बस्ती (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के हर्रैया क्षेत्र में जनगणना प्रशिक्षण के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया। हर्रैया ब्लॉक के आरकेवीएस इंटर कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के बीच विद्यालय प्रबंधन पर शिक्षकों से अभद्रता करने का आरोप लगा, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
बताया जा रहा है कि प्रशिक्षण के लिए पहुंचे शिक्षकों को परिसर में प्रवेश को लेकर काफी देर तक रोका गया। कई शिक्षकों ने आरोप लगाया कि उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया और उन्हें परिसर से बाहर जाने के लिए कहा गया। इस दौरान शिक्षक धर्मेंद्र पाण्डेय सहित कई अन्य शिक्षकों ने खुलकर विरोध जताया।
आक्रोशित शिक्षकों ने स्कूल परिसर में ही नारेबाजी शुरू कर दी। “प्रबंधक मुर्दाबाद”, “मान्यता रद्द करो” और “बीएसए जिंदाबाद” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। मामला बढ़ने पर शिक्षकों ने हर्रैया-बभनान मार्ग पर उतरकर सड़क जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शिक्षकों का कहना है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य के प्रशिक्षण में इस तरह की अव्यवस्था बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशिक्षण केंद्र के चयन में भी लापरवाही बरती गई, जहां मूलभूत व्यवस्थाएं तक ठीक नहीं हैं।
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने साफ कहा कि जब तक संबंधित प्रबंधक सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं होती, तब तक प्रशिक्षण दोबारा शुरू नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र बदलने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी उठाई।
सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शिक्षकों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद भी शिक्षकों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वे अपनी मांगों पर अड़े रहे।
इस घटना ने जनगणना जैसे अहम कार्य में प्रशासनिक तैयारियों और प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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