पेरिस (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की सरकार द्वारा की गई बजट में कटौती के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और व्यापक हड़ताल शुरू हो गई है। हजारों की संख्या में लोग सरकार के इस फैसले का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। इन प्रदर्शनों का असर आम जनजीवन पर दिखना शुरू हो गया है, जिससे कई सेवाएं ठप हो गई हैं।
प्रदर्शनों का असर और पुलिस की तैनाती
फ्रांस में चल रही इस हड़ताल के कारण सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। स्कूलों और ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से बाधित हो गया है। स्थिति को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए, मैक्रॉन सरकार ने देशभर में 80,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है।
क्या है विरोध का कारण?
सरकार का कहना है कि आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए बजट कटौती जरूरी थी, लेकिन ट्रेड यूनियनों और प्रदर्शनकारियों का मानना है कि इससे सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ेगा और आम नागरिकों को नुकसान होगा। अंतर्राष्ट्रीय समाचार की दुनिया में फ्रांस का यह विरोध प्रदर्शन एक बड़ी खबर बन गया है, जिससे सरकार पर अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का दबाव बढ़ रहा है।
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