सीएम राइज लाइटहाउस स्कूल से पीएमश्री विद्यालयों ने लिए शिक्षण प्रबंधन के टिप्स

  • पीएमश्री विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने सीएम राइज मॉडल स्कूल चितरंगी में किया विजिट
  • सीएम राइज मॉडल स्कूल चितरंगी पठन पाठन व्यवस्था को अपने विद्यालयों में लागू करने का निर्णय

चितरंगी/मध्य प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। शासकीय सीएम राइज मॉडल स्कूल, चितरंगी में गुरुवार को मंडल स्तरीय पीएमश्री विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने अवलोकन किया।
टीम ने प्रार्थना सभा, क्लासरूम मैनेजमेंट, क्लास एनवायरनमेंट, प्रिंट रिच एनवायरनमेंट, डिस्प्ले बोर्ड, लाइब्रेरी और नव विकसित रोबोटिक्स लैब आदि का अवलोकन किया और लंच के बाद विद्यालय के शिक्षकों व टीम ने व्यापक विचार-विमर्श किया।
उप प्राचार्य पद्माकर मिश्र व सत्यकाम तिवारी ने दक्षता उन्नयन कार्यक्रम, शैक्षणिक अपनाने की नीति हुक का उपयोग, थिंक पेयर शेयर, स्कूल विकास कार्यक्रम, दक्षता उन्नयन और शैक्षणिक प्रबंधन पर पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रदर्शित किया।
बैठक के दौरान पीएमश्री के प्राचार्यों ने सीएम राइज लाईटहाउस से अपनी समस्याएं साझा करते हुए बताया कि छात्रों की उपस्थिति, अभिभावकों का विद्यालय से दूरी बनाना, छात्रों का प्रवेश लेने के बाद पलायन करना उनकी प्रमुख समस्याएं हैं।
सीएम राइज प्राचार्य अशोक सिंह ने समस्याओं के निराकरण को लेकर अपनी बात रखी।
उन्होंने बताया कि समस्याओं का कारण जानना बहुत ज़रूरी है। इसके निदान के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि छात्रों की उपस्थिति व अभिभावकों की विद्यालय से दूरी को कम करने के लिए फ़ोन से संपर्क करें, जरूरत पड़ने पर छात्रों के घर जाकर संपर्क करें। इसके अलावा स्पोर्ट्स के साथ सह पाठ्यक्रम को भी बढ़ावा देना चाहिए। स्मार्ट क्लासेस की मदद से छात्रों की उपस्थिति बढ़ाई जा सकती है। शिक्षक-अभिभावक बैठक का आयोजन मासिक किया जाना चाहिए। इसके लिए उचित समय का चुनाव करें जिससे सभी लोग बैठक में सहजता से भाग ले सकें। शिक्षकों की रुचि के लिए उनको विद्यालय व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास करें। एसएलटी, छात्र संसद, आईटी सेल, प्रबंधन टीम आदि के गठन से हम शिक्षकों व छात्रों को विद्यालय की व्यवस्था से जोड़ सकते हैं। सभी शिक्षकों के टीमवर्क से लक्ष्य हासिल किया जा सकता हैl इसके लिए सभी में कार्यों एवं उत्तरदायित्वों का बंटवारा करना बेहद ज़रूरी है। इससे शिक्षकों में नेतृत्व की क्षमता का विकास होगा। इससे प्राचार्य की अनुपस्थिति में भी विद्यालय बेहतर रूप से कार्य करेगा।
कक्षा आठवीं की कल्पना सिंह ने विजिट टीम के उत्तर दिए, छायावाद की कविताओं व कवियों के बारे में बताया। इस दौरान पीएमश्री की टीम ने कोल्ड कॉलिंग, थिंक पेयर शेयर, प्रिंट रिच, रोबोटिक लैब, फिजिक्स केमिस्ट्री व बायो लैब आदि के बारे में जानकारी ली। सीएम राइज प्राचार्य ने अपने विद्यालय में किये जा रहे गृहकार्य व विद्यालययी कार्यों की कॉपियों के मूल्यांकन की निगरानी किए जाने की व्यवस्था को साझा किया।
क्लास वाक थ्रू में कक्षाओं में शिक्षकों के पढ़ाने की शैली देखें। कुछ सुधारात्मक कार्य के लिए शिक्षक को अपने कार्यालय में बुलाकर बैठक करें। कक्षाओं में शिक्षक के पढ़ाने की विधा पर प्रश्न चिह्न न लगाएं। कार्यों व उसके उत्तरदायित्व का उचित बंटवारा बेहद ज़रूरी है।
अंत में राष्ट्रगीत के साथ विद्यालयीन सभा का समापन हुआ। इसके बाद शिक्षकों की सर्किल मीटिंग आयोजित हुई।
पीएमश्री विद्यालय चौफाल के प्राचार्य डोमनिक खाखा, पीएमश्री विद्यालय खुटेली के प्राचार्य छोटेलाल सिंह , पीएमश्री विद्यालय बघोर के प्राचार्य सुखनन्दन यादव , पीएमश्री विद्यालय मधुरी के हेडमास्टर आरएस दीपांकर, शिवकुमार द्विवेदी, सुदामा प्रसाद तिवारी, राजेश प्रजापति, पुष्पराज सिंह चंदेल, हेमन्त जाटव, अर्जुन सिंह, विद्याराम प्रजापति मो.अशरफ आदि मौजूद रहे।

rkpNavneet Mishra

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