सरयू नदी डूब हादसा: सपा ने प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।बरहज क्षेत्र में सरयू नदी में हुए दर्दनाक हादसे के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर गहरा शोक व्यक्त किया और इस कठिन समय में हरसंभव साथ देने का भरोसा दिलाया। सपा प्रतिनिधिमंडल ने घटना को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

ये भी पढ़ें – पूजा या नया काम? पंचांग देखना न भूलें

पिछले दिनों सरयू नदी में डूबने से परसिया देवार निवासी धरमू प्रसाद और गौरा निवासी गोताखोर सुरेंद्र निषाद की मौत हो गई थी। इन दोनों घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। इसी क्रम में सपा सांसद राम भुआल निषाद, पूर्व राज्यसभा सांसद कनक लता सिंह, सपा अनुसूचित जाति/जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष व्यास गोंड़, सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव तथा वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जायसवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पहले धरमू प्रसाद के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया।

ये भी पढ़ें – भविष्यफल: करियर और धन को लेकर बड़ा संकेत

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल गौरा गांव पहुंचा, जहां गोताखोर सुरेंद्र निषाद के परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की गई। सपा नेताओं ने कहा कि यदि पीपा पुल पर सुरक्षा रेलिंग होती तो धरमू प्रसाद की जान बचाई जा सकती थी। वहीं, सुरेंद्र निषाद की मौत को भी पुलिस और प्रशासन की घोर लापरवाही का नतीजा बताया गया। नेताओं का आरोप है कि धरमू की तलाश के दौरान सुरेंद्र को बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और बैकअप के नदी में उतार दिया गया, जो उसकी जान जाने का कारण बना।
सपा प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट कहा कि यह दोनों मौतें प्राकृतिक नहीं बल्कि सिस्टम की विफलता का परिणाम हैं। सरकार और प्रशासन संवेदनहीन हो चुके हैं और आम जनता की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जा रही है। पार्टी ने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने, उचित मुआवजा दिलवाने और दोषियों पर कार्रवाई के लिए हर स्तर पर संघर्ष का आश्वासन दिया।

ये भी पढ़ें – मूलांक के अनुसार जानें करियर और धन का हाल

इस दौरान स्वामीनाथ यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष गेंनालाल यादव, रवि गोंड़, रामबहादुर यादव, विजय रावत, वीरेंद्र गुप्त, रणवीर यादव, महेंद्र गोंड, राजन मिश्र, राजन गुप्त सहित कई सपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल की इस पहल से पीड़ित परिवारों को कुछ हद तक संबल मिला, वहीं क्षेत्र में प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल और गहरे हो गए हैं।

Editor CP pandey

Recent Posts

विहिप गोरख प्रांत की बैठक में कर्तव्यों को नया स्वरूप दिया गया, रोडमैप की रूपरेखा तैयार

गोरखपुर गोरक्ष प्रांत योजना बैठक—कार्ययोजना 2026 यह बैठक विश्व हिंदू परिषद, गोरक्ष प्रांत, गोरखपुर, योजना…

21 hours ago

बीबीएयू में बेटियों के लिए एनसीसी का बिगुल, 30 अगस्त तक मौका

नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की राह पर कदम बढ़ाएंगी छात्राएं, 19 से 22 वर्ष आयु वर्ग…

1 day ago

सेंट्रल बैंक के स्थापना दिवस पर आरसेटी देवरिया में हुआ भव्य पौधरोपण, “एक पेड़ माँ के नाम” का दिया संदेश

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के स्थापना दिवस के अवसर पर ग्रामीण…

2 days ago

शहीद शिवराज सोनार की याद में रक्तदान का महाअभियान, एसपी ने की पहल की सराहना

अनूप तिवारी देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। अमर शहीद शिवराज उर्फ सोना सोनार के 84वें शहादत…

2 days ago

काकोरी ट्रेन एक्शन: पटरियों पर गूंजी वह हुंकार, जिसने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी

सरदार भगत सिंह ने ‘किरती’ में लिखी वीरों की गाथा काकोरी ट्रेन एक्शन केवल सरकारी…

2 days ago

सतत कृषि ही भविष्य की समृद्धि का आधार: भुवनेश्वर नाथ पांडेय

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कृषि संकाय में शुक्रवार को "सतत कृषि…

3 days ago