Monday, May 18, 2026
HomeNewsbeatयोगी कैबिनेट के बड़े फैसले: स्वास्थ्य, मेट्रो और आरक्षण व्यवस्था में बड़ा...

योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: स्वास्थ्य, मेट्रो और आरक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव

यूपी में स्वास्थ्य क्रांति: लोहिया संस्थान बनेगा 1010 बेड का सुपर स्पेशलिटी सेंटर


प्रयागराज SRN अस्पताल विस्तार को मिली जमीन, मेट्रो परियोजनाओं को भी हरी झंडी

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, मेट्रो रेल और ग्रामीण निकायों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी देकर विकास योजनाओं को नई गति देने का फैसला किया है। राजधानी लखनऊ स्थित Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences में अत्याधुनिक 1010 बेडेड मल्टी स्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर अस्पताल, नया टीचिंग ब्लॉक और ओपीडी ब्लॉक बनाने की स्वीकृति दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 855.04 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सरकार के अनुसार, शहीद पथ स्थित संस्थान के नए परिसर में बनने वाला यह सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देगा। परियोजना के अंतर्गत 1010 बेड की सुविधा के साथ 200 सीट क्षमता वाला आधुनिक शिक्षण ब्लॉक भी विकसित किया जाएगा, जिससे चिकित्सा छात्रों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण वातावरण मिलेगा। इसके साथ ही प्रदेशभर के मरीजों को बेहतर आपातकालीन और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
इसी क्रम में Swaroop Rani Nehru Hospital के विस्तार और उच्चीकरण के लिए बड़ी राहत दी गई है। प्रयागराज मंडल के सबसे बड़े टर्शियरी स्तर के इस सरकारी अस्पताल के विस्तार हेतु 31,314 वर्गमीटर भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग को 90 वर्षों के लिए मात्र एक रुपये वार्षिक किराये पर हस्तांतरित किए जाने का निर्णय लिया गया है। यह अस्पताल वर्ष 1961 से संचालित है और यहां प्रयागराज सहित प्रतापगढ़, कौशाम्बी, फतेहपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, भदोही, बांदा और चित्रकूट तक के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। नई भूमि मिलने से अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा एवं जांच सुविधाओं का विस्तार संभव हो सकेगा।
प्रदेश सरकार ने शहरी परिवहन परियोजनाओं को भी गति देने की दिशा में अहम फैसले लिए हैं। Uttar Pradesh Metro Rail Corporation Limited को आगरा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के अंतर्गत आगरा कैंट से कालिंदी विहार कॉरिडोर में मेट्रो स्टेशन और वायडक्ट निर्माण के लिए 550 वर्गमीटर भूमि निःशुल्क हस्तांतरित किए जाने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। यह भूमि आगरा के चक अव्वल क्षेत्र में स्थित है। सरकार ने स्पष्ट किया कि यह हस्तांतरण अपवादस्वरूप होगा और भविष्य के लिए उदाहरण नहीं माना जाएगा।
इसके अलावा Lucknow Metro फेज-1बी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर, चारबाग से वसंतकुंज परियोजना को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। लगभग 5801.05 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच त्रिपक्षीय एमओयू को मंजूरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। इससे राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और मजबूत होगी।
पशुपालन एवं पशु चिकित्सा शिक्षा से जुड़े छात्रों को भी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। प्रदेश के पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता 4 हजार रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस निर्णय से लगभग 300 छात्रों को लाभ मिलेगा और सरकार पर अतिरिक्त 4.20 करोड़ रुपये का व्ययभार आएगा। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा और पशु स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता बेहतर होगी।
ग्रामीण निकायों में पिछड़ा वर्ग आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी सरकार ने अहम कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन का निर्णय लिया गया है। आयोग में पांच सदस्य होंगे, जिनमें एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश अध्यक्ष बनाए जाएंगे। आयोग पिछड़े वर्गों की सामाजिक स्थिति, प्रतिनिधित्व और आरक्षण की आवश्यकता पर अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगा। आयोग का कार्यकाल सामान्यतः छह माह का रखा जाएगा।
सरकार के इन फैसलों को स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक परिवहन नेटवर्क, चिकित्सा शिक्षा सुदृढ़ीकरण और सामाजिक प्रतिनिधित्व की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं का असर प्रदेश की स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत संरचना पर व्यापक रूप से दिखाई देने की उम्मीद है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments