हिंदी कविता

सच देखो, सच सुनो, सच बोलो: सकारात्मक सोच और सादा जीवन का संदेश

आज के दौर में जब भ्रम, दिखावा और नकारात्मकता तेजी से बढ़ रही है, तब “सच देखो सच सुनो सच…

1 week ago

✍️ प्रेम का रंग – त्याग, सहिष्णुता और ईमानदारी की प्रेरक कविता

प्रेम का रंग चढ़ता चला गया,यूँ लगा कि दुनिया हमारी है,त्याग का यत्न जब सीखा तोऐसा लगा कि जन्नत हमारी…

1 week ago

फागुन–चैत की बज उठी शहनाई: वसंत, होली और आम्रकुंज की अमराई का काव्य उत्सव

भारतीय ऋतुओं में वसंत ऋतु केवल मौसम नहीं, बल्कि जीवन में नवचेतना का उत्सव है। फागुन–चैत के आते ही खेत-खलिहान,…

2 weeks ago

निर्विकार प्रेम कविता: भक्ति, धर्म और ईश्वर का सार

— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ प्रेम केवल भावना नहीं, यह भक्ति का स्वरूप है,प्रेम पूजा है, जहां न स्वार्थ…

3 weeks ago

स्थानीय कवियों की रचनाओं ने रचा सांस्कृतिक सौहार्द का इतिहास

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)।गोरखपुर महोत्सव 2026 का समापन स्थानीय कवियों के भावपूर्ण और सामाजिक चेतना से ओतप्रोत कवि सम्मेलन के…

1 month ago

🌿 अकेला रह नहीं पाता

विरह, प्रतीक्षा और स्मृतियों की सजीव कविता अकेला रह नहीं पाताडाकिया अब कोई पातीतुम्हारी क्यों नहीं लातालाख करता हूँ कोशिश…

1 month ago

कवि ध्रुवदेव मिश्र ‘पाषाण’ की प्रथम पुण्यतिथि: कविता के जरिए मनुष्यता की अनवरत लड़ाई

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)हिंदी साहित्य के निर्भीक और जनपक्षधर कवि ध्रुवदेव मिश्र ‘पाषाण’ की प्रथम पुण्यतिथि पर साहित्य जगत…

2 months ago

एक वर्ष जीवन कम हुआ आज

✍️ डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ आज मुझे नव स्फूर्ति मिल रही है,नव जन्म वर्ष में प्रवेश कर रहा हूँ,उम्र…

2 months ago