राम-राम दंगल में पहलवानों का उत्साह बढ़ाने पहुंचे पूर्व मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी, देश-नेपाल के पहलवानों ने दिखाया दमखम
सिद्धार्थनगर (राष्ट्र की परम्परा)। डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र में आयोजित पारंपरिक राम-राम दंगल के दूसरे दिन कुश्ती प्रेमियों का उत्साह चरम पर रहा। उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री एवं इटवा के पूर्व विधायक डॉ. सतीश द्विवेदी मुख्य अतिथि के रूप में दंगल स्थल पर पहुंचे। उन्होंने पहलवानों से हाथ मिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया और विधिवत रूप से दूसरे दिन के कुश्ती मुकाबलों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख संघ के जिलाध्यक्ष लवकुश ओझा ने उनका स्वागत किया।
दंगल में उत्तर प्रदेश, अन्य राज्यों के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल से आए नामी पहलवानों ने भाग लिया। एक से बढ़कर एक रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस दंगल ने पारंपरिक कुश्ती संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सतीश द्विवेदी ने कहा कि कुश्ती केवल शारीरिक शक्ति का खेल नहीं है, बल्कि यह मानसिक संतुलन, रणनीति और त्वरित निर्णय क्षमता की भी परीक्षा है। पहलवान अपनी बुद्धिमत्ता और अनुभव के बल पर प्रतिद्वंद्वी पर बढ़त बनाता है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और पहचान बनाने का मजबूत मंच प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में जहां पारंपरिक खेलों का चलन कम होता जा रहा है, वहीं राम-राम दंगल जैसे आयोजन कुश्ती को नई ऊर्जा देते हैं। यह न केवल क्षेत्रीय पहलवानों के लिए संजीवनी हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को भी खेलों से जोड़ने का कार्य करते हैं। अंत में उन्होंने आयोजक मंडल, पहलवानों और क्षेत्रीय जनता को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
ब्लॉक प्रमुख संघ के जिलाध्यक्ष लवकुश ओझा ने कहा कि यह दंगल परंपरा, पराक्रम और संस्कार का प्रतीक है, जो क्षेत्रीय एकता और खेल भावना को मजबूत करेगा।
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