नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) दहेज उत्पीड़न के मामलों में अक्सर कानून के दुरुपयोग की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अब भारतीय दंड संहिता की धारा 498A (दहेज प्रताड़ना) के तहत मामला दर्ज होते ही तत्काल गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पहले मामले की निष्पक्ष जांच और सुलह की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, ताकि निर्दोष लोगों को बिना वजह जेल न भेजा जाए।
🔹 क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला?
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