राख से उठती लौ: आँसूओं से जन्मी हिम्मत की कहानी
उन दीवारों से पूछो वो ‘रातें’ कैसी थीं,जब ‘रोटी’ भी छुप-छुप के खाती थी।उनके आँसू भी ‘आवाज़’ न करें कहीं,इस डर से हर ‘पीड़ा’ दबाई जाती थी।नन्ही-सी उम्र में सपने…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
उन दीवारों से पूछो वो ‘रातें’ कैसी थीं,जब ‘रोटी’ भी छुप-छुप के खाती थी।उनके आँसू भी ‘आवाज़’ न करें कहीं,इस डर से हर ‘पीड़ा’ दबाई जाती थी।नन्ही-सी उम्र में सपने…
प्रबल इच्छाशक्ति मुसीबतों से लड़ने की कुंजी है -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया – सृष्टि रचनाकर्ता ने मानवीय जीव के रूप में बहुत ही खूबसूरत रचना कर उसमें…