मैं कैसे कहूँ प्रभु कि मैं हूँ तुम्हारा,
बिना बात की बात का है सहारा,
दिन रात स्मरण करता हूँ तुम्हारा,
दिन रात जपता हूँ नाम मैं तुम्हारा।
शपथ की शपथ हूँ तुम्हें प्रेम करता,
सदा मैं तुम्हीं को ध्यान में हूँ धरता,
साँसे तुम्हारी दी हुई, हैं मेरी अमानत,
शरण में तुम्हारी प्रभु मिलती जन्नत।
भटकता हुआ मन, न दिखता किनारा,
नैया खिवैया मिलेगा तुमसे ही साहिल,
माया मोह से जैसे सबको है उबारा,
मालिक मेरे, दे दो मुझको सहारा।
प्रलय भी मचे तो तुम्हारी शरण है,
दुनिया के मालिक तुम्हारे चरण हैं,
मिले सबको तेरे ज्ञानगंगा की गीता,
श्रीकृष्ण सुनायें पार्थ को भगवद्गीता।
दुनिया की चकाचौंध, हम पे न व्यापे,
अपना चरित हम अपने कर्मों से नापें,
दया, धर्म करते सरल जीवन बितायें,
प्रेमाश्रुओं से दुःख दर्द औरों का बाँटे।
लुटाता चलूँ सुख शान्ति धैर्य सबको,
इतनी दो शक्ति, हे परमात्मा मुझको,
सदबुद्धि देना, दुर्मति हर कर हमारी,
मदद की सदा ही नियति हो हमारी।
आदित्य अर्चना में, ये स्वर फूटता है,
हमारी वंदना, करुणहस्त उठे तुम्हारा,
निर्मल हो तन-मन, न हो कोई बिचारा,
आरती व विनती में लगे ध्यान सारा।
•कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’
लखनऊ
39 लाउडस्पीकर उतरवाए, 95 की आवाज मानक के अनुरूप कराई गई महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।…
देश भर से आए संतों ने कराया मानस रसपान बरहज/देवरिया(राष्ट्र क़ी परम्परा)नगर के श्रीकृष्ण इण्टर…
34 लाभार्थियों के दस्तावेजों की हुई जांच, 10 पात्रों का मौके पर बना कार्ड बलिया(राष्ट्र…
हजारों अकीदतमंदों ने मज़ार पर दी हाजिरी सिकन्दरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा ) सभी आस्था के…
बलिया(राष्ट्र की परम्परा ) उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश तथा जनपद…
कपरवार/देवरिया(राष्ट्र क़ी परम्परा)शुक्रवार को कपरवार स्थित सावित्री बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं को मिशन…