समय से पहले घाघरा नदी पर बने दो पुलों में गढ्ढो का बनना जारी

गढ्ढो व दरकने पुल से वाहनों के आवागमन में होती हैं दिक्कतें भागलपुर पुल पर बड़े वाहनों का आवागमन बंद होता रहता

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) तहसील क्षेत्र कपरवार व भागलपुर में घाघरा नदी पर बने सेतु जो छोटे बड़े वाहनों के आवागमन प्रमुख सम्पर्क मार्ग का कार्य कर रहे है।
कपरवार का उग्रसेन सेतु जो राप्ती घाघरा नदी और बनाया गया है, यह सेतु देवरिया जिले व गोरखपुर जिले को जोड़ता है, इस पुल से चीते बड़े वाहनों का आना जाना रहता हैं।
कपरवार क्षेत्र में स्थित उग्रसेन सेतु जिसका निर्माण 1986 में हुआ, इसको उत्तर प्रदेश सेतु निगम के द्वारा बनाया गया,जो आज भी आवागमन का साधन बना हुआ है। उग्रसेन सेतु का लोकार्पण 12 दिसम्बर 1986 को कांग्रेस के साशन काल मे तत्कालीन मुख्यमंत्री श्रीपती मिश्रा के किसी कारण बस उपस्थित न होने पर इसका लोकार्पण प्रशासन व जनप्रतिनिधि तथा आमजनमानस के द्वारा किया गया , इसकी जानकारी सूत्रों से प्राप्त हुई है। सुरक्षा को ध्यान में रहते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा एक पुलिस चौकी बनाई गईं है।इस पुल के दोनों तरफ सुरक्षा को लेकर देवरिया व गोरखपुर की पुलिस मुस्तैद रहती हैं।
किन्तु रुक रुक कर नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या करने की घटना होती रहती हैं, जिसको लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क दृष्टि बनाये हुए है।
पुराना हो चुके इस पुल में दरकने व होल बनने की प्रक्रिया जारी रहती हैं , जिससे वाहनों का आवागमन बाधित होता है।
गढ्ढो के विषय मे पीडब्ल्यूडी इंजीनियर बरहज से बात की गई तो उन्होंने बताया कि दोनों पुल हम लोगो के जिम्मे नही है यह एनएच गोरखपुर के पास है उसी से गढ्ढो व मरम्मत की जानकारी मिल पाएगी।
वही तहसील क्षेत्र भागलपुर घाघरा नदी पर स्थित घाघरा सेतु जो देवरिया और बलिया, मऊ जिलों को जोड़ने का एक प्रमुख सेतु हैं, जिसपर हर रोज छोटे बड़े वाहनों का आना जाना होता हैं।घाघरा सेतु का लोकार्पण 2001 में सहकारिता मंत्री प्रेम प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथसिंह के द्वारा किया गया।जो लोगो के आवागमन का मुख्य साधन बन हुआ है।सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने पुल के दोनों छोर पर चौकियां स्थापित की है। यह पुल 23 बर्ष का समय काट चुका है और अब पुल पर जगह जगह गढ्ढे बन रहे हैं जो वाहनों के आवागमन में बाधा बन रहे हैं, इस पुल से भी रुक रुक कर नदी में पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या करने की घटनाएं होती रहती हैं, ऐसी घटना फिर ना हो को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्कता बरत रही है।

Editor CP pandey

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