मां भी, अधिकारी भी: तहसीलदार अलका सिंह ने पेश की जिम्मेदारी की अनोखी मिसाल
सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)सलेमपुर। प्रशासनिक जिम्मेदारियों और मातृत्व के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता, लेकिन सलेमपुर की तहसीलदार अलका सिंह इस भूमिका को बेहद संवेदनशीलता और समर्पण के साथ निभा रही हैं। कुशीनगर जनपद की रहने वाली अलका सिंह जहां एक ओर तहसील में आने वाले फरियादियों की समस्याओं का समाधान करती हैं, वहीं दूसरी ओर अपनी साढ़े तीन वर्षीय बेटी अनन्या की देखभाल की जिम्मेदारी भी पूरी आत्मीयता से निभा रही हैं।
शनिवार को तहसील सभागार में आयोजित लोक अदालत के चलते पूरा दिन व्यस्तताओं से भरा रहा। दोपहर तक लगातार मामलों की सुनवाई करने के बाद भी तहसीलदार अलका सिंह अपने कार्यालय में बैठकर फरियादियों की समस्याएं सुन रही थीं। इसी दौरान स्कूल से लौटने के बाद मां को खोजती छोटी अनन्या हाथ में किताब और कॉपी लेकर सीधे तहसील कार्यालय पहुंच गई।
कार्यालय में मौजूद लोगों की नजर तब उस भावुक दृश्य पर टिक गई, जब अलका सिंह ने अपनी बेटी को पास बुलाकर बैठाया और फरियाद सुनते-सुनते उसे पढ़ाई करने के लिए कहा। मां की आवाज सुनते ही अनन्या मुस्कुराते हुए बगल में बैठ गई और अपनी किताब खोलकर पढ़ने लगी।
तहसील कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और फरियादियों ने इस दृश्य को जिम्मेदार मां और संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी के सुंदर संगम के रूप में देखा। लोगों का कहना था कि प्रशासनिक दबाव और व्यस्तताओं के बीच जिस तरह अलका सिंह अपनी बेटी के प्रति जिम्मेदारी निभा रही हैं, वह समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
