मिर्गी का नाटक कर कैदियों ने किया हमला, 17 फरार; 13 गिरफ्तार, 9 जेल अधिकारी निलंबित

थेनी 🖋️ राष्ट्र की परम्परा डेस्क तमिलनाडु के थेनी जिला जेल से कैदियों के फरार होने की घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कथित तौर पर मिर्गी का दौरा पड़ने का नाटक कर कैदियों ने जेलकर्मियों को अपने पास बुलाया और फिर उन पर हमला कर दिया। इसके बाद 17 कैदियों के फरार होने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की और फरार हुए 17 कैदियों में से 13 को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, सुरक्षा में कथित चूक को लेकर जेल विभाग के नौ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
मदद के बहाने बुलाया, फिर जेलकर्मियों पर हमला
मिली जानकारी के अनुसार, थेनी जिला जेल में कैदियों ने कथित तौर पर ऐसी चाल चली, जिसने जेल की सुरक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला दिया। बताया जा रहा है कि कुछ कैदियों ने मिर्गी का दौरा पड़ने का नाटक किया। उनकी हालत बिगड़ने की आशंका में जेलकर्मी मदद के लिए पहुंचे, लेकिन इसी दौरान कैदियों ने उन पर हमला कर दिया। इस घटनाक्रम के बीच 17 कैदियों के जेल से भागने की बात सामने आई।
13 कैदी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और संबंधित अधिकारियों ने फरार कैदियों की तलाश शुरू की। कार्रवाई के दौरान 17 में से 13 कैदियों को गिरफ्तार कर लिया गया। शेष चार कैदियों की गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस की कार्रवाई के साथ ही जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
नौ जेल अधिकारियों पर गिरी गाज
कैदियों के फरार होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल विभाग ने नौ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जेल की सुरक्षा में कथित लापरवाही के मद्देनजर की गई है। हालांकि, घटना में किस स्तर पर चूक हुई और कैदियों ने सुरक्षा व्यवस्था को कैसे भेदा, इसकी विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जेलों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
जेलों को अपराधियों को सुरक्षित हिरासत में रखने और कानून के मुताबिक सजा या न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। ऐसे में एक साथ 17 कैदियों का फरार होना सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस घटना ने यह भी उजागर किया है कि आपात स्थिति में जेलकर्मियों की प्रतिक्रिया और सुरक्षा प्रोटोकॉल कितने अहम हैं।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि फरार हुए बाकी कैदियों को कब तक पकड़ा जाता है और जांच में सुरक्षा संबंधी किन खामियों का खुलासा होता है। फिलहाल, इस घटना ने तमिलनाडु के जेल प्रशासन के सामने जवाबदेही और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की चुनौती खड़ी कर दी है।
(राष्ट्र की परम्परा — निष्पक्ष, निर्भीक और जनहित में समर्पित पत्रकारिता)
