यूपी MLC चुनाव में मतगणना के बीच हड़कंप! कहीं बिना सील की मतपेटी, कहीं 52 वोट ज्यादा; लखनऊ में हंगामा, मेरठ में कांटे की टक्कर

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) की 11 शिक्षक और स्नातक सीटों पर मतगणना के दौरान कई जिलों से चौंकाने वाली खबरें सामने आई हैं। गोरखपुर में बिना सील लगी मतपेटी मिलने के दावे और मऊ से आए एक बॉक्स में निर्धारित संख्या से 52 अधिक मतपत्र मिलने की जानकारी ने मतगणना प्रक्रिया पर सबका ध्यान खींचा है। लखनऊ में वैध-अवैध मतपत्रों को लेकर विवाद हुआ, तो आगरा में सपा प्रत्याशी को मतगणना केंद्र में प्रवेश नहीं दिए जाने की शिकायत निर्वाचन आयोग तक पहुंच गई। उधर मेरठ में शुरुआती रुझानों में भाजपा और सपा के प्रत्याशियों के बीच मुकाबले की तस्वीर सामने आने लगी है। विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के लिए अहम माने जा रहे इस चुनाव के नतीजों पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हैं।
गोरखपुर में निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह ने मतगणना के दौरान एक टेबल पर बिना सील लगी मतपेटी मिलने का दावा किया। उनके अनुसार, यह बॉक्स देवरिया के बनकटा क्षेत्र से आया था। हालांकि, उन्होंने इसे संभावित मानवीय भूल भी बताया और कहा कि सभी प्रत्याशियों को इसकी जानकारी है। फिलहाल मतगणना में कोई व्यवधान नहीं होने की बात कही गई है। संबंधित पेटी को रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) की टेबल पर अलग रख दिया गया है। इस मामले में आगे क्या निर्णय होगा, यह निर्वाचन अधिकारियों की जांच और नियमानुसार कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
गोरखपुर की मतगणना के दौरान ही मऊ से आए एक अन्य बॉक्स में मतपत्रों की संख्या को लेकर सवाल उठा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बूथ संख्या 115 पर मतदान के समय 623 वोट पड़ने का रिकॉर्ड बताया गया, जबकि गिनती के दौरान 675 मतपत्र मिलने की बात सामने आई। इस तरह दोनों आंकड़ों में 52 मतों का अंतर बताया गया है। अधिकारी मतों का दोबारा मिलान करा रहे हैं। फिलहाल इस अंतर की वजह स्पष्ट नहीं है और अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
उधर, अंबेडकरनगर में भी एक बूथ पर आठ मतपत्र कम मिलने की जानकारी सामने आई है। लगातार अलग-अलग स्थानों से मतपत्रों की संख्या और सील को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मतगणना अधिकारियों की भूमिका और जांच प्रक्रिया पर सबकी नजर बनी हुई है।
लखनऊ में शिक्षक एमएलसी सीट की मतगणना के दौरान वैध और अवैध मतपत्रों को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। शाम करीब 4:30 बजे एक बैलेट पेपर पर लिखे नंबर में कथित गड़बड़ी का हवाला देते हुए प्रत्याशियों के एजेंटों ने उसे अवैध घोषित करने की मांग की, जबकि प्रशासनिक अधिकारी उसे वैध मान रहे थे। इसी बात पर मतगणना कर्मियों और एजेंटों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर एडीएम प्रशासन प्रदीप वर्मा और तहसीलदार सदर अविनाश पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। विवादित मतपत्र को आरओ की टेबल पर अलग रखकर नियमानुसार निर्णय लेने की बात कही गई। इसके बाद मतगणना आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया।
आगरा में समाजवादी पार्टी ने खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी शशांक सिंह को मतगणना केंद्र में प्रवेश नहीं दिए जाने की शिकायत निर्वाचन आयोग से की। पार्टी की शिकायत पर आयोग ने आगरा के मंडलायुक्त को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर भी राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।
मेरठ में शिक्षक और स्नातक सीटों पर मतपत्रों के बंडल बनाने का काम पूरा होने के बाद मतों की गिनती शुरू हुई। शुरुआती रुझानों में शिक्षक सीट पर भाजपा के श्रीचंद शर्मा और स्नातक सीट पर सपा के परमिंदर भाटी आगे बताए गए। शुरुआती चरण में दोनों सीटों पर करीब सात-सात हजार मतों की गिनती की जानकारी सामने आई। कुछ मतपत्र निरस्त भी हुए हैं। हालांकि, ये शुरुआती रुझान हैं; अंतिम नतीजों से पहले तस्वीर बदल सकती है। अधिकारियों के मुताबिक, देर रात तक परिणाम आने की संभावना जताई गई।
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने सपा प्रत्याशी की ओर से लगाए गए बूथ कैप्चरिंग के आरोपों पर पलटवार किया। मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे मतगणना स्थल पहुंचे ढिल्लों ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो संबंधित स्कूलों के नाम बताए जाएं। उन्होंने विपक्ष पर आरोपों की राजनीति करने का आरोप लगाया और प्रशासन की निष्पक्षता की सराहना करते हुए अपनी जीत का भरोसा जताया। उनके बयान पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शुरुआती चरण की मतगणना के दौरान सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव के आगे चलने की जानकारी सामने आई। वहीं, गोरखपुर में शिक्षक सीट के लिए प्रत्याशीवार मतगणना शुरू होने की सूचना दी गई। सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि मतगणना पूरी होने के बाद ही वह चुनावी स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘वोट बचाओ’ रैली में शामिल होगी।
उत्तर प्रदेश की इन 11 एमएलसी सीटों में पांच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें शामिल हैं। मतगणना प्रदेश के सात जिलों में कराई जा रही है। इनमें लखनऊ, वाराणसी, आगरा और मेरठ की शिक्षक-स्नातक सीटें, इलाहाबाद-झांसी स्नातक, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक तथा गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
इन चुनावों को राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शुरुआती रुझानों के बीच जहां कुछ सीटों पर बढ़त की खबरें हैं, वहीं मतपत्रों की गिनती, वैध-अवैध वोट और मतपेटियों से जुड़े सवालों ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। हालांकि, किसी भी प्रत्याशी की जीत का अंतिम फैसला आधिकारिक परिणाम घोषित होने के बाद ही माना जाएगा।


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