गरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियों के बीच गन्ना किसानों को प्राथमिक कैलेंडर का वितरण शुरू हो गया है। गोरखपुर गन्ना परिक्षेत्र में अब तक 1,706 राजस्व ग्रामों में प्राथमिक कैलेंडर वितरित किया जा चुका है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कैलेंडर में दर्ज गन्ना क्षेत्रफल का अपने अभिलेखों से मिलान कर लें और किसी तरह की त्रुटि होने पर निर्धारित अवधि में उसे दुरुस्त करा लें।उप गन्ना आयुक्त, गोरखपुर परिक्षेत्र राजीव राय ने बताया कि परिक्षेत्र में 17 गन्ना समितियां हैं, जिनके अंतर्गत 4,181 राजस्व गन्ना ग्राम आते हैं। इनमें 2,882 ग्रामों का प्राथमिक कैलेंडर प्रिंट हो चुका है, जबकि 1,706 ग्रामों में इसका वितरण किया जा चुका है। यह कुल राजस्व ग्रामों का 40.80 प्रतिशत है।जनपद गोरखपुर में चार गन्ना समितियों के 351 राजस्व ग्राम हैं। सभी 351 ग्रामों का प्राथमिक कैलेंडर प्रिंट होने के साथ वितरण भी पूरा हो चुका है। यहां समिति स्तरीय सट्टा प्रदर्शन मेला 16 से 23 सितंबर तक प्रस्तावित है।बस्ती में आठ गन्ना समितियों के 3,326 राजस्व ग्राम हैं। इनमें 2,058 ग्रामों का प्राथमिक कैलेंडर प्रिंट हो चुका है और 899 ग्रामों में वितरण किया जा चुका है। यहां वितरण की प्रगति 27.03 प्रतिशत है। समिति स्तरीय सट्टा प्रदर्शन मेला 21 से 27 सितंबर तक प्रस्तावित है।महराजगंज में चार समितियों के 417 राजस्व ग्राम हैं। सभी ग्रामों का प्राथमिक कैलेंडर प्रिंट और वितरित किया जा चुका है। यहां सट्टा प्रदर्शन मेला 20 से 27 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा।वहीं सिद्धार्थनगर में एक गन्ना समिति के 87 राजस्व ग्राम हैं। इनमें 56 ग्रामों का प्राथमिक कैलेंडर प्रिंट हो चुका है और 39 ग्रामों में वितरण किया गया है। यहां वितरण की प्रगति 44.83 प्रतिशत है। समिति स्तरीय सट्टा प्रदर्शन मेला 16 से 22 सितंबर तक प्रस्तावित है।उप गन्ना आयुक्त ने बताया कि सट्टा प्रदर्शन मेले के दौरान किसानों से प्राप्त सभी आपत्तियों का शत-प्रतिशत निस्तारण कराया जाएगा। किसानों को अपने गन्ना क्षेत्रफल का प्राथमिक कैलेंडर से मिलान करने और त्रुटि मिलने पर आवश्यक अभिलेखों के साथ समिति स्तरीय मेले में उसे ठीक कराने की सलाह दी गई है।
उन्होंने बताया कि अंतिम कैलेंडर चीनी मिल के संचालन से करीब एक सप्ताह पहले जारी किया जाएगा। जिला गन्ना अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्राथमिक कैलेंडर समय से किसानों तक पहुंचाने के साथ आपत्तियों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि पेराई सत्र 2026-27 का संचालन सुचारू और व्यवस्थित ढंग से हो सके।