नाले से आ रही भयंकर दुर्गंध से लोगो का चलना हुआ दुर्भर

मच्छरों का लगा अंबार
दे रहा भयंकर बीमारी को दावत

भागलपुर/ देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
भागलपुर में करोड़ों रुपए की लागत से बना हुआ या नाला बीमारियों का जड़ बनता जा रहा है। आखिर कब मिलेगी इससे निजात।
भागलपुर ब्लॉक में बरसों से जल निकासी के लिए प्रयासरत गांव वालों को किसी तरह मंत्रियों द्वारा नाला बनाना प्रस्तावित किया गया। लेकिन लेकिन जल निकासी का कोई स्थाई उपाय नहीं किया गया,आखिर कब इन समस्याओं से ग्रामीणों को निजात मिलेगा? जिला पंचायत सदस्य के प्रयासों से पास करवाया गया था नाला जिसका निर्माण
जैसे तैसे नाले को बनाकर ठेकेदार ने किनारा कर लिया। ठेकेदार व उच्च अधिकारियों को पहले भी कई बार सूचना दिया गया कि, यह किस मानक के तहत बन रहा है, किस तरह बन रहा है। इस प्रकार से बने नाले से पानी नहीं निकलेगा लेकिन उन लोगों ने ध्यान नहीं दिया और आज उसका खामियाजा ग्रामीणों व राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। नाला ठीक से न ढके होने के कारण मच्छरों का अंबार लगा हुआ है, कीटाणुओं का अंबार लगा हुआ है। नाले का पानी मुख्य नाले से न बहने के कारण गंदगी से भरा पड़ा है। नाले से दुर्गंध आ रही है। नाले के पास रिहायशी घरों में रहने वाले परेशान हैं। यदि यह नाला मानक के अनुरूप बना होता तो इस नाले में पानी इकट्ठा नहीं होता। पानी इकट्ठा होने और सही निकास नही होने से नाले का पानी लोगों के खेतों और सड़कों पर बह रहा है । जगह जगह नाले में कूड़ा कचड़ा भरा है।यह नाला भागलपुर मुख्य मार्ग से हॉस्पिटल होते हुए सब्जी मंडी बाजार तक बना हुआ है। इस नाले में कूड़ा कचरा भरा हुआ है, गंदगी का अंबार है। लोगों ने इसकी काफी शिकायतें की पर उस पर कोई ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है । समाज के ठेकेदार अपने आप को समाज सेवी कहते हैं। लेकिन जनसमस्याओं को लेकर दुसरे के कंधों पर धनुष रख तीर चलाने वाले हैं। वर्षों से बन्द जल जीवन मिशन की पानी की टंकी आज तक चालू नहीं हुई। अगर वो चलता तो पानी निकासी और कठिन होता। आज नाले का पानी बरसात ना होने पर भी लोगों के खेतों में ओवरफ्लो होकर बह रहा है। नाले का पानी इकट्ठा होने के कारण गांव के कुछ बस्तियों से जो नाला मुख्य नाले में मिल रहा है ।उन बस्तियों के नाले भी ओवरफ्लो हो रहा है । मच्छर और गंदगी का अंबार इतना है कि लोग बीमारी के भय से परेशान हैं। कुछ लोग इसी नाले के पानी से खेतों की सिंचाई करना शुरू कर दिया है। इसी नाले के पानी से कुछ लोग सब्जियां उगा रहे हैं, तो कुछ लोग धान की खेती कर रहे हैं। बरसात होने पर और भी भयावह स्थिति हो जाएगी लोगों का आना जाना दुर्लभ हो जाएगा।

rkpnews@somnath

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