
बिहार MLC चुनाव में पटना से छपरा तक बवाल! बांकीपुर में CCTV और दस्तावेजों पर हंगामा, नीरज कुमार आगे; तिरहुत में NDA की बढ़त

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना के बीच मंगलवार को कई जगहों पर सियासी पारा चढ़ा रहा। पटना के बांकीपुर मतगणना केंद्र के बाहर CCTV कैमरे लगाने की मांग, कागजों से भरे बैग को लेकर विवाद और वोट चोरी के आरोपों ने माहौल गरमा दिया। वहीं, शुरुआती रुझानों में पटना स्नातक सीट पर जदयू के नीरज कुमार और तिरहुत शिक्षक सीट पर भाजपा समर्थित एनडीए प्रत्याशी नरेंद्र प्रसाद सिंह बढ़त बनाते नजर आए। दूसरी ओर, कोसी स्नातक सीट पर भाजपा के डॉ. एनके यादव आगे बताए गए। हालांकि, शुरुआती आंकड़ों को अंतिम नतीजा नहीं माना जा सकता।
पटना के बांकीपुर बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित मतगणना केंद्र के बाहर उस समय तनाव बढ़ गया, जब कागजों से भरा बैग लेकर जा रहे दो सरकारी कर्मचारियों को कुछ कार्यकर्ताओं ने घेर लिया। कार्यकर्ताओं ने बैग में रखे दस्तावेज दिखाने की मांग की। इस दौरान सड़क पर कुछ कागजात बिखर गए, जिन्हें पुलिस ने एकत्र करना शुरू किया। घटना के बाद केंद्र के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मतगणना में पारदर्शिता की मांग को लेकर राजद समर्थकों ने केंद्र के बाहर CCTV कैमरे लगाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि पूरी प्रक्रिया पर निगरानी जरूरी है। वहीं, नवल किशोर यादव के समर्थकों ने कहा कि सरकार और प्रशासन नियमानुसार काम कर रहे हैं। इस मुद्दे पर भाजपा और राजद समर्थकों के बीच तीखी बहस हुई। प्रदर्शन के दौरान कुछ समर्थकों ने प्रशासन और सरकार पर वोट चोरी के आरोप भी लगाए, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हंगामे की सूचना पर वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। सिटी एसपी ने अनाउंसमेंट कर लोगों को मतगणना केंद्र के बाहर अनावश्यक भीड़ नहीं लगाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए केंद्र के आसपास 200 मीटर के दायरे से समर्थकों को हटाया। इस बीच SDPO कामख्या नारायण भी समर्थकों को समझाते नजर आए। राजद प्रत्याशी डॉ. संजीव मौके पर पहुंचे तो चुनावी माहौल और गरमा गया।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के शुरुआती रुझानों में जदयू के नीरज कुमार बढ़त बनाए हुए थे। उपलब्ध शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, नीरज कुमार को 2,708 वोट, राजद के दिलीप पटेल को 1,811 वोट और जन सुराज के अनुज सिंह को 671 वोट मिले। इस हिसाब से नीरज कुमार अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से करीब 900 मतों से आगे बताए गए। नीरज कुमार ने भी मतगणना के दौरान अपनी जीत का दावा किया, लेकिन आधिकारिक घोषणा से पहले इसे अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता।
इसी बीच जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह के समर्थन में सक्रिय रहे अनंत सिंह के आवास पर जश्न जैसी तैयारियां दिखाई दीं। उनके घर पर पंडाल तैयार किया गया और समर्थकों के बीच रसगुल्ले तथा गुलाब जामुन बांटे जाने की खबर सामने आई। अनंत सिंह ने चुनाव प्रचार के दौरान अनुज सिंह के पक्ष में रोड शो किए थे और उनकी जीत का भरोसा जताया था। हालांकि, मिठाइयों का वितरण अपने आप में चुनावी जीत की आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी मुकाबला रोचक बना हुआ था। शुरुआती रुझानों में भाजपा समर्थित एनडीए प्रत्याशी और पूर्व विधान पार्षद डॉ. नरेंद्र प्रसाद सिंह बढ़त बनाए हुए थे। एक शुरुआती आंकड़े में उन्हें 1,789 वोट मिले, जबकि संजय कुमार सिंह को 1,657 और भूषण कुमार झा को 1,561 वोट मिले। आगे की मतगणना से प्राप्त जानकारी में नरेंद्र प्रसाद सिंह को 2,331 वोट, भूषण झा को 2,015 और महागठबंधन समर्थित सीपीआई प्रत्याशी संजय सिंह को 1,952 वोट मिलने की बात सामने आई। बाद के रुझानों में नरेंद्र प्रसाद सिंह और भूषण झा के बीच अंतर 594 वोट बताया गया। अलग-अलग चरणों के आंकड़ों में बदलाव संभव है; अंतिम स्थिति निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा से ही स्पष्ट होगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने नरेंद्र प्रसाद सिंह को बधाई दी।
कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पहले राउंड की गिनती के बाद भाजपा के डॉ. एनके यादव 2,493 वोटों के साथ आगे बताए गए। राजद के नीतेश कुमार को 1,769 और जन सुराज के रजनीश रंजन को 1,534 वोट मिले। पूर्णिया से मिली जानकारी के अनुसार, मतगणना के दौरान मतपेटियों से मतपत्र निकालने और उनके बंडल तैयार करने की प्रक्रिया भी जारी रही।
उधर, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान छपरा स्थित केंद्र पर भी विवाद की खबर सामने आई। वहां मौजूद लोगों ने एनडीए प्रत्याशी के बॉडीगार्ड पर मोबाइल देने का आरोप लगाया। विवाद बढ़ने के बाद बॉडीगार्ड को वहां से ले जाया गया। जिलाधिकारी और एसएसपी मामले पर नजर बनाए रहे। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
दरभंगा में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर भी दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। यहां कुल 53 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है। शिक्षक सीट पर कांग्रेस के डॉ. मदन मोहन झा, जदयू के डॉ. घनश्याम राय, जन सुराज के डॉ. सुरेश प्रसाद राय और राजद के कुंवर राउत मैदान में हैं। वहीं तिरहुत क्षेत्र में चार जिलों की निगाहें चुनावी नतीजों पर टिकी हुई हैं। मतगणना के प्रत्येक चरण के साथ समीकरण बदलने की संभावना बनी हुई है।
बिहार विधान परिषद की इन सीटों पर मतगणना के बीच पटना से छपरा तक सुरक्षा, पारदर्शिता और चुनावी दावों को लेकर हलचल बनी रही। कहीं CCTV की मांग उठी, कहीं दस्तावेजों से भरे बैग पर सवाल खड़े हुए तो कहीं प्रत्याशियों के समर्थक जीत की उम्मीद में जश्न की तैयारी करते दिखे। फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि शुरुआती बढ़त को कौन अंत तक बरकरार रख पाता है। अंतिम नतीजों के लिए निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना जरूरी है।
