लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) प्रदेश में लंबित राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब उत्तर प्रदेश के नायब तहसीलदारों को तहसीलदार का दायित्व सौंपा जाएगा।

राजस्व परिषद के सचिव आईएएस एस.पी.एस. रंगाराव ने इस संबंध में सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रदेश में तहसीलदारों के 766 स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 328 तहसीलदार ही कार्यरत हैं। वहीं, 16 तहसीलदार प्रतिनियुक्ति पर अन्य विभागों में तैनात हैं। इस प्रकार प्रदेश में करीब 422 पद रिक्त पड़े हुए हैं।

रिक्त पदों के चलते राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में प्रदेश भर में एक करोड़ 17 लाख से अधिक राजस्व वाद विचाराधीन हैं। ऐसे में नायब तहसीलदारों को तहसीलदार का प्रभार देने का फैसला प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस निर्णय से राजस्व मामलों के निस्तारण की गति तेज होने और जनता को शीघ्र न्याय मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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