Tag: जल संरक्षण

साइकिल यात्रियों ने दिया जल संरक्षण और फिटनेस का संदेश

खलीलाबाद में साइकिल यात्रा का भव्य स्वागत संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। ‘जल ही जीवन है’ और ‘फिट इंडिया’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से गोरखपुर…

राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के तहत युवाओं का जनजागरण अभियान शुरू

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।जवाहरलाल नेहरू स्मारक पीजी कॉलेज, महराजगंज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाइयों द्वारा आयोजित एनएसएस सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ पीएम कम्पोजिट विद्यालय, सोंनरा में विधिवत…

तालाब संरक्षण योजना के तहत निर्मित पोखरे का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, दिए अहम निर्देश

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)तालाब संरक्षण योजना के अंतर्गत जनपद में जल संसाधनों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण को लेकर प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी प्रवीण…

प्रदेश में जल संरक्षण के पारंपरिक संसाधनों की बदहाली: बिहार से सीख ले उत्तर प्रदेश

✍️ वशिष्ठ सिंह (पूर्व प्रचार्य) उत्तर प्रदेश में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है। भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है, तालाब सूख रहे हैं और सदियों पुराने कुएँ…

बौलिया पोखरा सुंदरीकरण को मिली मंजूरी, 48 लाख से संवरेगा ऐतिहासिक जलस्रोत

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।बृजमनगंज नगर पंचायत क्षेत्र के सहजनवां बाबू रोड स्थित वार्ड संख्या–2 में अवस्थित प्राचीन बौलिया पोखरा अब एक नई पहचान की ओर अग्रसर है। शासन की ओर…

ठेकेदार और विभागीय उदासीनता से बढ़ी जल संकट की चिंता

लापरवाही की कीमत: सड़क पर बहा पीने का अनमोल पानी, हजारों लीटर की बर्बादी से उठे सवाल देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।एक तरफ प्रशासन जल संरक्षण को लेकर आम जनता से…

पोंगल के मंच से पीएम मोदी का संदेश: प्रकृति संरक्षण ही भावी पीढ़ियों की असली पूंजी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पोंगल पर्व से जुड़े एक विशेष कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, टिकाऊ कृषि और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग…

प्रदूषण की गिरफ्त में भारत: कब रुकेगा पर्यावरण का शोषण?

पर्यावरण विनाश: क्या कंक्रीट के शहर थाम पाएंगे प्रदूषण का बढ़ता कहर ? सोमनाथ मिश्र द्वारा राष्ट्र की परम्परा के लिए तेजी से बढ़ता शहरीकरण और अंधाधुंध निर्माण आज दुनिया…

विकास की दौड़ में बर्बाद हो रही प्रकृति: चेतावनी का आखिरी संकेत

राष्ट्र की परम्परा डेस्क से – सोमनाथ मिश्र तेजी से बदलती जीवनशैली, अंधाधुंध विकास, बढ़ती आबादी और संसाधनों के अत्यधिक दोहन ने आज पूरे विश्व को एक गंभीर पर्यावरण संकट…