देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
संत विनोबा स्नातकोत्तर महाविद्यालय, देवरिया में सेमिनार कक्ष मे दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव का शुभारंभ प्राचार्य प्रोफेसर अर्जुन मिश्र के द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि साँस्कृतिक कार्यक्रमों को छात्रों के सर्वागीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है साँस्कृतिक गतिविधियां न केवल छात्रों के मनोबल को मजबूत बनाते है ब्लकि देश-विदेश में अपनी पहचान बनाने का अवसर भी प्रदान करते हैं। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ तूलिका पांडेय ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए रंगोली, मेहंदी, पेंटिंग, वाद विवाद, गायन एवं लोकनृत्य प्रतियोगिता के प्रारंभ होने की घोषणा की। रंगोली, पेंटिंग/पोस्टर तथा वाद-विवाद प्रतियोगिता के विषय क्रमशः “विविधता में एकता”, “आजादी का अमृत महोत्सव” एवं “सोशल मीडिया का मानव जीवन पर प्रभाव” निर्धारित की गई थी, जिसमें सभी छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। निर्णायक मंडल के सदस्यों क्रमशः प्रोफेसर वाचस्पति द्विवेदी, प्रोफेसर अरविंद कुमार, प्रोफेसर अशोक सिंह, प्रोफेसर शैलेन्द्र राव, डॉ विवेक मिश्रा, डॉ चंद्रेश बारी,डॉ ऋचा मिश्रा, डॉ रजनी तिवारी, डॉ दीप्ति पांडे एवं राजेश झुनझुनवाला ने सभी प्रतियोगिताओं का अवलोकन कर छात्रों के मनोबल को बढाया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ मंतोष मौर्य, डॉ राजकुमार गुप्ता, डॉ विद्यावती, डॉ पुनीत सिंह, डॉ प्रियंका राय, डॉ सुजीत कुमार, डॉ मनोज सिंह यादव, एवं डॉ उर्वशी पचेरिया ने किया। इनके अतिरिक्त महाविद्यालय के अन्य शिक्षक डॉ शगुफ़्ता अफरोज, डॉ निखिल कुमार, डॉ अवनीश राव, डॉ कृष्ण मुरारी गुप्त भी कार्यक्रम में शामिल रहें।
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