भारत की सुरसम्राज्ञी आशा भोसले का अवसान: एक युग का अंत, एक अमर धरोहर की शुरुआत
“सुरों की रानी चली गईं: आशा भोसले के साथ खत्म हुआ एक स्वर्णिम युग” Rkpnews गोंदिया/मुंबई। भारतीय संगीत जगत के लिए 12 अप्रैल 2026 का दिन गहरे शोक और ऐतिहासिक…
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“सुरों की रानी चली गईं: आशा भोसले के साथ खत्म हुआ एक स्वर्णिम युग” Rkpnews गोंदिया/मुंबई। भारतीय संगीत जगत के लिए 12 अप्रैल 2026 का दिन गहरे शोक और ऐतिहासिक…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आधुनिक युग में जहां भौतिक प्रगति तेजी से हो रही है, वहीं मानसिक तनाव, नैतिक गिरावट और सामाजिक असंतुलन जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। होलिका दहन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सत्य, भक्ति और साहस की अमर गाथा है। फाल्गुन पूर्णिमा की रात्रि में जलती होलिका भारतीय संस्कृति के…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। फाल्गुन की बयार के साथ जब रंगों की छटा बिखरती है, तो केवल चेहरे ही नहीं, मन भी रंगों में भीग उठते हैं। होली केवल एक…
प्यार, भावनाएँ, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन की वैश्विक आवश्यकता एक समग्र विश्लेषणगोंदिया। वैश्विक स्तर पर हर वर्ष फरवरी का दूसरा सप्ताह प्रेम, रिश्तों और भावनात्मक अभिव्यक्ति के…
कैलाश सिंहमहराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय वैदिक परंपरा में महामृत्युंजय मंत्र केवल एक धार्मिक मंत्र नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु के बीच संतुलन स्थापित करने वाला आध्यात्मिक सूत्र है। यह…
कैलाश सिंहमहराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। यदि भारतीय संस्कृति की आत्मा को समझना हो, उसकी वैचारिक जड़ों तक पहुँचना हो और आमजन की बोलचाल की भाषा में छिपे संस्कारों को पहचानना…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय संस्कृति केवल रीति-रिवाजों, पर्व-त्योहारों और अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चेतना, विवेक, करुणा और नैतिक मूल्यों की एक जीवंत परंपरा है। यदि इस…
— डॉ. सतीश पाण्डेयमहराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। माता-पिता और पुत्र का रिश्ता केवल जन्म से जुड़ा रक्त संबंध नहीं होता, बल्कि यह संस्कारों, मूल्यों, भावनाओं और जीवन-दृष्टि से निर्मित एक…
✍️ पुनीत मिश्र जब भी भारत में देशभक्ति की धुनें गूंजती हैं, जब भी किसी समारोह में राष्ट्रप्रेम की भाव-लहर उठती है और जब भी लोगों की आंखें वीरों के…
श्री पंचांग — 7 दिसंबर 2025, रविवार(धार्मिक, आध्यात्मिक व दैनिक जीवन के लिए विस्तृत मार्गदर्शिका) आज का दिन आस्था, संयम और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। सूर्यदेव की कृपा से…
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। समय के साथ भले ही मिठाइयों के रूप बदल गए हों, लेकिन बताशे का महत्व आज भी कायम है। त्योहारों, धार्मिक अनुष्ठानों और मांगलिक कार्यक्रमों में…