Wednesday, June 10, 2026
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अहंकार त्याग से ही प्रशस्त होता है मोक्ष का मार्ग : वशिष्ठ पाण्डेय

गौनरिया बाबू में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़, भक्ति और ज्ञान के संदेश से गुंजायमान हुआ क्षेत्र

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सदर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत गौनरिया बाबू स्थित प्राचीन भगवान शिव मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। 5 जून से 13 जून तक चल रहे इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं तथा भक्ति और आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
कथा व्यास वशिष्ठ पाण्डेय अपने ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का विस्तार से वर्णन कर रहे हैं। कथा परीक्षित रीता सिंह श्रद्धापूर्वक कथा श्रवण कर रही हैं। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, धर्म और मोक्ष की ओर ले जाने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। इसके श्रवण मात्र से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा उसे आत्मिक शांति की अनुभूति होती है।
कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य के पतन का सबसे बड़ा कारण अहंकार है। जब तक व्यक्ति अहंकार, लोभ, क्रोध और मोह का त्याग नहीं करता, तब तक उसे सच्चे सुख और परम शांति की प्राप्ति नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि विनम्रता, सेवा, परोपकार और भगवान के प्रति अटूट भक्ति ही जीवन को सार्थक बनाती है। जो व्यक्ति अपने भीतर के अहंकार को समाप्त कर ईश्वर की शरण में जाता है, उसके लिए मोक्ष का मार्ग स्वतः प्रशस्त हो जाता है।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हुए बताया कि धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए भगवान समय-समय पर अवतार लेते हैं। श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के अंतर्मन को शुद्ध करता है तथा उसे सद्कर्मों के लिए प्रेरित करता है। कथा के दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर भगवान के जयकारे लगाते रहे।
कथा स्थल पर प्रतिदिन भजन-कीर्तन, संकीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं ने बताया कि कथा सुनने से उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त हो रही है।
आयोजन समिति की ओर से क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का लाभ लेने की अपील की गई है। कथा आयोजन में बेचू, महातम, प्रिंस, रामप्रसाद, अयोध्या गोसाईं, अंशुमान, आदित्य सिंह, संत शर्मा, संगीता, शिव- शक्ति, कुन्ती सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहें।

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