महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। लगातार हो रही बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। नेपाल व आस-पास के इलाकों में हो रही तेज वर्षा के चलते महाव नाले का जलस्तर शुक्रवार सुबह अचानक बढ़ गया। दबाव बढ़ते ही नाले का पूर्वी तटबंध देवघट्टी गांव के सामने करीब 10 मीटर लंबा हिस्सा टूट गया। कुछ ही घंटों में पानी खेतों में घुस
गया। सैकड़ों एकड़ में खड़ी धान की फसल डूबकर बर्बाद हो गई।
स्थानीय किसानों रामनाथ साहनी, जयहिंद वर्मा, पारस यादव, रामसमुझ और अवधेश का कहना है कि महाव नाले की सिल्ट सफाई और तटबंध मरम्मत हर साल केवल कागजों में होती है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद तटबंध पहली बरसात में ही दम तोड़ देता है। किसानों का आरोप है कि जिम्मेदार विभाग सिर्फ फाइलों में काम दिखाकर खानापूर्ति करता है, जबकि असलियत में तटबंध जर्जर हाल में ही छोड़ दिए जाते हैं।
किसानों ने बताया कि महंगाई के दौर में बड़ी मुश्किल से धान की रोपाई पूरी की गई थी। फसल अब बढ़वार पर थी, तभी जल-भराव ने सारी मेहनत चौपट कर दी। देवघट्टी, हरखपुरा, हरपुर, अमहवा और नरायनपुर समेत कई गांवों के खेतों में पानी भर चुका है। यदि पानी लंबे समय तक रुका रहा तो पूरी फसल बर्बाद हो जायेगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तटबंध की मरम्मत कराने और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही सिल्ट सफाई व मरम्मत कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी उठाई है, ताकि हर साल किसानों को इस तरह की बर्बादी का सामना न करना पड़े।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे उप जिलाधिकारी और नायब तहसीलदार स्थिति का जायजा लेकर तटबंध की मरम्मत कार्य में जुट गए हैं।
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