
आगरा में एक्शन मोड में DM मनीष बंसल: बाजरे की पैदावार से लेकर जनगणना और चुनावी तैयारियों तक, तीन मोर्चों पर परखा प्रशासन
आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। आगरा में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने सोमवार को प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए कृषि, निर्वाचन और जनगणना से जुड़े कार्यों का निरीक्षण किया। ग्राम दिगनेर में बाजरे की क्रॉप कटिंग कराकर फसल उत्पादन का आकलन किया, बरौली अहीर में विधान परिषद निर्वाचन के मतदेय स्थलों की तैयारियां जांचीं और जनगणना-2027 के प्रशिक्षण कार्यक्रम की गुणवत्ता परखी। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पारदर्शिता, आंकड़ों की शुद्धता और निर्धारित समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने तहसील सदर के ग्राम दिगनेर में खेत पर पहुंचकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बाजरे की फसल की क्रॉप कटिंग कराई। कटाई के बाद उपज का वजन कराकर प्रति हेक्टेयर उत्पादकता का आकलन किया गया। क्रॉप कटिंग के माध्यम से फसल उत्पादन के वास्तविक आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया का स्थलीय सत्यापन किया जाता है, जिससे कृषि उत्पादन का आकलन करने में मदद मिलती है।
इस दौरान जिलाधिकारी ने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्रॉप कटिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप और पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाए। प्राप्त आंकड़ों को समय से ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाए, ताकि कृषि उत्पादन संबंधी सूचनाओं का संकलन सही तरीके से हो सके। उन्होंने किसानों को उन्नत बीज, खाद और कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
इसके बाद जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के तहत कार्यालय क्षेत्र पंचायत बरौली अहीर स्थित शिक्षक मतदेय स्थल संख्या 15 और स्नातक मतदेय स्थल संख्या 33 का निरीक्षण किया। उन्होंने मतदान केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए पेयजल, बिजली, प्रकाश और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मतदान स्थलों पर निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए। मतदान की गोपनीयता बनाए रखने, निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करने और निर्वाचन संबंधी जिम्मेदारियों का पूरी सतर्कता से निर्वहन करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। संबंधित अधिकारियों को मतदान से पहले व्यवस्थाओं का सत्यापन पूरा करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि मतदान के दौरान मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
जिलाधिकारी ने भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने तहसील सदर की ओर से ज्ञान भारती कॉलेज ऑफ एजुकेशन, रजरई मार्ग, बरौली अहीर में आयोजित प्रगणक एवं पर्यवेक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। प्रशिक्षण ले रहे कार्मिकों से संवाद कर उन्होंने प्रशिक्षण की प्रगति और दी जा रही जानकारियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को जनगणना की प्रक्रिया, कार्यप्रणाली और उनकी जिम्मेदारियों की स्पष्ट जानकारी दी जाए। प्रशिक्षण को व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाया जाए, ताकि घर-घर जाकर सूचनाएं एकत्र करने के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि न हो। प्रशिक्षण के समय प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान करने तथा प्रत्येक स्तर पर सूचनाओं की शुद्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है। इससे प्राप्त आंकड़े जनसंख्या, परिवारों और सामाजिक-आर्थिक स्थिति को समझने के साथ विकास योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के नियोजन और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने में सहायक होते हैं। इसलिए जनगणना कार्य में लगे सभी कार्मिक प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पूरी जिम्मेदारी से पालन करें।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में स्व-गणना की अवधि 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक रखी गई है। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का कार्य किया जाना निर्धारित है। इस दौरान निर्धारित प्रश्नावली के माध्यम से परिवारों और व्यक्तियों से आवश्यक जानकारियां एकत्र की जाएंगी। स्व-गणना की सुविधा के तहत नागरिक स्वयं भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
तीनों निरीक्षणों के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यवाही, नियमित निगरानी और आंकड़ों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला जनगणना अधिकारी संदीप कुमार वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर विक्रम राघव, नायब तहसीलदार प्रियंका चौधरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य संदेश: कृषि उत्पादन के सही आंकड़े, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित मतदान और त्रुटिरहित जनगणना—इन तीनों कार्यों की गुणवत्ता सीधे तौर पर सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़ी है। ऐसे में प्रशासन की निगरानी और संबंधित कार्मिकों की जवाबदेही महत्वपूर्ण है।
