नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने अपनी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और उम्मीदवारों के लिए सुविधा सुनिश्चित करने के लिए कई बड़े सुधार लागू किए हैं। अब SSC परीक्षा देने वाले उम्मीदवार परीक्षा समाप्त होने के बाद अपने प्रश्नपत्र, उत्तर और सही उत्तर ऑनलाइन देख सकेंगे। इस कदम से उम्मीदवार उत्तर कुंजी को प्रमाण के साथ चुनौती दे सकेंगे और भविष्य के अध्ययन के लिए प्रतियां रख सकेंगे।

SSC का उद्देश्य: पारदर्शिता और निष्पक्षता

कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अनुसार यह कदम परीक्षा निष्पक्षता और उम्मीदवारों के हित में संतुलन बनाने के लिए है। आयोग आने वाले महीनों में कई परीक्षाएं आयोजित करने की तैयारी कर रहा है।

बहु-पाली परीक्षाओं में प्रश्नपत्र जारी करने पर रोक रहेगी ताकि बाद के सत्रों की गोपनीयता बनी रहे।

उम्मीदवारों को भविष्य में अपनी तैयारी के लिए प्रमाणिक अध्ययन सामग्री मिलेगी।

नए सुधार और सुविधा उपाय

  1. प्रश्नपत्र और उत्तर की उपलब्धता – उम्मीदवार परीक्षा समाप्ति के बाद अपने उत्तर और सही उत्तर ऑनलाइन देख सकेंगे।
  2. परीक्षण शुल्क में कटौती – उत्तर पर आपत्ति करने के लिए शुल्क 100 रुपये से घटाकर 50 रुपये कर दिया गया।
  3. पूर्व प्रश्नपत्र प्रकाशित – SSC नियमित अंतराल पर चुनिंदा पूर्व प्रश्नपत्र आधिकारिक नमूना सेट के रूप में जारी करेगा।
  4. ऑनलाइन शिकायत पोर्टल – उम्मीदवार अब SSC की टोल-फ्री हेल्पलाइन (1800-309-3063) के साथ ऑनलाइन फीडबैक पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं।

इक्वी-पर्सेंटाइल व्यवस्था का परिचय

नीति आयोग की सिफारिश पर SSC ने इक्वी-पर्सेंटाइल प्रणाली को लागू किया है। यह प्रणाली उम्मीदवारों को उनके अंकों के प्रतिशत के आधार पर तुलना करने में मदद करेगी, जिससे परीक्षा की कठिनाई स्तर में अंतर के कारण होने वाले लाभ या हानि को रोका जा सकेगा।

सुरक्षा और गोपनीयता

SSC ने अपने प्रश्नपत्रों को डिजिटल वॉल्ट के माध्यम से सुरक्षित किया है। इसके अलावा, हैकिंग और अन्य दुरुपयोग को रोकने के लिए विशेष आईटी एजेंसियों को शामिल किया गया है।

SSC सुधार से उम्मीदवारों को लाभ

एसएससी की यह नई पहल उम्मीदवारों के लिए अधिक पारदर्शिता, सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करेगी। इन बदलावों से उम्मीदवारों को विश्वास मिलेगा कि उनकी मेहनत निष्पक्ष तरीके से आंकी जाएगी।