महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सदर ब्लॉक अंतर्गत फुलवरिया–रामनगर–सिसवा राजा मार्ग की हालत बद से बदतर होती जा रही है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, उखड़ी गिट्टियां और धंसी हुई सड़क इस मार्ग को हादसों का रास्ता बना चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब इस सड़क पर हर सफर जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।
बरसात के बाद हालात और भयावह
ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के बाद सड़क की स्थिति और भी खतरनाक हो गई है। दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं, साइकिल सवार गिरकर घायल हो रहे हैं और चारपहिया वाहन पलटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। रात के समय स्ट्रीट लाइट की कमी के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
इलाके की जीवनरेखा बनी सड़क
यह सड़क केवल गांवों को जोड़ने का मार्ग नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है। इसी रास्ते से
• स्कूली बच्चे रोजाना विद्यालय जाते हैं
• मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जाता है
• ग्रामीण बाजार और दैनिक जरूरतों के लिए आवाजाही करते हैं
ग्रामीणों का कहना है कि एंबुलेंस और आपातकालीन वाहन भी इस सड़क पर हिचकोले खाते हुए चलते हैं, जिससे मरीजों की जान पर खतरा बना रहता है।
मरम्मत को लेकर सिर्फ आश्वासन
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत के लिए कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। कोई ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में भारी नाराजगी है।
स्थानीय ग्रामीण विपिन सिंह, घनश्याम सिंह, सत्येंद्र पटेल, सर्वेश पटेल और रामनरेश यादव सहित अन्य लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे रही है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा? क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि
• तत्काल गड्ढों को भरा जाए
• सड़क की मरम्मत कराई जाए
• स्थायी समाधान किया जाए
ताकि आमजन को राहत मिल सके और हर सफर सुरक्षित बन सके।
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