देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। वीरता, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण के प्रतीक महाराणा प्रताप की 486वीं जन्मजयंती देवरिया नागरी प्रचारिणी सभा के गौरवशाली तुलसी सभागार में अत्यंत गरिमामय वातावरण में मनाई गई। समारोह में समाज के विभिन्न वर्गों की प्रभावशाली सहभागिता ने आयोजन को ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित सम्मानित अतिथियों, नागरी प्रचारिणी सभा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों, अखिल भारतीय क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधियों, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से जुड़े प्रबुद्धजनों, बुद्धिजीवियों, युवाओं तथा मातृशक्ति ने महाराणा प्रताप के राष्ट्रप्रेम, अदम्य साहस और स्वाभिमान से प्रेरणा लेने का संकल्प व्यक्त किया।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल इतिहास के महान योद्धा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्र गौरव और आत्मसम्मान के जीवंत प्रतीक हैं। उनके संघर्ष, त्याग और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की भावना आज भी समाज को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देती है।
आयोजन को सफल बनाने में जुटे सभी समर्पित सहयोगियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं के प्रयासों की भी सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि सामूहिक सहयोग, संगठन क्षमता और राष्ट्रभक्ति की भावना से ही ऐसे प्रेरणादायी कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
समारोह के अंत में सभी आगंतुकों एवं सहयोगियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए राष्ट्र, समाज और संस्कृति के प्रति एकता, समर्पण और जागरूकता बनाए रखने की कामना की गई। कार्यक्रम का वातावरण पूरे समय राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक एकजुटता से ओतप्रोत बना रहा।
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