संजना साहनी ने मारी बाजी, अंकित और मधु भी चमके

संत कबीर नगर (✍️ राष्ट्र की परम्परा)। नशे की बढ़ती प्रवृत्ति युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में नशे से दूरी बनाने और समाज को जागरूक करने का संदेश लेकर प्रभादेवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खलीलाबाद में ‘नशामुक्त भारत, विकसित भारत’ विषय पर पड़ोस युवा सांसद कार्यक्रम आयोजित किया गया। युवाओं ने अपने विचारों के माध्यम से नशामुक्त समाज बनाने और देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम में संजना साहनी ने प्रथम स्थान हासिल कर बाजी मारी, जबकि अंकित सिंह दूसरे और मधु तीसरे स्थान पर रहीं।

युवा एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के माय भारत तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में दर्जनों प्रतिभागियों ने नशे के दुष्प्रभावों और इसके सामाजिक परिणामों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि देश के विकास की मजबूत नींव स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त युवा ही रख सकते हैं।

प्रतियोगिता में बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा संजना साहनी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विधि संकाय के अंकित सिंह द्वितीय तथा शिक्षक प्रशिक्षण विभाग की मधु तृतीय स्थान पर रहीं। प्रतिभागियों ने अपने वक्तव्यों के माध्यम से नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान को रेखांकित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि बच्चों और युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति चिंताजनक है। धूम्रपान, शराब और अन्य नशीले पदार्थ न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि व्यक्ति की क्षमताओं और उसके परिवार के भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। उन्होंने शिक्षकों और युवाओं से स्वयं नशामुक्त रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की।

मुख्य अतिथि क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी रितेश कुमार वर्मा ने कहा कि नशा व्यक्ति के जीवन को विनाश की ओर ले जाता है। युवाओं को इससे दूर रहकर अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों, शिक्षा, खेल और राष्ट्र निर्माण में लगानी चाहिए। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ते हुए युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

विशिष्ट अतिथि शिव शंकर चतुर्वेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कौशलेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि नशा व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित करता है। नशामुक्त भारत का संकल्प केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य से भी जुड़ा है। उन्होंने युवाओं से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमरनाथ पांडेय ने किया, जबकि सुनीता गौतम ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती सीमा पांडेय एवं श्रीमती सुनीता गौतम सहित रितेश त्रिपाठी, नागेंद्र सिंह, विनोद मिश्रा, प्रेमनाथ विश्वकर्मा, शक्ति उपाध्याय, श्रीकृष्ण पांडेय, शालिनी मिश्रा, पूनम उपाध्याय, संतोष गौड़, शनि गौतम, ममता शुक्ला, माया, जिज्ञासा पांडेय, प्रिया श्रीवास्तव, पूनम वर्मा, मुस्कान गुप्ता, अंजली मिश्रा, शाहिदा, प्रशंसा श्रीवास्तव, श्रद्धा और आशा किरण समेत अनेक लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम ने युवाओं को यह संदेश दिया कि नशे से दूरी, जागरूकता और सकारात्मक सोच के जरिए ही स्वस्थ समाज तथा विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए जा सकते हैं।

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