यूक्रेन युद्ध पर अमेरिका का दबदबा, ट्रम्प बोले- अंतिम फैसला वाशिंगटन का

यूक्रेन शांति पहल पर ट्रम्प का सख्त संदेश: ‘वाशिंगटन की मंजूरी बिना ज़ेलेंस्की के प्रस्ताव बेअसर’

वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)आगामी सप्ताहांत में संभावित उच्चस्तरीय बैठक से पहले यूक्रेन संकट को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बेहद सख्त और निर्णायक रुख अपनाया है। पॉलिटिको को दिए एक साक्षात्कार में ट्रम्प ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक वाशिंगटन समर्थन नहीं देता, तब तक यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के पास प्रभावी विकल्प नहीं हैं। ट्रम्प का यह बयान वैश्विक कूटनीति में अमेरिका की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करता है।
ट्रम्प ज़ेलेंस्की शांति पहल को लेकर ट्रम्प ने कहा, “जब तक मैं इसे मंजूरी नहीं देता, उनके पास कुछ भी नहीं है।” हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रस्तावित वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकती है। ज़ेलेंस्की के फ्लोरिडा में ट्रम्प से मिलने की संभावना है, जहां वे अपनी बहुप्रतीक्षित 20 सूत्रीय शांति योजना प्रस्तुत कर सकते हैं।

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इस योजना में विसैन्यीकृत क्षेत्र की अवधारणा और यूक्रेन के लिए अमेरिकी सुरक्षा गारंटी प्रमुख बिंदु माने जा रहे हैं। ज़ेलेंस्की पहले ही दावा कर चुके हैं कि उनकी शांति योजना लगभग 90 प्रतिशत तैयार है और अब केवल अमेरिकी समर्थन पर अंतिम सहमति बाकी है। लेकिन ट्रम्प ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रस्ताव को बिना विस्तार से देखे समर्थन नहीं दिया जाएगा।

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ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया कि वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी जल्द बातचीत करना चाहते हैं। उनका मानना है कि यूक्रेन युद्ध के समाधान के लिए दोनों पक्षों से संवाद जरूरी है। इस बीच ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर के साथ हुई बातचीत को “सकारात्मक” बताया है।
ट्रम्प की हालिया टिप्पणियों से यह स्पष्ट है कि अमेरिका इस संघर्ष में केवल सहयोगी नहीं, बल्कि निर्णायक शक्ति की भूमिका निभा रहा है। ट्रम्प ज़ेलेंस्की शांति पहल पर उनकी सख्ती आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति की दिशा तय कर सकती है।

Editor CP pandey

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