Tag: राष्ट्रीय संगोष्ठी

विकसित भारत का लक्ष्य विश्व मानवता की सुरक्षा का उद्घोष: प्रो. राजशरण शाही

शैक्षिक उन्नयन एवं सामाजिक परिवर्तन के लिए पुरातन छात्रों की भूमिका सराहनीय: कुलपति शिक्षाशास्त्र विभाग में राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं पुरातन छात्र सम्मेलन शिक्षक शिक्षा में नवाचार से ही साकार होगा…

हमारे संग्रहालयः भारतीय ज्ञान का वातायन विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला संपन्न

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर द्वारा आयोजित “हमारे संग्रहालयः भारतीय ज्ञान का वातायन” विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला का समापन शुक्रवार को यशोधरा सभागार में…

भारतीय ज्ञान परम्परा में आनंदमूर्ति के योगदान पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में “श्री श्री आनंदमूर्तिजी का भारतीय ज्ञान परम्परा में योगदान” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ…

सनातन और स्त्री के शाश्वत संबंधों पर मंथन, राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “सनातन एवं स्त्री : शाश्वत सिद्धांत…

जीएसटी पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन, 182 शोध-पत्रों की हुई प्रस्तुति

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) के सहयोग से “भारत में जीएसटी: उपलब्धियाँ, चुनौतियाँ और आगे की…

भारतीय ज्ञान परंपरा में लोक और शास्त्र का अद्भुत समन्वय: प्रो. अनामिका राय

ज्ञान से भारतीयता परिभाषित होती है, भारतीयता से ज्ञान नहीं: प्रो. अनामिका राय गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग में राजकीय…

“भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की गूँज” पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, इतिहास लेखन के नए आयामों पर गहन चर्चा

फोकस वर्ड – संगोष्ठीटैग – गोरखपुर, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार, राष्ट्रीय संगोष्ठी, स्वतंत्रता आंदोलन, जेएनयू, शैक्षणिक भ्रमण गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के…

स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास लेखन पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 19-20 को

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग तथा उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार के संयुक्त तत्वावधान में महायोगी श्री गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ में 19…

बौद्ध दर्शन और संस्कृति को जोड़ता पालि साहित्य

अद्वितीय है भारतीय ज्ञान परंपरा में पालि साहित्य का योगदान, गोरखपुर विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने और उसे वैश्विक संदर्भ में…