Sunday, April 26, 2026
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न्याय को जन-जन तक पहुंचाने का मिशन तेज, मऊ में बड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

पराविधिक स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण से न्याय व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती: संजय कुमार यादव


मऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने की दिशा में पराविधिक स्वयंसेवकों की भूमिका बेहद अहम है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए 22 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ द्वारा संवर्धन योजना के अंतर्गत क्लस्टर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ श्री संजय कुमार यादव द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
कार्यक्रम में पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण श्री चन्द्रगुप्त, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, अपर जनपद न्यायाधीश एफटीसी श्री दीप नारायण तिवारी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती साक्षी सिंह तथा पुलिस अधीक्षक मऊ श्री कमलेश बहादुर सिंह सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विभिन्न जनपदों एवं मऊ जिले के उत्कृष्ट कार्य करने वाले पराविधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी) एवं अधिकार मित्रों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके कार्यों की सराहना था, बल्कि अन्य स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बना।
माननीय जनपद न्यायाधीश श्री संजय कुमार यादव ने अपने संबोधन में कहा कि पराविधिक स्वयंसेवक न्याय प्रणाली और आम जनता के बीच सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों तक विधिक सहायता पहुंचाना इनका मुख्य दायित्व है। यदि ये स्वयंसेवक लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हैं, तो न्याय व्यवस्था और अधिक सशक्त हो सकती है।
पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश बहादुर सिंह ने कहा कि पराविधिक स्वयंसेवकों से केवल कानून की जानकारी फैलाने की ही अपेक्षा नहीं है, बल्कि वे छोटे-छोटे विवादों को आपसी समझदारी और संवाद के माध्यम से सुलझाने में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। इससे न्यायालयों पर भार कम होगा और समाज में सौहार्द बढ़ेगा।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ श्रीमती साक्षी सिंह ने नालसा की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से नालसा साथी योजना, वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित योजनाएं तथा मानव तस्करी और व्यावसायिक यौन शोषण के पीड़ितों के लिए उपलब्ध सहायता योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को न्याय दिलाना और उन्हें सशक्त बनाना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में देवरिया, महाराजगंज, कुशीनगर और बलिया जिलों के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिवों ने भी भाग लिया और पराविधिक स्वयंसेवकों को विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इससे प्रतिभागियों को व्यापक अनुभव और ज्ञान प्राप्त हुआ।
इसके अतिरिक्त जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. श्वेता त्रिपाठी, सहायक श्रमायुक्त श्री प्रभात कुमार सिंह और समाज कल्याण अधिकारी श्री अनुज कुमार ने भी शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना सभी का सामूहिक दायित्व है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल पराविधिक स्वयंसेवकों के कौशल को विकसित करने का माध्यम बना, बल्कि उन्हें समाज में न्याय और अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित भी किया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को विधिक जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाएंगे।

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