आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। रबी फसलों में बुवाई के बाद टॉप ड्रेसिंग के कार्य के चलते किसानों द्वारा यूरिया उर्वरक की बढ़ती मांग को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी के निर्देश पर जनपद में साधन सहकारी समितियों के माध्यम से यूरिया सहित अन्य उर्वरकों की निरंतर और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में जनपद में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर समितियों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिसका मुख्य कारण आवश्यकता से अधिक खरीद और अग्रिम भंडारण की प्रवृत्ति है। कई बार समिति क्षेत्र के बाहर के कृषक भी उर्वरक लेने पहुंच जाते हैं, जिससे वितरण व्यवस्था प्रभावित होती है।
डीएम ने सभी सहकारी समितियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र में पंजीकृत सदस्य कृषकों एवं फार्मर आईडी (फार्मर रजिस्ट्री / एग्रीस्टैक) वाले किसानों को ही उनकी जोत और कृषि भूमि के अनुसार उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश शासन के कृषि अनुभाग-2 द्वारा जारी परिपत्र दिनांक 30 सितंबर 2025 के अनुरूप लागू की जा रही है।
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जिलाधिकारी ने किसान भाइयों से अपील की है कि वे उर्वरकों का अनावश्यक भंडारण न करें और फसलों में आवश्यकता से अधिक उर्वरक का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है, बल्कि अन्य किसानों को समय पर उर्वरक मिलने में भी बाधा आती है।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जनपद में यूरिया एवं अन्य उर्वरकों की आपूर्ति लगातार जारी रहेगी। किसान संयम और संतुलित उपयोग अपनाएं, ताकि सभी कृषकों को समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सके और रबी उत्पादन प्रभावित न हो।
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