजली के टूटे तारों से दूरी बनाए रखें। बच्चों और बुजुर्गों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
किसानों के लिए भी जरूरी चेतावनी
संभावित बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए किसानों को अपनी तैयार फसलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मौसम विभाग और प्रादेशिक मौसम केंद्र, लखनऊ के मौसम संदेश के मद्देनजर तैयार धान की फसल की कटाई अगले एक से दो दिनों में पूरी करने की अपील की गई है, ताकि अतिवृष्टि और तेज हवाओं से फसल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
किसान कटी हुई फसल को खुले खेतों में छोड़ने से बचें और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार उसे सुरक्षित स्थान पर रखें। कृषि उपज, मंडी में रखे अनाज और खेतों में तैयार फसलों की सुरक्षा के लिए स्थानीय कृषि अधिकारियों की सलाह भी लें।
प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें, आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें
मौसम में अचानक बदलाव के दौरान सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट संदेशों से भ्रमित न हों। मौसम विभाग, जिला प्रशासन और राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी ताजा चेतावनियों को प्राथमिकता दें। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी है जहां भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की आशंका जताई गई है।
प्रदेश में मौसम का यह बदलाव किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों के लिए चुनौती बन सकता है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक मौसम की जानकारी लेते रहें और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें।
