फागुन–चैत की बज उठी शहनाई: वसंत, होली और आम्रकुंज की अमराई का काव्य उत्सव

भारतीय ऋतुओं में वसंत ऋतु केवल मौसम नहीं, बल्कि जीवन में नवचेतना का उत्सव है। फागुन–चैत के आते ही खेत-खलिहान, बाग-बगीचे, वन-उपवन और जन-मन—सब उल्लास से भर उठते हैं। इसी अनुभूति को शब्दों में ढालती यह कविता फागुन चैत की बाज उठी शहनाई प्रकृति, होली और मानवीय संवेदना का सुंदर संगम प्रस्तुत करती है।

ये भी पढ़ें –🔴 17 फरवरी मंगलवार का राशिफल 2026: हनुमान कृपा से किन राशियों को लाभ, किन्हें बरतनी होगी सावधानी?

विद्यावाचस्पति डा० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

विद्यावाचस्पति डा० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

फागुन–चैत की बज उठी शहनाई

कविता
लखपेड़ा बाग आमों की है बौराई,
वसन्त ऋतु आम्रकुंज की अमराई,
बौरों की भीनी भीनी ख़ुशबू महके,
फागुन, चैत की बज उठी शहनाई।
पतझड़ बीत गया है शिशिर का,
मधुमास की बेला चमेली महकी,
होली के गीत और राग रंग बरसें,
वन उपवन कोयलिया हैं चहकें।
नीम,पीपल, वटवृक्ष,गूलर, महुआ,
पेड़ों में नव नूतन किसलय कोमल,
गुलाबास, गुलखैरा, गुलाब खिल रहे,
नींबू,नारंगी रंग रंगीले अनार फल रहे।
होलिकादहन, फगुवा गायन वादन,
ढोल, मंजीरा, झाँझ और ढप थापें,
युवक, युवतियाँ, बच्चे बूढ़े सब नाचें,
होली के रंग गुलाल अबीर लगा खेलें।
आदित्य बसन्त ऋतु सुहानी आई,
खिल उठी आम्रकुंज की अमराई,
मन मयूर उमंगित हो नृत्य कर रहा,
हृदय में अनुभूति हो रही तरुणाई।
विद्यावाचस्पति डा० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’
विश्लेषण और महत्व

ये भी पढ़ें – इतिहास में आज का दिन: 17 फरवरी का गौरव

यह रचना फागुन चैत की बज उठी शहनाई के भाव से वसंत का स्वागत करती है। आमों की बौर, कोयल की कूक, होली का फगुआ, ढोल-मंजीरे की थाप—सब मिलकर ग्रामीण भारत की जीवंत तस्वीर रचते हैं। कविता में प्रकृति के साथ समाज, संस्कृति और उत्सव का समन्वय पाठक को सीधे अनुभूति से जोड़ता है।

Editor CP pandey

Recent Posts

परीक्षा या कारोबार? पेपर लीक ने खोली शिक्षा तंत्र की सबसे खतरनाक परत

ब्लूटूथ, सॉल्वर गैंग और करोड़ों का खेल: भारत में एग्जाम माफिया का संगठित साम्राज्य पेपर…

48 minutes ago

योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: स्वास्थ्य, मेट्रो और आरक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव

यूपी में स्वास्थ्य क्रांति: लोहिया संस्थान बनेगा 1010 बेड का सुपर स्पेशलिटी सेंटर प्रयागराज SRN…

10 hours ago

तेल संकट, कमजोर रुपया और डगमगाते बाजार: क्या नई आर्थिक आंधी की आहट है?

वैश्विक तनाव, कच्चे तेल और शेयर बाजारों में उथल-पुथल: निवेशकों की बढ़ती धड़कनों के बीच…

1 day ago

डिजिटल शिक्षा युग में चुनौती और समाधान: सीबीएसई की पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली पर व्यापक विश्लेषण

पेपर लीक और परीक्षा माफिया के दौर में सीबीएसई की नई व्यवस्था क्यों बनी छात्रों…

2 days ago

पुराने राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण पर जिलाधिकारी सख्त, रुद्रपुर सम्पूर्ण समाधान दिवस में 61 शिकायतें पहुंची

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)तहसील रुद्रपुर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और…

2 days ago

वृद्धाश्रम गड़वार में डीएलएसए सचिव का औचक निरीक्षण, वृद्धजनों की समस्याएं सुनीं

बलिया(राष्ट्र की परम्परा ) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव चन्द्र प्रकाश तिवारी ने शनिवार…

2 days ago